PMAY-G लोन एजेंट धोखाधड़ी: इससे कैसे बचें

अक्टूबर 7, 2026
Written By Ali Akbar

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) 1 अप्रैल 2016 को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने शुरू की थी। इसका उद्देश्य उन परिवारों को पक्का घर देना है जो कच्चे घर में रहते हैं या जिनके पास घर ही नहीं है।

गाँव में कई लोग “लोन एजेंट” या “नाम लिस्ट में डालने वाले” लोगों के जाल में फँस जाते हैं। PMAY-G में कोई लोन एजेंट नहीं होता। यह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना है, यानी पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आता है। जो भी “नाम लिस्ट में डालने के लिए” पैसा माँगे, वह फ्रॉड है।

इस लेख में हम बताएँगे कि असली प्रक्रिया क्या है, कौन पात्र है और फ्रॉड से कैसे बचें।

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PMAY-ग्रामीण एक नज़र में

विशेषताविवरण
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G)
शुरू होने की तारीख1 अप्रैल 2016 (इंदिरा आवास योजना की जगह)
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in
सहायता राशि₹1.20 लाख (मैदानी क्षेत्र), ₹1.30 लाख (पहाड़ी/उत्तर-पूर्वी राज्य)
शौचालय सहायता₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के माध्यम से)
मनरेगा मज़दूरी90-95 दिन की अकुशल श्रम मज़दूरी

PMAY-G पात्रता: घर कौन ले सकता है

कौन पात्र है

  • बेघर परिवार (जिनके पास घर नहीं है)
  • कच्चे घर में रहने वाले परिवार (0, 1 या 2 कच्ची दीवारें और कच्ची छत)
  • SECC 2011 या आवास+ सर्वे में चिह्नित परिवार

प्राथमिकता वाली श्रेणियाँ

  • SC/ST परिवार (न्यूनतम 60% लक्ष्य)
  • अल्पसंख्यक (अधिकतम 15% आवंटन)
  • विधवा महिलाएँ और दिव्यांग व्यक्ति

कौन पात्र नहीं है

ये परिवार आमतौर पर योजना के लिए पात्र नहीं होते:

  • जिनके पास पक्का घर है
  • जिनके पास मोटराइज़्ड तिपहिया या चारपहिया वाहन है
  • जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी वाला सदस्य है
  • जो इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स देते हैं
  • जिनके परिवार में सबसे ज़्यादा कमाने वाले सदस्य की मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है

कोई एजेंट अगर कहता है कि “पक्का घर होने के बावजूद नाम डाल देंगे”, तो वह झूठ बोल रहा है।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड (e-KYC और सत्यापन के लिए)
  • मनरेगा जॉब कार्ड नंबर
  • आधार से लिंक बैंक खाते की पासबुक (DBT के लिए)
  • स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण का शौचालय पंजीकरण नंबर (शौचालय सहायता के लिए)

सर्वे के लिए कोई पैसा नहीं लगता। कोई भी पैसा माँगे तो वह फ्रॉड है।

आवास प्लस सर्वे: चरण-दर-चरण प्रक्रिया

PMAY-G में सीधे “अप्लाई” करने का फ़ॉर्म नहीं होता। लाभार्थी का चयन सर्वे के माध्यम से होता है। सर्वे मुफ़्त है।

स्व-सर्वे कैसे करें (आवास+ 2024 ऐप)

  1. गूगल प्ले स्टोर से आवास+ 2024 ऐप डाउनलोड करें।
  2. आधार नंबर डालें और फेस ऑथेंटिकेशन करें (आँख झपकानी पड़ेगी)।
  3. परिवार की जानकारी भरें: सदस्यों के नाम, आधार, उम्र, जाति और वैवाहिक स्थिति।
  4. लाभार्थी चुनें। महिला के नाम को प्राथमिकता दी जाती है।
  5. मौजूदा घर और प्रस्तावित जगह की जियो-टैग्ड फ़ोटो लें।
  6. जानकारी जाँचकर सबमिट करें।

अगर ऐप में एरर आए

एररसमाधान
eKYC फ़ेलआधार से लिंक मोबाइल नंबर जाँचें और दोबारा कोशिश करें
लोकेशन नहीं मिलीGPS ऑन करें और खुली जगह पर जाएँ
फ़ोटो अपलोड फ़ेलइंटरनेट जाँचें और फ़ोटो का साइज़ कम करें
सर्वे पहले से सबमिट हैग्राम पंचायत से पुष्टि करें कि नाम पहले से दर्ज है या नहीं

सहायता प्राप्त सर्वे (Assisted Survey)

अगर आपको ऐप चलाना नहीं आता, तो ग्राम पंचायत के माध्यम से पंजीकृत सर्वेयर आपके घर आता है। सर्वेयर का ID और अधिकार पत्र ज़रूर देखें। अगर वह पैसा माँगे, तो तुरंत BDO कार्यालय में शिकायत करें।

पैसा कैसे मिलता है

सर्वे के बाद ग्राम सभा सत्यापन होता है, फिर नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची (Permanent Wait List – PWL) में आता है और स्वीकृति आदेश (सैंक्शन ऑर्डर) जारी होता है।

पैसा किस्तों में आता है, और हर किस्त निर्माण के चरण से जुड़ी होती है (स्वीकृति, प्लिंथ और लिंटल/छत स्तर)। किस्त की सही राशि राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है। शौचालय के ₹12,000 स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से अलग मिलते हैं।

हर चरण पर आवास ऐप से जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फ़ोटो अपलोड करनी पड़ती है। फ़ोटो अपलोड और सत्यापित होने के बाद ही अगली किस्त जारी होती है।

लाभार्थी सूची में नाम कैसे जाँचें

  1. pmayg.dord.gov.in पर जाएँ।
  2. Stakeholders में “IAY/PMAYG Beneficiary” चुनें।
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर डालें (नंबर नहीं है तो Advanced Search का उपयोग करें)।
  4. राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
  5. सबमिट करें। स्वीकृति और किस्त की जानकारी दिख जाएगी।

ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से भी आप PWL में अपना नाम और प्राथमिकता क्रम पता कर सकते हैं।

आम समस्याएँ और उनके समाधान

नाम लिस्ट में नहीं है, फिर भी मैं पात्र हूँ

  • ग्राम पंचायत में PWL जाँचें।
  • आधार और सर्वे में नाम की स्पेलिंग एक जैसी है या नहीं, देखें।
  • BDO (खंड विकास अधिकारी) को लिखित आवेदन दें।
  • pgportal.gov.in (CPGRAMS) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
  • ज़रूरत हो तो RTI से सर्वे रिकॉर्ड और अस्वीकृति का कारण माँगें।

किस्त नहीं आई

  1. बैंक पासबुक में DBT एंट्री जाँचें।
  2. बैंक शाखा में जाकर आधार-NPCI मैपिंग की जाँच करवाएँ।
  3. देखें कि जियो-टैग्ड फ़ोटो पेंडिंग या रिजेक्ट तो नहीं है।
  4. BDO कार्यालय में लिखित शिकायत दें।
  5. support-pmayg@gov.in पर ईमेल करें या CPGRAMS पर शिकायत करें।

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही

  1. BDO से सीधे बात करें।
  2. CPGRAMS पर शिकायत करें और संबंधित अधिकारी का नाम लिखें।
  3. ज़िला पंचायती राज अधिकारी (DPRO) को लिखित पत्र दें।
  4. जन सुनवाई में मुद्दा उठाएँ।
  5. RTI से पंचायत के PMAY-G रिकॉर्ड माँगें।

जियो-टैग्ड फ़ोटो रिजेक्ट हो गई

फ़ोटो अक्सर धुँधली होने, लोकेशन मेल न खाने या ज़रूरी चीज़ (जैसे शौचालय) न दिखने की वजह से रिजेक्ट होती है।

साफ़ फ़ोटो के साथ दोबारा अपलोड करें। ज़रूरत हो तो BDO कार्यालय से फ़ील्ड इंस्पेक्शन का अनुरोध करें।

PMAY-G फ्रॉड: 5 तरीके जिनसे आपको ठगा जा सकता है

1. “नाम लिस्ट में डाल देंगे” वाला एजेंट

वह कहता है: “₹5,000 दो, नाम PWL में डाल देंगे।” सच यह है कि PWL ग्राम सभा सत्यापन के बाद बनती है और कोई एजेंट इसे नहीं बदल सकता।

2. फ़र्ज़ी सर्वेयर

वह कहता है: “मैं सरकारी सर्वेयर हूँ, ₹500 सर्वे फ़ीस दो।” सर्वे बिल्कुल मुफ़्त है। असली सर्वेयर का नाम ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में होता है और वह ID दिखा सकता है।

3. फ़र्ज़ी वेबसाइट

कुछ लोग आधिकारिक पोर्टल जैसी दिखने वाली फ़र्ज़ी वेबसाइटें बनाते हैं। हमेशा ब्राउज़र में खुद pmayg.dord.gov.in टाइप करें और किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।

4. प्रोसेसिंग फ़ीस स्कैम

वह कहता है: “पहली किस्त के लिए ₹2,000 प्रोसेसिंग फ़ीस दो।” पैसा सीधे बैंक खाते में आता है और कोई प्रोसेसिंग फ़ीस नहीं लगती। एडवांस पेमेंट की माँग हमेशा फ्रॉड होती है।

5. पक्का घर वाले को भी ऑफ़र

वह कहता है: “पक्का घर है तो क्या हुआ, सेटिंग कर देंगे।” ऐसा काम गलत है और आप पर भी कार्रवाई हो सकती है। पात्रता खुद जाँचें और ऐसे ऑफ़र को मना करें।

फ्रॉड कहाँ रिपोर्ट करें

जगहविवरण
CPGRAMSpgportal.gov.in
ईमेलsupport-pmayg@gov.in
हेल्पलाइन1800-11-6446 / 1800-11-8111
BDO कार्यालयअपना खंड विकास कार्यालय
पुलिसस्थानीय थाना (अगर पैसा दे दिया हो)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

PMAY-G में ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?
सीधे अप्लाई फ़ॉर्म नहीं होता। चयन आवास+ सर्वे से होता है। आप आवास+ 2024 ऐप से स्व-सर्वे कर सकते हैं या ग्राम पंचायत से सहायता प्राप्त सर्वे का अनुरोध कर सकते हैं।

क्या PMAY-G में एजेंट की ज़रूरत है?
बिल्कुल नहीं। सर्वे मुफ़्त है और पैसा DBT से सीधे बैंक खाते में आता है। एजेंट पैसा माँगे तो वह फ्रॉड है।

PMAY-G में कितना पैसा मिलता है?
मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/उत्तर-पूर्वी राज्यों में ₹1.30 लाख। शौचालय के लिए ₹12,000 अलग से मिलते हैं।

किस्त कब मिलती है?
किस्तें निर्माण के चरणों (स्वीकृति, प्लिंथ, लिंटल/छत) पर मिलती हैं। हर चरण पर जियो-टैग्ड फ़ोटो अपलोड करना ज़रूरी है।

क्या सरकारी कर्मचारी PMAY-G ले सकता है?
नहीं। सरकारी नौकरी वाले सदस्य वाले परिवार और इनकम टैक्स देने वाले परिवार पात्र नहीं हैं।

सर्वे के लिए कितना पैसा लगता है?
कुछ नहीं। सर्वे पूरी तरह मुफ़्त है।

नाम लिस्ट में नहीं है तो क्या करें?
ग्राम पंचायत में PWL जाँचें, BDO से मिलें और CPGRAMS पर शिकायत दर्ज करें।

किस्त नहीं मिली तो कहाँ शिकायत करें?
BDO कार्यालय में लिखित शिकायत दें, pgportal.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या support-pmayg@gov.in पर ईमेल करें।

सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
पहले बैंक पासबुक और आधार-NPCI मैपिंग जाँचें। फिर देखें कि जियो-टैग्ड फ़ोटो पेंडिंग तो नहीं है। उसके बाद भी पैसा न आए तो BDO कार्यालय में शिकायत करें।

निष्कर्ष

याद रखें: PMAY-G में कोई एजेंट नहीं होता, सर्वे मुफ़्त है और पैसा सीधे बैंक खाते में आता है। जो भी पैसा माँगे, वह फ्रॉड है।

अपनी ग्राम पंचायत से संपर्क करके आवास+ सर्वे में अपना नाम दर्ज करवाएँ, और किसी भी एजेंट को पैसा न दें।

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