PMAY-G 2026-27: प्राथमिकता आदेश कैसे काम करता है और आपका घर कब आएगा?

अक्टूबर 28, 2026
Written By Ali Akbar

पीएमएवाई-ग्रामीण क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) 2016 में शुरू हुई थी और इसने पुरानी इंदिरा आवास योजना की जगह ली। इस योजना का मकसद गाँव के गरीब परिवारों को पक्का घर देना है, जिसमें बिजली, पानी और शौचालय की सुविधा हो।

योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) चलाता है। आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in है।

अब योजना फेज 4 में है, जो अप्रैल 2024 से मार्च 2029 तक चलेगा। इस फेज में 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य है।

एक बात याद रखें: लिस्ट में नाम होना अलग बात है और सैंक्शन मिलना अलग बात है। सैंक्शन का मतलब है कि सरकार ने आपके घर के लिए पैसा मंजूर कर दिया, और यह प्राथमिकता क्रम (priority order) के हिसाब से होता है।

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मुख्य जानकारी एक नज़र में

विषयविवरण
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
शुरुआत2016 (IAY की जगह)
विभागग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in
सहायता राशि₹1.20 लाख (मैदानी इलाके), ₹1.30 लाख (पहाड़ी, उत्तर-पूर्वी और IAP इलाके)
फेज 4 का लक्ष्य2 करोड़ अतिरिक्त घर (2024-25 से 2028-29)
हेल्पलाइन1800-11-6446 (टोल-फ्री)
शिकायत ईमेलsupport-pmayg@gov.in

प्राथमिकता क्रम कैसे तय होता है?

सैंक्शन का क्रम कुछ इस तरह चलता है:

पहले ऐसे परिवार आते हैं जिनके पास अपना घर ही नहीं है (बेघर)। उसके बाद 0 कमरे वाले, फिर 1 कमरे का कच्चा घर वाले, और फिर 2 कमरे का कच्चा घर वाले परिवार आते हैं। इसी के साथ SC/ST और बाकी वर्ग की अलग-अलग सूची बनती है।

इसके बाद परिवार की हालत के हिसाब से रैंक तय होती है। विधवा या महिला मुखिया वाले परिवार, दिव्यांग सदस्य वाले परिवार और भूमिहीन मजदूर परिवारों को प्राथमिकता मिलती है। प्राथमिकता सूची ग्राम सभा में रखी जाती है, जहाँ अपात्र लोगों पर आपत्ति ली जा सकती है और बराबर रैंक होने पर फैसला ग्राम सभा करती है।

टारगेट आवंटन के बाद क्या होता है?

हर साल केंद्र सरकार राज्यों को घर बनाने का टारगेट देती है। राज्य उस टारगेट को जिलों, ब्लॉकों और ग्राम पंचायतों में बाँटता है। ग्राम पंचायत में सैंक्शन प्राथमिकता सूची के क्रम से होता है, यानी जिस परिवार की रैंक पहले है, उसका नंबर पहले आता है।

इसलिए अगर आपका नाम लिस्ट में है लेकिन सैंक्शन नहीं हुआ, तो इसका मतलब अक्सर यह होता है कि आपका नंबर अभी नहीं आया। टारगेट के हिसाब से लिस्ट आगे बढ़ती रहती है। अपनी रैंक और ग्राम पंचायत का टारगेट जानने के लिए लिखित में पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से पूछें।

कौन पात्र (Eligible) है?

ये परिवार पात्र हो सकते हैं:

  • जिनके पास अपना घर नहीं है।
  • जिनका घर कच्चा है (कच्ची दीवार और कच्ची छत) और 0, 1 या 2 कमरे का है।
  • जिनका नाम SECC 2011 या Awaas+ सर्वे में आया है।

ये परिवार पात्र नहीं हैं:

  • जिनके पास पहले से पक्का घर है।
  • जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है।
  • जो इनकम टैक्स भरते हैं।
  • जिनके पास मोटर चालित 4-व्हीलर (कार/जीप) है।
  • जिनके परिवार में सबसे ज़्यादा कमाने वाले सदस्य की मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है।

2024 में नियम बदले। अब 2-व्हीलर (बाइक/स्कूटी), रेफ्रिजरेटर, लैंडलाइन फोन और मशीनीकृत मछली पकड़ने की नाव होने से आप अपात्र नहीं होते। मासिक आय की सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है।

ज़रूरी दस्तावेज़

सर्वे के समय ये चीज़ें तैयार रखें:

  • आधार कार्ड
  • आधार से लिंक्ड बैंक पासबुक (DBT के लिए)
  • मनरेगा जॉब कार्ड (अगर बना है)
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST परिवारों के लिए)
  • BPL कार्ड या आय से जुड़े कागज़ (अगर माँगे जाएँ)

बैंक खाते में आधार सीडिंग (NPCI मैपिंग) होनी चाहिए, वरना पैसा अटक सकता है। सर्वे से पहले इसे चेक करवा लें।

रजिस्ट्रेशन कैसे होता है? (Awaas+ 2024 सर्वे)

PMAY-G के लिए कोई सीधा ऑनलाइन “Apply” फॉर्म नहीं है। रजिस्ट्रेशन का मतलब है Awaas+ 2024 सर्वे में नाम दर्ज करवाना। जो लोग कहते हैं कि “वेबसाइट पर जाकर अप्लाई करो”, वे सही नहीं बताते।

मोबाइल से सेल्फ-सर्वे के स्टेप्स:

  1. गूगल प्ले स्टोर से आधिकारिक Awaas+ 2024 ऐप डाउनलोड करें।
  2. कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें।
  3. आधार नंबर डालें और फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें (अच्छी रोशनी में)।
  4. राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
  5. सर्वे जोड़ने का विकल्प चुनें।
  6. घर के मुखिया और परिवार के सदस्यों की जानकारी भरें।
  7. पुराने घर की और खाली जगह की फोटो लें।
  8. सबमिट करें।

अगर फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए तो फोन को अच्छी रोशनी में रखें, चश्मा उतार दें और कुछ देर बाद दोबारा कोशिश करें। अगर ऐप बिल्कुल न चले या आप खुद सर्वे न कर पाएँ, तो ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे की रिक्वेस्ट करें।

अगर सर्वे की खिड़की आपके राज्य में बंद हो चुकी है, तो अपनी ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से पूछें कि नाम जोड़ने का कोई और तरीका (जैसे रिमांड या आपत्ति फॉर्म) अभी उपलब्ध है या नहीं। किसी एजेंट को पैसा न दें।

घर बनाने और पैसा मिलने की प्रक्रिया

सर्वे के बाद डेटा वेरिफाई होता है, फिर ग्राम सभा में लिस्ट अप्रूव होती है, फिर प्राथमिकता सूची बनती है और उसके बाद सैंक्शन ऑर्डर जारी होता है।

पैसा किश्तों में आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT से आता है। किश्तें घर के निर्माण के चरण (नींव, लिंटल, छत) से जुड़ी होती हैं, और हर किश्त से पहले घर की जियो-टैग्ड फोटो से वेरिफिकेशन होता है। किश्तों की संख्या और प्रतिशत राज्य के हिसाब से अलग हो सकते हैं, इसलिए सैंक्शन ऑर्डर में देख लें।

यह समझना ज़रूरी है कि ₹1.20 लाख में पूरा घर नहीं बनता। यह सरकारी सहायता है, पूरा खर्च नहीं। बाकी खर्च परिवार को खुद उठाना पड़ता है। इसके साथ आपको मनरेगा के तहत घर बनाने के लिए मजदूरी के दिन मिलते हैं और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय के लिए ₹12,000 की सहायता मिलती है।

अपना नाम और स्टेटस कैसे देखें?

आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in पर जाकर आप अपना स्टेटस देख सकते हैं।

  • रजिस्ट्रेशन नंबर से: Stakeholders सेक्शन में IAY/PMAYG Beneficiary विकल्प खोलें, रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और स्टेटस, किश्त और निर्माण की स्थिति देखें।
  • बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के: पोर्टल की रिपोर्ट्स में राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर गाँव की लाभार्थी सूची देखी जा सकती है।
  • आधार से: Advanced Search में आधार नंबर और लोकेशन डालकर भी रिकॉर्ड ढूँढा जा सकता है।

अगर कोई पुराना लिंक या YouTube वीडियो बंद मिला हो, तो घबराएँ नहीं। आपका रिकॉर्ड गायब नहीं हुआ होता, बस पोर्टल का पता या मेन्यू बदल गया होता है।

फ्रॉड से बचें

PMAY-G के नाम पर बहुत फ्रॉड होता है। ध्यान रखें:

  • कोई एजेंट या बिचौलिया “नाम लिस्ट में डालने” या “सैंक्शन करवाने” के नाम पर पैसा माँगे तो वह फ्रॉड है।
  • सिर्फ आधिकारिक Awaas+ 2024 ऐप ही वैलिड है। “PMAY-G Apply Online” जैसे नकली ऐप्स से दूर रहें।
  • योजना में नाम दर्ज करवाने या सैंक्शन के लिए कोई फीस नहीं लगती।

आम समस्याएँ और उनके समाधान

नाम लिस्ट में नहीं आया

  • अगर आप सच में पात्र हैं, तो Awaas+ 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे करें।
  • ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे के लिए लिखित रिक्वेस्ट दें।
  • ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) ऑफिस में लिखित शिकायत दें।

प्राथमिकता सूची में नाम है लेकिन सैंक्शन नहीं हुआ

यह सामान्य है। प्राथमिकता सूची लंबी होती है और सैंक्शन हर साल के टारगेट के हिसाब से होता है। आपका नंबर रैंक पर निर्भर करता है।

ग्राम सभा में नाम कट गया

अगर ग्राम सभा में आपका नाम गलत तरीके से कट जाए, तो चुप न रहें। आपको आपत्ति दर्ज करने का मौका मिलता है, और उसके बाद जिला स्तर की अपीलीय समिति (Appellate Committee) में अपील की जा सकती है। समय सीमा के लिए ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से तुरंत पूछें।

किश्त नहीं आई

  1. पोर्टल पर अपना FTO (Fund Transfer Order) स्टेटस देखें। यह नंबर आपके लाभार्थी रिकॉर्ड में किश्त के सामने दिखता है।
  2. बैंक जाकर FTO नंबर दिखाएँ और आधार-NPCI सीडिंग चेक करवाएँ।
  3. देखें कि घर की जियो-टैग्ड फोटो सिस्टम में अपलोड हुई है या नहीं। अक्सर दूसरी किश्त इसी वजह से रुकती है।
  4. BDO को लिखित शिकायत दें, जिसमें FTO नंबर ज़रूर लिखें।
  5. फिर भी हल न हो तो 1800-11-6446 पर कॉल करें या support-pmayg@gov.in पर ईमेल करें।

पंचायत सहयोग नहीं कर रही

सीधे झगड़े के बजाय लिखित रिकॉर्ड बनाएँ:

  1. पंचायत सचिव को लिखित आवेदन दें कि आपके PMAY-G सर्वे या स्टेटस का क्या हुआ।
  2. जवाब न मिले तो वही आवेदन ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर या BDO ऑफिस में दें।
  3. वहाँ भी सुनवाई न हो तो जिला स्तर पर DRDA के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को पत्र लिखें।
  4. जिला स्तर पर होने वाली जन सुनवाई में अपना मामला ले जाएँ (तारीख DRDA ऑफिस से पूछें)।
  5. आखिरी रास्ता RTI है। पूछें कि आपकी फाइल किस अधिकारी के पास है और अब तक क्या कार्रवाई हुई।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PMAY-G में नया अप्लाई कैसे करें?
सीधा ऑनलाइन अप्लाई नहीं होता। Awaas+ 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे करें या ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।

क्या लिस्ट देखने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर ज़रूरी है?
नहीं। गाँव की लिस्ट से बिना नंबर के भी अपना नाम देख सकते हैं। रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस ज़्यादा डिटेल में दिखता है।

प्राथमिकता क्रम कैसे तय होता है?
पहले बेघर, फिर 0 कमरे, 1 कमरे और 2 कमरे के कच्चे घर वाले परिवार आते हैं। SC/ST और बाकी वर्ग की अलग सूची होती है, और परिवार की हालत के हिसाब से रैंक तय होती है।

PMAY-G में कितना पैसा मिलता है?
मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी, उत्तर-पूर्वी और IAP इलाकों में ₹1.30 लाख। इसके अलावा मनरेगा की मजदूरी और शौचालय के लिए ₹12,000 अलग से मिलते हैं।

क्या पक्का घर वाले अप्लाई कर सकते हैं?
नहीं। अगर परिवार के पास भारत में कहीं भी पक्का घर है तो वह पात्र नहीं है।

सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
सर्वे में नाम आना सैंक्शन की गारंटी नहीं है। पहले अपनी रैंक देखें। अगर सैंक्शन हो चुका है लेकिन पैसा नहीं आया, तो FTO स्टेटस चेक करें। अगर सर्वे ही नहीं हुआ, तो पंचायत से लिखित में पूछकर नाम जुड़वाने का तरीका जानें।

आपके लिए अगले कदम

  • pmayg.dord.gov.in पर अपना स्टेटस और FTO स्टेटस चेक करें।
  • अगर नाम नहीं है, तो Awaas+ 2024 ऐप या ग्राम पंचायत के ज़रिए सर्वे के बारे में पूछें।
  • कोई भी एजेंट पैसा माँगे तो साफ मना कर दें।

आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in
हेल्पलाइन: 1800-11-6446

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