पीएमएवाई-ग्रामीण क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) को ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है। यह योजना 2016 में पुरानी इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह शुरू हुई थी।
इसका उद्देश्य है:
- बेघर परिवारों को पक्का घर देना
- कच्चे या टूटे-फूटे घर में रहने वालों को कम से कम 25 वर्ग मीटर का पक्का घर देना, जिसमें खाना पकाने के लिए अलग जगह हो
- बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएँ जोड़ना
PMAY-G के चरण
चरण 1 (2016 से 2024): इस चरण में लगभग 2.95 करोड़ घरों का लक्ष्य था।
चरण 2 (2024-25 से 2028-29): सरकार ने 2 करोड़ और घर बनाने को मंज़ूरी दी है। इस तरह दोनों चरणों को मिलाकर कुल लक्ष्य लगभग 4.95 करोड़ घर है।
यह योजना 2026 में भी चालू है और चरण 2 के तहत नए लाभार्थियों की पहचान और स्वीकृति का काम चल रहा है।
Read More Article:
PMAY-G 2026: चयन से गृह प्रवेश तक की यात्रा
PMAY-G घर: मालिकाना हक और कानूनी अधिकार
सस्ता मज़बूत घर: पीएमएवाई-ग्रामीण आपदा-प्रतिरोधी आवास गाइड (2026)
PMAY-G फ्रॉड अलर्ट: फर्जी वेबसाइटें और जालसाज कैसे बचें
PMAY-G एक नज़र में
| विषय | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in |
| घर की सहायता (मैदानी क्षेत्र) | ₹1.20 लाख |
| घर की सहायता (पहाड़ी/उत्तर-पूर्वी राज्य, J&K, लद्दाख) | ₹1.30 लाख |
| मनरेगा मज़दूरी | 90/95 दिन की अकुशल मज़दूरी |
| शौचालय के लिए सहायता | ₹12,000 |
| हेल्पलाइन | 1800-11-6446 / 1800-11-8111 |
पात्रता: PMAY-G का घर कौन ले सकता है?
अगर आप बेघर हैं या कच्चे घर में रहते हैं, तो आप पात्र हो सकते हैं। लाभार्थी का चयन SECC 2011 और आवास+ सर्वे के आँकड़ों के आधार पर होता है।
कौन पात्र है?
- जिनके पास अपना घर नहीं है
- जो कच्ची दीवार और कच्ची छत वाले एक या दो कमरों के घर में रहते हैं
प्राथमिकता किन्हें मिलती है?
SC/ST परिवारों के लिए कम से कम 60% लक्ष्य आरक्षित है। इसके अलावा विधवाएँ, दिव्यांग व्यक्ति, अल्पसंख्यक और मुक्त कराए गए बंधुआ मज़दूर भी प्राथमिकता में आते हैं।
अभाव (Deprivation) के आधार पर चयन
चयन में इन 7 स्थितियों को देखा जाता है। जितनी ज़्यादा स्थितियाँ आपके परिवार पर लागू होती हैं, उतनी ज़्यादा प्राथमिकता मिलती है:
- घर में 16 से 59 साल का कोई वयस्क सदस्य नहीं है
- घर की मुखिया महिला है और 16 से 59 साल का कोई वयस्क पुरुष नहीं है
- घर में 16 से 59 साल का कोई वयस्क नहीं है
- घर में दिव्यांग सदस्य है और कोई स्वस्थ वयस्क नहीं है
- परिवार SC/ST है
- 25 साल से ऊपर का कोई सदस्य पढ़ा-लिखा नहीं है
- परिवार भूमिहीन है और मज़दूरी से कमाता है
कुछ परिवारों को बिना अभाव-अंक (deprivation score) के सीधे शामिल किया जाता है, जैसे बेघर, निराश्रित (जो भीख पर निर्भर हैं), मैनुअल स्कैवेंजर, विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह (PVTG) और कानूनी तौर पर मुक्त कराए गए बंधुआ मज़दूर।
कौन पात्र नहीं है?
जिनके पास पक्की छत और पक्की दीवार वाला घर है, या जिनके घर में दो से ज़्यादा कमरे हैं, वे पात्र नहीं हैं। इसके अलावा योजना के नियमों के अनुसार इन स्थितियों में भी परिवार बाहर हो सकता है:
- परिवार का कोई सदस्य ₹15,000 महीने से ज़्यादा कमाता है
- परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है
- कोई सदस्य इनकम टैक्स भरता है
- परिवार के पास मोटर वाला 3/4-पहिया वाहन या खेती का मोटर वाला उपकरण है
- किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹50,000 या उससे ज़्यादा है
- परिवार के पास सरकार में पंजीकृत गैर-कृषि व्यवसाय है
ध्यान रहे कि नियम समय के साथ बदलते हैं, इसलिए अपनी स्थिति की पुष्टि ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से ज़रूर करवा लें।
ज़रूरी दस्तावेज़
सर्वे और बाद की प्रक्रिया के लिए ये दस्तावेज़ तैयार रखें:
- आधार कार्ड: सर्वे में आधार eKYC और फेस ऑथेंटिकेशन होता है
- मनरेगा जॉब कार्ड: मज़दूरी के लिए ज़रूरी है
- बैंक या पोस्ट ऑफिस पासबुक: आधार से लिंक खाता, क्योंकि पैसा सीधे खाते में आता है
- स्वच्छ भारत मिशन (SBM) नंबर: अगर आपके पास है
आधार में लिखा नाम और बैंक खाते का नाम एक जैसा होना चाहिए, वरना भुगतान फेल हो सकता है।
आवास+ सर्वे कैसे करें?
PMAY-ग्रामीण में सीधा “ऑनलाइन आवेदन” का फ़ॉर्म नहीं होता। लाभार्थी की पहचान सर्वे से होती है। इसलिए “रजिस्ट्रेशन” का मतलब सर्वे में अपना नाम शामिल करवाना है। यह सर्वे बिल्कुल मुफ़्त है।
आवास+ 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे
- गूगल प्ले स्टोर से आधिकारिक आवास+ 2024 ऐप डाउनलोड करें
- कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें
- अपना आधार नंबर डालें और आगे बढ़ें
- फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनें
- “Add/Edit Survey” पर जाएँ
- परिवार के मुखिया, सदस्यों और मौजूदा घर की हालत की जानकारी भरें
- सर्वे सबमिट करें। इंटरनेट न हो तो ऑफ़लाइन मोड में सेव करके बाद में अपलोड कर सकते हैं
- सबमिट करने के बाद मिलने वाला रेफ़रेंस नंबर संभालकर रखें
एक परिवार से सिर्फ़ एक ही सदस्य सर्वे करे, वरना डुप्लीकेट एंट्री की दिक्कत आ सकती है।
फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए तो?
- फ़ोन की सेटिंग में जाकर ऐप को कैमरा की अनुमति दें
- दिन की रोशनी में कोशिश करें, चेहरा साफ़ दिखना चाहिए
- चश्मा उतार दें, रिफ़्लेक्शन से स्कैन फेल हो सकता है
- ऐप बंद करके दोबारा खोलें
- फिर भी न हो तो ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे की अनुरोध करें, जिसमें सर्वेयर अपने फ़ोन से सर्वे करता है
घर बनाने और पैसा मिलने की प्रक्रिया
सर्वे के बाद ये चरण होते हैं:
- सर्वे डेटा के आधार पर प्राथमिकता सूची बनती है
- ग्राम सभा में सूची की जाँच होती है
- अंतिम सूची को मंज़ूरी मिलती है
- आपके घर का स्वीकृति आदेश (सैंक्शन ऑर्डर) आता है
- पहली किस्त आपके बैंक खाते में आती है
किस्त कैसे मिलती है?
पैसा घर के निर्माण के चरणों के हिसाब से किस्तों में आता है, जैसे नींव, लिंटल, छत और घर पूरा होने पर। हर चरण पर घर की जियो-टैग्ड फ़ोटो अपलोड होती है और उसके सत्यापित होने के बाद अगली किस्त जारी होती है। किस्तों की संख्या और रकम राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है, इसलिए अपने राज्य का शेड्यूल आवाससॉफ्ट (AwaasSoft) पर या ग्राम पंचायत से जाँच लें।
मनरेगा और शौचालय की सहायता
घर की सहायता के अलावा मनरेगा के तहत 90/95 दिन की अकुशल मज़दूरी मिलती है। इसके लिए आपके पास जॉब कार्ड होना चाहिए। शौचालय के लिए ₹12,000 की अलग सहायता स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण या किसी अन्य मंज़ूर स्रोत से मिलती है।
लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे देखें?
सबसे भरोसेमंद जगह आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in है। अगर आपको पुराने लिंक पर एरर दिखे, तो नए पोर्टल पर जाएँ। पोर्टल के मेन्यू समय के साथ बदल सकते हैं, इसलिए नीचे दिए गए नाम थोड़े अलग दिख सकते हैं।
तरीका 1: रजिस्ट्रेशन नंबर से
- pmayg.dord.gov.in खोलें
- “Stakeholders” में जाकर “IAY/PMAYG Beneficiary” चुनें
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें
- कैप्चा भरें और सबमिट करें
आपको स्वीकृति की स्थिति, किस्त की जानकारी और बैंक विवरण दिख जाएँगे। रजिस्ट्रेशन नंबर न हो तो ग्राम पंचायत से माँग लें।
तरीका 2: गाँव की पूरी सूची देखकर
- पोर्टल पर “AwaasSoft” में “Report” सेक्शन खोलें
- “Social Audit Reports” में “Beneficiary details for verification” चुनें
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत और वित्तीय वर्ष चुनें
- स्कीम में PMAY-G चुनें, कैप्चा भरें और सबमिट करें
- खुलने वाली सूची में Ctrl+F से अपना नाम ढूँढें
तरीका 3: पंचायत से
पंचायत भवन के नोटिस बोर्ड पर या पंचायत सचिव से स्वीकृत सूची मिल सकती है। ग्राम सभा की बैठक में भी सूची पढ़ी जाती है, इसलिए उसमें ज़रूर जाएँ।
नाम न मिले तो क्या करें?
ग्राम पंचायत से लिखित में सर्वे और सत्यापन का रिकॉर्ड माँगें। जवाब न मिले तो ब्लॉक ऑफिस में शिकायत करें। ज़रूरत पड़ने पर RTI डालकर पूछें कि आपका नाम सूची में क्यों नहीं है।
आम समस्याएँ और उनके हल
किस्त नहीं आई या देर हो रही है
सबसे पहले ये तीन चीज़ें जाँचें:
- आवाससॉफ्ट स्टेटस: देखें कि जियो-टैग फ़ोटो या निरीक्षण लंबित तो नहीं है
- बैंक खाता: पासबुक अपडेट करवाएँ और देखें कि खाता चालू है
- आधार सीडिंग: बैंक से पुष्टि करें कि आपका आधार उस खाते से NPCI पर लिंक है
सब ठीक होने के बाद भी पैसा न आए तो इस क्रम में शिकायत करें:
- ग्राम पंचायत में लिखित आवेदन दें और रसीद ज़रूर लें
- जवाब न मिले तो खंड विकास अधिकारी (BDO) को आवेदन दें
- फिर भी हल न हो तो ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) में शिकायत करें
- CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें और शिकायत संख्या संभालकर रखें
- अंतिम विकल्प में RTI डालें। RTI की फ़ीस ₹10 है और ऑनलाइन RTI rtionline.gov.in पर की जा सकती है
आप हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
जियो-टैग फ़ोटो रिजेक्ट हो गई
यह किस्त रुकने का एक बड़ा कारण है। फ़ोटो धुंधली हो, लोकेशन मैच न करे या निर्माण का चरण सही न दिखे तो वह रिजेक्ट हो सकती है। ऐसी हालत में फ़ोटो दोबारा खिंचवाएँ, ग्राम पंचायत से फ़ील्ड निरीक्षण करवाएँ और ब्लॉक के MIS अधिकारी से संपर्क करें।
ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही
अपनी बात लिखित में BDO तक पहुँचाएँ। उसके बाद DRDA और CPGRAMS पर शिकायत करें। ज़रूरत हो तो RTI से अपने आवेदन पर हुई कार्रवाई का रिकॉर्ड माँगें।
बैंक खाता लिंक की दिक्कत
बैंक शाखा जाकर आधार को NPCI से लिंक करवाएँ। आधार सीडिंग की दिक्कत भुगतान फेल होने के आम कारणों में से एक है।
सर्वे नहीं हो पा रहा या ऐप में एरर आ रहा है
ऐप का नवीनतम वर्ज़न इंस्टॉल करें, कैमरा और लोकेशन की अनुमति जाँचें, इंटरनेट कनेक्शन देखें और आधार नंबर सही फ़ॉर्मेट में डालें। फिर भी दिक्कत हो तो ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे की अनुरोध करें।
धोखाधड़ी से सावधान रहें
PMAY-G के नाम पर ठगी के मामले होते रहते हैं। इन बातों का ध्यान रखें:
- सर्वे मुफ़्त है, इसके लिए किसी को पैसा न दें
- पैसे लेकर नाम सूची में डालने का वादा करने वाला हर व्यक्ति फ़्रॉड है
- सिर्फ़ आधिकारिक आवास+ 2024 ऐप ही इंस्टॉल करें, दूसरी ऐप्स फ़र्ज़ी हो सकती हैं
- सिर्फ़ pmayg.dord.gov.in पर भरोसा करें
- लाभार्थी सूची सार्वजनिक होती है, इसे देखने के लिए किसी एजेंट की ज़रूरत नहीं है
- काम के लिए सीधे ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से संपर्क करें
आधिकारिक हेल्पलाइन और पोर्टल
- PMAY-G हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111
- आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in
- शिकायत पोर्टल: pgportal.gov.in (CPGRAMS)
- ऑनलाइन RTI: rtionline.gov.in
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PMAY-G की सूची कैसे देखें?
pmayg.dord.gov.in पर AwaasSoft में Report सेक्शन से Social Audit Reports खोलें और “Beneficiary details for verification” में अपना राज्य, ज़िला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत और वर्ष चुनकर सूची देखें।
क्या PMAY-G में सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। लाभार्थी का चयन सर्वे से होता है। आप आवास+ 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे कर सकते हैं या ग्राम पंचायत की मदद से असिस्टेड सर्वे करवा सकते हैं।
PMAY-G में कितना पैसा मिलता है?
मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/उत्तर-पूर्वी राज्यों में ₹1.30 लाख मिलता है। इसके साथ मनरेगा की 90/95 दिन की मज़दूरी और शौचालय के लिए ₹12,000 अलग से मिलते हैं।
PMAY-G में कितने चरण हैं?
चरण 1 2016 से 2024 तक चला और चरण 2 2024-25 से 2028-29 तक है, जिसमें 2 करोड़ और घर बनने हैं।
नाम सूची में नहीं है तो क्या करें?
ग्राम पंचायत में लिखित आवेदन दें, फिर ब्लॉक ऑफिस में शिकायत करें और ज़रूरत हो तो RTI डालें।
किस्त नहीं आई तो कहाँ शिकायत करें?
पहले ग्राम पंचायत, फिर BDO, DRDA और CPGRAMS पर शिकायत करें। हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर भी बात कर सकते हैं।
निष्कर्ष
PMAY-ग्रामीण गाँव के ज़रूरतमंद परिवारों के लिए पक्का घर पाने का एक बड़ा ज़रिया है। याद रखें कि चयन सर्वे से होता है, सर्वे मुफ़्त है और सूची सार्वजनिक होती है। किसी भी एजेंट को पैसा देने की ज़रूरत नहीं है। किस्त या नाम की कोई दिक्कत हो तो ग्राम पंचायत, BDO, CPGRAMS और RTI का सही क्रम में इस्तेमाल करें।