PMAY-G (प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण) में नाम चेक करना हो, लाभार्थी सूची देखनी हो या किस्त का स्टेटस जानना हो, तो सबसे बड़ी दिक्कत यह होती है कि सही पोर्टल और सही प्रक्रिया पता नहीं होती। इस गाइड में सब कुछ सरल हिंदी में, स्टेप बाय स्टेप समझाया गया है
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PMAY-G पात्रता, दस्तावेज़ और लाभ
PMAY-ग्रामीण एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| शुरुआत | 1 अप्रैल 2016 (इंदिरा आवास योजना की जगह) |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in |
| सहायता राशि | ₹1.20 लाख (मैदानी क्षेत्र), ₹1.30 लाख (पहाड़ी राज्य, पूर्वोत्तर, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और IAP जिले) |
| अन्य फायदे | मनरेगा के 90/95 दिन की मज़दूरी, स्वच्छ भारत के तहत शौचालय के लिए ₹12,000 |
| हेल्पलाइन | 1800-11-6446 / 1800-11-8111 |
| शिकायत पोर्टल | pgportal.gov.in (CPGRAMS) |
यह सहायता सिर्फ ग्रामीण इलाकों के लिए है। शहरी इलाकों के लिए PMAY-शहरी अलग योजना है।
PMAY-G का आधिकारिक पोर्टल कौन सा है
PMAY-G का मौजूदा आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in है। (जैसे pmayg.nic.in, awaassoft.nic.in) अब खुल नहीं सकते या कहीं और भेज सकते हैं, इसलिए हमेशा नए पोर्टल का ही उपयोग करें।
कुछ बातें ध्यान रखें:
- पोर्टल कभी-कभी धीमा हो जाता है। इसका मतलब योजना बंद होना नहीं है।
- भीड़ के समय (दिन के 10 से 3 बजे) के बाद या सुबह जल्दी दोबारा कोशिश करें।
- लाभार्थी स्टेटस देखने के लिए आमतौर पर लॉगिन की ज़रूरत नहीं होती। रजिस्ट्रेशन नंबर या एडवांस्ड सर्च से काम हो जाता है।
PMAY-G के लिए पात्रता
कौन पात्र है
- बेघर परिवार
- कच्ची दीवार और कच्ची छत वाले घर में रहने वाले परिवार, जिनके घर में ज़्यादा से ज़्यादा 2 कमरे हों
- वे परिवार जिनका नाम SECC 2011 सूची या आवास+ सर्वे में आया हो और जो ग्राम सभा सत्यापन में पास हों
प्राथमिकता किसे मिलती है
- SC/ST परिवार (इनके लिए कम से कम 60% लक्ष्य आरक्षित होता है)
- दिव्यांग (विकलांग व्यक्ति)
- भूमिहीन परिवार
- विधवा और अकेली महिलाएँ
कौन पात्र नहीं है
नीचे दी गई चीज़ों में से कोई भी एक आप पर लागू होती है, तो परिवार योजना से बाहर (एक्सक्लूड) हो जाता है:
| बहिष्करण मानदंड | मतलब |
|---|---|
| पक्का घर | पक्की दीवार और पक्की छत वाला घर |
| 2 से ज़्यादा कमरे | पक्के घर में 2 से ज़्यादा कमरे |
| मोटरचालित 3/4 पहिया वाहन | कार, ट्रैक्टर, ऑटो जैसे वाहन |
| खेती की मशीन | मशीनीकृत कृषि उपकरण |
| किसान क्रेडिट कार्ड | ₹50,000 या उससे ज़्यादा लिमिट वाला KCC |
| सरकारी नौकरी | परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी |
| पंजीकृत व्यवसाय | सरकार के पास पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम |
| टैक्स | इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स भरना |
| आय | परिवार के किसी सदस्य की ₹15,000 महीने से ज़्यादा कमाई |
| ज़्यादा ज़मीन | काफी ज़्यादा सिंचित या असिंचित खेती की ज़मीन |
नए नियम: क्या अब बहिष्करण नहीं है
2024 के बदलाव के बाद बहिष्करण की शर्तें 13 से घटाकर 10 कर दी गई हैं। अब मोटरचालित दोपहिया (बाइक/स्कूटर), मछली पकड़ने की नाव, रेफ्रिजरेटर और लैंडलाइन फोन होना आपको योजना से बाहर नहीं करता। आय सीमा भी बढ़ाकर ₹15,000 प्रति माह की गई है।
ज़रूरी दस्तावेज़
सर्वे या सत्यापन के समय ये दस्तावेज़ तैयार रखें:
- आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक्ड)
- आधार से लिंक्ड बैंक पासबुक (DBT के लिए ज़रूरी)
- मनरेगा जॉब कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST के लिए)
- राशन कार्ड
- ज़मीन के कागज़ (अगर ज़मीन है)
PMAY-G में आवेदन कैसे करें
PMAY-G में सीधे ऑनलाइन फॉर्म भरकर आवेदन नहीं होता। लाभार्थी की पहचान SECC 2011 डेटा और आवास+ सर्वे के ज़रिए होती है, फिर ग्राम सभा सत्यापन होता है। जो परिवार पुरानी सूची में छूट गए थे, उनके लिए आवास+ 2024 सर्वे चलाया गया है। यह सर्वे PMAY-G के 2024-25 से 2028-29 के चरण (2 करोड़ अतिरिक्त घर) के लिए लाभार्थी पहचान का आधार है।
आवास+ 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे
- गूगल प्ले स्टोर से आवास+ 2024 ऐप डाउनलोड करें।
- ऐप खोलकर कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें।
- आधार नंबर डालें और आधार फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
- राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
- परिवार की जानकारी भरें (सदस्य, दिव्यांगता, घर की स्थिति)।
- पुराने घर की और घर बनाने की जगह की जियो-टैग्ड फोटो लें।
- सबमिट करें और रेफरेंस नंबर संभालकर रखें।
असिस्टेड सर्वे
अगर आप खुद ऐप नहीं चला सकते, तो ग्राम पंचायत के सर्वेयर आपके घर आकर सर्वे कर देते हैं। उस समय आधार और बैंक पासबुक साथ रखें।
सर्वे छूट गया तो क्या करें
- ग्राम पंचायत में लिखित अनुरोध दें और रसीद ज़रूर लें।
- BDO (ब्लॉक विकास अधिकारी) को भी जानकारी दें।
- ज़रूरत पड़े तो RTI के ज़रिए सर्वे रिकॉर्ड माँगें।
सर्वे कब खुलेगा, इसकी तारीख राज्य और जिले के हिसाब से अलग हो सकती है। इसलिए ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से पुष्टि करें।
घर बनाने के लिए पैसा कैसे मिलता है
सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन के बाद आपका नाम परमानेंट वेट लिस्ट में आता है। रजिस्ट्रेशन और बैंक खाता वैलिडेट होने के बाद आवाससॉफ्ट में सैंक्शन ऑर्डर बनता है।
किस्तें कैसे मिलती हैं
पैसा सीधे आपके आधार से लिंक्ड बैंक खाते में DBT के ज़रिए आता है। सहायता कम से कम 3 किस्तों में मिलती है:
- पहली किस्त: सैंक्शन ऑर्डर के साथ
- बाकी किस्तें: निर्माण के चरण के हिसाब से (जैसे प्लिंथ, लिंटल/छत, और घर पूरा होने पर)
किस चरण पर कितनी राशि मिलेगी, यह राज्य के हिसाब से अलग होती है। इसलिए अपने ब्लॉक ऑफिस से अपने राज्य का किस्त पैटर्न पूछ लें। हर चरण पर घर की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड होती है, और सत्यापन के बाद ही अगली किस्त जाती है।
घर के नियम
- घर का न्यूनतम आकार 25 वर्ग मीटर होता है, जिसमें रसोई के लिए अलग जगह शामिल है।
- घर सैंक्शन के बाद 12 महीने के अंदर पूरा करना होता है।
- घर बनाने के लिए मनरेगा के तहत 90/95 दिन की मज़दूरी मिलती है।
- शौचालय के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत ₹12,000 अलग से मिलते हैं।
लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे चेक करें
रजिस्ट्रेशन नंबर से
- pmayg.dord.gov.in खोलें।
- Stakeholders मेन्यू में IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा डालें।
- सबमिट करें। आपको सैंक्शन और किस्त का स्टेटस दिख जाएगा।
बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के
- इसी सेक्शन में Advanced Search चुनें।
- राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- अपना नाम ढूँढें। सूची में रजिस्ट्रेशन नंबर भी लिखा होता है, उसे नोट कर लें।
पूरे गाँव की सूची देखना या डाउनलोड करना
- पोर्टल पर आवाससॉफ्ट में Reports खोलें।
- Social Audit Reports में Beneficiary details for verification चुनें।
- वर्ष, योजना, राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
- कैप्चा भरकर सबमिट करें। सूची को प्रिंट या PDF/Excel में सेव कर सकते हैं।
इंटरनेट न हो तो
ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर PMAY-G की लाभार्थी सूची लगी होती है। नाम न मिले तो GP सचिव से लिखित में पूछें या BDO ऑफिस में RTI डालें।
पैसे या नाम को लेकर आम समस्याएँ और उनके हल
नाम सूची में नहीं है
- पहले जाँचें कि आप बहिष्करण मानदंड में तो नहीं आते।
- SECC 2011 या आवास+ सर्वे में नाम ढूँढें।
- ग्राम पंचायत में लिखित शिकायत दें और रसीद लें।
- जवाब न मिले तो BDO को और फिर जिला स्तर पर शिकायत करें।
- ज़रूरत पड़े तो RTI में पूछें कि नाम क्यों नहीं आया।
किस्त नहीं आई
- बैंक पासबुक में DBT एंट्री चेक करें।
- बैंक जाकर आधार-NPCI मैपिंग करवाएँ। मैपिंग न हो तो DBT का पैसा वापस जा सकता है।
- ब्लॉक ऑफिस या DRDA से FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) की जानकारी माँगें। FTO से पता चलता है कि पैसा भेजा गया या नहीं।
- फिर भी हल न निकले तो RTI के ज़रिए FTO नंबर, तारीख और UTR माँगें।
घर पूरा हो गया लेकिन आखिरी किस्त नहीं आई
- हो सकता है कम्प्लीशन फोटो वेरिफाई न हुई हो। आवास मित्र या ब्लॉक ऑफिस से दोबारा अपलोड करवाएँ।
- जाँचें कि जियो-टैग फोटो की लोकेशन गलत तो नहीं।
- ब्लॉक ऑफिस से फाइनल इंस्पेक्शन करवाएँ।
ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही
- BDO को लिखित शिकायत दें।
- जिला कलेक्टर को शिकायत दें।
- pgportal.gov.in (CPGRAMS) पर ऑनलाइन शिकायत करें।
- हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें।
- RTI फाइल करें।
ग्राम सभा में नाम कट गया
ग्राम पंचायत या जनपद/जिला पंचायत ऑफिस में लिखित आपत्ति दें, अपनी पात्रता के कागज़ लगाएँ और रसीद ज़रूर लें। आपत्ति की आखिरी तारीख पर ध्यान रखें।
धोखाधड़ी से कैसे बचें
PMAY-G में नाम डलवाने के लिए किसी को पैसे देने की ज़रूरत नहीं होती। कोई एजेंट पैसे माँगे तो समझ लें कि यह धोखा है।
- “₹5,000 दो, सूची में नाम डाल दूँगा”: यह फ्रॉड है।
- “PMAY-G का ऑनलाइन फॉर्म भरवा दूँगा”: PMAY-G में सीधे ऑनलाइन आवेदन नहीं होता।
- फर्जी दस्तावेज़ों से सूची में नाम डालना गंभीर अपराध है, और गलत लाभार्थी मिलने पर कार्रवाई होती है।
अपना स्टेटस खुद आधिकारिक पोर्टल पर चेक करें, ग्राम पंचायत की सूची देखें, और किसी को पैसे न दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या PMAY-G में सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। पहले आवास+ सर्वे या SECC सूची में नाम आना ज़रूरी है, फिर ग्राम सभा सत्यापन होता है।
PMAY-G का आधिकारिक पोर्टल कौन सा है?
pmayg.dord.gov.in। पुराने पते अब काम नहीं करते या कहीं और भेज सकते हैं।
बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के स्टेटस कैसे चेक करें?
पोर्टल पर Advanced Search में राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर अपना नाम ढूँढें।
कितना पैसा मिलता है?
मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और IAP जिलों में ₹1.30 लाख। इसके अलावा मनरेगा की मज़दूरी और शौचालय के लिए ₹12,000 मिलते हैं।
क्या पक्का घर वाले को PMAY-G मिल सकता है?
नहीं। पक्की दीवार और पक्की छत वाले घर वाले परिवार एक्सक्लूड होते हैं।
क्या सरकारी नौकरी वाले परिवार पात्र हैं?
नहीं। परिवार में सरकारी कर्मचारी होने पर पूरा परिवार एक्सक्लूड हो जाता है।
आय की सीमा कितनी है?
परिवार के किसी सदस्य की ₹15,000 प्रति माह से ज़्यादा कमाई होने पर परिवार एक्सक्लूड होता है।
क्या बाइक या फ्रिज होने से घर नहीं मिलेगा?
अब ऐसा नहीं है। मोटरचालित दोपहिया और रेफ्रिजरेटर अब बहिष्करण सूची में नहीं हैं।
FTO नंबर क्या होता है?
FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) वह रेफरेंस नंबर है जिससे पता चलता है कि सरकार ने आपके खाते में पेमेंट भेजा या नहीं। पैसा न आए तो इससे ट्रेस करते हैं।
किस्त नहीं मिली तो कहाँ शिकायत करें?
पहले बैंक और FTO चेक करें। फिर BDO, जिला कलेक्टर, pgportal.gov.in या हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर शिकायत करें
आखिरी बात
PMAY-G का फायदा उन्हीं को मिलता है जिनका नाम सही सूची में है और जिन्होंने सही प्रक्रिया फॉलो की है। आज ही pmayg.dord.gov.in पर अपना स्टेटस चेक करें, ज़रूरी दस्तावेज़ तैयार रखें, और किसी भी दिक्कत में ग्राम पंचायत, BDO या हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 से संपर्क करें
अपडेट: अगर पुराना pmayg.nic.in पता नहीं खुल रहा है, तो नई आधिकारिक वेबसाइट के बारे में हमारी गाइड पढ़ें: PMAY-G नई आधिकारिक वेबसाइट pmayg.dord.gov.in: पुराना pmayg.nic.in क्यों नहीं खुल रहा? (2026)
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