PMAY-G ग्राम सभा, सामाजिक लेखापरीक्षा और लाभार्थी के अधिकार

अक्टूबर 1, 2026
Written By Ali Akbar

पीएमएवाई-ग्रामीण क्या है?

इस लेख में आप जानेंगे PMAY-G में ग्राम सभा की भूमिका, सोशल ऑडिट की प्रक्रिया और आपके अधिकार। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है। इसका उद्देश्य गाँव के उन परिवारों को पक्का घर देना है जिनके पास अपना पक्का घर नहीं है। यह योजना 1 अप्रैल 2016 से शुरू हुई और पुरानी इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह आई।

घर कम से कम 25 वर्ग मीटर का होता है, जिसमें स्वच्छ रसोई क्षेत्र शामिल है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक 2 करोड़ अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी है, और नए पात्र परिवारों की पहचान आवास प्लस 2024 सर्वे से हो रही है।

PMAY-शहरी और PMAY-ग्रामीण अलग-अलग योजनाएँ हैं। शहरी योजना शहरों के लिए है, ग्रामीण योजना गाँवों के लिए है, और दोनों के पात्रता नियम अलग हैं।

एक ज़रूरी बात: PMAY-G में सीधे ऑनलाइन आवेदन नहीं होता। पहले सर्वे होता है, फिर ग्राम सभा सत्यापन, और उसके बाद नाम सूची में आता है।

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PMAY-G RMT और आवास सखी: कौन हैं और कैसे मदद करते हैं

PMAY-G की मुख्य जानकारी

विवरणजानकारी
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण
शुरुआत1 अप्रैल 2016
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in
सहायता राशि₹1.20 लाख (मैदानी क्षेत्र), ₹1.30 लाख (पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्य)
घर का आकारन्यूनतम 25 वर्ग मीटर
चरण II लक्ष्य2 करोड़ घर (वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29)
हेल्पलाइन1800-11-6446 / 1800-11-8111

पात्रता: कौन PMAY-ग्रामीण का लाभ ले सकता है

कौन पात्र है?

PMAY-G उन परिवारों के लिए है जो SECC 2011 और आवास प्लस सर्वे के अनुसार बेघर हैं या कच्चे घर में रहते हैं। प्राथमिकता घर की हालत (अभाव मानकों) के आधार पर मिलती है।

  • जिनके पास अपना घर नहीं है
  • जिनका घर कच्ची दीवार और कच्ची छत से बना है
  • जिनके कच्चे घर में बहुत कम कमरे हैं

श्रेणियों के अनुसार लक्ष्य तय हैं: SC/ST के लिए न्यूनतम 60% और अल्पसंख्यकों के लिए 15%। विधवाओं, दिव्यांग व्यक्तियों और रक्षा कर्मियों के परिवारों को भी प्राथमिकता दी जाती है।

कौन पात्र नहीं है?

आम तौर पर ये परिवार पात्र नहीं माने जाते:

  • जिनके पास पक्का घर है
  • जिनके पास मोटर चालित 3-पहिया या 4-पहिया वाहन है (कार, ट्रैक्टर आदि)
  • जिनके पास ₹50,000 या उससे अधिक सीमा का किसान क्रेडिट कार्ड है
  • जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है
  • जो आयकर देते हैं
  • जिनकी मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है

2024 के नए बदलाव

नए नियमों के अनुसार मासिक आय सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है। मोटर चालित दोपहिया वाहन, मछली पकड़ने की नाव, रेफ्रिजरेटर और लैंडलाइन फोन अब बहिष्करण मानदंडों में नहीं हैं। अगर आपको पहले इन कारणों से अस्वीकार किया गया था, तो दोबारा जाँच करवानी चाहिए।

अगर गलत तरीके से बाहर कर दिया गया?

कभी-कभी गलती से भी नाम कट जाता है। जैसे घर फोटो में पक्का दिखता है लेकिन असल में कच्चा है, या आय प्रमाणपत्र पुराना है। ऐसी स्थिति में ग्राम सभा या खंड विकास अधिकारी (BDO) को लिखित अपील दें और रसीद ज़रूर लें। अपील की समय-सीमा आपके राज्य के नियमों के अनुसार अलग हो सकती है, इसलिए ग्राम पंचायत या BDO कार्यालय से पूछ लें।

ज़रूरी दस्तावेज़

सर्वे के समय ये दस्तावेज़ काम आते हैं:

  • आधार कार्ड (e-KYC के लिए)
  • बैंक पासबुक (लाभार्थी के अपने नाम पर, DBT के लिए)
  • मनरेगा जॉब कार्ड (अगर है)
  • जाति प्रमाणपत्र (SC/ST के मामले में)
  • आय प्रमाणपत्र (आय सीमा सत्यापित करने के लिए)
  • पुराने SECC या आवास प्लस की संदर्भ जानकारी (अगर सर्वे हो चुका है)

कोई दस्तावेज़ न हो तो ग्राम पंचायत से संपर्क करें।

आवास प्लस 2024 सर्वे कैसे होता है

ऐप से स्व-सर्वे

  1. गूगल प्ले स्टोर से आवास प्लस 2024 ऐप डाउनलोड करें। यह 17 सितंबर 2024 को लॉन्च हुआ था।
  2. मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करें।
  3. आधार नंबर डालकर e-KYC और फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
  4. राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
  5. परिवार के मुखिया और सदस्यों की जानकारी भरें।
  6. मौजूदा घर की जियो-टैग्ड फोटो लें।
  7. सर्वे सबमिट करें। नेटवर्क न हो तो ऑफलाइन सेव करके बाद में अपलोड कर सकते हैं।

स्व-सर्वे के सभी मामलों का सत्यापन किया जाता है, इसलिए सही जानकारी देना ज़रूरी है।

ग्राम पंचायत के ज़रिए सर्वे

अगर आप खुद सर्वे नहीं कर सकते, तो ग्राम पंचायत के कार्यकर्ता घर-घर जाकर सर्वे करते हैं। आप उनसे अनुरोध कर सकते हैं।

ऐप नहीं चल रहा तो क्या करें?

  1. ऐप को प्ले स्टोर से अपडेट करें।
  2. लोकेशन और कैमरा की अनुमति चालू रखें।
  3. वाई-फाई न चले तो मोबाइल डेटा आज़माएँ।
  4. ऑफलाइन मोड में सर्वे सेव करें और नेटवर्क आने पर अपलोड करें।
  5. फिर भी त्रुटि आए तो ग्राम पंचायत कार्यकर्ता से सहायता प्राप्त सर्वे करवाएँ।

ग्राम सभा सत्यापन और स्थायी प्रतीक्षा सूची

सर्वे के बाद सूची ग्राम सभा के सामने रखी जाती है। ग्राम सभा पात्र और अपात्र परिवारों की सूची का सत्यापन करती है, और आपत्ति या गलती होने पर उसे ठीक करने का मौका देती है।

यह भी देखें: PMAY-G ज़मीन विवाद

संयुक्त परिवार में ग्राम सभा सत्यापन के समय परिवार की पहचान कैसे तय होती है, यह जानें।

सत्यापन के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) अंतिम होती है, यानी वह पक्की सूची जिसमें आपका नाम आता है। उसके बाद स्वीकृति पत्र मिलता है और घर का काम शुरू होता है।

आप ग्राम सभा की बैठक में उपस्थित होकर अपनी बात रख सकते हैं। इसलिए बैठक की तारीख ग्राम पंचायत कार्यालय से पता रखना फायदेमंद है।

घर बनाने और पैसा मिलने की प्रक्रिया

किस्तों में भुगतान

PMAY-G का पैसा एक साथ नहीं मिलता। यह निर्माण की प्रगति के अनुसार किस्तों में सीधे आपके बैंक खाते में (DBT) आता है। हर चरण के बाद जियो-टैग्ड फोटो से प्रगति सत्यापित की जाती है। किस्तों की सटीक राशि और चरणों के लिए अपनी ग्राम पंचायत या BDO कार्यालय से पुष्टि करें।

घर के पैसे के अलावा और क्या मिलता है?

  • मनरेगा के तहत अकुशल श्रम के लिए 90-95 दिन की मज़दूरी अलग से मिलती है।
  • शौचालय के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से ₹12,000 तक की सहायता।
  • अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़कर एलपीजी कनेक्शन, बिजली और पीने के पानी जैसी सुविधाएँ दिलाने का प्रयास किया जाता है।

भुगतान की स्थिति कैसे ट्रैक करें?

AwaasSoft पोर्टल पर FTO नंबर से भुगतान ट्रैक किया जा सकता है। FTO का मतलब फंड ट्रांसफर ऑर्डर है, यानी पैसा भेजने का सरकारी आदेश, जो भुगतान प्रक्रिया होने पर जनरेट होता है।

लाभार्थी सूची में नाम कैसे जाँचें

रजिस्ट्रेशन नंबर से

  1. pmayg.dord.gov.in खोलें।
  2. IAY/PMAY-G Beneficiary Search पर क्लिक करें।
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर या बेनेफिशियरी ID डालें।
  4. कैप्चा हल करके खोजें। स्थिति और किस्त का रिकॉर्ड दिख जाएगा।

रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पता तो

Reports सेक्शन में Social Audit Reports के अंदर Beneficiary Details for Verification खुलता है। वहाँ राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें। आपकी ग्राम पंचायत की पूरी सूची खुल जाएगी, जिसमें नाम के साथ रजिस्ट्रेशन नंबर भी मिल सकता है। पोर्टल के मेन्यू के नाम कभी-कभी बदल जाते हैं, इसलिए विकल्प न मिले तो Reports सेक्शन में ढूँढें।

सोशल ऑडिट क्या है और इसमें कैसे भाग लें

सोशल ऑडिट गाँव की जनता द्वारा सरकारी काम की जाँच है। PMAY-G में इसका उद्देश्य यह देखना है कि घर सही लोगों को मिले और पैसा सही तरीके से खर्च हो। यह ग्राम पंचायत स्तर पर हर साल होना चाहिए।

आप इस तरह हिस्सा ले सकते हैं:

  • ग्राम पंचायत कार्यालय के सूचना पट पर बैठक की सूचना देखते रहें।
  • बैठक में जाकर अपनी बात रखें। बोलने का अधिकार आपका है।
  • लाभार्थी सूची लिखित में माँगें और ज़रूरत हो तो फोटो ले लें।
  • नाम गायब हो तो बैठक में सवाल उठाएँ, फिर लिखित शिकायत दें।
  • सोशल ऑडिट रिपोर्ट की कॉपी ग्राम पंचायत कार्यालय से या RTI के ज़रिए माँग सकते हैं।

आपके अधिकार: हर PMAY-G लाभार्थी को यह पता होना चाहिए

  • सर्वे का अधिकार: हर पात्र परिवार को आवास प्लस सर्वे में शामिल किया जाना चाहिए।
  • ग्राम सभा सत्यापन का अधिकार: आपकी पात्रता ग्राम सभा में सत्यापित होती है और आप उस बैठक में शामिल हो सकते हैं।
  • शिकायत का अधिकार: आप ग्राम पंचायत, BDO और CPGRAMS पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
  • RTI का अधिकार: ₹10 शुल्क देकर अपनी फाइल का रिकॉर्ड माँग सकते हैं।
  • सोशल ऑडिट में भागीदारी का अधिकार: सालाना बैठक में अपनी आवाज़ उठा सकते हैं।

आम समस्याएँ और उनके समाधान

नाम सूची में नहीं आया: अब क्या करें?

  1. पहले ग्राम पंचायत से पता करें कि आपका आवास प्लस सर्वे हुआ था या नहीं। सर्वे में शामिल न होने पर नाम नहीं आता।
  2. सर्वे हुआ था लेकिन नाम नहीं आया, तो ग्राम पंचायत में लिखित शिकायत दें और रसीद लें।
  3. जवाब न आए तो खंड विकास अधिकारी (BDO) को लिखित शिकायत दें।
  4. फिर भी हल न निकले तो RTI दाखिल करें (₹10 शुल्क)। PIO से पूछें कि आपका नाम क्यों नहीं है और आपकी ग्राम पंचायत में आखिरी स्वीकृति का मापदंड क्या था।
  5. CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

किस्त नहीं मिली

FTO नंबर नोट करें और AwaasSoft पर स्थिति जाँचें। भुगतान अटका हो तो BDO कार्यालय में लिखित शिकायत दें। ज़रूरत पड़ने पर RTI से रिकॉर्ड भी माँग सकते हैं।

भुगतान फेल हो गया

  1. बैंक जाकर जाँचें कि आधार NPCI मैपर से लिंक है या नहीं और खाता DBT सक्षम है या नहीं।
  2. पासबुक अपडेट करवाएँ और FTO नंबर नोट करें।
  3. pmayg.dord.gov.in पर FTO नंबर से स्थिति देखें।
  4. स्थिति “rejected” हो तो BDO कार्यालय से अस्वीकृति का कारण लिखित में माँगें।

आम कारण ये होते हैं: आधार डी-सीडेड होना, खाता बंद होना, नाम की स्पेलिंग में अंतर, या NPCI मैपर की समस्या। बैंक खाता हमेशा लाभार्थी के अपने नाम पर होना चाहिए।

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही

BDO या जिला स्तर के अधिकारी को शिकायत करें, और CPGRAMS पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

धोखाधड़ी से बचें

  • जो एजेंट या बिचौलिया पैसे लेकर नाम सूची में डलवाने का दावा करे, वह धोखेबाज़ है। PMAY-G में हर भुगतान सरकारी प्रक्रिया से ही होता है।
  • सिर्फ आवास प्लस 2024 आधिकारिक ऐप है। नकली ऐप से बचें।
  • किसी को अपना आधार, बैंक विवरण या OTP न दें।
  • pmayg.dord.gov.in के अलावा किसी थर्ड-पार्टी वेबसाइट पर व्यक्तिगत जानकारी न डालें।
  • कोई पैसे माँगे, चाहे एजेंट हो या ग्राम पंचायत का सदस्य, तो BDO या जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) में लिखित शिकायत दें और रसीद लें। CPGRAMS पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

हेल्पलाइन और आधिकारिक लिंक

संसाधनविवरण
राष्ट्रीय हेल्पलाइन1800-11-6446 / 1800-11-8111
शिकायत ईमेलsupport-pmayg@gov.in
CPGRAMS पोर्टलpgportal.gov.in
आधिकारिक वेबसाइटpmayg.dord.gov.in

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PMAY-ग्रामीण में आवेदन कैसे करें?
सीधे ऑनलाइन आवेदन नहीं होता। पहले आवास प्लस सर्वे होता है, फिर ग्राम सभा सत्यापन, और उसके बाद नाम सूची में आता है। अपनी ग्राम पंचायत से संपर्क करें।

PMAY-G सूची 2026 कैसे देखें?
pmayg.dord.gov.in पर IAY/PMAY-G Beneficiary Search में रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और कैप्चा हल करें।

आवास प्लस सर्वे क्या है?
यह एक मोबाइल ऐप सर्वे है जिससे उन पात्र परिवारों की पहचान की जाती है जो पिछले सर्वे में छूट गए थे।

PMAY-G में कितना पैसा मिलता है?
मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/पूर्वोत्तर राज्यों में ₹1.30 लाख।

ग्राम सभा का PMAY-G में क्या रोल है?
ग्राम सभा पात्र और अपात्र परिवारों की सूची का सत्यापन करती है और अंतिम प्राथमिकता सूची तय करने में मदद करती है।

सोशल ऑडिट क्या होता है?
ग्राम पंचायत स्तर पर साल में एक बार होने वाली सार्वजनिक जाँच, जिससे योजना में जवाबदेही तय होती है।

सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
तीन कारण हो सकते हैं: बैंक खाता DBT-सक्षम या आधार-लिंक्ड नहीं है, FTO जनरेट नहीं हुआ, या निर्माण चरण सत्यापित नहीं हुआ (जियो-टैग बाकी है)। AwaasSoft पर स्थिति देखें और BDO कार्यालय से संपर्क करें।

किस्त के लिए कहाँ शिकायत करें?
पहले BDO कार्यालय में लिखित शिकायत दें और रसीद लें। फिर CPGRAMS पोर्टल पर या हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर संपर्क करें।

निष्कर्ष

PMAY-G में अपना घर पाने के लिए सिर्फ सर्वे काफी नहीं है। ग्राम सभा सत्यापन और सोशल ऑडिट की प्रक्रिया समझना भी उतना ही ज़रूरी है।

अपने अधिकार जानें, अपने दस्तावेज़ और बैंक खाता सही रखें, और कोई समस्या आए तो ग्राम पंचायत, BDO, CPGRAMS और RTI का सही क्रम में उपयोग करें। अपनी स्थिति pmayg.dord.gov.in पर जाँचते रहें, और मदद के लिए हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें।

सर्वे से छूटे परिवारों के लिए छूटे परिवारों का दोबारा सर्वे और दावा-आपत्ति का पूरा तरीका यहाँ देखें।

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