PMAY-G पात्रता, दस्तावेज़ और लाभ

सितम्बर 24, 2026
Written By Ali Akbar

PMAY-G Eligibility बरसात में छत टपकती हो या सर्दी में कच्चा घर ठंड न रोक पाए, तो पक्का घर सबसे बड़ी ज़रूरत बन जाता है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) इसी ज़रूरत के लिए है। यह योजना गांव के बेघर और कच्चे घर में रहने वाले परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए सरकारी मदद देती है।

सबसे ज़रूरी बात: PMAY-G में सीधे “Apply Now” फॉर्म नहीं होता। सर्वे और वेरिफिकेशन के बाद नाम सूची में आता है, और उसी सूची से घर स्वीकृत (सैंक्शन) होते हैं

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PMAY-ग्रामीण क्या है?

यह योजना 1 अप्रैल 2016 से चल रही है। इसने इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह ली। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है।

इस योजना के तहत घर कम से कम 25 वर्ग मीटर का होता है, जिसमें खाना पकाने की अलग जगह भी शामिल है। घर के साथ शौचालय की मदद भी मिलती है।

पात्रता पक्की होने के बाद, 25 वर्ग मीटर में घर का सही लेआउट समझने के लिए यह गाइड देखें: PMAY-G 25 sqm घर का नक्शा

योजना एक नज़र में

विवरणजानकारी
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G)
शुरुआत1 अप्रैल 2016
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
मदद की रकम₹1.20 लाख (मैदानी इलाके), ₹1.30 लाख (पहाड़ी, पूर्वोत्तर और मुश्किल इलाके)
चयन का आधारSECC 2011 और आवास+ सर्वे
भुगतानDBT, आधार से जुड़े बैंक खाते में
नया लक्ष्यवित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक 2 करोड़ अतिरिक्त घर

नया चरण (2024–2029)

केंद्रीय कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक योजना जारी रखने का फैसला किया। इस दौरान 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य है। अब तक के घर मिलाकर कुल लक्ष्य लगभग 4.95 करोड़ घर है। इस चरण का कुल खर्च ₹3,06,137 करोड़ तय हुआ है।

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 26 मार्च 2026 तक 4.15 करोड़ घर आवंटित हुए, 3.90 करोड़ स्वीकृत हुए और 2.99 करोड़ घर पूरे हो चुके हैं।

कौन पात्र (Eligible) है?

PMAY-G का फायदा उन परिवारों के लिए है जिनके पास पक्का घर नहीं है। नाम SECC 2011 या आवास+ सर्वे के डेटा में होना ज़रूरी है, और ग्राम सभा से वेरिफिकेशन भी।

संयुक्त परिवार में PMAY-G के लिये कौन आवेदन कर सकता है, इसके नियम यहाँ पढ़ें।

पात्र परिवार

  • जिनके पास कोई घर नहीं है (बेघर परिवार)
  • जो कच्चे या जीर्ण-शीर्ण (जर्जर) घर में रहते हैं
  • जिनका नाम SECC 2011 या आवास+ सर्वे में वेरिफाइड है

प्राथमिकता वाले परिवार

  • SC/ST परिवार
  • अल्पसंख्यक परिवार
  • विधवाएं
  • दिव्यांग सदस्य वाले परिवार
  • मुक्त किए गए बंधुआ मज़दूर
  • शहीद सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के परिवार

कौन पात्र नहीं है?

अगर आपके परिवार में इनमें से कोई बात लागू होती है, तो आप आम तौर पर पात्र नहीं होंगे:

  • भारत में कहीं भी पक्के घर का मालिक
  • मोटर वाली तीन या चार पहिया गाड़ी का मालिक
  • मशीनीकृत खेती के उपकरण (जैसे ट्रैक्टर) का मालिक
  • ₹50,000 या उससे ज़्यादा लिमिट वाला किसान क्रेडिट कार्ड
  • परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में
  • इनकम टैक्स देने वाला सदस्य
  • परिवार की महीने की आमदनी ₹15,000 से ज़्यादा

2024 के बाद क्या बदला?

अगस्त 2024 के कैबिनेट संशोधन के बाद बहिष्करण (exclusion) के नियम थोड़े नरम हुए हैं:

  • महीने की आमदनी की सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई
  • मोटर वाली दोपहिया गाड़ी रखना अब बहिष्करण का कारण नहीं
  • रेफ्रिजरेटर रखना भी अब बहिष्करण का कारण नहीं
  • ₹50,000 से कम लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड होने पर भी आप पात्र रह सकते हैं

इसलिए अगर पहले आपको दोपहिया गाड़ी या फ्रिज की वजह से रिजेक्ट किया गया था, तो नए नियम के हिसाब से दोबारा सर्वे करवाना फायदेमंद हो सकता है।

ज़रूरी दस्तावेज़

सर्वे या वेरिफिकेशन के वक्त ये दस्तावेज़ साथ रखें:

  • आधार कार्ड: परिवार के सभी सदस्यों का
  • बैंक पासबुक: DBT पेमेंट के लिए, आधार से लिंक्ड खाता
  • मनरेगा जॉब कार्ड: मज़दूरी के लाभ से जोड़ने के लिए
  • राशन कार्ड: परिवार की पहचान के लिए
  • जाति प्रमाण पत्र: SC/ST/OBC प्राथमिकता के लिए, जहां लागू हो

कई राज्यों में अलग से ज़मीन या घर के कागज़ भी मांगे जा सकते हैं। सही सूची ग्राम पंचायत या BDO ऑफिस से पूछ लें।

यह भी देखें: PMAY-G ज़मीन विवाद

यह भी देखें: PMAY-G किस्त पाने के लिए PMAY-G DBT के लिए बैंक खाता तैयार करें — सही खाता, Aadhaar seeding और NPCI mapping की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

राज्य की अपनी आवास योजना भी अलग हो सकती है, इसलिए PMAY-G vs Mukhyamantri Awas Yojana का फर्क और पात्रता पहले समझ लें।

आवास+ सर्वे कैसे करें?

पहले प्रतीक्षा सूची (वेट लिस्ट) SECC 2011 के डेटा से बनी थी। जो परिवार उस सूची से छूट गए या जिनकी हालत अब खराब हो गई, उनके लिए आवास+ 2024 सर्वे चलाया गया।

सर्वे की आखिरी तारीख राज्य के हिसाब से बदलती रहती है, इसलिए अपनी ग्राम पंचायत या BDO ऑफिस से ताज़ा तारीख ज़रूर पूछ लें।

आवास+ 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे

यह ऐप सिर्फ़ Android पर उपलब्ध है।

  1. Google Play Store से AwaasPlus 2024 ऐप डाउनलोड करें
  2. मोबाइल नंबर से OTP वेरिफाई करें
  3. आधार नंबर डालें और e-KYC पूरी करें
  4. राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें
  5. परिवार की जानकारी भरें
  6. आधार फेस ऑथेंटिकेशन करें
  7. घर की जियो-टैग्ड फोटो खींचें
  8. सबमिट करें और रेफरेंस नंबर संभालकर रखें

अगर ऐप काम न करे

  • ऐप को ऑफलाइन मोड में भी भरा जा सकता है, बाद में इंटरनेट आने पर सिंक कर लें
  • फेस ऑथेंटिकेशन के लिए अच्छी रोशनी में, सीधे कैमरे की तरफ देखें
  • किसी और के स्मार्टफोन से कोशिश करें
  • फिर भी न हो तो ग्राम पंचायत या BDO ऑफिस जाकर असिस्टेड सर्वे करवाएं। वहां सर्वेयर आपकी जानकारी भरेगा

सेल्फ-सर्वे और असिस्टेड सर्वे, दोनों का नतीजा एक ही होता है।

सर्वे के बाद क्या होता है?

  1. ग्राम सभा वेरिफिकेशन: यहां तय होता है कि आपका नाम सूची में जाएगा या नहीं
  2. ब्लॉक और ज़िला स्तर की जांच: दस्तावेज़ चेक होते हैं
  3. परमानेंट वेट लिस्ट (PWL): वेरिफाई होने के बाद नाम इस सूची में आता है
  4. सैंक्शन: लक्ष्य के हिसाब से घर मंज़ूर होता है

याद रखें, सर्वे सबमिट करने का मतलब घर मिल जाना नहीं है। वेरिफिकेशन और सैंक्शन बाकी रहते हैं।

पैसा कितना और कैसे मिलेगा?

घर बनाने की मदद सीधे आपके बैंक खाते में DBT से आती है। बीच में किसी एजेंट की ज़रूरत नहीं है।

यूनिट असिस्टेंस

  • मैदानी इलाके: ₹1.20 लाख
  • पहाड़ी, पूर्वोत्तर और मुश्किल इलाके: ₹1.30 लाख

किस्तों का तरीका

पैसा कम से कम तीन किस्तों में आता है। किस्तें घर के निर्माण के स्टेज से जुड़ी होती हैं, जैसे सैंक्शन, नींव, प्लिंथ, लिंटल और छत।

हर किस्त की सही रकम राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है, इसलिए अपने ब्लॉक से पूछ लें कि आपके राज्य में कौन-सी किस्त कितनी है। हर स्टेज पर जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करनी होती है। घर सैंक्शन होने के 12 महीने के अंदर पूरा करना होता है।

अतिरिक्त मदद (कन्वर्जेंस)

घर की रकम के अलावा और भी मदद मिलती है:

  • स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण: शौचालय के लिए ₹12,000
  • मनरेगा: घर बनाने के लिए 90 से 95 दिन की अकुशल मज़दूरी
  • लोन: ज़रूरत पड़ने पर ₹70,000 तक का संस्थागत लोन

लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे चेक करें?

नाम से सूची देखना

  1. PMAY-G के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं (pmayg.dord.gov.in; पुराना पता pmayg.dord.gov.in अब काम नहीं करता)
  2. AwaasSoft > Reports > Social Audit Reports खोलें
  3. Beneficiary Details for Verification चुनें
  4. राज्य, ज़िला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत और साल चुनें
  5. कैप्चा डालकर सबमिट करें

रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस देखना

  1. पोर्टल पर Stakeholders सेक्शन खोलें
  2. IAY/PMAYG Beneficiary चुनें
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर सबमिट करें

सिर्फ़ सेल्फ-सर्वे करने पर रिकॉर्ड कुछ समय तक “under verification” दिख सकता है, जब तक ग्राम सभा सूची को मंज़ूरी नहीं देती।

पैसा नहीं आया तो FTO चेक करें

FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) से पता चलता है कि सरकार ने पैसा कब और किस खाते में भेजा। AwaasSoft में FTO Tracking में रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर तारीख, रकम और बैंक खाता देखें।

अगर FTO निकल चुका है मगर पैसा नहीं आया, तो बैंक ब्रांच जाकर चेक करें कि खाता आधार से लिंक्ड और NPCI DBT-एनेबल्ड है या नहीं। अक्सर पेमेंट इसी वजह से अटकती है।

आम समस्याएं और उनका हल

नाम सूची में नहीं आया

  • पहले आवास+ ऐप में अपना रेफरेंस नंबर डालकर देखें कि सर्वे पूरा हुआ या नहीं
  • ग्राम पंचायत सचिव से वेरिफिकेशन का हाल पूछें
  • 15 दिन तक जवाब न मिले तो लिखित शिकायत दें और उसकी रसीद लें
  • BDO ऑफिस जाएं
  • ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) को पत्र लिखें
  • आखिरी उपाय के रूप में CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें

किस्त नहीं आई

  • FTO ट्रैकिंग से देखें कि पैसा रिलीज़ हुआ या नहीं
  • बैंक पासबुक में एंट्री चेक करें
  • बैंक मैनेजर से PMAY-G के पैसे के बारे में पूछें
  • support-pmayg@gov.in पर रजिस्ट्रेशन नंबर, बैंक खाता नंबर और मोबाइल नंबर के साथ ईमेल करें
  • हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें

पंचायत सहयोग नहीं कर रही

लिखित आवेदन दें और रसीद लें। 15 दिन बाद BDO ऑफिस जाएं और DRDA को शिकायत करें।

ज़रूरत पड़ने पर RTI डालकर अपने सर्वे की स्थिति, वेरिफिकेशन की तारीख और फाइल का पता मांग सकते हैं। हर शिकायत की कॉपी और रसीद संभालकर रखें।

फ्रॉड से सावधान रहें

PMAY-G का पूरा प्रोसेस मुफ़्त है। अगर कोई एजेंट या दलाल सर्वे या घर दिलवाने के नाम पर पैसा मांगे, तो न दें।

उसका नाम और मोबाइल नंबर नोट करके BDO ऑफिस, लोकायुक्त या CPGRAMS पर शिकायत करें। सिर्फ़ आधिकारिक आवास+ ऐप इस्तेमाल करें, क्योंकि नकली ऐप “PMAY रजिस्ट्रेशन” के नाम पर धोखा देते हैं।

हेल्पलाइन और संपर्क

संपर्कविवरण
हेल्पलाइन1800-11-6446 / 1800-11-8111
ईमेलsupport-pmayg@gov.in
शिकायत पोर्टलpgportal.gov.in (CPGRAMS)
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PMAY-G में अप्लाई कैसे करें?
सीधे अप्लाई नहीं होता। आवास+ 2024 सर्वे के ज़रिए नाम सूची में आता है। सेल्फ-सर्वे ऐप से या ग्राम पंचायत/BDO ऑफिस से असिस्टेड सर्वे करवा सकते हैं।

कितना पैसा मिलता है?
मैदानी इलाके में ₹1.20 लाख और पहाड़ी, पूर्वोत्तर और मुश्किल इलाके में ₹1.30 लाख। इसके अलावा शौचालय के लिए ₹12,000 और मनरेगा की 90-95 दिन की मज़दूरी मिलती है।

क्या दोपहिया वाले परिवार पात्र हैं?
हां। अगस्त 2024 के संशोधन के बाद दोपहिया रखना अब बहिष्करण का कारण नहीं है। तीन या चार पहिया मोटर गाड़ी रखने वाले परिवार अब भी पात्र नहीं हैं।

क्या सरकारी नौकरी वाले परिवार पात्र हैं?
नहीं। अगर परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है तो परिवार बाहर (exclude) हो जाता है।

सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, अब क्या करें?
सर्वे में नाम आने का मतलब सैंक्शन नहीं है। पहले देखें कि नाम परमानेंट वेट लिस्ट में है और घर सैंक्शन हुआ है या नहीं। सैंक्शन हो चुका हो तो FTO ट्रैकिंग करें और बैंक खाते की आधार सीडिंग चेक करें।

पैसा नहीं आया तो शिकायत कहां करें?
support-pmayg@gov.in पर ईमेल करें, 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें, या pgportal.gov.in पर CPGRAMS शिकायत दर्ज करें

अब आपको क्या करना चाहिए?

  1. ग्राम पंचायत से पता करें कि आपका नाम सूची में है या नहीं
  2. अगर नहीं है, तो आवास+ 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे करें या BDO ऑफिस से असिस्टेड सर्वे करवाएं
  3. अपना रेफरेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर संभालकर रखें
  4. पोर्टल पर अपना स्टेटस समय-समय पर चेक करते रहें
  5. कोई दिक्कत आए तो हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें

अगर सर्वे में आपका नाम छूट गया है, तो सर्वे में छूटे परिवार दोबारा कैसे जुड़ें।

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