PMAY-G: आवास की गुणवत्ता, चरण-वार निरीक्षण और फंड अटक जाने पर क्या करें – इस पर एक संपूर्ण गाइड

नवम्बर 4, 2026
Written By Ali Akbar

PMAY-ग्रामीण क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है। यह 2016 में पुरानी इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह शुरू हुई। इसका मकसद उन ग्रामीण परिवारों को पक्का घर देना है जो बेघर हैं या कच्चे घर में रहते हैं।

यह योजना अब 2024-25 से 2028-29 तक बढ़ा दी गई है। इस दौरान 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य है, जिससे कुल लक्ष्य 4.95 करोड़ घर हो जाता है।

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मुख्य जानकारी एक नज़र में

विषयविवरण
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
शुरुआत2016 (IAY की जगह)
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmayg.nic.in
सहायता राशि (मैदानी इलाके)₹1.20 लाख
सहायता राशि (पहाड़ी/मुश्किल इलाके)₹1.30 लाख
कुल लक्ष्य4.95 करोड़ घर

PMAY-ग्रामीण का घर कौन ले सकता है?

लाभार्थी का चुनाव SECC 2011 डेटा और Awaas+ 2024 सर्वे के आधार पर होता है। घर की हालत के हिसाब से प्राथमिकता (वंचितता मानदंड) तय होती है।

पात्र परिवार

  • जिनके पास अपना कोई घर नहीं है
  • जो कच्चे घर में रहते हैं
  • SC/ST परिवार
  • विधवा और महिला-प्रधान परिवार
  • दिव्यांग सदस्य वाले परिवार
  • भूमिहीन परिवार (ज़मीन राज्य सरकार की तरफ़ से दी जाती है)

अपात्र परिवार

  • जिनके पास कहीं भी पक्का घर है
  • इनकम टैक्स देने वाले
  • सरकारी नौकरी वाले परिवार

बहिष्करण (exclusion) के बाकी नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं, इसलिए अपने केस की पक्की जानकारी ग्राम पंचायत या pmayg.nic.in से लें।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड (e-KYC के लिए)
  • बैंक पासबुक (आधार-लिंक्ड और NPCI मैप्ड)
  • मनरेगा जॉब कार्ड (मज़दूरी के फ़ायदे के लिए)
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST के लिए)
  • ग्राम पंचायत से निवास प्रमाण
  • पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो

Awaas+ 2024 सर्वे में फेस ऑथेंटिकेशन होता है, इसलिए लाभार्थी का खुद मौजूद होना ज़रूरी है।

नाम कैसे आता है: Awaas+ सर्वे

PMAY-ग्रामीण में कोई सीधा “ऑनलाइन अप्लाई” फ़ॉर्म नहीं है। नाम आने का रास्ता Awaas+ सर्वे है।

ग्राम पंचायत के ज़रिए सर्वे

सर्वेयर आपके घर आता है, घर की जियो-टैग्ड फ़ोटो लेता है और Awaas+ ऐप में विवरण भरता है।

Awaas+ ऐप से सेल्फ-सर्वे

  1. Google Play Store से Awaas+ 2024 ऐप डाउनलोड करें।
  2. आधार और मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें।
  3. e-KYC और फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
  4. घर का विवरण भरें: कितने कमरे हैं, कच्चा या पक्का, और कौन-सी सुविधाएँ हैं।
  5. मौजूदा घर की जियो-टैग्ड फ़ोटो लें।
  6. सबमिट करें और रेफ़रेंस नंबर संभालकर रखें।
  7. ग्राम पंचायत की वेरिफ़िकेशन का इंतज़ार करें।

सेल्फ-सर्वे के बाद भी GP वेरिफ़िकेशन ज़रूरी है। वेरिफ़िकेशन के बिना नाम लिस्ट में नहीं आता।

पैसा कैसे मिलता है

सैंक्शन के बाद सहायता राशि DBT के ज़रिए सीधे बैंक खाते में आती है। यह एक साथ नहीं, बल्कि घर के स्टेज के हिसाब से किस्तों (installments) में मिलती है। हर किस्त की राशि और स्टेज की जानकारी आपके सैंक्शन ऑर्डर में होती है, इसलिए उसे ध्यान से पढ़ें।

घर के तीन मुख्य स्टेज

  1. फ़ाउंडेशन/प्लिंथ स्टेज
  2. लिंटल स्टेज
  3. छत पूरी होने का स्टेज

हर स्टेज पूरा होने पर उसकी जियो-टैग्ड फ़ोटो अपलोड होती है, और उसके बाद ही अगली किस्त जारी होती है।

कुछ और फ़ायदे

  • मनरेगा मज़दूरी: PMAY-G के घर के लिए 90-95 दिन की मज़दूरी अलग से मिलती है। GP से पूछें कि जॉब कार्ड से यह कब मिलेगी।
  • शौचालय: स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय के लिए ₹12,000 अलग मिलते हैं। GP से SBM आवेदन के बारे में बात करें।

अपना स्टेटस कैसे देखें

  1. pmayg.nic.in खोलें।
  2. “Stakeholders” पर क्लिक करें।
  3. “IAY/PMAYG Beneficiary” चुनें।
  4. रजिस्ट्रेशन नंबर डालें, या राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर सर्च करें।

आपको स्टेटस, सैंक्शन की तारीख और किस्त की हिस्ट्री दिख जाएगी। रजिस्ट्रेशन नंबर न हो तो AwaasSoft में Reports → Social Audit Reports → Beneficiary Details for Verification से पूरे गाँव की लिस्ट देख सकते हैं।

घर की क्वालिटी और स्टेज इंस्पेक्शन

यही वह जगह है जहाँ पैसा सबसे ज़्यादा अटकता है।

फ़ोटो में क्या देखना चाहिए

  • हर स्टेज की फ़ोटो अलग तारीख की हो
  • घर फ़ोटो में साफ़ दिखे
  • GPS लोकेशन आपके घर की हो
  • फ़ोटो अपलोड होने के बाद ही अगली किस्त आती है

आम गलतियाँ

  • एक ही फ़ोटो कई स्टेज के लिए: अगर प्लिंथ, लिंटल और छत तीनों की फ़ोटो एक ही दिन की है, तो सिस्टम उसे रिजेक्ट कर सकता है।
  • ब्लर या दूर से ली गई फ़ोटो: घर साफ़ न दिखे तो अपलोड पर सवाल उठ सकता है।
  • गलत GPS लोकेशन: फ़ोटो की लोकेशन आपके घर की होनी चाहिए।

आप क्या करें

हर स्टेज पूरा होते ही अपने फ़ोन में भी उस स्टेज की फ़ोटो रखें। इंस्पेक्टर अपलोड करे या न करे, आपके पास सबूत होना चाहिए। GP सेक्रेटरी से कहें कि फ़ोटो अपलोड करे, और हो सके तो अपलोड के समय खुद मौजूद रहें।

इंस्पेक्शन न हो तो कहाँ जाएँ

  1. ग्राम पंचायत सेक्रेटरी: सबसे पहले यहीं से फ़ोटो अपलोड करवाएँ।
  2. BDO/ब्लॉक टेक्निकल ऑफ़िसर: GP काम न करे तो।
  3. DRDA (ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण): क्वालिटी या पेमेंट की शिकायत पर।
  4. सोशल ऑडिट/ग्राम सभा: मीटिंग में मुद्दा उठाएँ।

आम समस्याएँ और उनके हल

सर्वे के बाद भी नाम लिस्ट में नहीं आया

  • GP सेक्रेटरी से लिखित में सर्वे रिकॉर्ड माँगें।
  • रिकॉर्ड मौजूद है तो ग्राम सभा में आपत्ति दर्ज करें।
  • रिकॉर्ड नहीं है तो BDO ऑफ़िस में दोबारा सर्वे के लिए आवेदन दें।
  • AwaasSoft पर Reports में Rejection Details देखें। नाम रिजेक्ट हुआ है तो वजह लिखी होगी।

स्टेज पूरा होने के बाद भी किस्त नहीं आई

ये चीज़ें इसी क्रम में चेक करें:

  1. फ़ोटो अपलोड हुई या नहीं: GP सेक्रेटरी से पूछें।
  2. NPCI सीडिंग: बैंक जाकर NPCI मैपिंग चेक करवाएँ। “Not mapped” आए तो सीडिंग फ़ॉर्म भरें, वरना DBT का पैसा वापस हो जाता है। सिर्फ़ आधार लिंक होना काफ़ी नहीं है।
  3. FTO स्टेटस: BDO ऑफ़िस से FTO नंबर पूछें और उसका स्टेटस ट्रैक करवाएँ।

तीनों ठीक हैं फिर भी पैसा नहीं आया तो BDO को लिखित शिकायत दें: “मेरा इंस्टॉलमेंट स्टेज कंप्लीट होने के बाद भी रिलीज़ नहीं हुआ। कृपया FTO स्टेटस चेक करके लिखित में बताएँ कि पैसा कब तक आएगा।”

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही

  1. GP सेक्रेटरी को लिखित आवेदन दें और उसकी कॉपी अपने पास रखें।
  2. 15 दिन तक जवाब न आए तो BDO को शिकायत लिखें और पहले आवेदन की कॉपी लगाएँ।
  3. BDO भी न सुने तो DRDA को लिखें।
  4. सोशल ऑडिट या ग्राम सभा मीटिंग में मुद्दा उठाएँ।

एजेंट या दलाल से बचें

कोई भी एजेंट पैसे लेकर नाम डालने का वादा करे तो वह फ्रॉड है। PMAY-G में नाम डालने या किस्त दिलाने के लिए कोई पैसा नहीं लगता। स्टेटस सिर्फ़ pmayg.nic.in पर चेक करें।

PMAY-G हेल्पलाइन और शिकायत

  • टोल-फ़्री: 1800-11-6446
  • ईमेल: support-pmayg@gov.in
  • पोर्टल: pmayg.nic.in
  • ग्रीवेंस पोर्टल: pgportal.gov.in (Ministry of Rural Development चुनें)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PMAY ग्रामीण लिस्ट कैसे देखें?
pmayg.nic.in पर Stakeholders → IAY/PMAYG Beneficiary में जाएँ। रजिस्ट्रेशन नंबर से या राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर सर्च करें।

PMAY-G में रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन कैसे होता है?
सीधा ऑनलाइन फ़ॉर्म नहीं है। नाम Awaas+ सर्वे से आता है। GP से सर्वे करवाएँ या Awaas+ ऐप से सेल्फ-सर्वे करें।

PMAY ग्रामीण में कितना पैसा मिलता है?
मैदानी इलाके में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या मुश्किल इलाके में ₹1.30 लाख। इसके अलावा मनरेगा की मज़दूरी (90-95 दिन) और शौचालय के ₹12,000 अलग मिलते हैं।

क्या पक्के घर वाले PMAY ग्रामीण ले सकते हैं?
नहीं। जिनके पास पक्का घर है, जो इनकम टैक्स देते हैं या सरकारी नौकरी में हैं, वे पात्र नहीं हैं।

घर की क्वालिटी इंस्पेक्शन कैसे होती है?
फ़ाउंडेशन, लिंटल और छत के स्टेज पर जियो-टैग्ड फ़ोटो अपलोड होती है। हर स्टेज की फ़ोटो अलग तारीख की होनी चाहिए, और अपलोड के बाद ही अगली किस्त आती है।

सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
पहले GP से पूछें कि स्टेज की फ़ोटो अपलोड हुई या नहीं। अपलोड है तो बैंक में NPCI सीडिंग चेक करवाएँ। फिर BDO से लिखित में FTO स्टेटस पूछें।

किस्त नहीं मिली तो शिकायत कहाँ करें?
पहले BDO ऑफ़िस में लिखित शिकायत दें, साथ में रजिस्ट्रेशन नंबर, बैंक पासबुक की कॉपी और स्टेज की फ़ोटो लगाएँ। 15 दिन में हल न हो तो DRDA को लिखें। ग्रीवेंस पोर्टल pgportal.gov.in और हेल्पलाइन 1800-11-6446 भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

निष्कर्ष: आपको क्या करना चाहिए

  1. अपना नाम चेक करें: pmayg.nic.in पर देखें। नाम न हो तो GP से Awaas+ सर्वे के बारे में पूछें।
  2. हर स्टेज की फ़ोटो अपने पास रखें: इंस्पेक्टर अपलोड करे या न करे, आपके पास सबूत होना चाहिए।
  3. पैसा अटके तो लिखित शिकायत दें: ज़ुबानी बात से काम नहीं होता। GP → BDO → DRDA का रास्ता अपनाएँ।

आधिकारिक पोर्टल: pmayg.nic.in | हेल्पलाइन: 1800-11-6446 | शिकायत: support-pmayg@gov.in

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