पीएम आवास योजना-ग्रामीण क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है। यह पुरानी इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह आई है। इसका मकसद उन ग्रामीण परिवारों को पक्का घर देना है जिनके पास घर नहीं है या जो कच्चे घर में रहते हैं।
मैदानी इलाके में घर बनाने के लिए ₹1.20 लाख मिलते हैं। पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों या IAP (Integrated Action Plan) वाले जिलों में ₹1.30 लाख मिलते हैं। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से शौचालय के लिए ₹12,000 और मनरेगा (MGNREGA) के तहत 90-95 दिन की मजदूरी भी मिलती है।
कैबिनेट ने 2024-25 से 2028-29 तक 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने की मंजूरी दी है। यानी जो लोग अभी सूची में नहीं हैं, उनके लिए भी मौका है।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in |
| सहायता राशि | ₹1.20 लाख (मैदानी), ₹1.30 लाख (पहाड़ी/पूर्वोत्तर/IAP) |
| अतिरिक्त लाभ | ₹12,000 शौचालय + मनरेगा 90-95 दिन की मजदूरी |
| हेल्पलाइन | 1800-11-6446 |
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इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
पात्र कौन है
- जिनके पास घर नहीं है या जो कच्चे घर में रहते हैं
- SECC 2011 डेटा के अभाव (deprivation) मानदंडों में आने वाले परिवार, जैसे जिस घर में 16-59 साल का कोई वयस्क नहीं है, जिसे महिला चलाती है, जहां कोई पढ़ा-लिखा वयस्क नहीं है, जहां कोई दिव्यांग सदस्य है, या जो भूमिहीन हैं और मजदूरी पर निर्भर हैं
- SC/ST, अल्पसंख्यक, विधवा और दिव्यांग परिवारों को प्राथमिकता मिलती है
सीधे प्राथमिकता वाली श्रेणियां
- बिना आश्रय वाले (बेघर) परिवार
- भिखारी या निराश्रित
- मैनुअल स्कैवेंजर
- आदिम जनजातीय समूह
- कानूनी रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूर
पात्र कौन नहीं है
- जिसके पास पहले से पक्का घर है
- जिसके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है
- जो आयकर देता है
- जिसके पास कार, ट्रैक्टर या मशीनीकृत खेती के उपकरण हैं
- जिसकी किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹50,000 से ज्यादा है
ग्राम सभा को अधिकार है कि वह किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची से हटा सके। इसलिए गलत जानकारी देकर नाम डालने की कोशिश न करें।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड, जो बैंक खाते से लिंक होना चाहिए
- बैंक पासबुक, जिसमें खाता चालू हो और आधार सीडेड हो
- मनरेगा जॉब कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र (अगर SC/ST/OBC हैं)
- Awaas+ सर्वे का रजिस्ट्रेशन नंबर
नाम का मिसमैच सबसे बड़ी समस्या
अगर आधार में नाम “सुनीता देवी” है और बैंक में “सुनीता डी.”, तो आधार सीडिंग में दिक्कत आती है और पैसा अटक सकता है। ऐसे में बैंक जाकर नाम सही करवाएं और आधार सीडिंग करवाएं। रसीद जरूर लें। फिर ग्राम पंचायत या ब्लॉक से FTO दोबारा जनरेट करने को कहें।
PMAY-G में नाम कैसे आता है?
ऑनline अप्लाई का कोई फॉर्म नहीं है
PMAY-ग्रामीण में सीधे ऑनलाइन अप्लाई करने का कोई फॉर्म नहीं है। जो भी व्यक्ति “फॉर्म भर दूंगा, नाम आ जाएगा” कहकर पैसा मांगे, वह फ्रॉड कर रहा है। नाम सिर्फ Awaas+ सर्वे के जरिए सूची में आता है।
सर्वे के दो तरीके
पहला तरीका ग्राम पंचायत के सर्वेयर का है। वह Awaas+ ऐप से आपके घर का सर्वे करता है, जिसमें आधार e-KYC, फेस ऑथेंटिकेशन और घर की फोटो ली जाती है। दूसरा तरीका खुद सेल्फ-सर्वे करना है।
AwaasPlus ऐप से सेल्फ-सर्वे के स्टेप्स
- गूगल प्ले स्टोर से AwaasPlus ऐप डाउनलोड करें।
- मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें।
- आधार e-KYC करें (फेस ऑथेंटिकेशन होगा)।
- “Self Survey” का विकल्प चुनें।
- परिवार और घर की जानकारी भरें।
- पुराने घर की फोटो अपलोड करें।
- मिलने वाले रजिस्ट्रेशन नंबर को लिखकर सुरक्षित रख लें।
सर्वे के बाद की प्रक्रिया
सर्वे के बाद ग्राम पंचायत सत्यापन करती है, फिर ग्राम सभा अनुमोदन देती है। उसके बाद नाम प्राथमिकता सूची में आता है। अगर ग्राम सभा में नाम रिजेक्ट हो जाए, तो कारण पूछें और अपीलीय समिति (Appellate Committee) में अपील करें।
पैसा कैसे मिलता है?
सैंक्शन ऑर्डर के बाद पैसा 3 किस्तों में आता है, और हर किस्त घर के निर्माण के चरण से जुड़ी होती है:
- पहली किस्त सैंक्शन के बाद
- दूसरी किस्त लिंटल लेवल तक काम होने के बाद
- तीसरी किस्त छत और काम पूरा होने के बाद
हर चरण की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड होना जरूरी है। जियो-टैग्ड फोटो वह होती है जिसमें लोकेशन और समय अपने आप सेव हो जाता है। फोटो अपलोड होने के बाद ही अगली किस्त की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
पैसा PFMS (Public Financial Management System) के जरिए DBT से सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में आता है। किस्त की सही रकम राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है, इसलिए अपने BDO से पुष्टि करें।
अपना नाम और स्टेटस कैसे चेक करें?
रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस चेक
- pmayg.dord.gov.in खोलें।
- Stakeholders में जाकर IAY/PMAYG Beneficiary पर क्लिक करें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
- सैंक्शन स्टेटस, FTO नंबर और किस्त की जानकारी दिख जाएगी।
रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है तो गांव-वार सूची देखें
- pmayg.dord.gov.in खोलें।
- Awaassoft पर क्लिक करें।
- Reports में जाकर “Beneficiary Details for Verification” चुनें।
- राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- सूची में अपना नाम ढूंढें।
PWL क्या है?
PWL का मतलब Permanent Wait List है। इसमें वे लोग होते हैं जो पात्र हैं लेकिन जिनका सैंक्शन अभी नहीं हुआ। अगर आप PWL में हैं, तो ग्राम पंचायत से पूछें कि अगली सेलेक्ट लिस्ट कब बनेगी।
FTO और आधार सीडिंग क्या है?
FTO का मतलब Fund Transfer Order है। जब आपका पैसा रिलीज होता है, तो सरकार एक FTO जनरेट करती है। इसी ऑर्डर के जरिए पैसा बैंक खाते में जाता है। अपना FTO नंबर जरूर नोट कर लें।
NPCI मैपर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का सिस्टम है जो आधार को बैंक खाते से जोड़ता है। अगर आधार NPCI मैपर में सही बैंक से लिंक नहीं है, तो DBT का पैसा वापस लौट सकता है।
पैसा नहीं आया तो क्या करें?
नाम सूची में है लेकिन पैसा नहीं आया
सबसे पहले pmayg.dord.gov.in पर अपना स्टेटस देखकर FTO नंबर निकालें। इस नंबर के साथ बैंक जाएं और पूछें कि पैसा क्रेडिट हुआ या नहीं, और उसका UTR नंबर मांगें। अगर बैंक कहता है कि पैसा नहीं आया, तो FTO नंबर के साथ BDO को लिखित शिकायत दें।
बैंक में “Aadhaar Not Mapped” का एरर
- बैंक जाएं और आधार सीडिंग करवाएं।
- सीडिंग की रसीद लें।
- BDO ऑफिस को कहें कि FTO दोबारा जनरेट करे।
- अगर बैंक टालमटोल करे, तो ब्रांच मैनेजर से मिलें।
दूसरी किस्त अटक गई
अगर पहली किस्त आ गई लेकिन दूसरी नहीं आई, तो जांचें कि अगले चरण की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड हुई या नहीं। ग्राम पंचायत या ब्लॉक के कर्मचारी से पूछें। अगर फोटो अपलोड नहीं हुई है, तो BDO को लिखित में बताएं।
ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही
BDO ऑफिस में लिखित शिकायत दें। वहां सुनवाई न हो तो DRDA (District Rural Development Agency) में जाएं। आप CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
कोई पैसा मांग रहा है
बिल्कुल पैसा न दें। PMAY-G में नाम डालने या पैसा निकलवाने के लिए किसी एजेंट की जरूरत नहीं है। ऐसी बात BDO को बताएं या पुलिस में शिकायत करें।
शिकायत कहां और कैसे करें?
| समस्या | पहले कहां जाएं | जवाब न मिले तो | आखिरी विकल्प |
|---|---|---|---|
| पैसा नहीं आया (FTO issue) | बैंक (FTO नंबर के साथ) | BDO ऑफिस में लिखित शिकायत | DRDA / CPGRAMS |
| आधार सीडिंग नहीं हुई | बैंक ब्रांच | ब्रांच मैनेजर | बैंकिंग ओम्बड्समैन |
| GP सर्वे नहीं कर रही | GP प्रधान / सचिव | BDO को लिखित शिकायत | DRDA |
| कोई पैसा मांग रहा है | पैसा न दें | BDO को रिपोर्ट | पुलिस शिकायत |
आधिकारिक हेल्पलाइन
- टोल-फ्री नंबर: 1800-11-6446
- ईमेल: support-pmayg@gov.in
- CPGRAMS: pgportal.gov.in
शिकायत का फॉर्मेट
“मेरा नाम [नाम] है। मेरा रजिस्ट्रेशन नंबर [XXXX] है। मुझे PMAY-G की [पहली/दूसरी/तीसरी] किस्त नहीं मिली है। FTO नंबर [XXXX] है। बैंक ने [कारण] बताया है। कृपया जांच करके पैसा रिलीज करवाएं।”
RTI का विकल्प
अगर BDO शिकायत पर जवाब न दे, तो आप RTI डाल सकते हैं। इसमें FTO की स्थिति, बैंक का रिटर्न रीजन और जियो-टैग की जानकारी लिखित में मांग सकते हैं। RTI से सीधे पैसा नहीं मिलता, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड बन जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PMAY-ग्रामीण का फॉर्म ऑनलाइन कहां भरें?
इसमें कोई सीधा ऑनलाइन फॉर्म नहीं है। नाम Awaas+ सर्वे से आता है, जो ग्राम पंचायत या AwaasPlus ऐप के सेल्फ-सर्वे से होता है।
नाम सूची में है लेकिन पैसा नहीं आया, सबसे पहले क्या करें? pmayg.dord.gov.in पर अपना FTO नंबर देखें, बैंक से UTR स्टेटस पूछें, और जरूरत पड़ने पर BDO को लिखित शिकायत दें।
बैंक खाते में आधार लिंक नहीं है तो क्या करें?
बैंक में आधार सीडिंग करवाएं, रसीद लें, और BDO ऑफिस को FTO दोबारा जनरेट करने को कहें।
रजिस्ट्रेशन नंबर खो गया है, क्या करें? pmayg.dord.gov.in पर Awaassoft में जाकर “Beneficiary Details for Verification” से अपनी ग्राम पंचायत की सूची खोलें। वहां नाम ढूंढने पर रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाएगा।
पक्का घर होने पर PMAY-G मिलेगा?
नहीं। जिसके पास पहले से पक्का घर है, वह पात्र नहीं होता।
सरकारी नौकरी वाले परिवार को PMAY-G मिलता है?
नहीं। परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी हो तो वह पात्र नहीं होता।
ग्राम पंचायत सर्वे नहीं कर रही, क्या करें?
BDO को लिखित शिकायत दें। फिर भी सुनवाई न हो तो DRDA या CPGRAMS पर शिकायत करें।
एजेंट पैसा मांग रहा है, क्या करें?
पैसा न दें। यह फ्रॉड है। BDO को रिपोर्ट करें या पुलिस में शिकायत करें।
FTO नंबर क्या होता है?
FTO का मतलब Fund Transfer Order है। यह वह ऑर्डर नंबर है जिसके जरिए आपका पैसा बैंक खाते में भेजा जाता है।
PMAY-G का हेल्पलाइन नंबर क्या है?
1800-11-6446 (टोल-फ्री)। ईमेल: support-pmayg@gov.in।
निष्कर्ष
PMAY-ग्रामीण आपका हक है। अगर नाम सूची में है और पैसा नहीं आया, तो चुप न बैठें। तीन काम तुरंत करें:
- pmayg.dord.gov.in पर अपना स्टेटस चेक करें और FTO नंबर नोट करें।
- बैंक जाकर आधार सीडिंग और UTR स्टेटस की जानकारी लें।
- समस्या बनी रहे तो BDO को लिखित शिकायत दें।
अंतिम जानकारी के लिए अपनी ग्राम पंचायत या BDO ऑफिस से जरूर संपर्क करें।