इस लेख में PMAY-G के होम लोन और फाइनेंस से जुड़ी पूरी जानकारी — पात्रता, सर्वे, किस्तें, लोन और शिकायत — आसान भाषा में दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है। इसका उद्देश्य उन ग्रामीण परिवारों को पक्का घर देना है जो कच्चे घर में रहते हैं या जिनके पास घर नहीं है।
यह योजना 1 अप्रैल 2016 से शुरू हुई और इसने इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह ली। अभी यह फेज 2 में है, जिसके तहत वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य है।
PMAY-G एक नज़र में
- मंत्रालय: ग्रामीण विकास मंत्रालय
- आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in
- सहायता राशि (मैदानी इलाके): ₹1.20 लाख
- सहायता राशि (पहाड़ी/मुश्किल इलाके): ₹1.30 लाख
- शौचालय (SBM-G): ₹12,000
- मनरेगा (MGNREGA): 90–95 दिन का काम
- वैकल्पिक होम लोन: ₹70,000 तक
- फेज 2 लक्ष्य (2024-25 से 2028-29): 2 करोड़ घर
पात्रता: कौन ले सकता है फायदा?
PMAY-G में सीधे “अप्लाई” नहीं होता। नाम सर्वे के ज़रिए लिस्ट में आता है, इसलिए पहले यह देखें कि आप योजना के दायरे में आते हैं या नहीं।
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कौन पात्र है
- बेघर परिवार
- कच्चे घर वाले परिवार (कच्ची दीवार और छत)
- SC/ST परिवार (इनके लिए 60% तक सीटें आरक्षित हैं)
- विधवा और अकेली महिला
- परिवार में दिव्यांग सदस्य होने पर (5% आरक्षित)
- भूमिहीन मजदूर
Awaas+ 2024 के नए नियम
- परिवार की मासिक आय सीमा बढ़कर ₹15,000 हो गई है (पहले ₹10,000 थी)।
- दोपहिया वाहन होने पर अब अयोग्य नहीं माने जाते।
- रेफ्रिजरेटर होने पर भी अब अयोग्य नहीं माने जाते।
प्राथमिकता कैसे तय होती है
ग्राम सभा वंचन स्कोर (deprivation score) के आधार पर प्राथमिकता तय करती है। इन परिवारों को पहले मौका मिलता है:
- जहाँ 16–59 साल का कोई वयस्क न हो
- जहाँ महिला मुखिया हो और कोई वयस्क पुरुष न हो
- जहाँ 25 साल से ऊपर कोई पढ़ा-लिखा वयस्क न हो
- जहाँ कोई दिव्यांग सदस्य हो
कौन पात्र नहीं है
- जिनके पास पक्का घर है
- जिनके परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी है
- आयकर देने वाले परिवार
- जिनके पास कार या ट्रैक्टर जैसी बड़ी गाड़ी है
- जिनके पास बहुत ज़्यादा सिंचित ज़मीन है (SECC के बहिष्करण मानदंडों के अनुसार)
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड (परिवार के सभी सदस्यों का)
- बैंक पासबुक (आधार से लिंक)
- मनरेगा जॉब कार्ड (अगर है)
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST के लिए)
- राशन कार्ड
- वोटर आईडी
कुछ राज्य या पंचायतें आय प्रमाण पत्र भी माँग सकती हैं। सटीक सूची के लिए अपनी ग्राम पंचायत से पुष्टि करें।
Awaas+ सर्वे कैसे करें
चरण-दर-चरण प्रक्रिया
- ग्राम पंचायत से पूछें कि आपका नाम SECC 2011 या पहले की Awaas+ लिस्ट में है या नहीं।
- नाम न हो तो Awaas+ 2024 सर्वे में शामिल करने का अनुरोध करें।
- गूगल प्ले स्टोर से Awaas+ 2024 मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।
- ऐप में राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनें और आधार फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
- खुद न कर पाएँ तो पंचायत के सर्वेयर से सहायता प्राप्त सर्वे करवाएँ।
- सर्वे पूरा होने पर रेफरेंस नंबर सँभालकर रखें।
अगर ऐप काम न करे
- फोन रीस्टार्ट करें और ऐप अपडेट करें।
- फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो तो आधार में नाम की स्पेलिंग जाँचें।
- पोर्टल धीमा हो तो सुबह जल्दी कोशिश करें।
- सर्वेयर गाँव में न आए तो पंचायत सचिव को लिखित अनुरोध दें, और 15 दिन बाद BDO ऑफिस जाएँ।
घर का निर्माण और पैसा कैसे मिलता है
सर्वे के बाद नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची (Permanent Waiting List – PWL) में आता है। स्वीकृति मिलने पर सहायता राशि किस्तों में आती है।
हर चरण का काम पूरा होने पर जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करना ज़रूरी है, और उसके बाद ही अगली किस्त जारी होती है। किस्तों का सटीक ढाँचा राज्य के हिसाब से अलग हो सकता है।
पूरा पैकेज
- घर के लिए ₹1.20 लाख (मैदानी) या ₹1.30 लाख (पहाड़ी)
- शौचालय के लिए ₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण)
- 90–95 दिन की मनरेगा मज़दूरी
- जल जीवन मिशन के तहत नल का पानी, जहाँ उपलब्ध हो
वैकल्पिक होम लोन
लाभार्थी परिवार ₹70,000 तक का संस्थागत लोन ले सकते हैं। यह वैकल्पिक है और सब्सिडी के अलावा मिलता है। ब्याज दर और शर्तें बैंक के हिसाब से अलग होती हैं, इसलिए बैंक से पुष्टि करें।
लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे देखें
रजिस्ट्रेशन नंबर से
- pmayg.dord.gov.in खोलें।
- Stakeholders → IAY/PMAYG Beneficiary पर क्लिक करें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और स्टेटस देखें।
गाँव की सूची से (रजिस्ट्रेशन नंबर न हो तो)
- pmayg.dord.gov.in पर AwaasSoft → Reports में जाएँ।
- Social Audit Reports → Beneficiary details for verification चुनें।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
पंचायत कार्यालय से
ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर भी सूची लगी होती है।
आम समस्याएँ और उनके हल
सर्वे के बाद भी नाम लिस्ट में नहीं आया
- Awaas+ ऐप में रेफरेंस नंबर से स्टेटस जाँचें।
- “Pending” हो तो 2–4 हफ्ते इंतज़ार करें।
- “Rejected” हो तो पंचायत से वजह पूछें।
- ग्राम सभा की अगली बैठक में अपना मामला रखें और पंचायत सचिव को लिखित आवेदन दें।
- एक महीने तक जवाब न मिले तो आधार, जॉब कार्ड और रेफरेंस नंबर लेकर BDO ऑफिस जाएँ।
किस्त नहीं आ रही (FTO अटकी है)
FTO (Fund Transfer Order) सरकार का भुगतान आदेश होता है जो बैंक को भेजा जाता है।
- AwaasSoft पर अपना FTO स्टेटस देखें।
- FTO “Released” दिखे लेकिन पैसा न आए तो बैंक से आधार-NPCI मैपिंग जँचवाएँ। कई बार खाता आधार से सही तरह सीड नहीं होता। पासबुक में DBT क्रेडिट की एंट्री दिखनी चाहिए।
- FTO “Pending” हो तो संभावित कारण है कि जियो-टैग्ड फोटो अपलोड नहीं हुई। पंचायत से संपर्क करें।
ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही
- पंचायत सचिव को लिखित अनुरोध दें और रसीद लें।
- 15 दिन इंतज़ार करें।
- BDO से मिलकर लिखित शिकायत दें।
- 30 दिन में हल न मिले तो RTI दाखिल करें (₹10 शुल्क)।
- टोल-फ्री नंबर 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें।
धोखाधड़ी से सावधान रहें
- नाम लिस्ट में डालने के नाम पर कोई पैसा माँगे तो न दें। सर्वे और Awaas+ ऐप दोनों मुफ़्त हैं।
- सिर्फ़ Awaas+ 2024 ही आधिकारिक ऐप है। कोई और ऐप डाउनलोड न करें।
- सर्वे और सूची का काम ग्राम पंचायत और BDO ऑफिस से होता है, किसी एजेंट से नहीं।
- कोई पैसा माँगे तो उसका नाम, फोटो और फोन नंबर पंचायत और BDO को दें। पुलिस में भी शिकायत कर सकते हैं।
हेल्पलाइन और संपर्क
- टोल-फ्री: 1800-11-6446 / 1800-11-8111
- ईमेल: support-pmayg@gov.in
- फोन (दिल्ली): 011-23074307
- पता: ग्रामीण आवास प्रभाग, कृषि भवन, नई दिल्ली – 110001
- शिकायत पोर्टल: pgportal.gov.in
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PMAY-G में सीधे अप्लाई कैसे करें?
सीधे अप्लाई नहीं होता। नाम सर्वे के ज़रिए आता है। नाम न हो तो Awaas+ 2024 ऐप से स्व-सर्वे करें या पंचायत से सहायता प्राप्त सर्वे करवाएँ।
क्या PMAY-G में होम लोन मिलता है?
हाँ, ₹70,000 तक का वैकल्पिक लोन मिल सकता है। सब्सिडी अलग से मिलती है।
सब्सिडी कितनी मिलती है?
मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या मुश्किल इलाकों में ₹1.30 लाख। इसके अलावा शौचालय के ₹12,000 और मनरेगा मज़दूरी मिलती है।
क्या दोपहिया वाहन होने पर भी पात्र हैं?
हाँ, Awaas+ 2024 के नए नियमों के अनुसार दोपहिया वाहन और रेफ्रिजरेटर अब अयोग्यता का आधार नहीं हैं।
नाम लिस्ट में है लेकिन घर नहीं मिला, क्या करें?
नाम PWL में होने का मतलब है कि फंड जारी होने पर प्राथमिकता के हिसाब से स्वीकृति मिलेगी। BDO ऑफिस से अपनी स्थिति पूछें।
रजिस्ट्रेशन नंबर खो गया, लिस्ट कैसे देखें?
AwaasSoft के Reports सेक्शन में राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर नाम से सर्च करें।
सर्वे कब तक चलेगा?
Awaas+ 2024 सर्वे 17 सितंबर 2024 से शुरू हुआ था। राज्यवार समय-सीमाएँ अलग हैं, इसलिए अपनी पंचायत से पूछें।
किस्त नहीं मिली, कहाँ शिकायत करें?
पहले AwaasSoft पर FTO स्टेटस देखें। फिर बैंक या पंचायत से बात करें। शिकायत pgportal.gov.in पर या support-pmayg@gov.in पर ईमेल करके दर्ज करें, या 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें।
मुश्किल शब्दों का मतलब
- SECC 2011: 2011 की जनगणना, जिसमें गाँव के हर परिवार के घर और आर्थिक हालत दर्ज हुई थी।
- वंचन मानदंड (Deprivation criteria): घर की हालत के आधार पर प्राथमिकता तय करने के मापदंड।
- eKYC: आधार से चेहरा स्कैन करके पहचान सत्यापित करना।
- PWL (स्थायी प्रतीक्षा सूची): उन परिवारों की सूची जिनका नाम स्वीकृत है लेकिन घर की मंज़ूरी अभी बाकी है।
- FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर): बैंक को भेजा जाने वाला सरकारी भुगतान आदेश।
अब आप क्या करें?
अगर आपके पास पक्का घर नहीं है तो सबसे पहले पंचायत से पूछें कि सर्वे हुआ या नहीं। न हुआ हो तो Awaas+ 2024 ऐप से स्व-सर्वे करें, और pmayg.dord.gov.in पर अपना स्टेटस देखते रहें।
इस पूरी प्रक्रिया में किसी को पैसा न दें। मदद के लिए हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें।