PMAY-ग्रामीण क्या है?
इस लेख में UP, बिहार, MP, राजस्थान समेत सभी राज्यों के लिए PMAY-G की राज्य-वार जानकारी आसान भाषा में दी गई है। PMAY-G को 1 अप्रैल 2016 से लागू किया गया। यह पुरानी इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह आई है। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) चलाता है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 9 अगस्त 2024 को योजना को वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक बढ़ाने की मंज़ूरी दी। इसमें 2 करोड़ अतिरिक्त पक्के घर बनाने का लक्ष्य है। इस तरह योजना 2029 तक चलेगी।
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एक नज़र में ज़रूरी बातें
| चीज़ | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) |
| शुरुआत | 1 अप्रैल 2016 |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in |
| मदद (सामान्य/मैदानी क्षेत्र) | ₹1.20 लाख |
| मदद (पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र) | ₹1.30 लाख |
| नया लक्ष्य | 2 करोड़ अतिरिक्त घर (2024-25 से 2028-29) |
| चयन का तरीका | SECC 2011 + आवास प्लस सर्वे, फिर ग्राम सभा सत्यापन |
PMAY-ग्रामीण पात्रता: कौन घर ले सकता है?
कौन पात्र है?
- वे परिवार जिनके पास कोई घर नहीं है
- वे परिवार जो कच्ची दीवार और कच्ची छत वाले घर में रहते हैं, या जिनके घर में शून्य, एक या दो कमरे हैं
- वे परिवार जिनका नाम SECC 2011 या आवास प्लस सर्वे में आया है
किन्हें प्राथमिकता मिलती है?
- SC/ST परिवार
- अल्पसंख्यक, विधवा और दिव्यांग लोग
- मैनुअल स्कैवेंजर और मुक्त किए गए बंधुआ मज़दूर
कौन पात्र नहीं है?
सरकार का मकसद है कि सबसे ज़रूरतमंद परिवारों को सबसे पहले घर मिले। इसलिए इन परिवारों को योजना से बाहर रखा जाता है:
- जिनके पास पहले से पक्का घर है
- जिनके पास मोटर चालित 3 या 4 पहिया वाहन या मशीनी खेती का सामान है
- जिनके पास ₹50,000 या उससे ज़्यादा की सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड है
- जिस घर में कोई सरकारी नौकरी करता है
- जिस घर का कोई सदस्य पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम चलाता है
- जिस घर में किसी सदस्य की मासिक आमदनी ₹15,000 से ज़्यादा है
- जो आयकर या प्रोफेशनल टैक्स देते हैं
एक ज़रूरी बात: 2024 के नए नियमों में बहिष्करण मानदंड 13 से घटाकर 10 कर दिए गए हैं। अब मोटर चालित दोपहिया वाहन, फ्रिज, लैंडलाइन फोन या मछली पकड़ने की नाव होने से आप बाहर नहीं होते।
मासिक आमदनी की सीमा भी ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है। सटीक और अंतिम सूची के लिए अपनी ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से पुष्टि करें।
ज़रूरी दस्तावेज़
सर्वे या सत्यापन के समय ये दस्तावेज़ साथ रखें:
- आधार कार्ड: लाभार्थी और परिवार के सदस्यों का, e-KYC के लिए ज़रूरी
- बैंक या पोस्ट ऑफिस पासबुक: आधार से लिंक खाता
- मोबाइल नंबर: आधार से लिंक, OTP के लिए
- मनरेगा जॉब कार्ड: अगर है तो
- जाति प्रमाण पत्र: SC/ST या OBC होने का सबूत, जहाँ ज़रूरत हो
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
आवास प्लस सर्वे: नया लाभार्थी कैसे चुना जाता है?
PMAY-ग्रामीण में सीधे ऑनलाइन आवेदन करने का कोई फॉर्म नहीं है। नए लाभार्थी आवास प्लस 2024 सर्वे के ज़रिए चुने जाते हैं। यह सर्वे दो तरह से होता है।
तरीका 1: AwaasPlus ऐप से स्व-सर्वे
- गूगल प्ले स्टोर से AwaasPlus ऐप डाउनलोड करें। यह एंड्रॉइड फोन पर चलता है।
- कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें।
- अपना आधार नंबर डालें और फेस ऑथेंटिकेशन (e-KYC) पूरा करें।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
- Add/Edit Survey विकल्प चुनें।
- परिवार के मुखिया की जानकारी भरें, जैसे नाम, आधार, लिंग और श्रेणी।
- परिवार के बाकी सदस्यों की जानकारी जोड़ें।
- लाभार्थी को चुनकर उसका e-KYC करें।
- घर या खाली जगह की फोटो लें।
- सर्वे सबमिट करें और रेफरेंस नंबर संभालकर रखें।
तरीका 2: ग्राम पंचायत के ज़रिए सहायता प्राप्त सर्वे
अगर आपको ऐप चलाना नहीं आता, तो ग्राम पंचायत से संपर्क करें। पंचायत का सर्वेयर आपके घर आकर सर्वे पूरा करेगा।
सर्वे के बाद “Pending” दिखे तो
सबमिट होने के बाद ऐप में “Pending” स्टेटस दिख सकता है। इसका मतलब है कि डेटा सत्यापन के लिए ग्राम पंचायत के पास गया है।
अगर काफ़ी दिन तक स्टेटस न बदले, तो रेफरेंस नंबर लेकर ग्राम पंचायत सचिव से मिलें। फिर भी काम न हो तो ब्लॉक कार्यालय में लिखित आवेदन दें।
ग्राम सभा में क्या होता है?
सर्वे के डेटा को बहिष्करण मानदंडों के आधार पर जाँचा जाता है। फिर ग्राम सभा सूची की समीक्षा कर उसे मंज़ूरी देती है, और प्राथमिकता के हिसाब से स्थायी प्रतीक्षा सूची (Permanent Waiting List – PWL) बनाई जाती है।
अगर किसी का नाम सूची में है लेकिन वह पात्र नहीं लगता, तो गाँव के लोग आपत्ति उठा सकते हैं। इसलिए ग्राम सभा में खुद जाएँ और अपनी बात रखें।
घर बनाने की मदद और पैसा कैसे मिलता है?
किस्तें
पैसा सीधे आपके आधार-लिंक बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से आता है। मदद कम से कम 3 किस्तों में मिलती है, जो निर्माण के चरण से जुड़ी होती हैं, जैसे स्वीकृति, नींव, लिंटल और छत।
हर चरण पर जियो-टैग्ड फोटो से सत्यापन होता है। योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार घर स्वीकृति के 12 महीने के अंदर बन जाना चाहिए।
कुल फायदा कितना होता है?
₹1.20 लाख (या पहाड़ी क्षेत्र में ₹1.30 लाख) की मदद के साथ आपको ये भी मिल सकता है:
- शौचालय: ₹12,000 तक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत
- मनरेगा मज़दूरी: घर बनाने में 90 से 95 दिन की मज़दूरी
- नल से पानी: जल जीवन मिशन के तहत
- LPG कनेक्शन: उज्ज्वला योजना के तहत, जो पात्र परिवारों को मिलता है
पैसा अटक जाए तो
- पहले AwaasSoft पर अपना स्टेटस चेक करें।
- अगर स्टेटस में “FTO Generated” है लेकिन पैसा नहीं आया, तो बैंक से पूछें कि पेमेंट आया या वापस हुआ।
- बैंक मना करे तो ब्लॉक कार्यालय में लिखित आवेदन दें। उसमें अपना रजिस्ट्रेशन नंबर लिखें और FTO/PFMS स्टेटस जाँचने का अनुरोध करें।
- जवाब न मिले तो CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर शिकायत करें।
घर का स्टेटस कैसे ट्रैक करें?
- AwaasSoft पोर्टल: report.pmayg.dord.gov.in
- आवास सखी ऐप: अपने घर का स्टेटस देखने के लिए
- ग्राम पंचायत: सीधे पूछ सकते हैं
लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे देखें?
आधिकारिक वेबसाइट से
- pmayg.dord.gov.in खोलें।
- “Stakeholders” मेन्यू में जाकर IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और गाँव चुनें।
- सबमिट करें और अपना नाम देखें।
AwaasSoft रिपोर्ट से (विस्तृत स्टेटस)
- report.pmayg.dord.gov.in पर जाएँ।
- H. Social Audit Reports सेक्शन में जाकर Rural Housing Report खोलें।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- वर्ष और योजना चुनें।
- रिपोर्ट Excel या PDF में डाउनलोड करें।
अगर आपका नाम ग्राम सभा सत्यापन में अटका है, तो E. SECC Reports सेक्शन में प्राथमिकता सूची सत्यापन का स्टेटस देखें।
ताज़ा अपडेट (अक्टूबर 2026)
- योजना 2024-25 से 2028-29 तक चल रही है, 2 करोड़ अतिरिक्त घर के लक्ष्य के साथ।
- 28 मई 2026 को केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12 राज्यों को पहली किस्त के रूप में ₹10,021.42 करोड़ की मुख्य स्वीकृति (मदर सैंक्शन) जारी की।
- मदद की रकम में कोई बदलाव नहीं: मैदानी क्षेत्र में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र में ₹1.30 लाख।
धोखाधड़ी से सावधान रहें
PMAY-ग्रामीण के नाम पर कई लोग ठगी करते हैं। इन बातों का ध्यान रखें:
“पैसे दो, नाम डाल दूँगा” धोखाधड़ी है
कोई एजेंट पैसा लेकर सूची में नाम नहीं डाल सकता। चयन सर्वे डेटा और ग्राम सभा सत्यापन से होता है। जो भी पैसा माँगे, वह आपको ठग रहा है।
फर्जी ऐप और वेबसाइट
- सर्वे के लिए सिर्फ़ AwaasPlus और स्टेटस के लिए आवास सखी ही आधिकारिक ऐप हैं।
- आधिकारिक वेबसाइटें pmayg.dord.gov.in और report.pmayg.dord.gov.in हैं।
- गूगल पर आने वाले पेड विज्ञापनों और अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
पैसा या “प्रोसेसिंग फीस” न दें
PMAY-G का पैसा सीधे बैंक खाते में आता है। कोई UPI, पेटीएम या नकद में फीस नहीं माँग सकता।
आधार OTP किसी को न बताएँ
कोई भी काम के बहाने OTP माँगे तो न दें, वरना आपके आधार और बैंक खाते का दुरुपयोग हो सकता है।
धोखाधड़ी हो जाए तो
- हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें
- support-pmayg@gov.in पर ईमेल करें
- pgportal.gov.in (CPGRAMS) पर ऑनलाइन शिकायत करें
- ज़रूरत हो तो स्थानीय पुलिस थाने में FIR दर्ज करवाएँ
आम समस्याएँ और उनके हल
मेरा नाम सूची में नहीं है
पहले यह जाँचें:
- क्या आपका नाम SECC 2011 या आवास प्लस 2018 में था?
- क्या आपने आवास प्लस 2024 सर्वे करवाया?
- क्या सर्वे के बाद ग्राम सभा में आपका नाम आया?
अगर सर्वे नहीं हुआ, तो ग्राम पंचायत सचिव से सर्वे करवाने को कहें। वह मना करे तो BDO कार्यालय में लिखित आवेदन दें।
सर्वे हो चुका है लेकिन नाम नहीं आया, तो ग्राम सभा की सूची की कॉपी माँगें और BDO से लिखित में नाम कटने की वजह पूछें। आखिरी रास्ता CPGRAMS पर शिकायत है, जहाँ ग्रामीण विकास मंत्रालय चुनकर अपना रेफरेंस नंबर लिखें।
किस्त नहीं आई
ये तीन चीज़ें जाँचें:
- बैंक खाता: क्या वह आधार से लिंक है?
- AwaasSoft स्टेटस: Sanctioned, FTO Generated या Paid, क्या दिख रहा है?
- PFMS रिजेक्शन: अगर FTO बना लेकिन पैसा नहीं आया, तो हो सकता है पेमेंट वापस हो गया हो। बैंक से पूछें।
फिर भी हल न हो तो ब्लॉक कार्यालय में लिखित आवेदन दें। जवाब न मिले तो RTI दाखिल करें। RTI की फीस ₹10 है और इसमें आप स्वीकृति आदेश, FTO का विवरण और PFMS ट्रांज़ैक्शन स्टेटस माँग सकते हैं।
सर्वे नहीं हो पा रहा या ऐप में एरर आ रहा है
ऐप अपडेट करें, आधार-लिंक मोबाइल नंबर वेरिफाई करें और लोकेशन परमिशन ON रखें। फिर भी न चले तो ग्राम पंचायत से सहायता प्राप्त सर्वे करवाएँ।
ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही
पहले BDO से मिलें, फिर DRDA में शिकायत करें। हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें या CPGRAMS पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
जियो-टैग के बाद पेमेंट अटक गया
लाभार्थी आईडी के साथ BDO को लिखित शिकायत दें। ज़रूरत पड़े तो RTI दाखिल करके निरीक्षण रिकॉर्ड और पेमेंट स्टेटस माँगें।
हेल्पलाइन और आधिकारिक लिंक
| चैनल | विवरण |
|---|---|
| PMAY-G हेल्पलाइन | 1800-11-6446 / 1800-11-8111 |
| ईमेल | support-pmayg@gov.in |
| CPGRAMS | pgportal.gov.in |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in |
| AwaasSoft रिपोर्ट | report.pmayg.dord.gov.in |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PMAY ग्रामीण सूची 2026 कैसे देखें?
pmayg.dord.gov.in खोलें, “Stakeholders” में जाकर “IAY/PMAYG Beneficiary” चुनें, फिर राज्य, ज़िला, ब्लॉक और गाँव चुनें।
PMAY-G में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
सीधा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं होता। आपको आवास प्लस सर्वे के ज़रिए, ऐप से या ग्राम पंचायत के माध्यम से, सूची में शामिल होना पड़ता है।
आवास प्लस सर्वे क्या है?
यह उन पात्र परिवारों को ढूँढने का सर्वे है जो पहले की सूचियों में छूट गए थे। यह AwaasPlus ऐप से स्व-सर्वे या ग्राम पंचायत के सहायता प्राप्त सर्वे से होता है।
क्या पक्के घर वाले आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। जिनके पास पहले से पक्का घर है, वे योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
PMAY-G में कितना पैसा मिलता है?
मैदानी क्षेत्र में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या दुर्गम क्षेत्र में ₹1.30 लाख। इसके अलावा शौचालय के लिए ₹12,000 तक और मनरेगा की मज़दूरी अलग से मिलती है।
क्या सरकारी नौकरी वाले परिवार पात्र हैं?
नहीं। जिस घर में कोई सरकारी नौकरी करता है, वह बहिष्करण मानदंड के तहत बाहर है।
अगर नाम सूची में नहीं है तो क्या करें?
आवास प्लस सर्वे में हिस्सा लें, ग्राम पंचायत से संपर्क करें, और सर्वे हो चुका हो तो BDO को लिखित में शिकायत दें।
क्या PMAY-G 2026 में सक्रिय है?
हाँ। योजना 2028-29 (मार्च 2029) तक बढ़ाई गई है।
किस्त नहीं आई, कहाँ शिकायत करें?
पहले AwaasSoft पर स्टेटस देखें, फिर BDO को लिखित आवेदन दें। जवाब न मिले तो CPGRAMS पर शिकायत करें या हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें।
आगे क्या करें?
- आवास प्लस सर्वे में हिस्सा लें, ऐप से या ग्राम पंचायत के ज़रिए।
- अपना स्टेटस ट्रैक करें, pmayg.dord.gov.in और AwaasSoft पर।
- दस्तावेज़ तैयार रखें: आधार, बैंक पासबुक और आधार-लिंक मोबाइल नंबर।