PMAY-G ₹70,000 का लोन: कौन देता है, योग्यता, ब्याज दर

अक्टूबर 6, 2026
Written By Ali Akbar

पीएमएवाई-ग्रामीण क्या है?

इस लेख में PMAY-G के ₹70,000 के वैकल्पिक लोन के बारे में — कौन देता है, योग्यता, ब्याज दर और आवेदन प्रक्रिया — आसान भाषा में समझाया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है। यह पुरानी इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह अप्रैल 2016 से लागू हुई। इसका मकसद गाँव के गरीब परिवारों को पक्का घर देना है, जिसमें रसोई की जगह भी हो। घर का आकार कम से कम 25 वर्ग मीटर होना चाहिए।

PMAY-G अभी सक्रिय है। फेज 2 (2024-25 से 2028-29) में 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य है। फेज 1 के 2.95 करोड़ घर मिलाकर कुल लक्ष्य 4.95 करोड़ घर है।

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PMAY-G ₹70,000 लोन कौन देता है?

यह लोन सरकार नहीं देती, बल्कि बैंक या वित्तीय संस्थान देता है। योजना के तहत लाभार्थी ₹70,000 तक का लोन ले सकता है, जिसे घर बनाने या घर पूरा करने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

लोन लेना ज़रूरी नहीं है, यह लाभार्थी की मर्ज़ी पर है।

पहले आपका PMAY-G लाभार्थी बनना ज़रूरी है, फिर बैंक में लोन के लिए आवेदन करें।

ध्यान दें: PMAY-G में सरकार की ओर से कोई ब्याज सब्सिडी नहीं मिलती। ₹70,000 के इस ऋण पर ब्याज दर बैंक अपने नियमों के अनुसार तय करता है। इसलिए लोन लेने से पहले बैंक से लिखित में ब्याज दर और चुकाने की अवधि ज़रूर पूछ लें।

मुख्य बातें

विशेषताविवरण
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in (pmayg.dord.gov.in पर भी खुलता है)
यूनिट सहायता₹1.20 लाख (मैदानी क्षेत्र), ₹1.30 लाख (पहाड़ी/कठिन क्षेत्र, IAP जिले, पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य)
लोन राशि₹70,000 तक (बैंक से)
मनरेगा सहायताअकुशल मज़दूरी के दिन (आम तौर पर 90 दिन)
शौचालय सहायता₹12,000 तक (SBM-G के तहत)
फेज 2 लक्ष्य2 करोड़ अतिरिक्त घर (2024-25 से 2028-29)

PMAY-G पात्रता

कौन पात्र है?

  • जिनके पास घर नहीं है (बेघर)
  • जो कच्चे घर में रहते हैं (कच्ची दीवार और कच्ची छत)
  • जिनका नाम SECC 2011 या आवास+ सर्वे में शामिल है

प्राथमिकता इस क्रम में दी जाती है: बेघर, फिर शून्य कमरे वाले, फिर एक कमरे और दो कमरे के कच्चे घर वाले।

स्वतः शामिल

ये लोग सूची में अपने आप आते हैं:

  • निराश्रित (भीख पर निर्भर)
  • हाथ से मैला ढोने वाले (मैनुअल स्कैवेंजर)
  • आदिम जनजातीय समूह
  • कानूनी रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मज़दूर

प्राथमिकता वाली श्रेणियाँ

  • SC/ST के लिए कम से कम 60% लक्ष्य आरक्षित है
  • अल्पसंख्यकों के लिए 15% तक फंड आरक्षित है
  • विधवा, दिव्यांग और महिला प्रधान परिवारों को प्राथमिकता मिलती है

कौन पात्र नहीं है?

ये परिवार अपात्रता के मापदंड में आते हैं:

  • पक्के घर वाले परिवार (2 या ज़्यादा कमरे, पक्की छत और दीवार)
  • मोटर चालित वाहन के मालिक
  • मछली पकड़ने की नाव के मालिक
  • मशीनीकृत कृषि उपकरण के मालिक
  • ₹50,000 या ज़्यादा सीमा वाले किसान क्रेडिट कार्ड के धारक
  • जिस परिवार में कोई सरकारी नौकरी करता हो
  • जिस परिवार में कोई सदस्य ₹10,000 या ज़्यादा महीना कमाता हो
  • आयकर या व्यावसायिक कर देने वाले
  • रेफ्रिजरेटर के मालिक
  • लैंडलाइन फोन के मालिक
  • तय सीमा से ज़्यादा सिंचित ज़मीन के मालिक

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड (मोबाइल से लिंक्ड)
  • आधार-सीडेड बैंक पासबुक
  • मनरेगा जॉब कार्ड
  • ज़मीन के कागज़ (पट्टा/खसरा)
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • स्व-घोषणा कि आपके पास पक्का घर नहीं है

आवास+ सर्वे और पंजीकरण प्रक्रिया

PMAY-G में आम फॉर्म भरकर सीधे आवेदन नहीं होता। लाभार्थी का चयन SECC 2011 और आवास+ सर्वे के डेटा और ग्राम सभा के सत्यापन से होता है। जिन परिवारों का नाम सर्वे में छूट गया, उनके लिए आवास+ 2024 सर्वे AwaasApp से किया जाता है।

AwaasApp से सेल्फ-सर्वे कैसे करें

  1. Google Play Store से AwaasApp डाउनलोड करें।
  2. मोबाइल नंबर और आधार से OTP सत्यापन करें।
  3. “Self Survey” विकल्प चुनें।
  4. अपना पंजीकरण नंबर या SECC ID डालें।
  5. घर की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करें।
  6. परिवार का विवरण भरें और आधार eKYC पूरा करें।
  7. आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन करें।
  8. बैंक खाते का विवरण सत्यापित करें।
  9. सबमिट करें और सर्वे नंबर नोट कर लें।

सर्वे में दिक्कत आए तो

फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो रहा है
अच्छी रोशनी में कोशिश करें, पर सीधी धूप से बचें। मास्क या चश्मा हटा दें और 2-3 बार दोबारा कोशिश करें।

पंजीकरण नंबर याद नहीं है
ग्राम पंचायत के रजिस्टर में देखें, पुराने SMS चेक करें, या BDO कार्यालय से फाइल नंबर पूछें।

सर्वे सबमिट नहीं हो रहा
इंटरनेट कनेक्शन जाँचें और ऐप को नवीनतम वर्ज़न पर अपडेट करें। फिर भी न हो तो ग्राम पंचायत से सहायता प्राप्त सर्वे करवाएँ।

ग्राम सभा सत्यापन

सर्वे के बाद सूची ग्राम सभा में सत्यापित होती है और इस पर आपत्तियाँ भी दर्ज की जा सकती हैं। अंतिम स्वीकृति के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) बनती है।

घर बनाने का पैसा कैसे मिलता है?

किस्तें

पैसा सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT से आता है। यह आम तौर पर 3 से 4 किस्तों में, घर के निर्माण के चरण के हिसाब से मिलता है। किस्तों की रकम और तरीका राज्य के हिसाब से अलग हो सकता है। एक आम प्रारूप यह है:

  • पहली किस्त: ₹15,000 (स्वीकृति के बाद अग्रिम)
  • दूसरी किस्त: ₹70,000 (नींव के स्तर पर)
  • तीसरी किस्त: ₹30,000 (लिंटल स्तर पर)
  • चौथी किस्त: ₹5,000 (घर पूरा होने पर)

हर किस्त के लिए उस चरण की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करना ज़रूरी है।

कुल मदद राशि

क्षेत्र का प्रकारयूनिट सहायताकेंद्र का हिस्साराज्य का हिस्सा
मैदानी क्षेत्र₹1.20 लाख60% (₹72,000)40% (₹48,000)
पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य₹1.30 लाख90% (₹1,17,000)10% (₹13,000)

पहाड़ी/कठिन क्षेत्रों और IAP जिलों में भी ₹1.30 लाख मिलता है। इसके अलावा शौचालय के लिए ₹12,000 तक और मनरेगा के तहत मज़दूरी के दिन अलग से मिलते हैं।

लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे चेक करें?

पंजीकरण नंबर से

  1. pmayg.dord.gov.in (या pmayg.dord.gov.in) खोलें।
  2. “Stakeholders” में “IAY/PMAYG Beneficiary” पर क्लिक करें।
  3. पंजीकरण नंबर और कैप्चा डालें।
  4. नाम, स्वीकृति स्थिति और किस्तों का इतिहास देखें।

Awaas SAKHI ऐप से

  1. Awaas SAKHI ऐप इंस्टॉल करें।
  2. रजिस्टर्ड ID, मोबाइल नंबर या गेस्ट से लॉगिन करें।
  3. “Status of My House” में “Wait List” या “Track My House” चुनें।
  4. पंजीकरण नंबर डालकर PWL या किस्त की जानकारी देखें।

धोखाधड़ी से सावधान रहें

PMAY-G में नाम डालने के लिए कोई फीस नहीं लगती। अगर कोई “प्रोसेसिंग फीस” या “सूची में नाम डालने” के पैसे माँगे, तो वह धोखाधड़ी है। सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल और आधिकारिक ऐप (AwaasApp, Awaas SAKHI) पर भरोसा करें।

आम समस्याएँ और उनके हल

नाम सूची में नहीं है
ग्राम पंचायत में जाँचें कि नाम की स्पेलिंग में गलती तो नहीं है। अगर SECC या आवास+ में नाम नहीं है, तो आवास+ 2024 सर्वे में नाम दर्ज करवाएँ।

किस्त नहीं आई
AwaasApp में अगले चरण की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करें। आधार-बैंक लिंक सत्यापित करें और बैंक से NPCI मैपर स्टेटस पूछें। बहुत देर हो जाए तो CPGRAMS पर शिकायत करें।

पैसा भेज दिया गया लेकिन खाते में नहीं दिखा
बैंक शाखा जाकर FTO की तारीख के साथ जाँच करें। कभी-कभी पैसा निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) या आधार-मिसमैच वाले खाते में चला जाता है। ज़रूरत हो तो RTI से FTO नंबर, तारीख और UTR की जानकारी माँग सकते हैं।

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही
BDO कार्यालय से संपर्क करें, या CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

हेल्पलाइन और शिकायत

संपर्कविवरण
PMAY-G सपोर्ट ईमेलsupport-pmayg@gov.in
CPGRAMS पोर्टलpgportal.gov.in
आधिकारिक वेबसाइटpmayg.dord.gov.in / pmayg.dord.gov.in

शिकायत का क्रम ग्राम पंचायत, फिर ब्लॉक, फिर ज़िला और फिर राज्य स्तर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PMAY-G में ₹70,000 लोन कौन देता है?
यह लोन बैंक या वित्तीय संस्थान देता है, सरकार नहीं। पहले आपका PMAY-G लाभार्थी होना ज़रूरी है, फिर बैंक में आवेदन करना होता है।

क्या PMAY-G के लिए सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं?
आम आवेदन फॉर्म नहीं है। चयन SECC और आवास+ सर्वे से होता है। जिन लोगों का नाम छूट गया है, वे AwaasApp से सेल्फ-सर्वे कर सकते हैं।

PMAY-G लाभार्थी सूची कैसे देखें?
pmayg.dord.gov.in पर Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary पर जाकर पंजीकरण नंबर डालें।

आवास+ सर्वे क्या है?
यह सर्वे उन परिवारों को सूची में शामिल करने के लिए है जो SECC 2011 में छूट गए थे। आवास+ 2024 में AwaasApp से सेल्फ-सर्वे और आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन होता है।

क्या पक्के घर वाले PMAY-G ले सकते हैं?
नहीं। पक्के घर वाले परिवार अपात्रता के मापदंड में आते हैं।

किस्तें कितने में मिलती हैं?
आम तौर पर 3 से 4 किस्तों में, निर्माण के चरण के हिसाब से। रकम और तरीका राज्य के अनुसार अलग हो सकता है।

क्या मनरेगा जॉब कार्ड ज़रूरी है?
हाँ। जॉब कार्ड से घर बनाने के दौरान अकुशल मज़दूरी के दिन मिलते हैं, जिनकी संख्या क्षेत्र के हिसाब से तय होती है।

आधार-बैंक लिंक नहीं है तो क्या होगा?
DBT फेल हो जाएगा और किस्त नहीं आएगी। बैंक जाकर आधार सीडिंग करवाएँ, फिर ब्लॉक कार्यालय से FTO दोबारा भिजवाएँ।

किस्त नहीं आई तो शिकायत कहाँ करें?
CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत करें, या BDO कार्यालय में लिखित शिकायत दें।

सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
AwaasApp में देखें कि कौन सा चरण अटका है। जियो-टैग पेंडिंग हो तो फोटो अपलोड करें। FTO रिटर्न हुआ हो तो बैंक में आधार सीडिंग करवाएँ। सब ठीक होने के बाद भी पैसा न आए तो CPGRAMS पर शिकायत करें।

क्या सूची में नाम आने पर घर पक्का मिलेगा?
सूची में नाम आना पहला कदम है। स्वीकृति, निर्माण और किस्त जारी होना अलग प्रक्रियाएँ हैं, इसलिए नाम आते ही तुरंत स्वीकृति मिलना ज़रूरी नहीं है।

निष्कर्ष

PMAY-G गाँव के गरीब परिवारों के लिए पक्का घर पाने का अच्छा ज़रिया है। ₹70,000 का लोन वैकल्पिक है और बैंक से मिलता है, इसलिए लोन से पहले उसकी शर्तें और ब्याज दर बैंक से पक्की कर लें। अपना स्टेटस आधिकारिक पोर्टल पर चेक करते रहें, और किसी एजेंट को पैसा न दें, क्योंकि आवेदन बिल्कुल मुफ़्त है।

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