PMAY-ग्रामीण क्या है?
इस लेख में आप जानेंगे PMAY-G घर का मालिकाना हक किसका होता है और आपके कानूनी अधिकार क्या हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) 1 अप्रैल 2016 से शुरू हुई थी, जो पुरानी इंदिरा आवास योजना (IAY) के स्थान पर लाई गई। इस योजना का संचालन ग्रामीण विकास मंत्रालय करता है।
इसका उद्देश्य सीधा है — हर पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का घर मिले, जिसमें बिजली, पानी, शौचालय और स्वच्छ रसोई की व्यवस्था हो। घर का न्यूनतम आकार 25 वर्ग मीटर निर्धारित है।
बहुत कम लोग यह सवाल पूछते हैं कि PMAY-G में घर का मालिकाना हक किसका होगा। यह लेख इसी विषय पर केंद्रित है — स्वामित्व से जुड़े नियम क्या हैं और इन्हें कहाँ सत्यापित करें। सारी जानकारी pmayg.dord.gov.in पर जाँची जा सकती है।
वर्तमान स्थिति: 9 अगस्त 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 के लिए 2 करोड़ अतिरिक्त घरों को मंज़ूरी दी। योजना अभी भी सक्रिय है।
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मुख्य बिंदु
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| आरंभ तिथि | 1 अप्रैल 2016 (इंदिरा आवास योजना के स्थान पर) |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in |
| समतल क्षेत्रों में सहायता राशि | ₹1.20 लाख |
| पहाड़ी/पूर्वोत्तर/दुर्गम क्षेत्रों में सहायता | ₹1.30 लाख |
| मनरेगा मज़दूरी | 90–95 दिन की मज़दूरी |
| शौचालय सहायता | ₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से) |
| नया लक्ष्य (2024-25 से 2028-29) | 2 करोड़ अतिरिक्त घर |
| कुल बजट | ₹3,06,137 करोड़ |
| घर का आकार | न्यूनतम 25 वर्ग मीटर |
| महिला स्वामित्व | लगभग 73% घर महिलाओं के नाम |
पात्रता की शर्तें
सबसे पहले दो बातों की जाँच होती है:
- SECC 2011 की सूची में नाम पहले से था — तो सीधे पात्र माना जाएगा।
- आवास+ 2024 सर्वेक्षण में शामिल हुए — अगर SECC सूची में नाम छूट गया था, तो इस सर्वेक्षण के ज़रिए पंजीकरण कराया जा सकता है।
प्राथमिकता कैसे तय होती है
सरकार “वंचन स्कोर” (डेप्रिवेशन स्कोर) का उपयोग करती है। इसमें निम्न बातें गिनी जाती हैं:
- घर में 16–59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क सदस्य है या नहीं
- परिवार महिला-प्रधान है और कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है
- 25 वर्ष से अधिक आयु का कोई सदस्य पढ़ा-लिखा नहीं है
- परिवार में कोई दिव्यांग सदस्य है और कोई सक्षम वयस्क नहीं है
- परिवार भूमिहीन है और आय का साधन शारीरिक श्रम है
जितने अधिक मानदंड मेल खाते हैं, उतनी अधिक प्राथमिकता मिलती है — यह स्कोर AwaasSoft प्रणाली द्वारा स्वतः गणना किया जाता है।
प्राथमिकता श्रेणियाँ: अनुसूचित जाति/जनजाति परिवार, अल्पसंख्यक समुदाय, विधवाएँ, दिव्यांगजन, महिला-प्रधान परिवार और भूमिहीन लाभार्थी (इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है)।
कौन पात्र नहीं है
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2024 में बहिष्करण (exclusion) मानदंडों में संशोधन किया। इसमें दो चरण हैं:
चरण 1 — पक्के घर वाले परिवार: यदि घर में पक्की छत या पक्की दीवार है, अथवा 2 से अधिक कमरे हैं — तो वह परिवार स्वतः बाहर हो जाता है।
चरण 2 — 10 बहिष्करण मानदंड:
| मानदंड | बहिष्करण की सीमा |
|---|---|
| मोटर-चालित तिपहिया/चारपहिया वाहन | होने पर बाहर |
| यांत्रिक कृषि उपकरण | होने पर बाहर |
| किसान क्रेडिट कार्ड | ₹50,000 या अधिक सीमा होने पर बाहर |
| सरकारी कर्मचारी | परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी में हो तो बाहर |
| गैर-कृषि पंजीकृत उद्यम | पंजीकृत होने पर बाहर |
| मासिक आय | ₹15,000 या अधिक होने पर बाहर |
| आयकरदाता | आयकर देने पर बाहर |
| व्यवसाय कर देने वाले | बाहर |
| सिंचित भूमि | 2.5 एकड़ या अधिक होने पर बाहर |
| असिंचित भूमि | 5 एकड़ या अधिक होने पर बाहर |
2024 में बदले गए नियम: पहले 13 बहिष्करण मानदंड थे। अब मोटर-चालित दोपहिया वाहन, मछली पकड़ने की नाव, लैंडलाइन फोन और फ्रिज को इस सूची से हटा दिया गया है, और आय सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है — यानी अब इन चीज़ों के होने मात्र से स्वतः अपात्रता नहीं होती।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड — पहचान और eKYC के लिए अनिवार्य
- मनरेगा जॉब कार्ड — मज़दूरी के दिनों की गणना के लिए
- बैंक पासबुक — आधार से जुड़ा (सीडेड) खाता, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के लिए
- जाति प्रमाण पत्र — यदि अनुसूचित जाति/जनजाति की प्राथमिकता लागू हो तो
- आय प्रमाण पत्र — ₹15,000 मासिक आय सीमा सत्यापित करने के लिए
- भूमि संबंधी दस्तावेज़ — भूमिहीन लाभार्थियों के लिए राज्य द्वारा आवंटन का प्रमाण
- आवास+ सर्वेक्षण पंजीकरण संख्या — सर्वेक्षण के बाद प्राप्त होती है
ध्यान दें: PMAY-G में सीधा ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है — पंजीकरण केवल सर्वेक्षण के माध्यम से होता है। “ऑनलाइन फॉर्म भरो, पैसे दो” कहने वाला व्यक्ति धोखेबाज़ है।
आवास+ सर्वेक्षण और पंजीकरण प्रक्रिया
आवास+ 2024 सर्वेक्षण 17 सितंबर 2024 से शुरू हुआ, ताकि वे परिवार शामिल किए जा सकें जो SECC 2011 की सूची में छूट गए थे।
ग्राम पंचायत के माध्यम से सर्वेक्षण
- ग्राम पंचायत अपने गाँव में सर्वेक्षण करती है
- आवास+ 2024 मोबाइल ऐप से डेटा एकत्र किया जाता है
- ग्राम सभा में सत्यापन होता है — अपात्र नाम हटाए जाते हैं
- अपीलीय समिति अंतिम स्वीकृति देती है
- स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) तैयार की जाती है
मोबाइल से स्व-सर्वेक्षण
यदि ग्राम पंचायत ने सर्वेक्षण नहीं किया हो, तो स्वयं भी कर सकते हैं:
- गूगल प्ले स्टोर से आवास+ 2024 ऐप डाउनलोड करें
- मोबाइल नंबर से लॉगिन करें
- “स्व-सर्वेक्षण” विकल्प चुनें
- आधार आधारित eKYC (चेहरे की पहचान) पूरी करें
- अपने मौजूदा घर की जियो-टैग, समय-अंकित तस्वीरें लें
- परिवार, आय और जाति संबंधी जानकारी भरें
- फॉर्म जमा करें — डेटा ग्राम पंचायत के सत्यापन के लिए भेजा जाएगा
- सत्यापन के बाद नाम PWL में शामिल होगा
ग्राम पंचायत सत्यापन (कोरोबोरेशन)
स्व-सर्वेक्षण के बाद ग्राम पंचायत का सत्यापन अनिवार्य है — अन्यथा नाम PWL में शामिल नहीं होगा:
- ग्राम पंचायत लॉगिन करके डेटा जाँचती है
- अपात्र लाभार्थियों को कारण सहित चिह्नित करती है
- ग्राम सभा का प्रस्ताव अपलोड किया जाता है
- अपीलीय समिति अंतिम स्वीकृति देती है
ध्यान रहे: ग्राम सभा केवल नाम हटा सकती है, नया नाम जोड़ नहीं सकती।
सर्वेक्षण की सामान्य समस्याएँ
GPS/फोटो में त्रुटि: फोटो लेते समय लोकेशन चालू रखें। फिर भी असफल हो तो ग्राम पंचायत सचिव से सहायता प्राप्त सर्वेक्षण कराएँ।
चेहरा-पहचान असफल होना: पहले आधार में फोटो अपडेट कराएँ — eKYC के बिना सर्वेक्षण पूरा नहीं होता।
धनराशि का वितरण — पैसा कैसे मिलेगा
नाम PWL में आने के बाद राज्य सरकार स्वीकृति देती है। पैसा एक साथ नहीं, बल्कि निर्माण की अवस्था के अनुसार किस्तों में दिया जाता है — आधिकारिक ढाँचे के अनुसार तीन किस्तें होती हैं:
- पहली किस्त — स्वीकृति के बाद, नींव/प्लिंथ का काम शुरू करने के लिए
- दूसरी किस्त — प्लिंथ/नींव का काम पूरा होने के बाद
- तीसरी (अंतिम) किस्त — छत ढलाई और निर्माण पूर्ण होने की अवस्था पर, जियो-टैग फोटो अपलोड करने के बाद
हर किस्त से पहले जियो-टैग, समय-अंकित तस्वीर अपलोड करना अनिवार्य है। सटीक राशि का विभाजन राज्य और यूनिट सहायता के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है — अपने राज्य का विवरण स्वीकृति पत्र या AwaasSoft पर देखें।
मनरेगा अभिसरण (कन्वर्जेंस): घर बनाने के दौरान 90–95 दिन की मनरेगा मज़दूरी मिलती है।
शौचालय अभिसरण: स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से ₹12,000 मिलते हैं।
स्थिति ट्रैकिंग: FTO नंबर से PFMS पोर्टल पर, या पंजीकरण संख्या से pmayg.dord.gov.in पर देखी जा सकती है।
लाभार्थी सूची / स्थिति जाँच
PMAY-G में तीन अलग-अलग सूचियाँ होती हैं:
| सूची | अर्थ | कहाँ जाँचें |
|---|---|---|
| स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) | पंजीकृत हो चुके हैं, स्वीकृति का इंतज़ार है | AwaasSoft → Reports → पंचायत-वार PWL |
| स्वीकृत लाभार्थी सूची | नाम स्वीकृत हो गया है, पैसा आएगा | pmayg.dord.gov.in → IAY/PMAYG लाभार्थी खोज |
| आवास+ सर्वेक्षण सूची | 2024 सर्वेक्षण में शामिल हुए | AwaasPlus लाभार्थी विवरण पृष्ठ |
तरीका 1 — पंजीकरण संख्या से:
pmayg.dord.gov.in → Stakeholders → IAY/PMAYG Beneficiary → पंजीकरण संख्या डालें → कैप्चा भरें → स्वीकृति तिथि, किस्तों का विवरण, निर्माण की अवस्था दिखेगी।
तरीका 2 — ग्राम पंचायत सूची (नाम से):
pmayg.dord.gov.in → Awaassoft → Reports → Social Audit Reports → Beneficiary details for verification → राज्य/जिला/ब्लॉक/ग्राम पंचायत/वर्ष चुनें → PDF/Excel डाउनलोड करें → Ctrl+F से नाम खोजें।
तरीका 3 — FTO से पैसा ट्रैक करें:
स्वीकृति का मतलब यह नहीं कि पैसा आ चुका है। हर किस्त फंड ट्रांसफर ऑर्डर (FTO) के ज़रिए जारी होती है — FTO नंबर या PFMS ID से ट्रैक करें। “Credit Confirmation Received” दिखने पर ही मानें कि पैसा आ गया है।
अगर नाम सूची में नहीं आया:
- पहले जाँचें कि नाम PWL में है या नहीं
- अगर नहीं है, तो आवास+ 2024 सर्वेक्षण में शामिल कराएँ
- ग्राम पंचायत को लिखित आवेदन दें
- खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय में RTI दायर करें — 30 दिन में जवाब देना अनिवार्य है
राज्य/जिला-वार स्थिति
| राज्य | स्थिति |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | सबसे अधिक लाभार्थी — राष्ट्रीय पोर्टल पर जाँचें |
| बिहार | पूर्णता दर अधिक, pmayg.dord.gov.in पर सूची उपलब्ध |
| मध्य प्रदेश | कार्यान्वयन सक्रिय है |
| राजस्थान | राष्ट्रीय पोर्टल पर जाँचें |
| ओडिशा | rhreporting.nic.in — राज्य-विशिष्ट पोर्टल |
| महाराष्ट्र | घरकुल पोर्टल — राज्य-स्तरीय रिपोर्टिंग |
| पश्चिम बंगाल | राज्य-केंद्र विवाद के चलते नए लक्ष्यों के लिए धनराशि वितरण अटका हुआ है — स्थानीय कार्यालय से नवीनतम स्थिति की पुष्टि करें |
दिल्ली, चंडीगढ़, पुदुचेरी और तेलंगाना में PMAY-G इस स्वरूप में लागू नहीं है।
नवीनतम अपडेट — सितंबर 2026
- PMAY-G चरण-2 सक्रिय है: मंत्रिमंडल ने 9 अगस्त 2024 को 2 करोड़ अतिरिक्त घरों को मंज़ूरी दी; कुल बजट ₹3,06,137 करोड़ (वित्त वर्ष 2024-29)
- आवास+ 2024 सर्वेक्षण की समय-सीमा: जम्मू-कश्मीर के लिए 18 जून 2025 तक बढ़ाई गई थी; स्व-सर्वेक्षण सत्यापन 31 अगस्त 2025 तक
- संशोधित बहिष्करण मानदंड: आय सीमा ₹15,000; दोपहिया वाहन, फ्रिज और लैंडलाइन संबंधी अपवर्जन हटाए गए
- प्रगति (2026): लगभग 3.22 करोड़ घर स्वीकृत, लगभग 2.68 करोड़ पूर्ण, लगभग 73% घर महिलाओं के नाम
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक PMAY-G के कार्यान्वयन को मौजूदा यूनिट सहायता के साथ 2 करोड़ अतिरिक्त घरों के निर्माण हेतु मंज़ूरी दी है, और मासिक आय सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है।
वास्तविक लाभार्थियों के उदाहरण
- सीतापुर, उत्तर प्रदेश: नाम पहले से SECC 2011 सूची में था। आवास+ 2024 सर्वेक्षण में ग्राम पंचायत ने सत्यापन करके PWL में भेजा। 6 महीने में पहली किस्त आ गई; जियो-टैग फोटो अपलोड करने के बाद दूसरी किस्त भी मिल गई।
- मुज़फ्फरपुर, बिहार: SECC 2011 में नाम नहीं था। आवास+ ऐप से स्व-सर्वेक्षण किया, ग्राम पंचायत सत्यापन के बाद नाम PWL में आया। 8 महीने बाद स्वीकृति मिली; भूमिहीन प्राथमिकता के तहत पंचायत की सामुदायिक भूमि से प्लॉट आवंटित हुआ।
- छतरपुर, मध्य प्रदेश: पहली किस्त मिल गई थी, लेकिन दूसरी किस्त कई महीनों तक अटकी रही। कारण: आधार-बैंक सीडिंग नहीं हुई थी। बैंक जाकर सीडिंग कराने के 15 दिन बाद पैसा आ गया। सीख: किस्त मिलने से पहले बैंक खाते की सीडिंग ज़रूर जाँच लें।
धोखाधड़ी की चेतावनी
क्या न करें:
- “नाम सूची में डलवाने” के लिए किसी एजेंट को पैसा न दें
- नकली PMAY ऐप डाउनलोड न करें — केवल आधिकारिक आवास+ 2024 ऐप का उपयोग करें
- किसी थर्ड-पार्टी वेबसाइट पर आधार/बैंक विवरण न डालें
- “पक्की स्वीकृति” के झाँसे में न आएँ
क्या करें:
- केवल pmayg.dord.gov.in का उपयोग करें
- सर्वेक्षण निःशुल्क है — कोई शुल्क नहीं
- केवल ग्राम पंचायत या BDO कार्यालय से संपर्क करें
- आधिकारिक हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें
PMAY-G में किसी बिचौलिये की ज़रूरत नहीं है। अगर कोई पैसा माँग रहा है, तो वह धोखाधड़ी है।
हेल्पलाइन नंबर और शिकायत निवारण
- टोल-फ्री: 1800-11-6446 / 1800-11-8111
- ईमेल: support-pmayg@gov.in
- CPGRAMS: pgportal.gov.in (ग्रामीण विकास मंत्रालय चुनें)
शिकायत के 4 स्तर:
- ग्राम पंचायत — 15 दिन में समाधान
- खंड (BDO) — यदि ग्राम पंचायत न सुने
- जिला (DRDA)
- CPGRAMS (pgportal.gov.in) — मंत्रालय तक पहुँचती है
मनरेगा लोकपाल (ओम्बड्सपर्सन) को भी PMAY-G की शिकायतें सौंपी गई हैं — 30 दिन में आदेश पारित करना अनिवार्य है।
सामान्य समस्याएँ और समाधान
नाम सूची में नहीं आया:
पहले देखें कि आवास+ 2024 सर्वेक्षण में शामिल थे या नहीं → ग्राम पंचायत से संपर्क करें → BDO के पास RTI दायर करें (30 दिन में जवाब अनिवार्य)।
किस्त नहीं मिली:
FTO नंबर से PFMS पर ट्रैक करें → बैंक खाता आधार से जुड़ा है या नहीं जाँचें → खंड/BDO कार्यालय से संपर्क करें → शिकायत दर्ज करें (30 दिन में समाधान अनिवार्य)।
सर्वेक्षण नहीं हुआ / ऐप में त्रुटि:
आवास+ 2024 ऐप फिर से इंस्टॉल करें → ग्राम पंचायत सचिव से सहायता प्राप्त सर्वेक्षण कराएँ → उपलब्ध हो तो ऑफ़लाइन मोड आज़माएँ।
ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही:
BDO से शिकायत करें → जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत दें → CPGRAMS पर शिकायत दर्ज करें → लोकपाल से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1. PMAY-G में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
सीधा ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है। पंजीकरण आवास+ 2024 सर्वेक्षण के माध्यम से होता है — ग्राम पंचायत से संपर्क करें या ऐप से स्व-सर्वेक्षण करें।
प्रश्न 2. PMAY ग्रामीण सूची 2026 कैसे देखें?
pmayg.dord.gov.in → Awaassoft → Reports → Social Audit Reports → राज्य/जिला/ब्लॉक/ग्राम पंचायत चुनें। पूरी सूची डाउनलोड हो जाएगी।
प्रश्न 3. PMAY-G लाभार्थी स्थिति कैसे जाँचें?
pmayg.dord.gov.in → Stakeholders → IAY/PMAYG Beneficiary → पंजीकरण संख्या डालें। स्थिति, स्वीकृति तिथि, किस्तों का विवरण दिखेगा।
प्रश्न 4. पंजीकरण संख्या नहीं है तो क्या करें?
ग्राम पंचायत की सूची में देखें, या “उन्नत खोज” (Advanced Search) में आधार और स्थान की जानकारी के साथ खोजें।
प्रश्न 5. PMAY-G में कितनी सहायता राशि मिलती है?
समतल क्षेत्रों में ₹1.20 लाख, पहाड़ी/पूर्वोत्तर/दुर्गम क्षेत्रों में ₹1.30 लाख — साथ ही 90–95 दिन की मनरेगा मज़दूरी और शौचालय के लिए ₹12,000।
प्रश्न 6. घर का मालिक कौन होगा — पति या पत्नी?
महिला स्वामित्व को प्राथमिकता दी जाती है। लगभग 73% घर महिलाओं के अकेले या संयुक्त नाम पर हैं — संयुक्त स्वामित्व या केवल महिला के नाम स्वामित्व अनिवार्य है।
प्रश्न 7. भूमिहीन लाभार्थियों को क्या मिलेगा?
उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता मिलती है। राज्य सरकार को सरकारी भूमि, पंचायत की सामुदायिक भूमि, या सामुदायिक भूमि से प्लॉट आवंटित करना होता है।
प्रश्न 8. आवास+ सर्वेक्षण क्या है?
यह 2024 का सर्वेक्षण है जो उन परिवारों की पहचान करता है जो SECC 2011 में छूट गए थे। आवास+ 2024 मोबाइल ऐप से स्व-सर्वेक्षण किया जा सकता है।
प्रश्न 9. किस्त कितने दिनों में आती है?
यह अवस्था-आधारित (माइलस्टोन-बेस्ड) है — नींव/प्लिंथ, छत ढलाई और निर्माण पूर्ण होने की अवस्था पर। हर अवस्था पर जियो-टैग फोटो अपलोड करना अनिवार्य है।
प्रश्न 10. घर बनने के बाद कौन-से दस्तावेज़ मिलते हैं?
स्वीकृति पत्र, स्वामित्व रिकॉर्ड (महिला/संयुक्त), जियो-टैग पूर्णता तस्वीरें, और अंतिम किस्त जारी होने का प्रमाण — यही आपके कानूनी स्वामित्व के प्रमाण हैं।
प्रश्न 11. किस्त नहीं मिली, कहाँ शिकायत करें?
पहले FTO नंबर से PFMS पर ट्रैक करें। अगर “Credit Confirmation” नहीं हुई है, तो BDO कार्यालय में लिखित शिकायत दें। 15 दिन में जवाब न आए तो CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें या support-pmayg@gov.in पर ईमेल भेजें।
प्रश्न 12. सर्वेक्षण में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया — क्या करें?
PWL में नाम होना स्वीकृति नहीं है। पंजीकरण संख्या या आवास+ ID से स्थिति जाँचें। यदि स्वीकृत सूची में हैं फिर भी पैसा नहीं आया, तो आधार-बैंक सीडिंग की जाँच करें।
निष्कर्ष
PMAY-G केवल एक योजना नहीं है — यह घर का सपना है। लेकिन स्वामित्व और कानूनी अधिकारों को समझना उतना ही ज़रूरी है जितना किस्तों को ट्रैक करना।
- लगभग 73% घर महिलाओं के नाम हैं
- भूमिहीन लाभार्थियों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलती है
- संयुक्त स्वामित्व आपका अधिकार है
- धोखाधड़ी से बचें — कोई भी अधिकारी पैसा नहीं माँगता
आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in
हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111
शिकायत: support-pmayg@gov.in
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