पीएमएवाई-ग्रामीण क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है, जो 1 अप्रैल 2016 से चल रही है। इससे पहले इसे इंदिरा आवास योजना (IAY) कहा जाता था। इसका मकसद है कि गाँव के हर बेघर परिवार को बिजली, पानी और शौचालय वाला पक्का घर मिले।
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असम और नॉर्थ-ईस्ट के लिए खास क्या है?
मैदानी इलाकों में सहायता ₹1.20 लाख है, लेकिन नॉर्थ-ईस्टर्न राज्यों और पहाड़ी राज्यों में ₹1.30 लाख मिलता है, क्योंकि वहाँ सामग्री और मजदूरी महंगी है। असम में केंद्र और राज्य का फंडिंग पैटर्न 90:10 है।
कितना पैसा मिलता है?
| विवरण | असम / नॉर्थ-ईस्ट | मैदानी इलाका |
|---|---|---|
| घर की सहायता | ₹1.30 लाख | ₹1.20 लाख |
| शौचालय (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण) | ₹12,000 | ₹12,000 |
| मनरेगा मजदूरी | 95 दिन | 90 दिन |
मनरेगा की मजदूरी घर के पैसे से अलग मिलती है। जमीन का खर्च इस सहायता में शामिल नहीं है, इसलिए जमीन आपकी अपनी होनी चाहिए।
पैसा कितनी किस्तों में आता है?
पैसा एक साथ नहीं आता। यह घर बनने के अलग-अलग चरणों के हिसाब से कुछ किस्तों में आता है। हर चरण के बाद घर की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड होती है, और उसके बाद अगली किस्त जारी होती है। पैसा सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में आता है।
पात्रता: कौन ले सकता है PMAY-G घर?
कौन पात्र है?
- जिनके पास पक्का घर नहीं है: कच्चा घर, झोपड़ी या बिल्कुल घर नहीं।
- जिनका नाम SECC 2011 या आवास प्लस सर्वे में आया हो।
- जिनका नाम ग्राम सभा ने सत्यापित किया हो।
प्राथमिकता उन परिवारों को मिलती है जिनकी हालत ज्यादा खराब है। जैसे: सिर्फ एक कच्चे कमरे वाला घर, घर में 16 से 59 साल का कोई वयस्क न होना, महिला-प्रधान परिवार, दिव्यांग सदस्य, SC/ST परिवार, कोई पढ़ा-लिखा वयस्क न होना, और भूमिहीन परिवार जो मैनुअल मजदूरी पर निर्भर है।
कौन पात्र नहीं है?
- जिनके पास पहले से पक्का घर है।
- जिस परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है।
- इनकम टैक्स देने वाले परिवार।
- जिनकी महीने की आय ₹15,000 से ज्यादा है।
- जिनके पास कार या ट्रैक्टर जैसी मोटरचालित चार-पहिया गाड़ी है।
- जिनके किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट ₹50,000 या उससे ज्यादा है।
नए नियमों में रेफ्रिजरेटर या लैंडलाइन फोन रखने से अब आप अपने आप अयोग्य नहीं होते। अगर पहले इसी वजह से आपका नाम कटा था, तो दोबारा सर्वे करवा सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड (परिवार के सभी सदस्यों का)
- मनरेगा जॉब कार्ड
- आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC हों तो)
- वोटर ID या कोई और पहचान पत्र
- स्वच्छ भारत मिशन का नंबर (शौचालय के पैसे के लिए)
सबकी फोटोकॉपी रखो और ओरिजिनल सिर्फ सत्यापन के समय दिखाओ।
सर्वे कैसे करें? (आवास प्लस)
PMAY-G में सीधे “अप्लाई” का विकल्प नहीं होता। पहले सर्वे में नाम आना जरूरी है, फिर चयन होता है। अगर आपका नाम पुरानी लिस्ट में नहीं था, तो नए आवास प्लस सर्वे में नाम दर्ज करवाओ।
तरीका 1: AwaasPlus ऐप से सेल्फ-सर्वे
- गूगल प्ले स्टोर से आधिकारिक “AwaasPlus” ऐप डाउनलोड करो।
- आधार नंबर डालो और फेस ऑथेंटिकेशन करो।
- राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनो।
- घर की जानकारी भरो: कच्चा या पक्का, कमरे, सामग्री।
- परिवार के सदस्यों की जानकारी डालो।
- सबमिट करो।
फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो तो अच्छी रोशनी में कोशिश करो। फिर भी न हो तो ग्राम पंचायत ऑफिस जाओ, वहाँ एन्यूमरेटर असिस्टेड सर्वे कर देगा। आधार मोबाइल नंबर से लिंक्ड होना चाहिए, वरना पहले अपडेट करवाओ।
तरीका 2: ग्राम पंचायत के जरिए
ग्राम पंचायत ऑफिस में सचिव या एन्यूमरेटर आपका सर्वे कर देगा। साथ में किसी पढ़े-लिखे व्यक्ति को ले जाओ।
सर्वे के बाद क्या होता है?
पहले फील्ड वेरिफिकेशन होती है, फिर ग्राम सभा में नाम पढ़ा जाता है। उसके बाद नाम प्राथमिकता सूची में आता है, सैंक्शन ऑर्डर मिलता है और किस्तें शुरू होती हैं। ग्राम सभा की मीटिंग में खुद या परिवार का कोई सदस्य जरूर जाए, क्योंकि वहाँ कोई आपत्ति उठा दे तो नाम कट सकता है।
अपना नाम लिस्ट में कैसे देखें?
गाँव की पूरी लिस्ट देखना
- pmayg.nic.in खोलो।
- Awassoft पर क्लिक करो।
- Reports में Social Audit Reports, फिर Beneficiary Details for Verification चुनो।
- राज्य (असम), जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनो।
- कैप्चा भरो और सबमिट करो।
रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस देखना
pmayg.nic.in पर Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary विकल्प चुनो। रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा डालो, और आपका स्टेटस दिख जाएगा।
नाम न मिले तो पहले स्पेलिंग चेक करो, और आधार वाली स्पेलिंग से मिलाकर देखो।
पैसा अटका है तो क्या करें?
FTO स्टेटस चेक करना
FTO (Fund Transfer Order) का मतलब है कि सरकार ने बैंक को पैसा भेजने का ऑर्डर दिया है। pmayg.nic.in पर Awaassoft में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर FTO स्टेटस देखो। अगर “Released” दिख रहा है पर पैसा नहीं आया, तो FTO नंबर के साथ बैंक जाओ। अक्सर आधार सीडिंग न होना इस समस्या की वजह होती है। बैंक PFMS पोर्टल पर भी चेक कर सकता है कि पैसा कहाँ गया।
शिकायत कहाँ करें?
- पहले ग्राम पंचायत सचिव से लिखित में स्थिति पूछो।
- फिर BDO (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) या DRDA ऑफिस में लिखित शिकायत दो।
- ऑनलाइन शिकायत pgportal.gov.in (CPGRAMS) पर कर सकते हो।
- जानकारी के लिए RTI भी फाइल कर सकते हो।
हर शिकायत की रसीद या नंबर संभालकर रखो।
फ्रॉड से सावधान
नाम लिस्ट में डालने के लिए कोई पैसा नहीं लगता। अगर कोई एजेंट या बिचौलिया पैसा माँगे, तो वह फ्रॉड है। किसी को पैसा मत दो और BDO ऑफिस में शिकायत करो। सिर्फ आधिकारिक “AwaasPlus” ऐप ही इस्तेमाल करो।
आधिकारिक हेल्पलाइन और संपर्क
| माध्यम | विवरण |
|---|---|
| पोर्टल | pmayg.nic.in |
| हेल्पलाइन | 1800-11-6446 |
| ईमेल | support-pmayg@gov.in |
| ऑनलाइन शिकायत | pgportal.gov.in (CPGRAMS) |
| स्थानीय शिकायत | BDO ऑफिस / DRDA |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मैं ऑनलाइन अप्लाई कर सकता हूँ?
सीधे अप्लाई नहीं होता। पहले AwaasPlus सर्वे में नाम आना जरूरी है, जो ऐप से या ग्राम पंचायत के जरिए होता है।
असम में कितना पैसा मिलता है?
₹1.30 लाख घर के लिए, ₹12,000 शौचालय के लिए, और 95 दिन की मनरेगा मजदूरी।
नाम लिस्ट में नहीं है, क्या करूँ?
स्पेलिंग चेक करो, ग्राम पंचायत सचिव से सर्वे की स्थिति पूछो, और सर्वे न हुआ हो तो AwaasPlus ऐप से करवाओ।
क्या सरकारी नौकरी वाले परिवार को घर मिल सकता है?
नहीं, ऐसे परिवार पात्र नहीं हैं।
नाम डलवाने के लिए पैसा देना पड़ता है?
बिल्कुल नहीं। कोई पैसा माँगे तो BDO ऑफिस में शिकायत करो।
सर्वे में नाम है पर पैसा नहीं आया?
सर्वे में नाम आना सिर्फ पहला कदम है। पैसा तब आता है जब सैंक्शन ऑर्डर और किस्त जारी हो जाएँ। स्टेटस चेक करो, और सैंक्शन के बाद भी पैसा न आए तो FTO ट्रैक करो और बैंक में आधार सीडिंग चेक करवाओ।