PMAY-ग्रामीण क्या है?
PMAY-ग्रामीण ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है। यह 1 अप्रैल 2016 को इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह शुरू हुई थी। इसका मकसद है कि हर गरीब ग्रामीण परिवार को बिजली, पानी और शौचालय वाला पक्का घर मिले।
योजना अभी चालू है। पहले 2.95 करोड़ घरों का लक्ष्य था। अब 2 करोड़ अतिरिक्त घर मंज़ूर होने से कुल लक्ष्य 4.95 करोड़ घर हो गया है। योजना 2028-29 तक चलेगी।
एक ज़रूरी बात: PMAY-ग्रामीण में सीधे ऑनलाइन आवेदन का कोई फॉर्म नहीं है। नाम SECC 2011 डेटा, आवास+ 2024 सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन के ज़रिए जुड़ता है।
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मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| शुरुआत | 1 अप्रैल 2016 (IAY की जगह) |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.nic.in |
| सब्सिडी | ₹1.20 लाख (मैदानी क्षेत्र), ₹1.30 लाख (पहाड़ी/कठिन क्षेत्र) |
| कुल लक्ष्य | 4.95 करोड़ घर |
| सर्वे का तरीका | AwaasPlus 2024 मोबाइल ऐप या ग्राम पंचायत |
| लाभार्थी चयन | SECC 2011 + आवास+ 2024 + ग्राम सभा सत्यापन |
पात्रता: PMAY-ग्रामीण घर कौन ले सकता है?
किन परिवारों को प्राथमिकता मिलती है
- जिनके पास घर नहीं है
- जो कच्चे घर में रहते हैं (कच्ची दीवार और कच्ची छत, शून्य से दो कमरे)
- SC/ST परिवार (कम से कम 60% लक्ष्य इनके लिए)
- अल्पसंख्यक (लक्ष्य का 15% तक)
- विधवाएँ, दिव्यांग सदस्य वाले परिवार, भूमिहीन और BPL परिवार
कौन पात्र नहीं है
परिवार में नीचे दी गई चीज़ों में से कोई एक भी हो, तो परिवार को बाहर किया जा सकता है:
- पक्की छत या पक्की दीवार वाला घर, या दो से ज़्यादा कमरों वाला घर
- मोटर चालित तिपहिया या चारपहिया वाहन
- ₹50,000 या उससे ज़्यादा लिमिट वाला किसान क्रेडिट कार्ड
- परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है
- किसी सदस्य की मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है
- आयकर या व्यावसायिक कर देने वाला सदस्य
- बहुत ज़्यादा ज़मीन (2.5 एकड़ सिंचित या 5 एकड़ असिंचित)
नए नियमों में क्या बदला है
पहले जिन चीज़ों की वजह से परिवार बाहर हो जाता था, उनमें से कुछ अब रोक नहीं हैं। रेफ्रिजरेटर अब बहिष्करण में नहीं है, और मासिक आय की सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है। अगर आप पहले सिर्फ़ इन्हीं वजहों से खुद को अपात्र समझ रहे थे, तो दोबारा ज़रूर जाँच करें। अंतिम नियम हमेशा अपने ब्लॉक या ग्राम पंचायत से पक्का कर लें।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड (लाभार्थी और परिवार के सदस्यों का)
- मनरेगा जॉब कार्ड
- आधार से जुड़ी बैंक पासबुक
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए)
- आय प्रमाण पत्र
- ग्राम पंचायत से निवास प्रमाण
अगर बैंक खाता आधार से NPCI मैपिंग के साथ लिंक नहीं है, तो पैसा DBT से नहीं आएगा। पहले बैंक जाकर मैपिंग करवा लें।
आवास+ सर्वे कैसे करें?
आवास+ 2024 सर्वे उन परिवारों के लिए है जिनका नाम SECC 2011 में नहीं है। यह सर्वे बिल्कुल मुफ़्त है। अगर कोई एजेंट या बिचौलिया पैसे माँगे, तो वह फ्रॉड है।
AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे
- Google Play Store से AwaasPlus 2024 ऐप डाउनलोड करें। फेस ऑथेंटिकेशन के लिए AadhaarFace RD ऐप भी चाहिए होगी।
- ऐप खोलें और भाषा चुनें।
- सेल्फ-सर्वे का विकल्प चुनें।
- मोबाइल नंबर OTP से वेरिफ़ाई करें।
- आधार फेस ऑथेंटिकेशन करें।
- परिवार का विवरण भरें: नाम, उम्र, जाति, आय और घर की स्थिति।
- ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें।
- GPS चालू रखें और लोकेशन कैप्चर करें।
- सबमिट करके रेफरेंस नंबर नोट कर लें।
ऐप में एरर आए तो
- फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो रहा है: अच्छी रोशनी में कैमरे के सामने सीधा चेहरा रखें। फिर भी फेल हो तो AadhaarFace RD ऐप अलग से इंस्टॉल करके कोशिश करें।
- लोकेशन नहीं आ रही: फ़ोन की सेटिंग में Location ON करें और ऐप को लोकेशन की अनुमति दें। बिना जियो-टैग के सर्वे सबमिट नहीं होता।
- “Already Registered” दिख रहा है: इसका मतलब है कि आपका आधार पहले से किसी सर्वे में है। ग्राम पंचायत सचिव से जाँच करवाएँ।
अगर फिर भी समस्या रहे, तो ग्राम पंचायत सचिव के ज़रिए असिस्टेड सर्वे करवाएँ।
ग्राम पंचायत के ज़रिए सर्वे
स्मार्टफ़ोन न हो या ऐप में दिक्कत आए, तो ग्राम पंचायत सचिव से मिलकर असिस्टेड सर्वे करवाएँ। सर्वे की डेडलाइन राज्यों के हिसाब से अलग रही है, इसलिए अपने राज्य या ब्लॉक की ताज़ा जानकारी सचिव या pmayg.nic.in से लें। सर्वे के बाद ग्राम सभा में नाम का सत्यापन होता है।
घर बनाने और पैसा मिलने की प्रक्रिया
सर्वे के बाद फील्ड वेरिफिकेशन होता है, फिर ग्राम सभा से अनुमोदन, और उसके बाद नाम परमानेंट वेटिंग लिस्ट (PWL) में आता है। PWL से सैंक्शन ऑर्डर जनरेट होता है और निर्माण शुरू होता है।
पैसा आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT से आता है, आमतौर पर किस्तों में:
| किस्त | कब मिलती है |
|---|---|
| पहली | सैंक्शन के समय |
| दूसरी | नींव या प्लिंथ लेवल तक काम होने पर |
| तीसरी | लिंटल या छत के स्तर तक काम होने पर |
किस्त की सटीक रकम और तरीका राज्य के हिसाब से अलग हो सकता है।
सब्सिडी के अलावा क्या मिलता है
- मनरेगा से 90-95 दिन की मज़दूरी (जॉब कार्ड ज़रूरी है)
- स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय के लिए ₹12,000
- जल जीवन मिशन से नल का पानी
- PM उज्ज्वला से LPG कनेक्शन
लाभार्थी सूची में नाम कैसे देखें?
रजिस्ट्रेशन नंबर से
pmayg.nic.in खोलें, Stakeholders में जाकर IAY/PMAYG Beneficiary चुनें, रजिस्ट्रेशन नंबर डालें, कैप्चा भरें और सबमिट करें। आपको नाम, सैंक्शन की तारीख, जारी हुई किस्तें और निर्माण की स्थिति दिखेगी।
गाँव-वार सूची से
pmayg.nic.in पर AwaasSoft में Reports, फिर Social Audit Reports में जाएँ। “Beneficiary details for verification” चुनें। राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें, साल 2026-27 चुनें, कैप्चा भरें और सबमिट करें। सूची में रजिस्ट्रेशन नंबर, नाम, पिता या पति का नाम, सैंक्शन राशि और किस्त की स्थिति दिखती है। आप PDF या Excel डाउनलोड कर सकते हैं।
एडवांस्ड सर्च से
अगर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है, तो Advanced Search में राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर नाम या आधार नंबर से खोजें।
नाम सूची में न हो तो
पहले स्पेलिंग और सही पंचायत जाँच लें। फिर ग्राम पंचायत सचिव से पता करें कि सर्वे हुआ था या नहीं। अगर सर्वे नहीं हुआ, तो नाम सर्वे में जुड़वाएँ। अगर सर्वे हुआ लेकिन नाम सूची में नहीं है, तो BDO को लिखित शिकायत दें और अपनी कॉपी रखें। जवाब न आए तो RTI दाखिल करें।
“Sanctioned” दिख रहा है लेकिन पैसा नहीं आया
इसके तीन आम कारण होते हैं:
- FTO जनरेट नहीं हुआ: AwaasSoft में FTO Tracking जाँचें। FTO न हो तो ब्लॉक ऑफिस में लिखित शिकायत दें।
- आधार-NPCI मैपिंग नहीं है: बैंक जाकर आधार सीडिंग करवाएँ।
- बैंक खाता डॉर्मेंट है: बैंक जाकर खाता चालू करवाएँ।
अगर BDO को शिकायत देने के 30 दिन बाद भी जवाब न आए, तो RTI दाखिल करें। RTI में FTO या पेमेंट ऑर्डर, PFMS/DBT ट्रांज़ैक्शन स्टेटस और बैंक के रिटर्न कारण की कॉपी माँगें।
आपत्ति (Objection) कैसे दें?
जब भी आपके ज़िले या ब्लॉक में PWL या अपात्र सूची पर आपत्ति की खिड़की खुले, तब ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या ज़िला पंचायत कार्यालय में लिखित आपत्ति दें। फोटो और निवास प्रमाण जैसे सबूत साथ लगाएँ, रिसीविंग पर तारीख की मुहर लगवाएँ और कॉपी अपने पास रखें। अपने ज़िले की वेबसाइट पर नोटिस देखते रहें।
आपत्ति पत्र का प्रारूप
सेवा में,
खंड विकास अधिकारी (BDO),
[ब्लॉक का नाम], [ज़िले का नाम]
विषय: PMAY-G अपात्रता के विरुद्ध आपत्ति – पंजीकरण संख्या [XXXXX]
माननीय महोदय/महोदया,
मेरे परिवार का नाम PMAY-G लाभार्थी सूची से गलत तरीके से हटा दिया गया है। हमारे पास कच्चा घर है और कोई पक्का घर नहीं है।
पंजीकरण संख्या: [XXXXX]
ग्राम पंचायत: [नाम]
गाँव: [नाम]
मेरे आवेदन को दोबारा सत्यापित करके पात्र सूची में शामिल करने की कृपा करें।
हस्ताक्षर: ___________
दिनांक: ___________
मोबाइल: ___________
आम समस्याएँ और उनके हल
बिचौलिया पैसे माँग रहा है
आवास+ सर्वे और सूची में नाम जुड़वाना बिल्कुल मुफ़्त है। जो भी पैसे माँगे, उसे पैसा न दें। सिर्फ़ आधिकारिक AwaasPlus 2024 ऐप डाउनलोड करें, नकली ऐप से बचें। शिकायत BDO को या CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर करें।
ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही
ब्लॉक ऑफिस में लिखित शिकायत दें और तारीख की मुहर लगी कॉपी रखें। ज़रूरत हो तो जनपद पंचायत या ज़िला पंचायत में शिकायत करें, ज़िलाधिकारी को पत्र लिखें, या RTI दाखिल करें।
किस्त नहीं मिली
pmayg.nic.in पर देखें कि कौन सी किस्त जारी हुई है। बैंक में आधार-NPCI मैपिंग जाँचवाएँ और FTO ट्रैकिंग देखें। FTO जनरेट न हुआ हो तो फ़ाइल ब्लॉक स्तर पर अटकी है, वहाँ लिखित शिकायत दें।
हेल्पलाइन और शिकायत
| संपर्क | विवरण |
|---|---|
| PMAY-G हेल्पलाइन | 1800-11-6446 |
| ईमेल | support-pmayg@gov.in |
| CPGRAMS | pgportal.gov.in |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.nic.in |
सरकारी शब्दों का मतलब
| शब्द | मतलब |
|---|---|
| डेप्रिवेशन क्राइटेरिया | घर की हालत के हिसाब से प्राथमिकता तय करने के मापदंड |
| परमानेंट वेटिंग लिस्ट (PWL) | पात्र परिवारों की सूची जिससे सैंक्शन दिया जाता है |
| जियो-टैगिंग | GPS से घर की लोकेशन फोटो के साथ कैप्चर करना |
| FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) | पैसा जारी करने का आधिकारिक आदेश |
| DBT | डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, यानी पैसा सीधे बैंक खाते में |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PMAY-ग्रामीण में सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। सीधा ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है। आवास+ 2024 सर्वे या ग्राम पंचायत के ज़रिए ही नाम जुड़ता है।
आवास+ सर्वे क्या है?
यह उन परिवारों के लिए सर्वे है जो SECC 2011 में नहीं हैं। AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे कर सकते हैं। यह मुफ़्त है।
सर्वे की आखिरी तारीख क्या है?
कोई एक राष्ट्रीय तारीख नहीं है। राज्य अपने हिसाब से विंडो खोलते और बढ़ाते हैं। अपने राज्य की जानकारी pmayg.nic.in या ग्राम पंचायत से लें।
रजिस्ट्रेशन नंबर कैसे मिलेगा?
सर्वे सबमिट होने के बाद ऐप में रेफरेंस नंबर मिलता है। ग्राम पंचायत के ज़रिए सर्वे हुआ हो तो सचिव से लें।
कितना पैसा मिलता है?
मैदानी क्षेत्र में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या कठिन क्षेत्र में ₹1.30 लाख, DBT से। इसके अलावा मनरेगा मज़दूरी और शौचालय के लिए ₹12,000 अलग से मिलते हैं।
पक्के घर वाले आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। पक्की छत या पक्की दीवार वाले घर, और दो से ज़्यादा कमरों वाले घर बाहर रखे जाते हैं।
सरकारी नौकरी वाले पात्र हैं?
नहीं। परिवार में कोई सरकारी नौकरी में हो तो परिवार बाहर हो जाता है।
आधार बैंक खाते से लिंक न हो तो?
किस्त DBT से नहीं आएगी। पहले बैंक जाकर आधार-NPCI मैपिंग करवाएँ।
नाम सूची में नहीं है तो क्या करें?
पहले ग्राम पंचायत सचिव से सर्वे रिकॉर्ड जाँचें। सर्वे हुआ हो लेकिन नाम न हो तो BDO को लिखित शिकायत दें। 30 दिन में जवाब न आए तो RTI दाखिल करें।
किस्त नहीं मिली, कहाँ शिकायत करें?
पहले pmayg.nic.in पर स्टेटस और FTO Tracking देखें। फिर BDO को लिखित शिकायत दें। हेल्पलाइन 1800-11-6446 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
ग्राम सभा सत्यापन कब होता है?
PWL फाइनल होने से पहले। तारीख के लिए ग्राम पंचायत कार्यालय से संपर्क करें।
आखिरी बात
PMAY-ग्रामीण में सीधे अप्लाई का कोई शॉर्टकट नहीं है, लेकिन सही रास्ता मौजूद है। अगर आप SECC 2011 में नहीं हैं, तो आवास+ 2024 सर्वे या ग्राम पंचायत के ज़रिए नाम जुड़वाएँ। नाम कट गया हो या पैसा अटका हो, तो BDO को लिखित शिकायत और RTI आपके सबसे मज़बूत तरीके हैं।
आज ही pmayg.nic.in पर अपना स्टेटस चेक करें और ज़रूरत हो तो ग्राम पंचायत सचिव से मिलें।
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