महाराष्ट्र PMAY-G 2026-27: लाभार्थी सूची, स्थिति और सर्वेक्षण की पूरी जानकारी

अक्टूबर 29, 2026
Written By Ali Akbar

अगर आपके पास अपना पक्का घर नहीं है या आप कच्चे घर में रहते हैं, तो प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) आपके लिए सबसे बड़ी सरकारी मदद है। यह योजना 1 अप्रैल 2016 से शुरू हुई थी और इसने पुरानी इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह ली। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है।

इस योजना का मकसद गाँव के हर पात्र गरीब परिवार को पक्का घर देना है। सरकार ने 2029 तक 4.95 करोड़ घरों का लक्ष्य रखा है।

एक ज़रूरी बात: PMAY-G के लिए कोई सीधा ऑनलाइन “अप्लाई” फॉर्म नहीं है। नाम सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन के ज़रिए लिस्ट में आता है। इस लेख में सर्वे, लिस्ट चेक करने और पैसा न आने पर क्या करें, यह सब स्टेप-बाय-स्टेप बताया गया है।

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PMAY-G एक नज़र में

विवरणजानकारी
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
शुरुआत1 अप्रैल 2016 (IAY की जगह)
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmayg.nic.in
सहायता राशि (मैदानी क्षेत्र)₹1,20,000
सहायता राशि (पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र)₹1,30,000
राष्ट्रीय लक्ष्य (2029 तक)4.95 करोड़ घर

PMAY-ग्रामीण के लिए पात्रता

कौन पात्र है

  • जिनके पास कोई घर नहीं है।
  • जो कच्ची दीवार या कच्ची छत वाले घर में रहते हैं।
  • जिनका नाम SECC 2011 या आवास+ 2024 सर्वे में है।
  • SC/ST, अल्पसंख्यक, विधवा, दिव्यांग और महिला-प्रधान परिवारों को प्राथमिकता मिलती है।

कौन पात्र नहीं है

सर्वे करवाने के बाद भी ग्राम सभा सत्यापन में नाम कट सकता है, अगर:

  • आपके पास पक्का घर है (पक्की छत-दीवार या 2 से ज़्यादा कमरे)।
  • परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है।
  • परिवार का कोई सदस्य इनकम टैक्स देता है।
  • परिवार की मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है।
  • परिवार के पास 2.5 एकड़ से ज़्यादा सिंचित ज़मीन है।

भूमिहीन परिवारों के लिए

जिनके पास घर बनाने की ज़मीन नहीं है, वे भी पात्र हो सकते हैं। राज्य सरकार ऐसे परिवारों को प्लॉट आवंटित कर सकती है। अपनी ग्राम पंचायत से पूछें कि आपके मामले में ज़मीन आवंटन की क्या स्थिति है।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड: पहचान के लिए और बैंक खाते से लिंक करने के लिए।
  • बैंक पासबुक: आधार से लिंक खाता, जिसमें पेमेंट आएगा।
  • जाति प्रमाण पत्र: SC/ST श्रेणी के लिए।
  • आय प्रमाण पत्र या शपथ पत्र: जहाँ ज़रूरत हो, यह बताने के लिए कि आपके पास पक्का घर नहीं है।
  • मनरेगा जॉब कार्ड: घर बनाते समय 90-95 दिन की मज़दूरी का लाभ लेने के लिए काम आता है। न हो तो ग्राम पंचायत से बनवा लें।

आवास+ सर्वे कैसे होता है

PMAY-G में सीधे अप्लाई नहीं होता। नाम आवास+ सर्वे के ज़रिए आता है, और इसके दो तरीके हैं।

ग्राम पंचायत के ज़रिए सर्वे

ब्लॉक स्तर से enumerators गाँव में घर-घर जाकर सर्वे करते हैं। आपको बस अपनी ग्राम पंचायत को बताना है कि आपका सर्वे बाकी है।

आवास+ ऐप से सेल्फ-सर्वे

  1. Google Play Store से आवास+ ऐप डाउनलोड करें।
  2. कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें।
  3. आधार नंबर डालें और फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
  4. राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
  5. प्रश्नावली भरें: घर की हालत, परिवार के सदस्य और आय।
  6. अपने कच्चे घर या प्लॉट की जियो-टैग फ़ोटो अपलोड करें।
  7. सबमिट करें और रेफरेंस नंबर नोट कर लें।

ऐप में एरर आए तो

  • फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो: अच्छी रोशनी में, सीधे कैमरे की तरफ देखें और चश्मा उतार दें। फिर भी न हो तो ऐप बंद करके दोबारा खोलें।
  • लोकेशन न मिले: GPS ऑन करें और 10-15 सेकंड इंतज़ार करें। गाँव लिस्ट में न हो तो “Add Village” ऑप्शन इस्तेमाल करें।
  • फ़ोटो अपलोड न हो: फ़ोटो का साइज़ 2MB से कम रखें और इंटरनेट चेक करें।
  • फिर भी समस्या हो: ब्लॉक ऑफ़िस जाकर enumerator से सर्वे करवाएँ। ऐप का एरर आपकी पात्रता को नहीं बदलता।

सेल्फ-सर्वे सिर्फ़ डेटा कलेक्शन है। घर की अंतिम मंज़ूरी ग्राम सभा सत्यापन के बाद ही होती है।

घर बनाने और पैसा मिलने की प्रक्रिया

नाम फ़ाइनल प्राथमिकता सूची में आने के बाद ग्राम पंचायत आपको बताती है। निर्माण शुरू होने के बाद पैसा किस्तों में आता है।

किस्त का नियम

  • पैसा चरण-वार आता है, जैसे नींव, प्लिंथ, लिंटल और छत के स्तर पर।
  • हर चरण का काम जियो-टैग फ़ोटो के ज़रिए सत्यापित होता है। सत्यापन के बाद ही अगली किस्त जारी होती है।
  • इसलिए हर चरण पूरा करके उसकी फ़ोटो अपलोड करवाना ज़रूरी है।

इसके अलावा क्या मिलता है

  • मनरेगा से घर बनाने के लिए 90-95 दिन की मज़दूरी।
  • स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय के लिए ₹12,000।

स्टेटस कैसे ट्रैक करें

pmayg.nic.in पर जाकर Stakeholders → Beneficiary Status में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।

लाभार्थी सूची में नाम कैसे देखें

रजिस्ट्रेशन नंबर से

  1. pmayg.nic.in खोलें।
  2. Stakeholders पर क्लिक करें, फिर IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
  3. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।

रजिस्ट्रेशन नंबर न हो तो

Advanced Search इस्तेमाल करें। इसमें नाम, राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत डालना होता है। यह सिर्फ़ उन्हीं के लिए काम करता है जिनका डेटा पोर्टल पर अपलोड हो चुका है। सर्वे अभी अपलोड न हुआ हो तो रिज़ल्ट नहीं आएगा।

पूरे गाँव की लिस्ट देखने के लिए

  1. rhreporting.nic.in या pmayg.nic.in के Reports सेक्शन में जाएँ।
  2. राज्य महाराष्ट्र चुनें, फिर ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
  3. Beneficiary Details for Verification पर क्लिक करें।
  4. PDF डाउनलोड करके अपना नाम ढूँढें।

महाराष्ट्र में PMAY-G का काम

महाराष्ट्र में यह योजना ज़िला परिषद और DRDA के ज़रिए लागू होती है। आपके गाँव का काम ग्राम पंचायत और ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफ़िसर (BDO) के ज़रिए देखा जाता है। सर्वे, सत्यापन और किस्त से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए पहले ग्राम पंचायत, फिर BDO ऑफ़िस से संपर्क करें।

फ्रॉड से सावधान रहें

  • जो भी एजेंट या बिचौलिया पैसे लेकर लिस्ट में नाम डालने का दावा करे, वह फ्रॉड है।
  • सर्वे और आवास+ ऐप बिल्कुल फ्री हैं।
  • जो प्राइवेट वेबसाइट “PMAY-G list PDF” या “apply online” का दावा करे, वह फ़र्ज़ी है।
  • सिर्फ़ pmayg.nic.in आधिकारिक पोर्टल है।
  • कोई पैसे माँगे तो तुरंत BDO ऑफ़िस या पुलिस में रिपोर्ट करें।

आम समस्याएँ और उनके हल

नाम लिस्ट में नहीं आ रहा

ग्राम पंचायत से पूछें कि क्या ग्राम सभा सत्यापन में नाम कट गया। नाम कटने के आम कारण हैं: पक्का घर होना, सरकारी नौकरी, या सर्वे में गलत जानकारी।

ग्राम सभा में खुद जाएँ

प्राथमिकता सूची ग्राम सभा में सत्यापित होती है। उस दिन खुद मौजूद रहें, ताकि नाम कटने की सिफ़ारिश पर आप अपनी बात रख सकें। तारीख़ ग्राम पंचायत से पहले पता कर लें।

किस्त नहीं आई

  • बैंक जाकर चेक करें कि खाता आधार से लिंक है या नहीं।
  • pmayg.nic.in पर स्टेटस देखें कि “Released” है या “Pending”।
  • pfms.nic.in पर पेमेंट स्टेटस चेक करें।
  • फिर भी पैसा न आए तो BDO ऑफ़िस में लिखित शिकायत दें और रिसीविंग कॉपी लें।

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही

BDO को लिखित शिकायत दें। वहाँ भी सुनवाई न हो तो DRDA को लिखें या CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें।

आवास+ ऐप में एरर

ऐप अपडेट करें, आधार डिटेल्स मिलाएँ और कैमरा/लोकेशन की अनुमति चेक करें। फिर भी समस्या रहे तो ब्लॉक ऑफ़िस से enumerator भेजने को कहें।

हेल्पलाइन

क्या चाहिएकहाँ संपर्क करें
PMAY-G हेल्पलाइन1800-11-6446 (टोल-फ़्री)
शिकायत पोर्टलpgportal.gov.in
स्टेटस चेकpmayg.nic.in

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PMAY-ग्रामीण लिस्ट कैसे देखें?
pmayg.nic.in पर Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary चुनें और रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। नंबर न हो तो Advanced Search से नाम और लोकेशन डालकर देखें।

क्या मैं ऑनलाइन अप्लाई कर सकता हूँ?
नहीं। PMAY-G में सीधे ऑनलाइन अप्लाई नहीं होता। नाम आवास+ सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन से आता है।

आवास+ सर्वे क्या है?
यह 2024 में शुरू हुआ सर्वे है, जिससे वे पात्र परिवार जुड़ते हैं जो पुरानी SECC 2011 लिस्ट में नहीं थे। आप आवास+ ऐप से खुद भी सर्वे कर सकते हैं।

कितना पैसा मिलता है?
मैदानी क्षेत्र में ₹1,20,000 और पहाड़ी या दुर्गम क्षेत्र में ₹1,30,000। इसके अलावा मनरेगा की मज़दूरी और शौचालय के लिए ₹12,000 मिलते हैं।

क्या पक्का घर वाले परिवार ले सकते हैं?
नहीं। पक्का घर होने पर परिवार पात्र नहीं होता।

क्या सरकारी नौकरी वाले परिवार पात्र हैं?
नहीं। परिवार में कोई सरकारी नौकरी में हो तो परिवार PMAY-G के लिए पात्र नहीं है।

ग्राम सभा सत्यापन क्या होता है?
इसमें गाँव के लोग और पंचायत मिलकर प्राथमिकता सूची जाँचते हैं और अपात्र नाम हटाते हैं। यह कदम ज़रूरी है।

सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
सर्वे में नाम होना मंज़ूरी नहीं है। पहले ग्राम सभा सत्यापन होता है, फिर प्राथमिकता सूची बनती है, फिर सैंक्शन मिलता है। नाम लिस्ट में है लेकिन पैसा नहीं आया तो हो सकता है कि निर्माण का चरण सत्यापित नहीं हुआ या जियो-टैग फ़ोटो रिजेक्ट हो गई। BDO से फ़ील्ड सत्यापन के लिए कहें।

पैसा नहीं आ रहा, कहाँ शिकायत करें?
पहले बैंक में आधार सीडिंग, pmayg.nic.in पर स्टेटस और pfms.nic.in पर पेमेंट स्टेटस चेक करें। तीनों ठीक हों तो BDO ऑफ़िस में लिखित शिकायत दें। सुनवाई न हो तो CPGRAMS पर शिकायत दर्ज करें।

आपको क्या करना चाहिए

  1. ग्राम पंचायत से पूछें कि आवास+ सर्वे हो चुका है या नहीं।
  2. न हुआ हो तो आवास+ ऐप से खुद सर्वे करें या enumerator से करवाएँ।
  3. सर्वे के बाद pmayg.nic.in पर अपना स्टेटस चेक करते रहें।
  4. ग्राम सभा सत्यापन के दिन खुद मौजूद रहें।
  5. बैंक खाता आधार से लिंक रखें।
  6. पैसा आने में दिक्कत हो तो BDO ऑफ़िस में लिखित शिकायत दें।
  7. किसी एजेंट को पैसा न दें। सर्वे और लिस्ट में नाम डालना फ्री है।

आधिकारिक पोर्टल: pmayg.nic.in

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