PMAY-G योजना क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है, जो पहले इंदिरा आवास योजना (IAY) के नाम से चलती थी। इसका उद्देश्य गाँव के गरीब परिवारों को पक्का घर देना है, जिसमें बिजली, पानी और शौचालय की सुविधा हो।
PMAY-G 2.0 का लक्ष्य 2024-2029 के बीच 2 करोड़ नए घर बनाना है।
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PMAY-G: नाम सूची में है लेकिन पैसा नहीं आया, तो क्या करें?
बिहार PMAY-G सूची 2026: अपना नाम कैसे चेक करें और अगर नाम शामिल नहीं है तो क्या करें
सहायता राशि
- मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख
- पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी इलाकों में ₹1.30 लाख
- शौचालय के लिए SBM-G से अलग ₹12,000
- MGNREGA के तहत 90 दिन (मैदान) या 95 दिन (पहाड़ी) की मज़दूरी
आधिकारिक जानकारी
- आधिकारिक पोर्टल: pmayg.nic.in
- हेल्पलाइन: 1800-11-6446
- शिकायत ईमेल: support-pmayg@gov.in
- ऑनलाइन शिकायत: pgportal.gov.in (CPGRAMS)
आंध्र प्रदेश को 3 लाख घर: ताज़ा खबर
गुंटूर के बुर्रिपालेम गाँव में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 3 लाख घरों की शुरुआत की। साथ ही 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक से 177 घर बनाए जा रहे हैं, जिनके 6 महीने में तैयार होने की बात कही गई है।
याद रखें कि ये घर पहले से पात्र (eligible) लाभार्थियों के लिए हैं। अगर आपका नाम SECC 2011 या आवास+ सूची में नहीं है, तो आप इस बैच में शामिल नहीं हैं।
पात्रता: कौन घर ले सकता है?
कौन पात्र है
- जिन परिवारों के पास घर नहीं है
- जो कच्चे घर में रहते हैं (कच्ची दीवार और कच्ची छत)
- जिनके घर में 0, 1 या 2 कमरे हैं
- जिनका नाम SECC 2011 या आवास+ सूची में है
प्राथमिकता किन्हें मिलती है
- SC/ST परिवार
- अल्पसंख्यक परिवार
- विधवा महिलाएँ
- दिव्यांग सदस्यों वाले परिवार
- महिला-प्रधान परिवार, जहाँ कोई वयस्क पुरुष नहीं है
- ऐसे परिवार जिनमें 16 से 59 साल का कोई वयस्क सदस्य नहीं है
यह रैंकिंग AwaasSoft सिस्टम अपने आप करता है। आपको बस सर्वे में सही जानकारी देनी होती है।
कौन पात्र नहीं है
- जिनके पास पक्का घर है
- जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है
- जो इनकम टैक्स देते हैं
- जिनके परिवार में किसी की मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है
- जिनके पास ₹50,000 या उससे ज़्यादा लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड है
बहिष्करण (exclusion) नियमों में समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं। अपनी स्थिति की पुष्टि के लिए ग्राम पंचायत या pmayg.nic.in पर ताज़ा नियम ज़रूर देख लें।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक (आधार से लिंक्ड)
- MGNREGA जॉब कार्ड, अगर है
- जाति प्रमाणपत्र, SC/ST के लिए
- ज़मीन के कागज़, अगर ज़मीन है
अगर बैंक खाता आधार से लिंक्ड नहीं है, तो पैसा आने में दिक्कत होती है। इसलिए पहले यह चेक करवा लें।
आवास प्लस सर्वे कैसे होता है?
PMAY-G के लिए कोई सीधा ऑनलाइन फॉर्म नहीं है। घर मिलने की प्रक्रिया सर्वे के ज़रिए होती है। आवास+ 2024 सर्वे में आपके घर की हालत और परिवार की जानकारी ली जाती है।
ग्राम पंचायत के एन्यूमरेटर से सर्वे
गाँव में एन्यूमरेटर आवास+ ऐप के साथ आता है और घर का सर्वे करता है। अगर आपका सर्वे नहीं हुआ, तो ग्राम पंचायत में जाकर पूछें कि सप्लीमेंट्री सर्वे का मौका है या नहीं।
खुद आवास+ ऐप से सर्वे
- गूगल प्ले स्टोर से आवास+ 2024 ऐप डाउनलोड करें।
- मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें और OTP वेरिफाई करें।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- आधार नंबर डालें और फेस ऑथेंटिकेशन करें।
- परिवार और घर की जानकारी भरें।
- सबमिट करें और रेफरेंस नंबर संभालकर रखें।
असिस्टेड सर्वे
अगर आप स्मार्टफोन नहीं चला सकते, या फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो रहा है, तो ग्राम पंचायत के एन्यूमरेटर से असिस्टेड सर्वे करवाएँ। फेस ऑथेंटिकेशन के लिए अच्छी रोशनी में, चश्मा उतारकर, सीधे कैमरे की तरफ देखें। आधार की फोटो बहुत पुरानी हो तब भी असिस्टेड सर्वे बेहतर रहता है।
सर्वे के बाद क्या होता है?
सर्वे का डेटा AwaasSoft में जाता है। फिर ग्राम सभा वेरिफिकेशन होती है, प्राथमिकता सूची बनती है और उसके बाद सैंक्शन मिलता है। इस प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं, और सर्वे करवाने का मतलब घर की गारंटी नहीं होता।
लाभार्थी सूची में नाम कैसे देखें?
रजिस्ट्रेशन नंबर से
- pmayg.nic.in खोलें।
- Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary पर क्लिक करें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा डालकर Submit करें।
- स्क्रीन पर नाम, सैंक्शन की तारीख और किस्त की स्थिति दिखेगी।
रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है तो
- उसी पेज पर Advanced Search टैब खोलें।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- अपना नाम या पिता/पति का नाम डालें।
- सूची में नाम मिलने पर रजिस्ट्रेशन नंबर नोट कर लें।
पूरे गाँव की सूची डाउनलोड करना
pmayg.nic.in पर Awaassoft, फिर Report, फिर Social Audit Reports में जाएँ। वहाँ “Beneficiary details for verification” चुनें, अपना राज्य, ज़िला, ब्लॉक, GP और वित्तीय वर्ष चुनें, और PDF या Excel डाउनलोड करें।
स्टेटस “Reverted” दिखे तो
इसका मतलब आम तौर पर यह होता है कि रिकॉर्ड सुधार के लिए ग्राम पंचायत को वापस भेजा गया है। जैसे नाम की स्पेलिंग या बैंक डिटेल्स में गड़बड़ी। ग्राम पंचायत जाकर पूछें कि कौन सा सुधार चाहिए।
पैसा कैसे मिलता है?
नाम सैंक्शन सूची में आने के बाद सहायता राशि किस्तों में मिलती है। किस्त की सटीक रकम और ढाँचा राज्य के हिसाब से अलग हो सकता है।
- पहली किस्त आम तौर पर नींव (plinth) के बाद मिलती है।
- अगली किस्त निर्माण के अगले चरण पर मिलती है।
- आखिरी किस्त घर पूरा होने पर मिलती है।
हर किस्त से पहले घर की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड होती है, जिससे प्रमाण होता है कि घर बन रहा है। फोटो अपलोड न हो तो पेमेंट रुक सकता है।
स्टेटस देखने के लिए pmayg.nic.in पर Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary विकल्प में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार डालें।
आम समस्याएँ और उनके हल
नाम सूची में नहीं आ रहा
पहले चेक करें कि आवास+ सर्वे हुआ था या नहीं। नहीं हुआ तो ग्राम पंचायत से सप्लीमेंट्री सर्वे के लिए कहें। हुआ था तो ग्राम सभा वेरिफिकेशन का स्टेटस पूछें।
किस्त नहीं आई
- बैंक में चेक करवाएँ कि आधार खाते से लिंक्ड (NPCI मैपिंग) है या नहीं।
- pmayg.nic.in पर देखें कि किस्त रिलीज़ हुई है या नहीं।
- रिलीज़ होने के बाद भी पैसा न आए तो बैंक से DBT स्टेटस पूछें।
ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही
ज़ुबानी अनुरोध के बजाय लिखित आवेदन दें और उसकी रिसीविंग कॉपी अपने पास रखें। आप यह लिख सकते हैं:
नमस्ते, मेरा नाम [नाम] है, गाँव [गाँव]। कृपया मेरी PMAY-G लाभार्थी स्थिति चेक करें। क्या मेरा नाम प्राथमिकता सूची में है या ग्राम सभा वेरिफिकेशन में अटका है? अगर अटका है तो कारण लिखित में बताएँ।
इसके बाद ये कदम उठाएँ:
- पंचायत सचिव को आवेदन दें और कुछ दिन बाद फॉलो-अप करें।
- जवाब न मिले तो BDO ऑफिस जाकर आवेदन की कॉपी दिखाएँ।
- फिर भी कुछ न हो तो pgportal.gov.in (CPGRAMS) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें और रेफरेंस नंबर संभालकर रखें।
- आखिरी विकल्प के रूप में RTI फाइल करें। RTI का जवाब 30 दिन के अंदर आना चाहिए।
फ्रॉड से सावधान
PMAY-G में किसी भी स्टेज पर पैसा नहीं लगता। सर्वे, रजिस्ट्रेशन या सूची में नाम डालने के नाम पर जो भी पैसा माँगे, वह धोखा है।
ऐसे मामले में BDO को लिखित शिकायत दें और CPGRAMS पर कंप्लेंट दर्ज करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या PMAY-G के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है?
सीधे ऑनलाइन अप्लाई करने का विकल्प नहीं है। सूची में नाम आवास+ सर्वे और ग्राम सभा वेरिफिकेशन के बाद ही आता है।
रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है तो सूची कैसे देखें?
pmayg.nic.in पर Advanced Search में राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर नाम से सर्च करें।
पक्के घर वाले क्या अप्लाई कर सकते हैं?
नहीं। पक्के घर वाले परिवार PMAY-G के लिए पात्र नहीं हैं।
ग्राम सभा का क्या रोल है?
ग्राम सभा प्राथमिकता सूची को वेरिफाई करती है। अपात्र नाम हटाए जाते हैं और पात्र नाम कन्फर्म होते हैं।
सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
चेक करें कि ग्राम सभा वेरिफिकेशन हुई है या नहीं, स्टेटस “Reverted” तो नहीं है, सैंक्शन ऑर्डर बना है या नहीं, और जियो-टैग्ड फोटो अपलोड हुई है या नहीं। ग्राम पंचायत या BDO से लिखित स्टेटस माँगें।
PMAY-G की हेल्पलाइन क्या है?
हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6446 है। ईमेल support-pmayg@gov.in पर भी शिकायत भेज सकते हैं।
अब क्या करें?
अगर आपने अभी तक सर्वे नहीं करवाया है, तो ग्राम पंचायत जाकर असिस्टेड सर्वे या आवास+ 2024 ऐप के बारे में पूछें। अगर नाम सूची में है, तो pmayg.nic.in पर अपना स्टेटस नियमित चेक करते रहें, बैंक में आधार लिंकिंग कन्फर्म करवाएँ और निर्माण के हर स्टेज पर जियो-टैग्ड फोटो समय पर अपलोड करवाएँ।