इस गाइड में PMAY-ग्रामीण की पूरी प्रक्रिया — आवास+ सर्वे, जियो-टैगिंग, किस्त जारी होना और शिकायत — चरण-दर-चरण आसान भाषा में समझाई गई है।
PMAY-ग्रामीण 1 अप्रैल 2016 से ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत चल रही है, जिसका उद्देश्य हर पात्र गरीब परिवार को पक्का घर देना है।
कई लोग कहते हैं कि “PMAY-G का पैसा नहीं आता”। अक्सर इसकी वजह यह होती है कि निर्माण के चरण की सही जियो-टैग फोटो AwaasApp पर अपलोड नहीं हुई, या बैंक/आधार में कोई गड़बड़ी है।
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PMAY-G एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| शुरुआत | 1 अप्रैल 2016 |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in |
| घर के लिए सहायता (मैदानी क्षेत्र) | ₹1.20 लाख |
| घर के लिए सहायता (पहाड़ी/पूर्वोत्तर/कठिन क्षेत्र) | ₹1.30 लाख |
| मनरेगा से मज़दूरी | 90 दिन (मैदानी), 95 दिन (पहाड़ी/पूर्वोत्तर/IAP क्षेत्र) |
| शौचालय | ₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से) |
| फेज़ II लक्ष्य | 2 करोड़ अतिरिक्त घर (2024–29) |
AwaasApp और AwaasPlus 2024 में क्या फ़र्क है?
ये दो अलग ऐप हैं:
- AwaasPlus 2024: लाभार्थी सर्वे के लिए। इससे पात्र परिवार की एंट्री होती है।
- AwaasApp: घर बनने के दौरान जियो-टैग फोटो अपलोड करने के लिए। किस्त इसी से जुड़े सत्यापन पर निर्भर करती है।
PMAY-ग्रामीण घर कौन ले सकता है?
PMAY-ग्रामीण में सीधे ऑनलाइन आवेदन फ़ॉर्म नहीं होता। पात्र परिवारों का चयन SECC 2011 डेटा और आवास+ सर्वे के ज़रिए होता है, फिर ग्राम सभा सत्यापन होता है।
समावेशन (किन्हें शामिल किया जाता है)
- बेघर परिवार या कच्चे घर में रहने वाले परिवार
- SECC 2011 डेटा में पहचाने गए परिवार
- आवास+ सर्वे में नामांकित परिवार
कुछ श्रेणियाँ सीधे शामिल होती हैं, जैसे बेघर, निराश्रित/भिक्षुक, मैनुअल स्कैवेंजर, आदिम जनजातीय समूह और मुक्त किए गए बंधुआ मज़दूर परिवार।
अभाव मानदंड (प्राथमिकता कैसे तय होती है)
बाकी परिवारों की प्राथमिकता इन अभाव मानदंडों के आधार पर तय होती है:
- सिर्फ़ एक कमरा, जिसमें कच्ची दीवार और कच्ची छत हो
- परिवार में 16–59 साल का कोई वयस्क सदस्य नहीं
- महिला-प्रमुख परिवार, जिसमें 16–59 साल का कोई वयस्क पुरुष नहीं
- दिव्यांग सदस्य वाला परिवार, जिसमें कोई सक्षम वयस्क नहीं
- SC/ST परिवार
- परिवार में 25 साल से ऊपर कोई साक्षर वयस्क नहीं
- भूमिहीन परिवार, जो मुख्य रूप से मैनुअल कैज़ुअल लेबर से कमाता हो
जितने ज़्यादा मानदंड लागू होते हैं, प्राथमिकता उतनी ऊपर होती है। SC/ST के लिए कम से कम 60% लक्ष्य तय है। विधवा, दिव्यांग और अकेली महिलाओं को भी प्राथमिकता मिलती है।
कौन पात्र नहीं है
- जिनके पास कहीं भी पक्का घर है
- जिनके परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी है
- इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स देने वाले परिवार
- बड़े ज़मींदार परिवार (निर्धारित सिंचित या असिंचित ज़मीन की सीमा से ऊपर)
अगस्त 2024 के बदलाव
अगस्त 2024 में बहिष्करण मानदंडों में ढील दी गई। टू-व्हीलर, रेफ्रिजरेटर और लैंडलाइन फ़ोन अब बहिष्करण का आधार नहीं हैं। परिवार की मासिक आय सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड (मोबाइल से लिंक्ड)
- बैंक पासबुक (आधार-सीडेड खाता)
- मनरेगा जॉब कार्ड
- ज़मीन के कागज़ (पट्टा/खसरा), जहाँ लागू हो
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- स्व-घोषणा कि परिवार के पास पक्का घर नहीं है
आवास प्लस सर्वे: चरण-दर-चरण
PMAY-G में “अप्लाई” नहीं, सर्वे होता है। ग्राम पंचायत के सर्वेयर घर-घर जाते हैं, और आप चाहें तो खुद भी सेल्फ-सर्वे कर सकते हैं।
सेल्फ-सर्वे के चरण (AwaasPlus 2024 ऐप)
- Google Play Store से सिर्फ़ आधिकारिक AwaasPlus 2024 ऐप डाउनलोड करें।
- ऐप खोलें और कैमरा तथा लोकेशन की अनुमति दें।
- आधार नंबर डालें और आगे बढ़ें।
- फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
- राज्य → ज़िला → ब्लॉक → पंचायत चुनें।
- हाउसिंग टाइपोलॉजी चुनें।
- मौजूदा घर और प्रस्तावित जगह की जियो-टैग फोटो लें।
- सर्वे सबमिट करें। नेटवर्क न हो तो ऑफ़लाइन सेव भी हो सकता है।
ऐप क्रैश हो या फोटो अपलोड न हो तो
- Settings → Apps → AwaasPlus → Clear Data करके ऐप दोबारा खोलें।
- लोकेशन (GPS) ON रखें, वरना फोटो जियो-टैग नहीं होती।
- फ़ोन की स्टोरेज खाली करें।
- फेस ऑथेंटिकेशन के लिए अच्छी रोशनी में जाएँ, चश्मा उतार दें और फ़ोन सीधा रखें।
- फिर भी न हो तो ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।
सर्वे के बाद ग्राम सभा सत्यापन होता है। अगर नाम सूची में नहीं आया, तो ग्राम पंचायत को लिखित अनुरोध दें कि आपको आवास+ सर्वे में शामिल किया जाए।
घर का निर्माण और पैसा कैसे मिलता है
PMAY-G में निर्माण लाभार्थी खुद या अपने परिवार के ज़रिए करता है। ठेकेदार से घर बनवाना मान्य नहीं है। पैसा PFMS के ज़रिए सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में आता है।
किस्त के चरण
| चरण | कब जारी होती है |
|---|---|
| पहली किस्त | नींव/प्लिंथ लेवल पूरा होने और जियो-टैग फोटो अपलोड होने के बाद |
| दूसरी किस्त | छत (रूफ कास्ट) लेवल पूरा होने और फोटो अपलोड होने के बाद |
| तीसरी किस्त | घर पूरा होने और फोटो अपलोड होने के बाद |
किस्त की सटीक राशि और प्रतिशत राज्य के दिशानिर्देशों पर निर्भर कर सकता है। अपने ब्लॉक या ग्राम पंचायत से पुष्टि कर लें।
₹1.20 लाख किस काम के लिए है
यह राशि घर के निर्माण के लिए है (सामग्री और मज़दूरी का हिस्सा)। बाकी सुविधाएँ अलग योजनाओं से मिलती हैं:
- शौचालय के लिए ₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण)
- 90–95 दिन की मनरेगा मज़दूरी
- बिजली और पानी जैसी सुविधाएँ सरकार की दूसरी योजनाओं के कन्वर्जेंस से
पहाड़ी और मुश्किल इलाकों में सहायता ₹1.30 लाख है, क्योंकि वहाँ सामान का ट्रांसपोर्ट महँगा पड़ता है।
पैसा कब रुकता है
- बैंक खाता आधार से लिंक्ड नहीं है
- बैंक और PFMS में नाम मैच नहीं करता (जैसे “कैलाश” और “कैलाशचंद्र”)
- जियो-टैग फोटो रिजेक्ट हो गई
- निर्माण का चरण सत्यापित नहीं हुआ
जियो-टैगिंग: सही फोटो कैसे लें
मंत्रालय के नियम के अनुसार निर्माण के हर चरण की जियो-टैग, समय और तारीख़ स्टैम्प वाली फोटो AwaasSoft पर अपलोड करना ज़रूरी है। AwaasApp इसी के लिए बनाया गया है।
फोटो रिजेक्ट होने के आम कारण
- लाभार्थी फोटो में नहीं है। हर चरण की फोटो में लाभार्थी का घर के साथ दिखना ज़रूरी है।
- GPS सिग्नल कमज़ोर है। फोटो लेने से पहले कुछ सेकंड रुककर GPS स्थिर होने दें।
- फोटो धुंधली है। रात, बारिश या धुंध में फोटो न लें।
- गलत चरण की फोटो। प्लिंथ की फोटो छत के चरण के लिए अपलोड हो गई।
- सूरज सामने है। सूरज को फोटोग्राफर के पीछे रखें, कैमरे के सामने नहीं।
एक ही फोटो को अलग-अलग चरणों के लिए अपलोड करना धोखाधड़ी माना जाता है और इससे भुगतान पर कार्रवाई हो सकती है।
लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे चेक करें
तरीका 1: पोर्टल से लाभार्थी स्टेटस
- pmayg.dord.gov.in खोलें।
- Stakeholders → IAY/PMAYG Beneficiary पर जाएँ।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- Submit करके स्टेटस देखें।
तरीका 2: AwaasSoft से पूरे गाँव की सूची
pmayg.dord.gov.in पर Awaassoft → Reports → Social Audit Reports → Beneficiary details में जाएँ।
वहाँ ग्राम पंचायत-वार सूची मिलती है, जिसमें लाभार्थी का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर और मौजूदा स्टेटस दिखता है।
किस्त नहीं आई? यह करें
- पहले स्टेटस चेक करें। देखें कि स्वीकृति (सैंक्शन) हुई है या नहीं, जियो-टैग फोटो अपलोड हुई या नहीं, और क्या रिजेक्ट हुई है।
- बैंक चेक करें। खाता आधार-सीडेड होना चाहिए और बैंक में नाम आधार/PFMS वाले नाम से बिल्कुल मैच करना चाहिए।
- कुछ दिन इंतज़ार करें। चरण पूरा होने और फोटो सत्यापित होने के बाद भुगतान आने में आम तौर पर 15–30 कार्य दिवस लग सकते हैं।
- शिकायत दर्ज करें। pmayg.dord.gov.in के शिकायत सेक्शन या support-pmayg@gov.in पर लिखित शिकायत करें। शिकायत नंबर का स्क्रीनशॉट या रसीद संभालकर रखें।
- ब्लॉक ऑफिस जाएँ। BDO को लिखित आवेदन दें और अपनी कॉपी पर रसीद लें।
- ऊपर के स्तर पर जाएँ। जवाब न मिले तो DRDA और फिर CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत करें।
- RTI फ़ाइल करें। पूछें कि आपकी किस्त का FTO नंबर क्या है, PFMS में स्टेटस क्या है और रिजेक्शन का कारण क्या है।
हर शिकायत का लिखित सबूत रखें। ज़ुबानी शिकायत का कोई रिकॉर्ड नहीं होता।
नाम सूची में नहीं आया तो क्या करें
ग्राम पंचायत से SECC/आवास+ रिकॉर्ड माँगें और लिखित आवेदन दें। जवाब न आए तो BDO से शिकायत करें।
आप AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे भी कर सकते हैं या ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे करवा सकते हैं।
अगर सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, तो याद रखें कि सर्वे में नाम होना परमानेंट वेट लिस्ट में होना है। सैंक्शन अलग प्रक्रिया है।
पंचायत से पूछें कि आपकी फ़ाइल सैंक्शन के लिए गई है या नहीं। सैंक्शन हो चुका हो तो AwaasSoft पर किस्त का स्टेटस देखें।
धोखाधड़ी से कैसे बचें
- कोई भी एजेंट पैसे लेकर सूची में नाम डालने का वादा करे, तो वह धोखाधड़ी है।
- सरकार ने किसी प्राइवेट एजेंट को इस काम के लिए अधिकृत नहीं किया है।
- फ़र्ज़ी PMAY ऐप से बचें। सिर्फ़ आधिकारिक ऐप ही Google Play Store से डाउनलोड करें।
- अगर कोई ₹2,000 या ₹5,000 जैसी रकम माँगे, तो BDO ऑफिस में शिकायत करें।
हेल्पलाइन और संपर्क
| संपर्क | विवरण |
|---|---|
| PMAY-G हेल्पलाइन | 1800-11-6446 / 1800-11-8111 |
| शिकायत ईमेल | support-pmayg@gov.in |
| PFMS हेल्पडेस्क | helpdesk-pfms@gov.in |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PMAY-G में ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?
सीधा ऑनलाइन अप्लाई फ़ॉर्म नहीं है। नाम आवास प्लस सर्वे और SECC डेटा के ज़रिए आता है। ग्राम पंचायत से सर्वे करवाएँ या ऐप से सेल्फ-सर्वे करें।
किस्त कितने दिन में आती है?
चरण पूरा होने और जियो-टैग फोटो सत्यापित होने के बाद आम तौर पर 15–30 कार्य दिवस लगते हैं।
क्या पक्का घर वाले अप्लाई कर सकते हैं?
नहीं। जिनके पास कहीं भी पक्का घर है, वे पात्र नहीं हैं।
क्या टू-व्हीलर होने पर पात्र हैं?
हाँ। अगस्त 2024 से टू-व्हीलर बहिष्करण मानदंड में नहीं है।
आय सीमा क्या है?
मासिक आय सीमा ₹15,000 है (पहले ₹10,000 थी)।
क्या ठेकेदार से घर बनवा सकते हैं?
नहीं। निर्माण लाभार्थी-नेतृत्व वाला होता है, यानी खुद या परिवार के ज़रिए।
मनरेगा से कितने दिन की मज़दूरी मिलती है?
मैदानी इलाकों में 90 दिन और पहाड़ी/पूर्वोत्तर/IAP इलाकों में 95 दिन।
किस्त नहीं आई तो कहाँ शिकायत करें?
पहले pmayg.dord.gov.in पर स्टेटस चेक करें। फिर BDO को लिखित शिकायत दें, शिकायत पोर्टल या support-pmayg@gov.in पर लिखें, और ज़रूरत पड़े तो CPGRAMS और RTI का सहारा लें।
अब आप क्या करें
अगर आप पात्र हैं और सर्वे नहीं हुई, तो AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे करें या ग्राम पंचायत से संपर्क करें।
घर बनने के दौरान हर चरण की साफ़, जियो-टैग फोटो (लाभार्थी के साथ) AwaasApp से अपलोड करें, और बैंक/आधार का नाम मैच रखें।
स्टेटस के लिए pmayg.dord.gov.in देखते रहें, और शिकायत के लिए support-pmayg@gov.in या हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर संपर्क करें।
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