बिहार PMAY-G सूची 2026: अपना नाम कैसे चेक करें और अगर नाम शामिल नहीं है तो क्या करें

अक्टूबर 24, 2026
Written By Ali Akbar

पीएमएवाई-ग्रामीण क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) सरकार की वह योजना है जो गाँव के बेघर और कच्चे घर में रहने वाले परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक मदद देती है। पुरानी इंदिरा आवास योजना (IAY) को 1 अप्रैल 2016 से PMAY-G में बदला गया। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है।

इस योजना में घर के साथ शौचालय और मनरेगा (MGNREGA) के तहत मजदूरी का फायदा भी मिलता है। 2024-25 से 2028-29 तक पूरे देश में 2 करोड़ नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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बिहार में अभी की स्थिति

बिहार सरकार के मुताबिक आवास+ सर्वे के बाद लगभग 1.04 करोड़ नए परिवारों के नाम वेटिंग लिस्ट में जोड़े गए हैं। इस लिस्ट को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है, और उसके बाद प्राथमिकता सूची के हिसाब से घर आवंटित किए जाएँगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिहार में PMAY-G के तहत 11,18,937 नए पक्के घर मंजूर किए गए हैं।

वेटिंग लिस्ट में नाम होने का मतलब यह नहीं कि घर स्वीकृत हो गया। स्वीकृति (सैंक्शन) तभी होती है जब आपका नंबर लक्ष्य के अंदर आता है।

कितना पैसा मिलता है?

मैदानी इलाके (बिहार सहित) में घर बनाने के लिए ₹1,20,000 मिलते हैं। पहाड़ी और मुश्किल इलाकों में यह रकम ₹1,30,000 है।

घर के पैसे के अलावा इन चीजों का फायदा भी मिलता है:

  • घर बनाने में मनरेगा के तहत लगभग 90 दिन की मजदूरी का भुगतान
  • शौचालय के लिए स्वच्छ भारत मिशन से ₹12,000

पैसा DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से सीधे आपके बैंक खाते में आता है। यह किश्तों में मिलता है, जो घर के निर्माण के अलग-अलग चरणों पर जारी होती हैं।

कौन पात्र है और कौन नहीं

पात्र परिवार

  • जिनके पास अपना घर नहीं है
  • जो कच्चे या कच्चे-पक्के घर में रहते हैं
  • SC/ST, अल्पसंख्यक, विधवा और दिव्यांग परिवार, जिन्हें प्राथमिकता मिलती है
  • जो आवास+ सर्वे में शामिल हुए हैं

जो पात्र नहीं हैं

  • जिनके पास पक्का घर है
  • सरकारी कर्मचारी (परिवार का कोई सदस्य भी)
  • इनकम टैक्स देने वाले
  • जिनके पास चार पहिया वाहन या मशीनी खेती के उपकरण हैं
  • जिनकी मासिक आमदनी ₹15,000 से ज्यादा है
  • जिनकी किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹50,000 से ज्यादा है

पात्रता के नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं। इसलिए ताजा नियम आवास+ ऐप या ब्लॉक ऑफिस से पक्का कर लें।

जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक)
  • बैंक पासबुक
  • मनरेगा जॉब कार्ड
  • मोबाइल नंबर (OTP के लिए)
  • जाति प्रमाण पत्र (अगर SC/ST/OBC हैं)
  • जमीन के कागज (अगर जमीन है)

जॉब कार्ड नहीं है तो ग्राम पंचायत कार्यालय जाकर नया जॉब कार्ड बनवा सकते हैं।

आवास+ सर्वे कैसे करें

PMAY-G में सीधे ऑनलाइन आवेदन करने का कोई फॉर्म नहीं है। नाम आवास+ सर्वे के जरिए आता है, फिर ग्राम सभा उसे सत्यापित करती है। सर्वे दो तरीकों से होता है।

आवास+ 2024 ऐप से खुद सर्वे

  1. गूगल प्ले स्टोर से आवास+ 2024 ऐप डाउनलोड करें।
  2. कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें।
  3. अपना आधार नंबर डालें।
  4. फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
  5. राज्य (बिहार), जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
  6. “Add/Edit Survey” पर क्लिक करें।
  7. परिवार की जानकारी भरें।
  8. घर की जगह (खाली जमीन) की फोटो लें।
  9. सर्वे सबमिट करें।

फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो तो अच्छी रोशनी में कोशिश करें, चश्मा उतार दें और ऐप को अपडेट कर लें। फिर भी न चले तो आवास सहायक से मदद लें।

खुद सर्वे करने के बाद भी ग्राम सभा का सत्यापन जरूरी है।

आवास सहायक के जरिए

आवास सहायक गाँव में घर-घर जाकर सर्वे करते हैं। अगर आपका सर्वे नहीं हुआ है तो उनसे संपर्क करें। सर्वे के बाद ड्राफ्ट लिस्ट ग्राम सभा में पढ़ी जाती है, जहाँ कोई भी आपत्ति उठा सकता है।

घर बनाने और पैसा मिलने की प्रक्रिया

  1. सर्वे के बाद प्राथमिकता सूची बनती है।
  2. ग्राम सभा सूची का सत्यापन करती है।
  3. आपको सैंक्शन ऑर्डर मिलता है, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर होता है।
  4. निर्माण के अलग-अलग चरणों पर किश्तों में पैसा आता है।

हर चरण पर AwaasApp से जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करना जरूरी है। फोटो अपलोड न हो तो अगली किश्त रुक सकती है।

लिस्ट में नाम कैसे देखें

पूरे गाँव की लिस्ट देखना (बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के)

  1. pmayg.nic.in खोलें।
  2. Awaassoft पर क्लिक करें, फिर Report चुनें।
  3. Social Audit Reports में “Beneficiary Details for Verification” चुनें।
  4. राज्य में बिहार चुनें, फिर जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
  5. वित्त वर्ष और योजना PMAY-G चुनें।
  6. कैप्चा भरें और Submit दबाएँ।
  7. पूरे गाँव की लिस्ट खुलेगी, उसमें अपना नाम ढूँढें।

रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस देखना

pmayg.nic.in पर Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary चुनें, रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और Submit करें। आपको सैंक्शन की जानकारी और किश्तों का स्टेटस दिखेगा।

रजिस्ट्रेशन नंबर खो गया हो तो

उसी सेक्शन में Advanced Search का विकल्प है। राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें, फिर अपना या पिता का नाम डालें।

नाम न आए तो अगला कदम

सबसे पहले ये तीन चीजें चेक करें

  • स्पेलिंग: “Ram Kumar” और “Ramkumar” जैसे अलग-अलग तरीके से सर्च करें।
  • पंचायत: आपका गाँव किस ग्राम पंचायत में आता है, यह ब्लॉक ऑफिस से पक्का करें।
  • सर्वे: क्या आपने आवास+ सर्वे करवाया था? सर्वे के बिना नाम नहीं आता।

फिर ये कदम उठाएँ

  1. पंचायत से मिलें। मुखिया या आवास सहायक से पूछें कि ड्राफ्ट लिस्ट में आपका नाम है या नहीं, और अगर नहीं है तो लिखित शिकायत दर्ज करवाएँ।
  2. BDO ऑफिस में लिखित आवेदन दें। उसमें अपना नाम, गाँव, पंचायत, सर्वे की तारीख और रजिस्ट्रेशन नंबर (अगर है) लिखें। आवेदन की रिसीविंग कॉपी जरूर लें।
  3. CPGRAMS पर ऑनलाइन शिकायत करें। pgportal.gov.in पर जाकर PMAY-G से जुड़ी शिकायत दर्ज करें और रेफरेंस नंबर संभालकर रखें, ताकि बाद में स्टेटस देख सकें।
  4. आखिरी विकल्प RTI है। अगर काफी समय तक कोई जवाब न मिले, तो BDO ऑफिस में RTI फाइल करके अपने आवेदन का स्टेटस और रिजेक्ट होने का कारण पूछ सकते हैं। RTI का जवाब आम तौर पर 30 दिन में मिलना चाहिए।

पंचायत कार्यालय में शिकायत अधिकारी का नाम और फोन नंबर प्रदर्शित होना चाहिए। न दिखे तो BDO से पूछें।

किश्त न मिले तो क्या करें

सबसे पहले AwaasSoft पर FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) स्टेटस चेक करें। FTO यानी पैसा भेजने का ऑर्डर, जिसका नंबर आपके सैंक्शन ऑर्डर पर होता है।

  • Pending: ऑर्डर अभी ब्लॉक ऑफिस में अटका है। वहाँ जाकर पूछें।
  • Processed: ऑर्डर बैंक तक पहुँच गया है। बैंक में जाकर चेक करें।
  • Completed: पैसा भेज दिया गया है। पासबुक अपडेट करवाएँ।

अगर स्टेटस “Processed” है पर पैसा नहीं आया, तो ज्यादातर आधार-बैंक सीडिंग की समस्या होती है। बैंक में आधार लिंक करवाएँ। अगर FTO ही नहीं बना, तो हो सकता है कि अगले चरण की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड नहीं हुई। पंचायत सचिव से फोटो अपलोड करवाएँ।

पंचायत सहयोग न करे तो BDO या जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) में शिकायत करें, या CPGRAMS पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

धोखाधड़ी से सावधान

अगर कोई व्यक्ति या एजेंट PMAY-G लिस्ट में नाम डालने के बदले पैसे माँगे, तो वह धोखा है। नाम सर्वे और सत्यापन की प्रक्रिया से आता है, पैसे देने से नहीं।

  • सिर्फ pmayg.nic.in और आधिकारिक आवास+ ऐप पर भरोसा करें।
  • किसी को अपना आधार OTP या बैंक डिटेल न दें।
  • पैसे माँगने वाले की शिकायत BDO से करें और CPGRAMS पर दर्ज करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या PMAY-G के लिए सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। नाम आवास+ सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन के जरिए ही आता है।

वेटिंग लिस्ट में नाम है तो क्या घर मिल जाएगा?
नहीं, अभी सिर्फ आपका नाम लिस्ट में है। घर तब मिलेगा जब लक्ष्य मिलने पर आपका सैंक्शन होगा। सैंक्शन होने पर AwaasSoft पर “Sanctioned” स्टेटस दिखेगा।

क्या पक्के घर वाले आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। पक्के घर वाले, सरकारी कर्मचारी और इनकम टैक्स देने वाले पात्र नहीं हैं।

ग्राम सभा की क्या भूमिका है?
ग्राम सभा ड्राफ्ट लिस्ट का सत्यापन करती है। कोई पात्र परिवार छूट गया हो या अपात्र नाम लिस्ट में हो, तो वहाँ आपत्ति उठा सकते हैं।

सैंक्शन के बाद पैसा कितने समय में मिलता है?
पैसा निर्माण के चरण और जियो-टैग्ड फोटो अपलोड के बाद ही जारी होता है, इसलिए हर चरण पर फोटो समय पर अपलोड करवाएँ।

हेल्पलाइन और आधिकारिक लिंक

  • टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-11-6446
  • आधिकारिक पोर्टल: pmayg.nic.in
  • शिकायत पोर्टल: pgportal.gov.in
  • ईमेल: support-pmayg@gov.in

कॉल करने से पहले अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर साथ रखें।

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