PMAY-G 2026: पात्रता, सर्वेक्षण, लाभार्थी सूची और किस्त की पूरी जानकारी

अक्टूबर 10, 2026
Written By Ali Akbar

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) एक केंद्रीय सरकारी योजना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के बेघर और कच्चे घर में रहने वाले परिवारों को पक्का घर देना है। इस योजना को ग्रामीण विकास मंत्रालय लागू करता है। इस गाइड में आपको पात्रता, सर्वे प्रक्रिया, ज़रूरी दस्तावेज़, किस्तें, लाभार्थी सूची जांचने का तरीका और धोखाधड़ी से बचने की जानकारी सरल भाषा में मिलेगी।

IAY से PMAY-G तक का सफर

PMAY-G की शुरुआत 1 अप्रैल 2016 से हुई। इससे पहले ग्रामीण क्षेत्रों में यही काम इंदिरा आवास योजना (IAY) के तहत होता था, जिसे नए रूप में PMAY-G के नाम से शुरू किया गया। योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन चलती है।

PMAY-G एक नज़र में

विषय विवरण
योजना का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G)
शुरुआत 1 अप्रैल 2016 (IAY की जगह)
मंत्रालय ग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in
सहायता राशि (मैदानी क्षेत्र) ₹1.20 लाख
सहायता राशि (पहाड़ी/IAP ज़िले) ₹1.30 लाख
मनरेगा मज़दूरी 90/95 दिन (अलग से)
शौचालय सहायता ₹12,000 (SBM-G)
घर का न्यूनतम आकार 25 वर्ग मीटर (रसोई सहित)
लक्ष्य 2024-25 से 2028-29 तक 2 करोड़ अतिरिक्त घर
योजना की अवधि मार्च 2029 तक बढ़ाई गई

PMAY-G में नए बदलाव

पिछले कुछ समय में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पात्रता के कुछ नियम आसान किए हैं:

  • परिवार की मासिक आय सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है
  • रेफ्रिजरेटर और लैंडलाइन फ़ोन रखने से अब परिवार अयोग्य नहीं होता
  • मोटरचालित दोपहिया वाहन रखने वाले परिवारों के लिए भी नियम आसान किए गए हैं

किसी भी बदलाव की अंतिम पुष्टि के लिए अपनी ग्राम पंचायत से पूछें या pmayg.dord.gov.in पर नवीनतम दिशानिर्देश ज़रूर देखें।

PMAY-G के लिए पात्रता

PMAY-G में लाभार्थी का चयन SECC 2011 (सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना) के डेटा और आवास प्लस सर्वे के आधार पर होता है, सिर्फ़ BPL सूची से नहीं।

कौन पात्र है

  • जिनके पास अपना घर नहीं है (बेघर परिवार)
  • शून्य, एक या दो कमरे के कच्चे घर में रहने वाले परिवार
  • जिनके घर में 16 से 59 साल का कोई वयस्क सदस्य नहीं है
  • जिन परिवारों की मुखिया महिला है और कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है
  • जिनके घर में दिव्यांग सदस्य है और कोई सक्षम वयस्क नहीं है
  • SC/ST परिवार (योजना के कम से कम 60% फ़ंड SC/ST के लिए रखे जाते हैं)
  • अल्पसंख्यक परिवार
  • भूमिहीन परिवार जिनकी आय का मुख्य स्रोत मज़दूरी है

जितने ज़्यादा अभाव (डिप्रिवेशन) मानदंड आपके परिवार पर लागू होते हैं, उतनी ही ज़्यादा प्राथमिकता मिलती है।

कौन पात्र नहीं है

  • जिनके पास पहले से पक्का घर है
  • सरकारी नौकरी वाले या आयकर देने वाले परिवार
  • जिनके पास मोटरचालित तीन/चार पहिया वाहन या मशीनी खेती के उपकरण हैं
  • जिन्होंने पहले किसी और आवास योजना का लाभ लिया है
  • जिनके घर के सबसे ज़्यादा कमाने वाले सदस्य की आय ₹15,000 महीने से ज़्यादा है

ज़रूरी दस्तावेज़

दस्तावेज़ किसलिए चाहिए
आधार कार्ड पहचान और बैंक खाते से लिंकिंग के लिए
बैंक पासबुक किस्त सीधे बैंक में आती है, इसलिए आधार-लिंक्ड खाता ज़रूरी है
मनरेगा जॉब कार्ड मज़दूरी के दिन जोड़ने के लिए
जाति प्रमाण पत्र SC/ST प्राथमिकता के लिए
आय प्रमाण पत्र आय सीमा सत्यापित करने के लिए
पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो सर्वे रिकॉर्ड के लिए

ज़रूरी टिप: बैंक खाते में आधार सीडिंग (NPCI मैपर) ज़रूर करवा लें। इसके बिना DBT से भुगतान नहीं आएगा और किस्त अटक सकती है।

आवास प्लस सर्वे और पंजीकरण कैसे होता है

PMAY-G में आम आवेदन फ़ॉर्म भरकर सीधे घर नहीं मिलता। नाम आवास प्लस सर्वे के ज़रिए सूची में आता है। “PMAY-G online form” सर्च करने पर जो अलग वेबसाइटें मिलती हैं, उनसे सावधान रहें। इसे करने के दो तरीके हैं।

ग्राम पंचायत के ज़रिए

  • अपनी ग्राम पंचायत या पंचायत सचिव से मिलें
  • पता करें कि आवास प्लस सर्वे सूची में आपका नाम है या नहीं
  • नाम न हो तो सर्वे फ़ॉर्म भरवाएं
  • ग्राम सभा से सत्यापन होने का इंतज़ार करें
  • मंज़ूरी के बाद नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) में आता है

आवासऐप से स्व-सर्वे

  • Google Play Store से AwaasPlus 2024 और AadhaarFaceRD ऐप डाउनलोड करें (सिर्फ़ यही आधिकारिक ऐप हैं)
  • आधार नंबर और OTP से रजिस्टर करें
  • AadhaarFaceRD ऐप से फ़ेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें
  • नाम, पता और परिवार के सदस्यों की जानकारी भरें
  • बैंक खाते की जानकारी और MGNREGA जॉब कार्ड नंबर (अगर हो) डालें
  • पुराने घर और प्रस्तावित निर्माण स्थल की फ़ोटो अपलोड करें
  • फ़ॉर्म जमा करें — “Survey Completed Successfully” मैसेज आने पर प्रक्रिया पूरी

फ़ेस ऑथेंटिकेशन फ़ेल होने पर क्या करें

  • कम रोशनी: दिन की अच्छी रोशनी में दोबारा कोशिश करें
  • पुराने फ़ोन का कैमरा कमज़ोर हो तो दूसरे फ़ोन से कोशिश करें
  • कमज़ोर इंटरनेट: बेहतर नेटवर्क वाली जगह पर दोबारा प्रयास करें
  • बार-बार फ़ेल हो तो पंचायत सचिव से मिलकर असिस्टेड सर्वे के लिए नाम लिखवाएं

सर्वे के बाद क्या होता है

सर्वे के बाद AwaasSoft सिस्टम में प्राथमिकता सूची बनती है, फिर ग्राम सभा में सत्यापन होता है। अंतिम सूची मंज़ूर होने के बाद स्वीकृति आदेश (सैंक्शन ऑर्डर) जारी होता है और पहली किस्त मिलती है।

घर कैसे बनता है और पैसा कैसे मिलता है

PMAY-G में घर लाभार्थी खुद बनाता है, सरकार सिर्फ़ आर्थिक मदद देती है। पैसा नकद में नहीं, सीधे बैंक खाते में किस्तों में आता है। किस्तें निर्माण के चरणों से जुड़ी होती हैं:

  • पहली किस्त: स्वीकृति पत्र मिलने के बाद निर्माण शुरू करने के लिए
  • दूसरी किस्त: लिंटेल/प्लिंथ स्तर तक काम पूरा होने पर
  • अंतिम किस्त: घर पूरा होने और जियो-टैग फ़ोटो अपलोड होने के बाद

हर चरण के बाद उस चरण की जियो-टैग्ड फ़ोटो अपलोड करनी पड़ती है, तभी अगली किस्त जारी होती है। फ़ोटो साफ़ होनी चाहिए, उसी चरण की हो और नई ली गई हो — पुरानी फ़ोटो दोबारा अपलोड न करें। किस्तों का सटीक विभाजन राज्य के हिसाब से अलग हो सकता है, इसलिए अपने ब्लॉक कार्यालय से पुष्टि कर लें।

घर के साथ इन योजनाओं का भी लाभ मिलता है:

  • मनरेगा के तहत 90/95 दिन की अकुशल मज़दूरी
  • स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से शौचालय के लिए ₹12,000
  • जल जीवन मिशन से नल का पानी कनेक्शन
  • उज्ज्वला योजना से LPG कनेक्शन
  • ज़रूरत पड़ने पर कम ब्याज दर पर ₹70,000 तक का लोन (ब्याज दर और शर्तें बैंक के हिसाब से अलग हो सकती हैं)

लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे चेक करें

PMAY-G में तीन तरह की सूचियां होती हैं:

सूची क्या होती है
स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) सभी पात्र परिवारों की सूची — नाम है लेकिन अभी स्वीकृति या पैसा नहीं मिला
वार्षिक चयन सूची उस साल जिन्हें घर मिलना है
स्वीकृत लाभार्थी जिनका सैंक्शन ऑर्डर जारी हो चुका है — किस्तें जारी होंगी

pmayg.dord.gov.in पर स्टेटस चेक करने के चरण

  • pmayg.dord.gov.in खोलें
  • “Stakeholders” में “IAY/PMAYG Beneficiary” पर क्लिक करें
  • “Advanced Search” चुनें
  • राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें
  • पंजीकरण संख्या या आवास+ ID से खोजें और स्वीकृति व किस्त का रिकॉर्ड देखें

पंजीकरण संख्या न हो तो पोर्टल पर पंचायत-वार स्थायी प्रतीक्षा सूची खोलें — पूरे गांव की सूची दिखेगी, जिसे डाउनलोड भी किया जा सकता है।

सरकारी शब्द आसान भाषा में

शब्द मतलब
डिप्रिवेशन क्राइटेरिया घर की हालत के आधार पर मिलने वाली प्राथमिकता
PWL (परमानेंट वेट लिस्ट) वह सूची जिसमें नाम है लेकिन अभी स्वीकृति या पैसा नहीं मिला
जियो-टैगिंग फ़ोटो के साथ लोकेशन का रिकॉर्ड, सबूत के लिए
DBT डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र — पैसा सीधे बैंक खाते में
FTO फ़ंड ट्रांसफ़र ऑर्डर — पैसा भेजने का सरकारी आदेश
NPCI मैपर/सीडिंग आधार का बैंक खाते से लिंक होना, DBT के लिए ज़रूरी

धोखाधड़ी से सावधान रहें

PMAY-G में पैसा देकर नाम सूची में नहीं आता। अगर कोई कहता है कि “पैसे दो, नाम डाल दूंगा”, “ऑनलाइन फ़ॉर्म भरवा दूंगा, बस फ़ीस दो” या “इस ऐप से आवेदन करो” (फ़र्ज़ी ऐप/वेबसाइट), तो यह धोखाधड़ी है। लाभार्थी का चयन सिर्फ़ सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन से होता है।

  • किसी भी एजेंट या व्यक्ति को पैसा न दें
  • सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल (pmayg.dord.gov.in) और ग्राम पंचायत पर भरोसा करें
  • धोखाधड़ी की शिकायत pgportal.gov.in (CPGRAMS) पर करें

हेल्पलाइन और संपर्क

माध्यम विवरण
टोल-फ़्री हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111
वैकल्पिक हेल्पलाइन 1800-11-8111
ईमेल support-pmayg@gov.in
ऑनलाइन शिकायत pgportal.gov.in (CPGRAMS)

शिकायत दर्ज करने के बाद रेफ़रेंस नंबर ज़रूर संभालकर रखें।

आम समस्याएं और उनके हल

सर्वे के बाद भी नाम सूची में नहीं है

  • ग्राम पंचायत के रजिस्टर में अपना पंजीकरण नंबर चेक करवाएं
  • PWL में नाम है तो स्वीकृति का इंतज़ार करें; PWL में भी नहीं है तो आवास+ सर्वे से पंजीकरण करवाएं
  • BDO को लिखित शिकायत दें, ज़रूरत हो तो RTI फ़ाइल करें (फ़ीस ₹10, BPL के लिए निःशुल्क, जवाब 30 दिन में)

किस्त बहुत दिन से नहीं आई

  • जियो-टैग्ड फ़ोटो अपलोड नहीं हुई या अधूरी है — चेक करवाएं
  • आधार बैंक खाते से लिंक (सीडिंग/NPCI मैपर) नहीं है
  • ब्लॉक ऑफ़िस से FTO नंबर मांगें और आधार-बैंक लिंकिंग सत्यापित करवाएं
  • पहले बैंक पासबुक में क्रेडिट एंट्री चेक करें, फिर भी हल न हो तो RTI फ़ाइल करें

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही

  • BDO को लिखित शिकायत दें और रसीद लें
  • फिर भी सुनवाई न हो तो DRDA (ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण) तक मामला ले जाएं या CPGRAMS पर शिकायत दर्ज करें

जियो-टैग फ़ोटो रिजेक्ट हो गई

  • फ़ोटो धुंधली हो या लोकेशन मैच न करे तो रिजेक्ट होती है
  • आवास ऐप से दोबारा साफ़ फ़ोटो अपलोड करवाएं, ज़रूरत हो तो ब्लॉक स्तर पर निरीक्षण का अनुरोध करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PMAY-G में ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?

सीधा ऑनलाइन अप्लाई फ़ॉर्म नहीं होता। AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ़-सर्वे करें या ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे करवाएं।

PMAY-G में कितना पैसा मिलता है?

मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/IAP ज़िलों में ₹1.30 लाख। इसके अलावा मनरेगा की मज़दूरी (90/95 दिन) और शौचालय के लिए ₹12,000 मिलते हैं।

क्या पक्का घर वाले पात्र हैं?

नहीं। जिनके पास पहले से पक्का घर है, वे पात्र नहीं हैं।

क्या महिलाओं को प्राथमिकता मिलती है?

हां, PMAY-G में महिलाओं के नाम पर या संयुक्त स्वामित्व में घर देने को बढ़ावा दिया जाता है।

क्या SC/ST को प्राथमिकता मिलती है?

हां। SC/ST परिवारों के लिए कम से कम 60% लक्ष्य तय है।

क्या दोपहिया वाहन वाले अब पात्र हैं?

नियमों में आसानी की गई है, लेकिन अपनी स्थिति की पुष्टि ग्राम पंचायत या पोर्टल पर मौजूद नवीनतम दिशानिर्देशों से ज़रूर करवाएं।

पैसा बैंक खाते में नहीं आया तो क्या करें?

पहले पासबुक चेक करें, फिर आधार-बैंक सीडिंग सत्यापित करवाएं, ब्लॉक ऑफ़िस से FTO नंबर मांगें, और ज़रूरत हो तो RTI या CPGRAMS का सहारा लें। हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया?

सर्वे में नाम होना काफ़ी नहीं है। स्थायी प्रतीक्षा सूची में रैंक और सैंक्शन ऑर्डर मिलना ज़रूरी है। “Sanctioned” दिखे लेकिन पैसा न आए तो आधार-बैंक लिंकिंग और जियो-टैग फ़ोटो की जांच करवाएं।

आवास+ 2024 ऐप कैसे डाउनलोड करें?

Google Play Store पर “AwaasPlus” खोजकर आधिकारिक ऐप इंस्टॉल करें। सिर्फ़ AwaasPlus 2024 और AadhaarFaceRD ही आधिकारिक ऐप हैं।

निष्कर्ष

PMAY-G 2026 में भी चालू है और पात्रता के नियम पहले से आसान हुए हैं। सबसे पहले ग्राम पंचायत में आवास प्लस सर्वे में अपना नाम चेक करवाएं, आधार को बैंक खाते से लिंक रखें, और अपना स्टेटस pmayg.dord.gov.in पर देखते रहें। किसी को पैसा न दें, और कोई भी दिक्कत आए तो हेल्पलाइन, CPGRAMS या RTI का इस्तेमाल करें।

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