PMAY-G मध्य प्रदेश 2026: लाभार्थी सूची, पात्रता और स्टेटस चेक के बारे में पूरी जानकारी।

अक्टूबर 3, 2026
Written By Ali Akbar

पीएमएवाई-जी क्या है?

इस लेख में मध्य प्रदेश के लिए PMAY-G लाभार्थी सूची, पात्रता और स्टेटस चेक की पूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) केंद्र सरकार की योजना है, जो गाँव के बेघर और कच्चे घर में रहने वाले परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक मदद देती है। यह योजना 1 अप्रैल 2016 से लागू है और इसने पुरानी इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह ली। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है।

मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में यह योजना लागू है। सरकार ने इसे मार्च 2029 तक बढ़ाया है और इस चरण में 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य है।

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PMAY-G 2026: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की पूरी जानकारी

विवरणजानकारी
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
शुरुआत1 अप्रैल 2016 (IAY की जगह)
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in
सहायता राशि (मैदानी क्षेत्र)₹1.20 लाख
सहायता राशि (पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र)₹1.30 लाख
मनरेगा मजदूरी90/95 दिन की अकुशल मजदूरी
शौचालय सहायता₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन – ग्रामीण)

पात्रता: कौन ले सकता है लाभ?

लाभ उन्हीं ग्रामीण परिवारों को मिलता है जिनके पास अपना पक्का घर नहीं है और जो सरकारी सर्वे में पात्र पाए जाते हैं।

पात्र परिवार

  • बेघर परिवार
  • 0, 1 या 2 कमरे वाले कच्चे घर में रहने वाले परिवार
  • SECC 2011 डेटा में शामिल परिवार
  • आवास प्लस सर्वे में शामिल वे परिवार जो पहले की सूची से छूट गए थे

प्राथमिकता वाली श्रेणियाँ

  • SC/ST परिवार, जिनके लिए कम से कम 60% लक्ष्य तय है
  • अल्पसंख्यक समुदाय के परिवार
  • दिव्यांग सदस्य वाले परिवार
  • मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूर
  • महिला-मुखिया वाले परिवार

कौन पात्र नहीं है

  • जिस परिवार के किसी सदस्य के नाम पर पक्का घर है
  • इनकम टैक्स (ITR) देने वाले परिवार
  • नियमित सरकारी कर्मचारी वाले परिवार
  • जिस परिवार में सबसे ज़्यादा कमाने वाले सदस्य की मासिक आय ₹15,000 से ऊपर है
  • ₹50,000 या उससे ज़्यादा लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड रखने वाले परिवार

पात्रता के नियम समय के साथ बदलते रहते हैं। अंतिम फ़ैसला सर्वे, सत्यापन और ग्राम सभा की मंज़ूरी के बाद होता है, इसलिए अपनी स्थिति की पुष्टि ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से कर लें।

ज़रूरी दस्तावेज़

सर्वे और सत्यापन के समय ये दस्तावेज़ तैयार रखें।

  • परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड
  • आधार से जुड़ा सक्रिय बैंक खाता (पासबुक), क्योंकि पैसा सीधे खाते में आता है
  • मनरेगा जॉब कार्ड
  • राशन कार्ड या BPL कार्ड
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC परिवारों के लिए)
  • ज़मीन के कागज़ात, या ज़मीन न होने पर भूमिहीन होने का प्रमाण

मनरेगा की 90/95 दिन की मजदूरी का लाभ लेने के लिए जॉब कार्ड चाहिए। न हो तो पहले ग्राम पंचायत से बनवा लें। बैंक खाता आधार से लिंक न हो तो किस्त अटक सकती है।

आवेदन कैसे होता है: आवास प्लस सर्वे

PMAY-G में सीधे ऑनलाइन अप्लाई करने का कोई फ़ॉर्म नहीं है। लाभार्थी का नाम सरकारी सर्वे से सूची में आता है। इसलिए जो भी कहे कि वह आपका “ऑनलाइन अप्लाई” कर देगा, उससे सावधान रहें।

ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वे

सर्वे टीम घर-घर जाकर परिवार की जानकारी लेती है, आधार आधारित e-KYC करती है और डेटा AwaasPlus 2024 ऐप में दर्ज करती है।

मोबाइल से सेल्फ-सर्वे

एंड्रॉइड फ़ोन से आप खुद भी सर्वे कर सकते हैं।

  1. गूगल प्ले स्टोर से AwaasPlus 2024 ऐप डाउनलोड करें।
  2. e-KYC के लिए AadhaarFaceRD ऐप भी डाउनलोड करें।
  3. ऐप खोलकर आधार नंबर डालें।
  4. फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
  5. राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
  6. परिवार की जानकारी भरें।
  7. घर की जियो-टैग्ड फ़ोटो खींचें।
  8. सबमिट करें और मिला हुआ रेफ़रेंस नंबर सुरक्षित रखें।

फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए तो

  • फ़ोन रीस्टार्ट करके दोबारा कोशिश करें।
  • चश्मा, टोपी या चेहरा ढकने वाली चीज़ हटा दें।
  • न बहुत तेज़ और न बहुत कम रोशनी में फ़ोटो लें।
  • बार-बार फेल हो तो ग्राम पंचायत से सर्वेयर भेजने को कहें, ताकि असिस्टेड सर्वे हो सके।

सर्वे के बाद की प्रक्रिया और किस्तें

सर्वे के बाद नाम सूची में जुड़ता है, ग्राम सभा उसकी जाँच करती है और मंज़ूरी मिलने पर निर्माण के चरणों के हिसाब से पैसा जारी होता है।

नाम से मंज़ूरी तक

  1. सर्वे का डेटा ब्लॉक ऑफिस पहुँचता है और AwaasSoft में अपलोड होता है।
  2. नाम परमानेंट वेट लिस्ट (PWL) में जाता है, यानी उन परिवारों की सूची जो मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहे हैं।
  3. ग्राम सभा में सत्यापन होता है।
  4. चयन के बाद घर की मंज़ूरी मिलती है।

सर्वे के बाद फ़ाइल कहाँ तक पहुँची, यह जानने के लिए रेफ़रेंस नंबर के साथ ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से पूछें।

किस्तें कैसे मिलती हैं

पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में (DBT) आता है और निर्माण के चरण पूरे होने पर जारी होता है। हर चरण का काम जियो-टैग्ड फ़ोटो से वेरिफ़ाई होता है।

  • नींव (फाउंडेशन) का काम पूरा होने पर
  • प्लिंथ लेवल का काम पूरा होने पर
  • छत का काम पूरा होने पर

किस्तों की सटीक राशि और संख्या मंज़ूरी आदेश या ब्लॉक ऑफिस से पता करें। जियो-टैग फ़ोटो साफ़ न हो या रिजेक्ट हो जाए तो अगली किस्त रुक सकती है, इसलिए हर चरण की साफ़ फ़ोटो अपलोड करवाएँ।

अतिरिक्त लाभ

  • मनरेगा के तहत 90/95 दिन की अकुशल मजदूरी
  • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से शौचालय के लिए ₹12,000

बेनेफिशियरी लिस्ट और स्टेटस कैसे देखें

अपना नाम और स्टेटस आप pmayg.dord.gov.in पर रजिस्ट्रेशन नंबर या एडवांस्ड सर्च से देख सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन नंबर से

  1. pmayg.dord.gov.in खोलें।
  2. Stakeholders मेनू में IAY/PMAYG Beneficiary पर क्लिक करें।
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
  4. कैप्चा भरकर सबमिट करें।

एडवांस्ड सर्च से

रजिस्ट्रेशन नंबर न हो तो एडवांस्ड सर्च चुनें, राज्य में मध्य प्रदेश चुनें, फिर ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर नाम से खोजें।

AwaasSoft रिपोर्ट से पूरे गाँव की सूची

  1. AwaasSoft में Reports खोलें और Social Audit Reports चुनें।
  2. Beneficiary Details for Verification पर क्लिक करें।
  3. राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
  4. सूची को Excel या PDF में डाउनलोड करें।

ऑनलाइन जानकारी न मिले तो ग्राम पंचायत सचिव से लिखित में अपना स्टेटस पूछें।

आम समस्याएँ और समाधान

नाम सूची में नहीं आया

  • पहले पता करें कि आपके गाँव में आवास प्लस सर्वे हुआ या नहीं।
  • न हुआ हो तो ग्राम पंचायत से संपर्क करें या ऊपर बताए तरीके से सेल्फ-सर्वे करें।
  • ब्लॉक ऑफिस में लिखित आवेदन दें।

किस्त नहीं आई

  • सबसे पहले चेक करें कि आधार बैंक खाते से लिंक है। यही सबसे आम कारण है।
  • बैंक branch जाकर NPCI आधार मैपिंग करवाएँ।
  • ग्राम पंचायत से जियो-टैग फ़ोटो का स्टेटस पूछें।
  • pmayg.dord.gov.in पर FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) का स्टेटस देखें। यह बताता है कि पैसा किस स्तर पर रुका है।
  • FTO “Sent to Bank” दिखाए पर पैसा न आए तो बैंक में मैपिंग चेक करें। “Pending at Block” दिखे तो BDO ऑफिस में लिखित शिकायत दें।

सब ठीक है, फिर भी पैसा नहीं आया

आधार लिंक, जियो-टैग फ़ोटो और FTO तीनों सही हों तो CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर लाभार्थी आईडी के साथ शिकायत दर्ज करें।

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही

  • BDO (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) को लिखित शिकायत दें।
  • फिर भी हल न हो तो DRDA (ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण) में शिकायत करें।
  • RTI लगाकर पूछें कि आपकी फ़ाइल कहाँ अटकी है।

ठगी से बचें

PMAY-G में नाम जुड़वाने या किस्त जल्दी दिलाने के लिए कोई फ़ीस नहीं लगती। नाम सर्वे से आता है, पैसे देने से नहीं।

अगर कोई ऐसा कहे तो समझ लें कि वह ठग है:

  • “₹5,000 दो, नाम सूची में डलवा दूँगा।”
  • “₹10,000 दो, पहली किस्त जल्दी आ जाएगी।”
  • “मेरी सेटिंग है, पक्का घर दिलवा दूँगा।”

ऐसा कोई मामला सामने आए तो ग्राम पंचायत, BDO ऑफिस या pgportal.gov.in पर शिकायत करें।

हेल्पलाइन और शिकायत कहाँ करें

माध्यमविवरण
PMAY-G राष्ट्रीय हेल्पलाइन1800-11-6446 / 1800-11-8111
ईमेलsupport-pmayg@gov.in
शिकायत पोर्टल (CPGRAMS)pgportal.gov.in
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in

शिकायत का क्रम आम तौर पर ग्राम पंचायत, फिर BDO ऑफिस, फिर DRDA और अंत में CPGRAMS होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या PMAY-G में सीधे ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं?
नहीं। लाभार्थी का चयन SECC डेटा और आवास प्लस सर्वे के आधार पर होता है। अपने गाँव में सर्वे की स्थिति ग्राम पंचायत से पूछें।

PMAY-G की लिस्ट कैसे देखें?
pmayg.dord.gov.in पर Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary खोलें और रजिस्ट्रेशन नंबर डालें, या एडवांस्ड सर्च से अपना ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर नाम खोजें।

आवास प्लस सर्वे क्या है?
यह उन पात्र परिवारों को खोजने का सर्वे है जो पहले की सूची से छूट गए थे। इसके लिए AwaasPlus 2024 ऐप इस्तेमाल होता है।

PMAY-G में कितनी राशि मिलती है?
मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या दुर्गम क्षेत्रों में ₹1.30 लाख मिलते हैं। इसके साथ मनरेगा की मजदूरी और शौचालय के लिए ₹12,000 अलग से मिलते हैं।

क्या मनरेगा जॉब कार्ड ज़रूरी है?
मनरेगा की मजदूरी का लाभ लेने के लिए जॉब कार्ड चाहिए। न हो तो ग्राम पंचायत से बनवाएँ।

किस्त नहीं आ रही तो क्या करें?
पहले आधार-बैंक लिंक, जियो-टैग फ़ोटो और FTO स्टेटस चेक करें। फिर भी हल न हो तो BDO को लिखित शिकायत दें और CPGRAMS पर शिकायत दर्ज करें।

क्या पक्का घर वाले परिवार पात्र हैं?
नहीं। जिस परिवार के किसी सदस्य के नाम पर पक्का घर है, वह पात्र नहीं है।

AwaasPlus ऐप कहाँ से डाउनलोड करें?
गूगल प्ले स्टोर से “AwaasPlus 2024” और e-KYC के लिए “AadhaarFaceRD” डाउनलोड करें।

योजना कब तक चलेगी?
PMAY-G को मार्च 2029 तक बढ़ाया गया है।

मेरा नाम गलती से लिस्ट में आ गया हो तो?
ग्राम पंचायत सचिव को लिखित में बताएँ। चाहें तो RTI लगाकर जान सकते हैं कि मंज़ूरी किस आधार पर हुई।

निष्कर्ष: आगे क्या करें

PMAY-G उन ग्रामीण परिवारों के लिए पक्का घर पाने का असली मौका है जो पात्र हैं, लेकिन इसमें नाम सर्वे से जुड़ता है, ऑनलाइन फ़ॉर्म से नहीं।

  • ग्राम पंचायत से पूछें कि आपके गाँव में आवास प्लस सर्वे हुआ या नहीं।
  • pmayg.dord.gov.in पर अपना स्टेटस चेक करें।
  • पात्र होकर भी नाम न हो तो AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे करें।
  • किसी भी समस्या में हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर संपर्क करें, और किसी को पैसे न दें।

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