PMAY-G हेल्पलाइन, शिकायत और सुधार

सितम्बर 21, 2026
Written By Ali Akbar

इस लेख में PMAY-G की हेल्पलाइन, शिकायत करने के तरीके और नाम या जानकारी में सुधार की प्रक्रिया आसान भाषा में समझाई गई है। PMAY-G योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है। इसे 1 अप्रैल 2016 को इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह शुरू किया गया था।

PMAY-G हेल्पलाइन और संपर्क विवरण

  • राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111
  • ईमेल: support-pmayg@gov.in
  • ऑनलाइन शिकायत: pgportal.gov.in (CPGRAMS)
  • आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in

लाभार्थी की जानकारी आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in पर मिलती है। अगर कोई दूसरे लिंक पर पैसे मांगे या लॉगिन करवाए, तो सावधान रहें।

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PMAY-G और PMAY-U की तुलना

PMAY-G से जुड़े आम सवाल और सरकारी आवास योजना से संबंधित जानकारी

PMAY-G की बुनियादी जानकारी

इस योजना में पक्का घर बनाने के लिए मदद मिलती है:

  • मैदानी इलाके: ₹1.20 लाख
  • पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी राज्य: ₹1.30 लाख
  • शौचालय: स्वच्छ भारत मिशन से ₹12,000
  • मजदूरी: MGNREGA के तहत घर बनाने के लिए 90-95 दिन की अकुशल मजदूरी

पैसा सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT से आता है। अगस्त 2024 में केंद्रीय कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने की मंज़ूरी दी। इसका कुल परिव्यय ₹3.06 लाख करोड़ है

कौन पात्र है और कौन नहीं

यह योजना उन ग्रामीण परिवारों के लिए है जिनके पास घर नहीं है या जो कच्चे या खराब घर में रहते हैं। जिन परिवारों को घर की हालत के हिसाब से ज़्यादा ज़रूरत है, उन्हें प्राथमिकता मिलती है। SC/ST परिवारों के लिए कम से कम 60% लक्ष्य आरक्षित है

जिन परिवारों के पास ये चीज़ें हैं, वे आम तौर पर पात्र नहीं होते:

  • पक्का घर
  • मोटर चालित तिपहिया या चारपहिया वाहन, या मशीनीकृत खेती का सामान
  • ₹50,000 या उससे ज़्यादा की सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड
  • सरकारी नौकरी वाला परिवार का सदस्य
  • आयकर या व्यावसायिक कर देने वाला सदस्य

2024 में हुए बदलाव

कैबिनेट के फैसले के बाद कुछ शर्तें हटा दी गई हैं। अब मोटर चालित दोपहिया वाहन, मशीनीकृत मछली पकड़ने की नाव, रेफ्रिजरेटर और लैंडलाइन फोन होने से परिवार अपात्र नहीं होता।

परिवार की मासिक आय सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है। ज़मीन से जुड़ी शर्तें भी आसान की गई हैं। आपके मामले में क्या लागू होता है, यह ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से पक्का कर लें

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड (eKYC के लिए)
  • आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक
  • MGNREGA जॉब कार्ड
  • आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए, जहां ज़रूरी हो)
  • आय और ज़मीन के दस्तावेज़, जहां मांगे जाएं

PMAY-G में सर्वे कैसे होता है

PMAY-G में सीधे ऑनलाइन आवेदन नहीं होता। पहले सर्वे होता है, फिर नाम परमानेंट वेट लिस्ट (PWL) में आता है।

पुरानी सूची SECC 2011 पर आधारित थी। जो पात्र परिवार उस सूची से छूट गए थे, उनके लिए Awaas+ 2024 सर्वे चल रहा है

ग्राम पंचायत के ज़रिए सर्वे

अपनी ग्राम पंचायत से संपर्क करें। सर्वेयर घर आकर घर की टाइम-स्टैम्प्ड और जियो-टैग्ड फोटो लेगा, आधार eKYC फेस ऑथेंटिकेशन करेगा और डेटा Awaas+ पर अपलोड करेगा

AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे

  1. Google Play Store से AwaasPlus 2024 ऐप डाउनलोड करें
  2. आधार फेस ऑथेंटिकेशन के लिए AadhaarFaceRD ऐप भी इंस्टॉल करें
  3. मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें और “Self-Survey” चुनें
  4. घर की मौजूदा हालत और प्रस्तावित निर्माण स्थल की फोटो लें
  5. आधार eKYC फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करके डेटा सबमिट करें

यह ऐप ऑफलाइन भी काम करता है, इसलिए इंटरनेट न होने पर भी डेटा कैप्चर हो जाता है। सिर्फ AwaasPlus 2024 और AwaasSAKHI ही आधिकारिक ऐप हैं। किसी और ऐप पर भरोसा न करें

घर बनाने और पैसा मिलने की प्रक्रिया

सर्वे के बाद ग्राम सभा सत्यापन होता है, नाम PWL में आता है और स्वीकृति आदेश (सैंक्शन ऑर्डर) मिलता है। स्वीकृति के बाद पैसा निर्माण के चरणों के हिसाब से आता है।

हर चरण के बाद जियो-टैग्ड फोटो अपलोड होती है, और उसके बाद ही अगली किस्त जारी होती है। इसलिए काम रुक जाए या फोटो अपलोड न हो, तो किस्त भी रुक सकती है

लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे चेक करें

रजिस्ट्रेशन नंबर से

  1. pmayg.dord.gov.in खोलें
  2. “Stakeholders” मेन्यू में “IAY/PMAYG Beneficiary” चुनें
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर डालें, कैप्चा भरें और Submit करें
  4. सैंक्शन स्टेटस, किस्तों का इतिहास और निर्माण चरण दिखेगा

रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है तो

“Advanced Search” पर क्लिक करें। राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें, फिर नाम या दूसरी जानकारी से खोजें

पोर्टल कभी धीमा या बंद हो, तो थोड़ी देर बाद या सुबह जल्दी दोबारा कोशिश करें। ज़रूरत हो तो नज़दीकी CSC या ग्राम पंचायत कार्यालय से मदद लें

शिकायत कहां और कैसे करें

शिकायत करने का कोई पैसा नहीं लगता। ये तरीके इस्तेमाल कर सकते हैं:

  • हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें
  • ईमेल: support-pmayg@gov.in पर अपनी जानकारी और रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ लिखें
  • ग्राम पंचायत और ब्लॉक कार्यालय: BDO या प्रोग्राम ऑफिसर को लिखित शिकायत दें और रसीद ज़रूर लें
  • ज़िला स्तर: ब्लॉक पर सुनवाई न हो तो ज़िला ग्रामीण विकास कार्यालय में लिखित शिकायत दें
  • CPGRAMS: pgportal.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। शिकायत नंबर संभालकर रखें ताकि स्टेटस ट्रैक हो सके

शिकायत में अपना नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, ग्राम पंचायत, ब्लॉक, ज़िला और समस्या साफ़ लिखें। जहां हो सके, दस्तावेज़ या फोटो का सबूत लगाएं। अगर सर्वे या शिकायत से जुड़ी कोई गलत रिपोर्ट दर्ज हुई है, तो आप galat report ki shikayat CPGRAMS par darj कर सकते हैं।

नाम या जानकारी में सुधार कैसे करवाएं

अगर नाम, स्पेलिंग, बैंक खाता या आधार की जानकारी गलत है, तो बैंक सत्यापन फेल हो सकता है और किस्त रुक सकती है

  1. ब्लॉक कार्यालय (BDO) को लिखित आवेदन दें
  2. आवेदन के साथ आधार, बैंक पासबुक और वोटर ID की कॉपी लगाएं
  3. आवेदन की रसीद या पावती ज़रूर लें
  4. कुछ समय बाद पोर्टल पर देखें कि सुधार हुआ या नहीं
  5. सुनवाई न हो तो CPGRAMS पर शिकायत दर्ज करें

आम समस्याएं और उनके हल

सर्वे हो गया, लेकिन नाम सूची में नहीं है

ग्राम पंचायत से सत्यापन रिकॉर्ड मांगें और BDO कार्यालय में लिखित शिकायत दें। जवाब न मिले तो RTI दाखिल कर सकते हैं। अगर सर्वे हुआ ही नहीं, तो ग्राम पंचायत से Awaas+ 2024 सर्वे में नाम जोड़ने को कहें

सैंक्शन है, लेकिन किस्त नहीं आई

पहले बैंक में DBT एंट्री चेक करें और आधार-बैंक सीडिंग सत्यापित करें। फिर BDO से पूछें कि जियो-टैगिंग और फोटो अपलोड पूरे हैं या नहीं। इसके बाद भी हल न हो तो हेल्पलाइन और CPGRAMS का इस्तेमाल करें

सिर्फ सर्वे में नाम है, सैंक्शन नहीं मिला

सर्वे में नाम आना और सैंक्शन होना अलग बातें हैं। सैंक्शन ऑर्डर मिलना ज़रूरी है। BDO से सैंक्शन स्टेटस पूछें

कोई पैसा मांग रहा है

PMAY-G में कोई रजिस्ट्रेशन फीस या कमीशन नहीं है। अगर ग्राम प्रधान, एजेंट या कोई भी पैसा मांगे, तो BDO को लिखित शिकायत दें, CPGRAMS पर शिकायत करें और सबूत सुरक्षित रखें

फ्रॉड से कैसे बचें

  • नाम लिस्ट में डालने के नाम पर पैसा मांगने वाले पर भरोसा न करें
  • सिर्फ आधिकारिक ऐप और आधिकारिक पोर्टल इस्तेमाल करें
  • किसी को OTP, आधार या बैंक की जानकारी न दें
  • सर्वे, शिकायत और सुधार, तीनों मुफ़्त हैं

जल्दी समझने के लिए शब्दावली

  • DBT: पैसा सीधे बैंक खाते में
  • eKYC: आधार से पहचान सत्यापित करना
  • जियो-टैगिंग: घर की फोटो GPS लोकेशन के साथ
  • PWL: परमानेंट वेट लिस्ट, यानी पक्की सूची जिसमें नाम आता है
  • FTO: फंड ट्रांसफर ऑर्डर, यानी पैसा भेजने का आदेश

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PMAY-G हेल्पलाइन नंबर क्या है?
राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर 1800-11-6446 / 1800-11-8111 है

शिकायत का ईमेल क्या है?
support-pmayg@gov.in पर लिख सकते हैं। ऑनलाइन शिकायत के लिए pgportal.gov.in (CPGRAMS) इस्तेमाल करें

लाभार्थी सूची कैसे देखें? pmayg.dord.gov.in पर Stakeholders मेन्यू में IAY/PMAYG Beneficiary चुनें और रजिस्ट्रेशन नंबर या Advanced Search से जानकारी देखें।

PMAY-G में कितना पैसा मिलता है?
मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या उत्तर-पूर्वी राज्यों में ₹1.30 लाख। इसके अलावा शौचालय के लिए ₹12,000 और MGNREGA से 90-95 दिन की मजदूरी मिलती है।

PMAY-G में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
सीधे ऑनलाइन आवेदन नहीं होता। ग्राम पंचायत से सर्वे करवाएं या AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे करें

किस्त नहीं मिली तो क्या करें?
बैंक में DBT एंट्री चेक करें, फिर BDO से जियो-टैगिंग स्टेटस पूछें। उसके बाद हेल्पलाइन या CPGRAMS पर शिकायत करें

सुधार कैसे करवाएं?
BDO को दस्तावेज़ों के साथ लिखित आवेदन दें और रसीद लें

निष्कर्ष

PMAY-G से जुड़े ज़्यादातर मसले सही जगह लिखित शिकायत देने और दस्तावेज़ ठीक रखने से हल हो जाते हैं।

याद रखें: आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in है, हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 है, और ईमेल support-pmayg@gov.in है। कोई पैसा मांगे तो बिल्कुल न दें और शिकायत करें

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