PMAY-ग्रामीण के तहत हर साल सरकार राज्यों और जिलों को घर बनाने का लक्ष्य देती है, जो आगे ब्लॉक और ग्राम पंचायत तक जाता है। इस गाइड में समझेंगे कि MIS Reports से अपनी पंचायत का लक्ष्य और स्वीकृत (sanctioned) घर कैसे देखें, अपना स्टेटस कैसे चेक करें, और पैसा अटक जाए तो क्या करें।
PMAY-ग्रामीण में सीधे “Apply Online” का विकल्प नहीं है। नाम सिर्फ सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन के बाद सूची में आता है।
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PMAY-G 2026-27: प्राथमिकता आदेश कैसे काम करता है और आपका घर कब आएगा?
PMAY-ग्रामीण की मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| शुरुआत | 2016 (इंदिरा आवास योजना की जगह) |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.nic.in |
| MIS रिपोर्ट पोर्टल | report.pmayg.dord.gov.in |
| सहायता राशि (मैदानी क्षेत्र) | ₹1.20 लाख |
| सहायता राशि (पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र) | ₹1.30 लाख |
| कुल लक्ष्य (2029 तक) | 4.95 करोड़ घर |
PMAY-ग्रामीण क्या है?
PMAY-ग्रामीण एक सरकारी योजना है जो गाँव के बेघर और कच्चे घर में रहने वाले परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक मदद देती है। 2016 में इंदिरा आवास योजना (IAY) को इस योजना में बदल दिया गया।
इस योजना को ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है। घर के साथ स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय और मनरेगा (MGNREGA) से मजदूरी का लाभ भी मिलता है।
कैबिनेट ने 2024-25 से 2028-29 के लिए 2 करोड़ नए घरों को मंजूरी दी है। पहले के 2.95 करोड़ के लक्ष्य को मिलाकर योजना का कुल लक्ष्य 4.95 करोड़ घर है।
कौन घर ले सकता है? (पात्रता)
PMAY-G में लाभार्थी का चयन Awaas Plus सर्वे और SECC 2011 के आधार पर होता है। सिर्फ गरीब होना काफी नहीं होता, कुछ शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं।
कौन पात्र है
- बेघर परिवार
- कच्चे घर में रहने वाले परिवार
- जिनके पास पहले से पक्का घर नहीं है
कौन पात्र नहीं है
- जिनके पास पहले से पक्का घर है
- जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है
- इनकम टैक्स देने वाले परिवार
- जिनके परिवार में किसी की आय ₹15,000 महीने से ज्यादा है
- जिनके पास चार पहिया मोटर वाहन है
किन्हें प्राथमिकता मिलती है
योजना में SC/ST परिवारों के लिए कम से कम 60% लक्ष्य आरक्षित है। इसी तरह विधवा महिलाओं, दिव्यांग व्यक्तियों और अल्पसंख्यक परिवारों को भी प्राथमिकता दी जाती है। प्राथमिकता का मतलब है कि कतार में आपका नंबर पहले आ सकता है, पर घर तुरंत मिल जाना तय नहीं होता।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक होना ज़रूरी)
- बैंक पासबुक (आधार-सीडेड खाता)
- मनरेगा जॉब कार्ड
अगर आधार बैंक से लिंक नहीं है तो पैसा नहीं आएगा। सबसे पहले बैंक जाकर आधार सीडिंग करवा लें।
Awaas Plus सर्वे से नाम कैसे आता है
PMAY-G में घर पाने का कोई सीधा अप्लाई बटन नहीं है। लाभार्थी का नाम दो रास्तों से आता है: SECC 2011 की सूची, या Awaas Plus सर्वे।
अगर आपको लगता है कि आप पात्र हैं लेकिन सूची में नाम नहीं है, तो Awaas Plus सर्वे ही रास्ता है।
सर्वेयर के जरिए सर्वे
ग्राम पंचायत का सर्वेयर घर-घर जाकर AwaasPlus ऐप से सर्वे करता है। वह घर की फोटो खींचता है, लोकेशन जियो-टैग करता है और विवरण सबमिट करता है। आपको अपना आधार और घर की जानकारी देनी होती है।
खुद से सर्वे (Self-Survey)
- Play Store से AwaasPlus 2024 ऐप डाउनलोड करें। डेवलपर का नाम Ministry of Rural Development होना चाहिए।
- ऐप में Self-Survey विकल्प चुनें।
- आधार नंबर डालकर Face Authentication करें।
- परिवार का विवरण, घर की हालत और बैंक विवरण भरें।
- घर की फोटो खींचकर सबमिट करें।
सर्वे के बाद क्या होता है
सर्वे के बाद नाम Permanent Wait List (PWL) में जाता है। PWL उन परिवारों की सूची है जिनका नाम सर्वे के बाद घर के इंतज़ार में है। जब पंचायत को लक्ष्य मिलता है, तब PWL से नाम चुनकर Sanction Order जारी होता है।
सर्वे करना घर मिलना नहीं है। घर तब मिलता है जब आपका नंबर आता है और ग्राम सभा सत्यापन पूरा होता है।
सर्वे में आने वाली दिक्कतें
- Face authentication फेल हो तो रोशनी वाली जगह पर दोबारा कोशिश करें।
- आधार सर्वर डाउन हो तो कुछ घंटे बाद कोशिश करें।
- लोकेशन काम न करे तो फोन की लोकेशन सर्विस ऑन करके खुली जगह पर सर्वे करें।
- ऐप फिर भी एरर दे तो पंचायत के सर्वेयर से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।
सर्वे बिल्कुल मुफ्त है। कोई एजेंट कहे कि पैसे देने पर नाम डाल देगा, तो वह झूठ बोल रहा है।
पैसा कैसे मिलता है
सहायता राशि एक साथ नहीं आती। घर के निर्माण की प्रगति के हिसाब से किस्तों में, सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में आती है। हर किस्त से पहले घर की फोटो जियो-टैग करनी पड़ती है।
| क्षेत्र | घर की सहायता | अतिरिक्त लाभ |
|---|---|---|
| मैदानी क्षेत्र | ₹1.20 लाख | 90-95 दिन की मनरेगा मजदूरी और शौचालय के लिए ₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन) |
| पहाड़ी / दुर्गम क्षेत्र | ₹1.30 लाख | 90-95 दिन की मनरेगा मजदूरी और शौचालय के लिए ₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन) |
पंचायत का लक्ष्य और कोटा कैसे चेक करें
आपकी पंचायत को कितने घर मिले हैं, यह MIS Reports से देखा जा सकता है।
स्वीकृत घरों की सूची देखें
- ब्राउज़र में report.pmayg.dord.gov.in खोलें।
- Social Audit Reports सेक्शन में जाएँ।
- Beneficiary details for verification पर क्लिक करें।
- अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- कैप्चा भरकर Submit करें।
अब आपकी ग्राम पंचायत के उन लाभार्थियों की सूची खुलेगी जिनके घर स्वीकृत हो चुके हैं। इस सूची से पता चलता है कि आपकी पंचायत में कितने घर स्वीकृत हुए हैं।
लक्ष्य और स्वीकृत में फर्क
लक्ष्य (Target) सरकार का तय किया हुआ लक्ष्य होता है, जबकि स्वीकृत (Sanctioned) वे घर हैं जिन्हें असल में मंजूरी मिल चुकी है। दोनों अलग चीजें हैं। लक्ष्य और प्रगति की रिपोर्ट MIS पोर्टल के Awaassoft रिपोर्ट्स में राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक देखी जा सकती है। पंचायत का लक्ष्य साफ न दिखे तो ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस (BDO) या पंचायत ऑफिस से Target और Achievement की जानकारी माँग सकते हैं।
अगर सूची में आपका नाम नहीं है, तो मतलब अभी आपका नंबर नहीं आया। वेटिंग लिस्ट में अपनी स्थिति BDO ऑफिस से पता करें।
अपना नाम और स्टेटस कैसे चेक करें
रजिस्ट्रेशन नंबर से
- pmayg.nic.in खोलें।
- Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary पर क्लिक करें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर Submit करें।
यहाँ आपको स्टेटस दिखेगा, जैसे स्वीकृत, किस्त मिली या घर पूरा।
रजिस्ट्रेशन नंबर न हो तो
Advanced Search में राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर अपना नाम ढूँढें। रजिस्ट्रेशन नंबर खो गया हो तो पंचायत ऑफिस से भी नाम सर्च करवा सकते हैं।
आम समस्याएँ और उनके हल
नाम सूची में नहीं आ रहा
पहले चेक करें कि Awaas Plus सर्वे हुआ था या नहीं। अगर नहीं हुआ, तो पंचायत से सर्वे करवाएँ। सर्वे हो चुका हो और SECC 2011 में नाम होने के बाद भी सूची में न हो, तो ग्राम सभा में अपील करें।
किस्त (Installment) नहीं आ रही
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर निकालें। न हो तो Advanced Search से नाम और पंचायत डालकर ढूँढें।
- MIS पोर्टल पर पेमेंट स्टेटस देखें कि कौन-सी किस्त जारी हुई और कौन-सी पेंडिंग है।
- पेमेंट जारी होने के बाद भी पैसा न आए, तो आधार-बैंक सीडिंग चेक करवाएँ। बैंक में आधार-बेस्ड पेमेंट इनेबल करवाएँ और पासबुक में आधार लिंक वेरिफाई करें।
- रिपोर्ट में जियो-टैग या निरीक्षण पेंडिंग दिखे, तो पंचायत सचिव या BDO को लिखित आवेदन दें और उसकी कॉपी अपने पास रखें।
- 15 दिन में जवाब न मिले तो CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर शिकायत करें और शिकायत नंबर सेव कर लें।
- फिर भी समाधान न हो तो RTI फाइल करें। उसमें अपनी पेंडिंग किस्त का स्टेटस, जियो-टैग या निरीक्षण रिकॉर्ड और पेमेंट न आने का कारण पूछें।
जियो-टैग फोटो पेंडिंग है
जियो-टैग फोटो वह होती है जो आपके घर की लोकेशन के साथ खींची जाती है। यह इस बात का प्रमाण है कि घर सही जगह बन रहा है। यह पेंडिंग हो तो अगली किस्त नहीं आती। सबसे पहले पंचायत सचिव से पूछें कि फोटो अपलोड हुई या नहीं। अपलोड के बाद भी पैसा न आए, तो BDO ऑफिस में रिकॉर्ड चेक करवाएँ। गलत घर की फोटो लग गई हो तो तुरंत शिकायत करें, क्योंकि इससे पेमेंट रुक सकता है।
पंचायत सहयोग नहीं कर रही
पहले BDO को लिखित शिकायत दें। फिर support-pmayg@gov.in पर ईमेल करें या हेल्पलाइन 1800-11-6446 पर संपर्क करें।
ऐप में एरर आ रहा है
ऐप को Play Store से अपडेट करें और face authentication के लिए अच्छी रोशनी में कोशिश करें। समस्या बनी रहे तो सर्वेयर से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।
फ्रॉड से सावधान रहें
- कोई भी एजेंट पैसे लेकर नाम सूची में नहीं डाल सकता।
- नाम सिर्फ Awaas Plus सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन से आता है।
- सर्वे और घर का लाभ बिल्कुल मुफ्त है, जो भी पैसा माँगे वह फ्रॉड है।
- सिर्फ आधिकारिक पोर्टल pmayg.nic.in और ग्रामीण विकास मंत्रालय के ऐप का ही उपयोग करें।
- किसी भी नकली ऐप या लिंक पर अपनी जानकारी न डालें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
PMAY-ग्रामीण की सूची कैसे देखें?
report.pmayg.dord.gov.in पर Social Audit Reports में Beneficiary details for verification चुनें, फिर राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत सेलेक्ट करके सूची देखें।
क्या PMAY-ग्रामीण में सीधे ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं?
नहीं। नाम Awaas Plus सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन से आता है। आप AwaasPlus ऐप से सेल्फ-सर्वे कर सकते हैं।
पंचायत को कितने घर का लक्ष्य मिला, कैसे पता करें?
Social Audit सूची से स्वीकृत घरों की संख्या देख सकते हैं। लक्ष्य और प्रगति की जानकारी के लिए MIS पोर्टल की रिपोर्ट्स देखें या BDO ऑफिस से पूछें।
Awaas Plus सर्वे क्या है?
यह उन परिवारों के लिए सर्वे है जो SECC 2011 सूची में छूट गए थे। इसमें ऐप से face authentication के साथ घर और परिवार की जानकारी ली जाती है।
नाम सूची से कट जाए तो क्या करें?
ग्राम सभा में अपील करें और दस्तावेज़ों के साथ पंचायत में आवेदन दें। जवाब न मिले तो CPGRAMS पर शिकायत करें।
किस्त कितने दिन में आती है?
समय घर के निर्माण, जियो-टैग और निरीक्षण पर निर्भर करता है। आधार-बैंक सीडिंग सही हो तो स्वीकृति के बाद पैसा जल्दी आता है, नहीं तो देरी होती है।
क्या मनरेगा से अलग पैसा मिलता है?
हाँ। PMAY-G लाभार्थी को घर के निर्माण में काम करने के लिए 90-95 दिन की मनरेगा मजदूरी अलग से मिलती है।
पक्का घर होने पर क्या अप्लाई कर सकते हैं?
नहीं। जिनके पास पहले से पक्का घर है वे पात्र नहीं हैं।
आधार बैंक से लिंक न हो तो?
तुरंत बैंक जाकर आधार सीडिंग करवाएँ और आधार-बेस्ड पेमेंट इनेबल करवाएँ। इसके बिना पैसा नहीं आएगा।
क्या कोई एजेंट पैसे लेकर नाम डाल सकता है?
बिल्कुल नहीं। यह फ्रॉड है। किसी को पैसा न दें।
PMAY-ग्रामीण में कितना पैसा मिलता है?
मैदानी क्षेत्र में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या दुर्गम क्षेत्र में ₹1.30 लाख। इसके साथ मनरेगा मजदूरी और शौचालय के ₹12,000 अलग मिलते हैं।
किस्त न मिले तो कहाँ शिकायत करें?
पहले BDO ऑफिस में लिखित शिकायत दें। 15 दिन में जवाब न आए तो CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर शिकायत करें या support-pmayg@gov.in पर ईमेल करें।
हेल्पलाइन और शिकायत
| संपर्क | विवरण |
|---|---|
| PMAY-G हेल्पलाइन | 1800-11-6446 |
| ईमेल | support-pmayg@gov.in |
| शिकायत पोर्टल | pgportal.gov.in (CPGRAMS) |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.nic.in |
| MIS रिपोर्ट्स | report.pmayg.dord.gov.in |
आज ही क्या करें
- report.pmayg.dord.gov.in पर अपनी पंचायत की सूची देखें।
- चेक करें कि आपका नाम है या नहीं।
- नाम न हो तो पंचायत से Awaas Plus सर्वे करवाएँ या खुद सेल्फ-सर्वे करें।
- बैंक में आधार सीडिंग करवा लें।