PMAY-G 2026-27: पंचायतवार लक्ष्य कैसे बनता है?

अक्टूबर 27, 2026
Written By Ali Akbar

पीएमएवाई-ग्रामीण क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) 1 अप्रैल 2016 से शुरू हुई। इससे पहले इसे इंदिरा आवास योजना (IAY) कहा जाता था। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है।

इसका मकसद कच्चे या जीर्ण-शीर्ण घर में रहने वाले और बिना घर वाले गरीब परिवारों को पक्का घर बनाने में मदद करना है। घर कम से कम 25 वर्ग मीटर का होता है, जिसमें रसोई की अलग जगह भी शामिल है।

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योजना की मुख्य बातें

विषयविवरण
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
शुरुआत1 अप्रैल 2016 (IAY की जगह)
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in
सहायता राशि₹1.20 लाख (मैदानी इलाके), ₹1.30 लाख (पहाड़ी और कठिन इलाके)
शौचालय के लिए मदद₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के साथ तालमेल से)
मनरेगा मजदूरी90 दिन (पहाड़ी इलाकों में 95 दिन)
लक्ष्य2.95 करोड़ घर, मार्च 2029 तक

पंचायत-वार लक्ष्य कौन तय करता है?

केंद्र सरकार पूरे राज्य या केंद्र शासित प्रदेश को एक इकाई मानकर लक्ष्य और फंड आवंटित करती है। राज्य का लक्ष्य पिछले साल के प्रदर्शन, लंबित घरों की संख्या और पैसे के इस्तेमाल जैसे आधारों पर तय होता है।

उसके बाद राज्य सरकार अपने वार्षिक कार्य योजना (Annual Action Plan) में जिला-वार, ब्लॉक-वार और ग्राम पंचायत-वार लक्ष्य तय करती है। आम तौर पर जिस पंचायत की स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) में ज्यादा पात्र परिवार होते हैं, उसे ज्यादा लक्ष्य मिलने की संभावना होती है।

प्राथमिकता सूची फाइनल होने की शर्तें

पंचायत की प्राथमिकता सूची तभी फाइनल मानी जाती है जब:

  • अपात्र नाम हटा दिए जाएं।
  • ग्राम सभा सूची का सत्यापन करे।
  • अपीलीय समिति (Appellate Committee) शिकायतों का निपटारा करे।
  • जरूरी मैपिंग (जैसे मनरेगा जॉब कार्ड) पूरी हो।

इसलिए आपके गांव का लक्ष्य आपकी पंचायत की सूची की गुणवत्ता पर भी निर्भर करता है।

ग्राम सभा की भूमिका

प्राथमिकता सूची फाइनल होने से पहले ग्राम सभा की बैठक होती है, जिसमें सूची पढ़कर सुनाई जाती है। अगर किसी का नाम गलत तरीके से सूची में है, जैसे जिसके पास पक्का घर है, तो ग्राम सभा उसे हटा सकती है। अगर किसी पात्र का नाम छूट गया है, तो वह वहीं अपनी बात रख सकता है।

इसलिए ग्राम सभा की बैठक में जरूर जाएं, अपना नाम सुनें और जरूरत हो तो वहीं आपत्ति दर्ज करवाएं। अगर आपका नाम गलत तरीके से हटा दिया गया हो, तो आप अपीलीय समिति में अपील कर सकते हैं।

कौन पात्र है?

PMAY-G में सीधा “Apply” बटन नहीं होता। नाम SECC 2011 या आवास+ 2024 सर्वे के जरिए सूची में आता है, और फिर ग्राम सभा उसका सत्यापन करती है।

पात्र परिवार

  • जिनके पास घर नहीं है
  • जो कच्चे या जीर्ण-शीर्ण घर में रहते हैं
  • एससी/एसटी, अल्पसंख्यक, विधवा, दिव्यांग और बंधुआ मजदूर परिवार (इन्हें विशेष प्राथमिकता मिलती है; कुल लक्ष्य का कम से कम 60% एससी/एसटी के लिए आरक्षित होता है)

जो पात्र नहीं हैं

  • जिनके पास पक्का घर है
  • जिनके घर में कोई सरकारी नौकरी में है
  • जो इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स देते हैं
  • जिनकी महीने की आय ₹15,000 से ज्यादा है
  • जिनके पास मोटरचालित चार पहिया वाहन या ज्यादा जमीन जैसी संपत्ति है

बहिष्करण (Exclusion) के पूरे नियम हमेशा pmayg.dord.gov.in या ब्लॉक कार्यालय से confirm करें।

जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक)
  • मनरेगा जॉब कार्ड
  • आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक
  • जाति प्रमाणपत्र (एससी/एसटी के लिए)
  • आय प्रमाणपत्र (अगर मांगा जाए)
  • जमीन के कागज या भूमिहीन प्रमाणपत्र

आवास+ सर्वे कैसे होता है?

PMAY-G में “ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन” का कोई सीधा फॉर्म नहीं होता। जो परिवार SECC 2011 में छूट गए थे, उनके लिए आवास+ 2024 सर्वे शुरू हुआ। सर्वे की स्थिति और तारीखों के लिए अपनी ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से जरूर confirm करें।

ग्राम पंचायत के जरिए सर्वे

  1. पंचायत सचिव या ब्लॉक कार्यालय से पूछें कि सर्वे कब और कैसे हो रहा है।
  2. सर्वेयर आता है और आधार से e-KYC करता है।
  3. घर की जियो-टैग्ड फोटो ली जाती है।
  4. परिवार की जानकारी भरी जाती है।
  5. सबमिट करने पर रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है।

आवास+ ऐप से खुद सर्वे

  1. प्ले स्टोर से आधिकारिक आवास+ 2024 ऐप डाउनलोड करें।
  2. कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें।
  3. आधार नंबर डालें और फेस ऑथेंटिकेशन करें।
  4. राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
  5. परिवार के सदस्यों और घर की जानकारी भरें।
  6. जियो-टैग्ड फोटो लें।
  7. सबमिट करें और रजिस्ट्रेशन नंबर लिखकर रखें।

घर बनाने का पैसा कैसे मिलता है?

सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन के बाद नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) में आता है। फिर हर साल के लक्ष्य के हिसाब से वार्षिक चयन सूची (ASL) बनती है, जिसमें से उन परिवारों को मंजूरी (sanction) मिलती है।

किस्तों में भुगतान

पैसा किस्तों में सीधे बैंक खाते में DBT से आता है। हर किस्त निर्माण के चरण से जुड़ी होती है:

  1. नींव (foundation) का चरण
  2. दीवार और लिंटल का चरण
  3. छत का चरण
  4. घर का पूरा होना

हर चरण पर जियो-टैग्ड फोटो अपलोड होती है। धुंधली या गलत फोटो से किस्त अटक सकती है, इसलिए फोटो साफ और सही जगह से खिंचवाएं।

सब्सिडी में क्या शामिल है

  • ₹1.20 लाख (मैदानी इलाके) या ₹1.30 लाख (पहाड़ी और कठिन इलाके)
  • शौचालय के लिए ₹12,000
  • 90 दिन की मनरेगा मजदूरी (पहाड़ी इलाकों में 95 दिन), जो अलग से मिलती है

अपना नाम लिस्ट में कैसे चेक करें?

गांव की पूरी लिस्ट देखने का तरीका

  1. pmayg.dord.gov.in खोलें।
  2. Awassoft में Reports, फिर Social Audit Reports पर जाएं।
  3. Beneficiary Details for Verification चुनें।
  4. राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
  5. कैप्चा भरें और सबमिट करें।
  6. पूरी लिस्ट में अपना नाम ढूंढें।

रजिस्ट्रेशन नंबर से चेक करना

  1. pmayg.dord.gov.in पर Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary विकल्प चुनें।
  2. रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और सबमिट करें।
  3. मंजूरी, किस्त और निर्माण प्रगति की जानकारी दिखेगी।

मेन्यू के नाम कभी-कभी बदल जाते हैं, इसलिए जरूरत हो तो ब्लॉक कार्यालय से मदद लें।

आम समस्याएं और उनके हल

नाम लिस्ट में नहीं है

देखें कि आवास+ सर्वे हुआ था या नहीं, आपके पास रजिस्ट्रेशन नंबर है या नहीं, और क्या आप ग्राम सभा की बैठक में गए थे। फिर पंचायत से PWL में अपना स्टेटस चेक करवाएं।

किस्त नहीं आई

ब्लॉक कार्यालय से पूछें कि जियो-टैग्ड फोटो अपलोड हुई है या नहीं। यह भी चेक करें कि बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं, और निर्माण चरण सत्यापित हुआ है या नहीं।

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही

  • लिखित शिकायत: पंचायत सचिव को सादे कागज पर शिकायत दें और उसकी कॉपी अपने पास रखें।
  • बीडीओ को शिकायत: अगर 15 दिन में जवाब न आए तो ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) को वही शिकायत दें।
  • आरटीआई: अगर तब भी कुछ न हो, तो आरटीआई फाइल करें और अपनी लिस्ट में स्थिति, जियो-टैग स्टेटस और पेमेंट फाइल का चरण पूछें।
  • CPGRAMS: pgportal.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करें और शिकायत नंबर सेव कर लें।

नाम डिलीट हो गया

ग्राम सभा के फैसले के खिलाफ अपीलीय समिति में अपील का हक है। इस बारे में बीडीओ कार्यालय से जानकारी लें।

फ्रॉड से कैसे बचें

PMAY-G में नाम डालने के लिए कोई पैसा नहीं लगता, और कोई एजेंट पैसे लेकर नाम लिस्ट में नहीं डाल सकता।

  • जो “₹5,000 दो, नाम डाल देंगे” कहे, वह ठग है।
  • सिर्फ आधिकारिक आवास+ 2024 ऐप ही इस्तेमाल करें।
  • “सेटिंग” करवाने के नाम पर पैसा मांगना फ्रॉड है।
  • पैसा सिर्फ DBT के जरिए आपके अपने बैंक खाते में आता है।
  • कोई पैसा मांगे तो ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) को लिखित शिकायत करें और पंचायत सचिव को बताएं।

आधिकारिक हेल्पलाइन

संपर्कविवरण
PMAY-G हेल्पलाइन1800-11-6446
शिकायत ईमेलsupport-pmayg@gov.in
CPGRAMS पोर्टलpgportal.gov.in
आवास+ सर्वे मददपंचायत सचिव या ब्लॉक कार्यालय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पीएमएवाई-ग्रामीण में ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?
सीधे अप्लाई नहीं होता। नाम आवास+ 2024 सर्वे या SECC 2011 के जरिए आता है। आप ऐप से सेल्फ-सर्वे कर सकते हैं या पंचायत से मदद ले सकते हैं।

पंचायत-वार लक्ष्य कौन तय करता है?
केंद्र राज्य को लक्ष्य देता है। राज्य उसे जिला, ब्लॉक और पंचायत में बांटता है, जो आम तौर पर PWL में पात्र परिवारों की संख्या पर निर्भर करता है।

आवास+ सर्वे क्या है?
यह 2024 में शुरू हुआ सर्वे है, जो उन पात्र परिवारों को ढूंढता है जो SECC 2011 में छूट गए थे। इसमें e-KYC और फेस ऑथेंटिकेशन होता है।

क्या पक्का घर वाले भी पात्र हैं?
नहीं। पक्का घर होने पर PMAY-G का लाभ नहीं मिलता।

रजिस्ट्रेशन नंबर कहां मिलेगा?
आवास+ सर्वे सबमिट होने के बाद, या पंचायत कार्यालय से, या मंजूरी आदेश (sanction order) पर।

किस्त कितने दिन में आती है?
यह निर्माण चरण के सत्यापित होने पर निर्भर करता है। हर चरण पर जियो-टैग्ड फोटो जरूरी है, और स्थिति ब्लॉक कार्यालय से पता चल सकती है।

नाम लिस्ट में है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
जियो-टैग फोटो, बैंक-आधार लिंक और निर्माण चरण का सत्यापन चेक करें। फिर भी समस्या हो तो बीडीओ को लिखित शिकायत दें, आरटीआई फाइल करें या CPGRAMS पर शिकायत करें।

हेल्पलाइन नंबर क्या है?
1800-11-6446। ईमेल: support-pmayg@gov.in।

आखिरी बात

आपके गांव को कितने घर मिलेंगे, यह इस पर निर्भर करता है कि पंचायत की PWL में कितने पात्र लोग हैं और राज्य ने ब्लॉक को कितना लक्ष्य दिया है। आपको बस तीन काम करने हैं:

  1. चेक करें कि आवास+ 2024 या SECC 2011 में आपका नाम है या नहीं।
  2. ग्राम सभा की बैठक में जाकर अपना नाम सत्यापित करवाएं।
  3. pmayg.dord.gov.in पर लिस्ट को समय-समय पर चेक करते रहें।

किसी को “सेटिंग” के लिए पैसा न दें। आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in, हेल्पलाइन: 1800-11-6446।

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