पीएमएवाई-ग्रामीण (प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण) में 2026-27 के लिए नया टारगेट आया है। लेकिन इस योजना में सीधे “अप्लाई” करने का कोई बटन नहीं है। नाम आवास प्लस सर्वे के ज़रिए जुड़ता है, और पैसा एक साथ नहीं, बल्कि किस्तों में आता है। इस गाइड में पात्रता, दस्तावेज़, लिस्ट चेक करने का तरीका, किस्त की समस्याएँ और फ्रॉड से बचने की पूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है।
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पीएमएवाई-ग्रामीण एक नज़र में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| शुरुआत | 1 अप्रैल 2016 (इंदिरा आवास योजना की जगह) |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| मदद (मैदानी क्षेत्र) | ₹1.20 लाख प्रति घर |
| मदद (पहाड़ी/मुश्किल इलाके) | ₹1.30 लाख प्रति घर |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.nic.in |
| टारगेट (2024-29) | 2 करोड़ नए घर |
2026-27 का नया अपडेट
मई 2026 में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2026-27 की पहली किस्त के तौर पर ₹10,021.42 करोड़ की “मदर सैंक्शन” 12 राज्यों को जारी की। ये राज्य हैं: असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश। राज्यों को 2024-25 और 2025-26 की लंबित मंज़ूरियाँ 30 जून 2026 तक पूरी करने का निर्देश भी दिया गया।
मदर सैंक्शन का मतलब
मदर सैंक्शन एक अम्ब्रेला अप्रूवल है। पैसा राज्य के पास पहुँचता है, आपके खाते में नहीं। राज्य पहले अपनी प्राथमिकता सूची फाइनल करता है, फिर हर लाभार्थी को सैंक्शन ऑर्डर मिलता है और उसके बाद किस्त आती है। इसलिए “पैसा आ गया” वाली खबर सिर्फ आधी सच होती है।
अगर आपका राज्य लिस्ट में नहीं है
इसका मतलब यह नहीं कि योजना बंद है। आपके राज्य का आवंटन अगले राउंड में आ सकता है। राज्य ग्रामीण विकास विभाग की वेबसाइट या pmayg.nic.in पर प्रगति देखते रहें।
कौन पात्र है और कौन नहीं
पात्र परिवार
- जिनके पास अपना घर नहीं है (बेघर)
- कच्चे घर वाले, जिनके घर में एक या दो कमरे हैं
- SC/ST परिवार
- विधवा और महिला-प्रधान परिवार
- ऐसे परिवार जिनमें कोई दिव्यांग सदस्य है
- भूमिहीन परिवार जो मज़दूरी पर निर्भर हैं
प्राथमिकता कैसे तय होती है
प्राथमिकता SECC 2011 (सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना) के अभाव मापदंडों और आवास प्लस सर्वे के डेटा से तय होती है। जितनी ज़्यादा कमियाँ आपके परिवार में मिलेंगी, प्राथमिकता उतनी ज़्यादा होगी। ये कमियाँ हैं:
- सिर्फ एक कमरे का कच्चा घर
- परिवार में 16-59 साल का कोई वयस्क नहीं
- महिला-प्रधान परिवार जिसमें कोई वयस्क पुरुष नहीं
- दिव्यांग सदस्य हो और कोई सक्षम वयस्क न हो
- SC/ST परिवार
- 25 साल से ऊपर कोई पढ़ा-लिखा वयस्क नहीं
- भूमिहीन परिवार जो casual मैनुअल मज़दूरी से कमाता है
कौन पात्र नहीं है
- जिनके पास पहले से पक्का घर है
- सरकारी नौकरी वाले परिवार
- इनकम टैक्स देने वाले
- जो पहले पीएमएवाई-जी या इंदिरा आवास योजना का घर ले चुके हैं
अंतिम चयन ग्राम सभा सत्यापित करती है। आवास प्लस लिस्ट में नाम होना घर की गारंटी नहीं है। ग्राम सभा की मंज़ूरी के बाद ही सैंक्शन होता है।
ज़रूरी दस्तावेज़
ये दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें:
- आधार कार्ड (eKYC के लिए ज़रूरी)
- जॉब कार्ड (रोज़गार गारंटी)
- बैंक पासबुक, जो आधार से लिंक हो (NPCI मैपिंग ज़रूरी)
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST के लिए)
- ज़मीन के कागज़ात या घर की जगह की फोटो
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
ज़रूरी सलाह: बैंक खाते को आधार से पहले ही लिंक करवा लें। बहुत से लोगों की किस्त इसी वजह से रुकती है।
आवास प्लस सर्वे: नाम जुड़ने का असली तरीका
पीएमएवाई-जी में सीधे ऑनलाइन अप्लाई नहीं होता। जो भी कहता है “मैं ऑनलाइन अप्लाई करवा दूँगा”, वह झूठ बोल रहा है।
सर्वे कैसे होता है
ग्राम पंचायत के ज़रिए: GP का सर्वेयर घर आता है, आधार से eKYC करता है, जियोटैग्ड फोटो लेता है और विवरण आवास प्लस ऐप में भरता है।
खुद सर्वे (सेल्फ-सर्वे):
- गूगल प्ले स्टोर से आधिकारिक Awaas+ 2024 ऐप डाउनलोड करें।
- “Self-Survey” चुनें।
- आधार नंबर डालें और फेस ऑथेंटिकेशन (eKYC) करें।
- घर का विवरण भरें।
- मौजूदा घर और नए घर की जगह, दोनों की जियोटैग्ड फोटो लें।
- सबमिट करें और एप्लिकेशन नंबर सेव कर लें।
सर्वे की मौजूदा स्थिति
Awaas+ 2024 सर्वे की मुख्य विंडो बंद हो चुकी है और अब प्राथमिकता सूचियाँ बन रही हैं। अगर आपका सर्वे नहीं हुआ है, तो ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से पूछें कि अगला सर्वे कब होगा। झूठ बोलकर सर्वे करवाना वेरिफिकेशन में पकड़ा जाता है।
पैसा कैसे मिलता है
प्रक्रिया के चरण
- सर्वे का डेटा AwaasSoft में जाता है।
- अभाव स्कोर के हिसाब से प्राथमिकता सूची बनती है।
- ग्राम सभा पात्र और अपात्र परिवारों को सत्यापित करती है।
- अपीलीय समिति (Appellate Committee) अंतिम सूची मंज़ूर करती है। नाम कटने पर अपील यहीं होती है।
- सैंक्शन ऑर्डर मिलता है।
- किस्त सीधे बैंक खाते में (DBT) आती है।
किस्तें
पैसा कई किस्तों में आता है, आमतौर पर नींव (foundation), लिंटल लेवल और छत पूरी होने पर। हर किस्त के लिए जियोटैग्ड निरीक्षण ज़रूरी है, यानी घर की फोटो लोकेशन के साथ अपलोड होती है। इसके बिना पैसा नहीं आता।
पूरा पैकेज कितना बनता है
| मदद | राशि (लगभग) |
|---|---|
| पीएमएवाई-जी की मदद (मैदानी क्षेत्र) | ₹1.20 लाख |
| 90-95 दिन की रोज़गार गारंटी मज़दूरी | ₹20,000-₹25,000 |
| शौचालय के लिए | ₹12,000 |
| राज्य टॉप-अप | राज्य के हिसाब से अलग |
सब मिलाकर राशि लगभग ₹1.70 लाख से ₹1.80 लाख तक पहुँच सकती है। मज़दूरी और शौचालय वाली मदद तभी मिलती है जब जॉब कार्ड और बैंक खाता सही तरह से तैयार हों।
लाभार्थी सूची में नाम कैसे देखें
तरीका 1: गाँव-वार लिस्ट से
- pmayg.nic.in खोलें।
- Awaassoft पर क्लिक करें।
- Reports में जाएँ, फिर Social Audit Reports चुनें।
- Beneficiary Details for Verification पर क्लिक करें।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- लिस्ट में अपना नाम ढूँढें।
तरीका 2: रजिस्ट्रेशन नंबर से
- pmayg.nic.in पर जाएँ।
- Stakeholders में जाकर IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर सबमिट करें।
- स्टेटस, किस्त और निर्माण की प्रगति दिख जाएगी।
रजिस्ट्रेशन नंबर खो जाए तो
Advanced Search में राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर अपना नाम सर्च करें। नाम के साथ रजिस्ट्रेशन नंबर भी दिख जाएगा। अगर नाम ही नहीं मिल रहा, तो GP सचिव से पूछें कि आपका सर्वे आवास प्लस लिस्ट में है या नहीं।
आम समस्याएँ और उनका हल
| आपकी स्थिति | पहला कदम | अगर बात न बने |
|---|---|---|
| सर्वे हुआ, नाम लिस्ट में नहीं | GP सचिव से पूछें कि जॉब कार्ड नंबर AwaasSoft में अपडेट है या नहीं | BDO ऑफिस में लिखित शिकायत |
| नाम लिस्ट में है, किस्त नहीं आई | बैंक में आधार-NPCI मैपिंग चेक करवाएँ | GP से FTO स्टेटस चेक करवाएँ, फिर हेल्पलाइन पर कॉल करें |
| ग्राम सभा ने नाम काट दिया | रिजेक्शन की वजह लिखित में माँगें | अपीलीय समिति में अपील (GP के through) |
| सर्वे ही नहीं हुआ | GP से अगली सर्वे विंडो पूछें | ब्लॉक ऑफिस या CSC सेंटर |
| कोई पैसा माँग रहा है | कुछ न दें | BDO और हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें |
नाम लिस्ट में नहीं आया
AwaasSoft पर प्राथमिकता सूची तभी बनती है जब ग्राम पंचायत के लाभार्थियों के जॉब कार्ड नंबर सिस्टम में सही से अपडेट हों। जॉब कार्ड नंबर गलत या गायब हो तो नाम लिस्ट में नहीं आता। GP सचिव से पूछें: “मेरा जॉब कार्ड नंबर AwaasSoft में अपडेट है क्या?” फिर भी हल न निकले तो ब्लॉक ऑफिस में लिखित शिकायत दें। आप RTI भी फाइल कर सकते हैं।
किस्त नहीं आई
सबसे आम वजह यह होती है कि बैंक खाता आधार से सीडेड नहीं होता या NPCI मैपिंग नहीं होती। बैंक जाकर यह ठीक करवाएँ। फिर GP या ब्लॉक से FTO स्टेटस चेक करवाएँ।
ग्राम सभा ने नाम काट दिया
GP से रिजेक्शन की वजह लिखित में माँगें। फिर अपीलीय समिति में अपील करें और सबूत लगाएँ, जैसे घर की जियोटैग्ड फोटो और कच्चे घर का प्रमाण।
ज़मीन का विवाद
घर की जगह लाभार्थी के अपने नाम पर होनी चाहिए। अगर ज़मीन पुश्तैनी है तो पहले बंटवारा (partition) करवाएँ, क्योंकि बिना ज़मीन के दस्तावेज़ के सैंक्शन नहीं होता।
ग्राम पंचायत सहयोग न करे
BDO (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) को लिखित शिकायत दें, हेल्पलाइन पर कॉल करें और pmayg.nic.in पर शिकायत दर्ज करें।
फ्रॉड से बचें
ये बातें कोई भी कहे, तो समझ लें कि वह झूठ है:
- “₹5,000-₹20,000 दो, नाम लिस्ट में डाल दूँगा”
- “मैं ऑनलाइन अप्लाई करवा दूँगा”
- “मेरा ऐप डाउनलोड करो, वहाँ रजिस्ट्रेशन होगा”
सर्वे मुफ़्त है और लिस्ट चेक करना भी मुफ़्त है। सिर्फ आधिकारिक Awaas+ 2024 ऐप ही इस्तेमाल करें। कोई पैसा माँगे तो सीधे BDO ऑफिस या हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें।
हेल्पलाइन और आधिकारिक जानकारी
| ज़रिया | विवरण |
|---|---|
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.nic.in |
| हेल्पलाइन | 1800-11-6446 |
| शिकायत ईमेल | support-pmayg@gov.in |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पीएमएवाई-जी के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं?
नहीं। नाम सिर्फ आवास प्लस सर्वे के ज़रिए जुड़ता है। ऑनलाइन अप्लाई करवाने का दावा करने वाला एजेंट फ्रॉड है।
आवास प्लस सर्वे क्या है?
यह एक सर्वे है जो उन परिवारों को ढूँढता है जो SECC 2011 लिस्ट में छूट गए थे। इसमें फेस ऑथेंटिकेशन (eKYC) और जियोटैग्ड फोटो का इस्तेमाल होता है।
पीएमएवाई-जी में कितना पैसा मिलता है?
मैदानी क्षेत्र में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या मुश्किल इलाकों में ₹1.30 लाख। इसके अलावा रोज़गार गारंटी की मज़दूरी और शौचालय के लिए ₹12,000 अलग से मिलते हैं।
क्या सरकारी नौकरी वाले पात्र हैं?
नहीं। सरकारी नौकरी वाले, इनकम टैक्स देने वाले और पक्के घर वाले परिवार पात्र नहीं हैं।
नाम लिस्ट में है लेकिन किस्त नहीं आई, क्या करें?
इन सभी चीज़ों को चेक करें:
- जॉब कार्ड मैपिंग सही है या नहीं
- ग्राम सभा वेरिफिकेशन पूरी हुई या नहीं
- अपीलीय समिति की मंज़ूरी मिली या नहीं
- बैंक खाता आधार-सीडेड है या नहीं
इनमें से कोई भी कदम अधूरा हो तो किस्त रुक जाती है। GP से हर कदम का स्टेटस पूछें।
रजिस्ट्रेशन नंबर खो गया है, स्टेटस कैसे देखें?
Advanced Search में राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर नाम से सर्च करें। या गाँव-वार लिस्ट में अपना नाम ढूँढें।
नए घर कब मिलेंगे?
राज्यों को पहली किस्त की राशि मिल चुकी है और अब वे अपनी प्राथमिकता सूची फाइनल कर रहे हैं। अपीलीय समिति की मंज़ूरी के बाद सैंक्शन और किस्त शुरू होती है। अपनी GP से अपने गाँव की स्थिति पूछते रहें।
अब क्या करना चाहिए
ये तीन काम अभी करें:
- pmayg.nic.in पर जाकर गाँव-वार लिस्ट में अपना नाम चेक करें।
- बैंक खाते को आधार से लिंक करवाएँ, अगर नहीं है।
- GP सचिव से आवास प्लस सर्वे और जॉब कार्ड मैपिंग की स्थिति पूछें।
अगर आपका नाम लिस्ट में आ जाए, तो ग्राम सभा की बैठक में ज़रूर जाएँ, क्योंकि अंतिम वेरिफिकेशन वहीं होता है।