PMAY-G भुगतान प्रक्रिया: FTO व PFMS

अक्टूबर 1, 2026
Written By Ali Akbar

इस गाइड में PMAY-ग्रामीण की भुगतान प्रक्रिया आसान भाषा में समझाई गई है — मंज़ूरी से लेकर FTO जनरेशन और PFMS के ज़रिए बैंक खाते में पैसा आने तक।

PMAY-ग्रामीण ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है, जो 1 अप्रैल 2016 से इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह बेघर या कच्चे घर में रहने वाले ग्रामीण परिवारों को पक्का घर बनाने में मदद करती है।

योजना के तहत कम से कम 25 वर्ग मीटर का पक्का घर बनाया जाता है, जिसमें खाना पकाने की अलग जगह होती है। अब यह योजना मार्च 2029 तक बढ़ा दी गई है, और इस दौरान 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य है। आवास प्लस 2024 सर्वे के ज़रिए नए पात्र परिवार भी जोड़े जा रहे हैं।

एक नज़र में

PMAY-G में मैदानी इलाकों के लिए ₹1.20 लाख और पहाड़ी या मुश्किल इलाकों के लिए ₹1.30 लाख की सहायता मिलती है। यह पैसा किस्तों में आता है, और हर किस्त घर के निर्माण की प्रगति के साथ जारी होती है। पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाता है। इसके पीछे FTO और PFMS का सिस्टम काम करता है।

FTO का मतलब फंड ट्रांसफर ऑर्डर है, यानी पैसा भेजने का इलेक्ट्रॉनिक आदेश। PFMS का मतलब पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम है, यानी सरकार का फंड ट्रैकिंग सिस्टम।

Read More Also:

PMAY-G सेल्फ-सर्वे बनाम असिस्टेड सर्वे: अपना सर्वे खुद कैसे करें

PMAY-G जियो-टैगिंग फोटो: कैसे लें और गलतियों से बचें

PMAY-G AwaasApp, जियो-टैगिंग और किस्त प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप प्रैक्टिकल गाइड 2026

सब्सिडी कितनी मिलती है?

घर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से यह मदद मिलती है:

सहायतामैदानी क्षेत्रपहाड़ी/मुश्किल क्षेत्र
घर के लिए यूनिट सहायता₹1.20 लाख₹1.30 लाख
मनरेगा से मज़दूरी90-95 दिन90-95 दिन
शौचालय (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण)₹12,000₹12,000

कुछ राज्य अपनी तरफ से अलग टॉप-अप भी देते हैं। आपके राज्य में ऐसा कोई टॉप-अप है या नहीं, यह ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से पता करें। विस्तार से जानने के लिए “PMAY ग्रामीण सब्सिडी राशि” वाला लेख पढ़ें।

कौन पात्र है?

PMAY-G का घर हर किसी को नहीं मिलता। चयन SECC 2011 डेटा और आवास प्लस सर्वे के ज़रिए होता है, और अभाव (deprivation) मानदंड के हिसाब से प्राथमिकता तय होती है।

किन परिवारों को प्राथमिकता मिलती है

  • बिना घर वाले (आवासहीन) परिवार
  • कच्चे घर में रहने वाले परिवार
  • SECC 2011 या आवास प्लस सूची में शामिल परिवार
  • SC/ST परिवार, जिनके लिए राष्ट्रीय स्तर पर कम से कम 60% लक्ष्य तय है
  • विधवा, दिव्यांग और अल्पसंख्यक परिवार

कौन पात्र नहीं है

कुछ श्रेणियों को योजना से बाहर रखा गया है, जैसे:

  • सरकारी नौकरी करने वाले परिवार
  • इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स देने वाले
  • मशीनी खेती के उपकरण (ट्रैक्टर, थ्रेशर) रखने वाले
  • ₹50,000 या उससे ज़्यादा लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड रखने वाले
  • ज़्यादा ज़मीन या बड़े संसाधन रखने वाले परिवार

बाहर रखने की शर्तें समय के साथ बदलती रहती हैं। अपनी पात्रता की पक्की जानकारी के लिए ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से पुष्टि करें। ज़्यादा जानकारी के लिए “PMAY-G पात्रता मानदंड” पढ़ें।

नाम पहले ग्राम सभा में सत्यापित होता है, उसके बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) बनती है। मंज़ूरी इसी सूची से होती है।

ज़रूरी दस्तावेज़

सर्वे के समय ये दस्तावेज़ तैयार रखें:

  • परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर से लिंक्ड
  • लाभार्थी के नाम की बैंक पासबुक, जो आधार से लिंक्ड हो
  • मनरेगा जॉब कार्ड
  • जाति प्रमाणपत्र (SC/ST/OBC परिवारों के लिए)
  • आय का सबूत
  • ज़मीन के कागज़ात (पट्टा, खसरा या खतौनी), अगर ज़मीन है
  • वोटर आईडी या कोई और पहचान का सबूत

सर्वे कैसे होता है?

PMAY-ग्रामीण में कोई सीधा ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है। नाम सर्वे के ज़रिए ही सूची में आता है। सर्वे दो तरीकों से होता है।

आवास प्लस 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे

  1. गूगल प्ले स्टोर से “Awaas Plus 2024” ऐप डाउनलोड करें। आधार फेस ऑथेंटिकेशन के लिए AadhaarFaceRD ऐप भी चाहिए होता है।
  2. ऐप में आधार नंबर डालें, OTP वेरिफाई करें और फेस स्कैन पूरा करें। यह इसलिए होता है ताकि सर्वे असली लाभार्थी ही कर रहा हो।
  3. परिवार की जानकारी भरें: मुखिया का नाम, सदस्य, काम, श्रेणी और घर की मौजूदा हालत।
  4. पुराने घर की फोटो लें। फोटो में लोकेशन और समय का स्टैंप (जियो-टैग) अपने आप लग जाता है।
  5. सब कुछ जाँचकर सबमिट करें। स्क्रीन पर आने वाला रेफरेंस नंबर लिख लें या स्क्रीनशॉट ले लें, क्योंकि आगे स्टेटस चेक करने में काम आएगा।

ग्राम पंचायत की मदद से सर्वे

आप ग्राम पंचायत ऑफिस जाकर भी सर्वे करवा सकते हैं। वहाँ का अधिकारी आधार की जानकारी और दस्तावेज़ लेता है, घर की फोटो लेता है, और आधिकारिक ऐप में एंट्री करता है।

फील्ड वेरिफिकेशन के बाद नाम सूची में आता है। पूरी प्रक्रिया के लिए “आवास प्लस सर्वे गाइड” देखें।

सर्वे में दिक्कत आए तो

  • फेस स्कैन फेल हो रहा है: अच्छी रोशनी में स्कैन करें, चश्मा और मास्क हटा दें।
  • OTP नहीं आ रहा: OTP आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर पर आता है। नंबर बदला हुआ हो तो आधार सेंटर पर अपडेट करवाएँ।
  • ग्राम पंचायत सर्वे नहीं कर रही: BDO ऑफिस में लिखित शिकायत दें।

मंज़ूरी से भुगतान तक का सफ़र

पहला स्टेप: मंज़ूरी आदेश (Sanction Order)

ग्राम सभा सत्यापन के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची से आपका नाम मंज़ूर होता है। ब्लॉक ऑफिस से मंज़ूरी आदेश जारी होता है, जिसमें आपकी PMAY-G ID होती है।

इसकी फोटोकॉपी बनाकर रखें और असली कॉपी सुरक्षित रखें।

दूसरा स्टेप: बैंक खाता और आधार की तैयारी

पैसा भेजने से पहले लाभार्थी के बैंक खाते की जानकारी सत्यापित और फ्रीज़ की जाती है। इसके लिए ज़रूरी है कि:

  • बैंक खाता आपके नाम पर हो और चालू हो
  • खाता आधार से लिंक्ड हो और NPCI मैपर में रजिस्टर्ड हो
  • आधार और पासबुक में नाम बिल्कुल एक जैसा हो

NPCI मैपर वह सिस्टम है जो बैंक खाते को आधार से जोड़ता है। अगर खाता डॉर्मेंट है, बंद है या आधार से लिंक्ड नहीं है, तो भुगतान रुक सकता है या वापस लौट सकता है।

FTO जारी होने से पहले PMAY-G DBT के लिए बैंक खाता तैयार करें।

तीसरा स्टेप: FTO जनरेट होना

ब्लॉक स्तर पर फंड ट्रांसफर ऑर्डर (FTO) बनाया जाता है। यह इलेक्ट्रॉनिक आदेश PFMS को बताता है कि किस लाभार्थी के खाते में कितना पैसा भेजना है।

FTO डिजिटली साइन होता है, PFMS के ज़रिए वेरिफाई होकर बैंक तक जाता है, और फिर आपके खाते में क्रेडिट होता है। पैसा तभी आता है जब बैंक क्रेडिट की पुष्टि कर देता है।

चौथा स्टेप: PFMS और बैंक क्रेडिट

PFMS FTO को वैलिडेट करता है और बैंक के ज़रिए पैसा लाभार्थी तक पहुँचाता है। सब कुछ सही हो तो भुगतान सीधे आपके खाते में आ जाता है।

किसी भी गलती की सूरत में भुगतान रोक दिया जाता है या वापस आ जाता है।

किस्त कब और कैसे मिलती है?

घर की सहायता तीन किस्तों में मिलती है, और हर किस्त निर्माण की प्रगति से जुड़ी होती है:

  • पहली किस्त: मंज़ूरी के बाद, बैंक जानकारी सत्यापित होने और FTO बनने पर।
  • दूसरी किस्त: निर्माण में एक तय स्टेज (जैसे नींव या लिंटल लेवल) तक काम होने और फोटो सत्यापन के बाद।
  • तीसरी किस्त: घर पूरा होने और आखिरी जियो-टैग्ड फोटो सत्यापित होने पर।

हर किस्त का सटीक हिस्सा दिशानिर्देशों के हिसाब से तय होता है। अपनी किस्त की सही जानकारी के लिए ब्लॉक ऑफिस से पूछें।

मनरेगा की मज़दूरी अलग से मिलती है, इसलिए ग्राम पंचायत में अपना जॉब कार्ड नंबर ज़रूर दें। शौचालय के लिए ₹12,000 स्वच्छ भारत मिशन के ज़रिए अलग से मिलते हैं।

इस बारे में जानें: बारिश या सर्दी में काम रुकने पर किस्त पर क्या असर होता है

बैंक खाते की आम दिक्कतें और हल

  • आधार लिंक नहीं है: बैंक शाखा जाकर आधार सीडिंग और NPCI मैपर अपडेट करवाएँ।
  • नाम में फर्क है: आधार और पासबुक में नाम एक जैसा करवाने के लिए बैंक से सुधार करवाएँ।
  • खाता डॉर्मेंट है: बैंक से खाता दोबारा चालू करवाएँ।
  • पैसा आकर वापस चला गया: ब्लॉक ऑफिस से FTO के लौटने का कारण पूछें और बैंक की जानकारी ठीक करवाएँ।

अपना स्टेटस कैसे चेक करें?

रजिस्ट्रेशन नंबर से

  1. pmayg.dord.gov.in पर जाएँ।
  2. Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary पर क्लिक करें।
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और सबमिट करें।
  4. मंज़ूरी, किस्त और घर के निर्माण का स्टेटस दिख जाएगा।

रजिस्ट्रेशन नंबर के बिना

Advanced Search चुनें और राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत का फ़िल्टर लगाएँ। फिर अपना या पिता का नाम डालकर सर्च करें।

रजिस्ट्रेशन नंबर खो गया हो तो ब्लॉक ऑफिस या DRDA ऑफिस से भी कॉपी मिल सकती है। पूरी सूची देखने के लिए “PMAY ग्रामीण लिस्ट 2026” वाला लेख पढ़ें।

किस्त अटक जाए तो क्या करें?

नाम सूची में नहीं है

ग्राम पंचायत से आवास प्लस सूची मँगवाकर देखें कि नाम सर्वे सूची में है या नहीं।

सर्वे सूची में है लेकिन फाइनल सूची में नहीं, तो BDO ऑफिस जाएँ और अपनी आवास प्लस ID साथ ले जाएँ। सर्वे सूची में भी नाम नहीं है, तो सर्वे विंडो खुलने पर दोबारा सर्वे करवाएँ।

पहली किस्त आई, दूसरी नहीं आ रही

ब्लॉक ऑफिस से अपना FTO नंबर लें और pmayg.dord.gov.in पर FTO स्टेटस चेक करें।

अगर भुगतान PFMS या बैंक के स्टेज पर अटका है, तो बैंक खाते की आधार सीडिंग और NPCI मैपर चेक करवाएँ। अगर जियो-टैग फोटो सत्यापन पेंडिंग है, तो BDO ऑफिस से पूछें और फोटो दोबारा अपलोड करवाएँ।

कोई पैसा माँग रहा है

यह गलत है। PMAY-G में सर्वे और नाम डालना बिल्कुल मुफ़्त है।

ऐसी सूरत में BDO ऑफिस में लिखित शिकायत दें, CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत करें, या हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें।

BDO ऑफिस के चक्कर लगाने पर भी काम नहीं हो रहा

  • CPGRAMS पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और रसीद नंबर सँभालकर रखें।
  • RTI के ज़रिए अपने आवेदन का स्टेटस, FTO नंबर और रिजेक्ट होने की वजह पूछें।
  • ग्राम सभा या सोशल ऑडिट में अपना मुद्दा उठाएँ।

धोखाधड़ी से कैसे बचें?

  • नाम सूची में डालने या किस्त दिलवाने के नाम पर पैसे माँगने वाले किसी भी दलाल पर भरोसा न करें।
  • सिर्फ़ आधिकारिक आवास प्लस 2024 ऐप ही इस्तेमाल करें। फ़र्ज़ी ऐप्स से बचें।
  • अपना OTP, आधार या बैंक की जानकारी किसी को न बताएँ।

कुछ आम ग़लतफ़हमियाँ:

  • ग़लत: “पैसा दो, नाम सूची में आ जाएगा।” सही: सर्वे और रजिस्ट्रेशन मुफ़्त है।
  • ग़लत: “बिना दलाल के काम नहीं होगा।” सही: आप खुद ग्राम पंचायत या BDO ऑफिस जा सकते हैं।
  • ग़लत: “ऐप में फॉर्म भरते ही घर मिल जाएगा।” सही: सर्वे के बाद ग्राम सभा सत्यापन और मंज़ूरी की प्रक्रिया होती है।
  • ग़लत: “पूरा पैसा एक साथ आएगा।” सही: पैसा किस्तों में, निर्माण की प्रगति के साथ आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

FTO क्या है?
FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) एक इलेक्ट्रॉनिक आदेश है जो लाभार्थी के बैंक खाते में पैसा भेजने के लिए बनाया जाता है। FTO बनने का मतलब है कि भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई।

PFMS क्या है और PMAY-G में कैसे काम करता है?
PFMS (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) सरकार का फंड ट्रैकिंग सिस्टम है। यह FTO को वैलिडेट करता है और बैंक के ज़रिए पैसा लाभार्थी तक पहुँचाता है।

दूसरी किस्त कब मिलती है?
निर्माण में तय स्टेज तक काम होने और उसके सत्यापन के बाद दूसरी किस्त जारी होती है।

क्या पक्के घर वाले PMAY-G ले सकते हैं?
नहीं। यह योजना कच्चे घर वाले और बिना घर वाले परिवारों के लिए है।

कितना पैसा मिलता है?
मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या मुश्किल इलाकों में ₹1.30 लाख। मनरेगा की मज़दूरी और शौचालय की सहायता अलग से मिलती है।

किस्त नहीं मिली तो कहाँ शिकायत करें?
पहले BDO ऑफिस से मिलें। जवाब न मिले तो CPGRAMS पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें।

सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
ब्लॉक ऑफिस से FTO नंबर लें और pmayg.dord.gov.in पर स्टेटस चेक करें। बैंक खाते की आधार सीडिंग और NPCI मैपर भी वेरिफाई करवाएँ। फिर भी हल न निकले तो RTI फाइल करें।

पैसा आकर वापस क्यों चला गया?
आम वजह खाते का चालू न होना, आधार सीडिंग न होना या नाम में फर्क होना होती है। बैंक और ब्लॉक ऑफिस से लौटने का कारण पता करें।

नतीजा

PMAY-ग्रामीण में किस्त का सफ़र मंज़ूरी से शुरू होता है, फिर बैंक जानकारी के सत्यापन, FTO जनरेशन और PFMS प्रोसेसिंग से गुज़रता हुआ बैंक क्रेडिट तक पहुँचता है।

ज़्यादातर दिक्कतें बैंक खाते की आधार सीडिंग, नाम में फर्क या फोटो सत्यापन की वजह से आती हैं। इन तीनों चीज़ों को पहले से ठीक रखेंगे तो किस्त अटकने का खतरा काफ़ी कम हो जाता है।

अपना स्टेटस देखने के लिए pmayg.dord.gov.in पर जाएँ, और किस्त या भुगतान की दिक्कत हो तो हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें।

यह जानकारी आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in के मुताबिक है। योजना के नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं, इसलिए ताज़ा अपडेट के लिए आधिकारिक पोर्टल ज़रूर देखें।

किस्त जारी होने के बाद भी यह जानना ज़रूरी है कि किन हालातों में पैसा वापस माँगा जा सकता है — किस्त का पैसा वापस होने के नियम पढ़ें।

पहली किस्त आ गई है और अब दूसरी किस्त में देरी हो रही है, तो PMAY-G दूसरी किस्त में देरी के कारण और हल भी देखें — इसमें FTO और रिलीज़ प्रक्रिया से जुड़ी अड़चनों की पहचान का तरीका दिया गया है।

Leave a Comment