अगर आप गुजरात के किसी गाँव से हैं और PMAY-ग्रामीण के तहत पक्का घर चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। यहाँ आपको गुजरात में योजना का लक्ष्य, पात्रता, सर्वे का तरीका, पैसा मिलने की प्रक्रिया और लाभार्थी सूची में नाम चेक करने के स्टेप्स सरल भाषा में मिलेंगे।
बहुत से लोग सर्वे करवा देते हैं और दस्तावेज़ भी जमा कर देते हैं, फिर भी उनका नाम सूची में नहीं आता। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि PMAY-ग्रामीण में कोई सीधा “ऑनलाइन आवेदन करें” विकल्प नहीं है। नाम सिर्फ़ आवास+ 2024 सर्वे के ज़रिए सूची में आता है, और उसके बाद ग्राम सभा के सत्यापन से गुज़रना पड़ता है।
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PMAY-ग्रामीण एक नज़र में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| शुरुआत | 2016 (इंदिरा आवास योजना की जगह) |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.nic.in |
| बेस सहायता (मैदानी क्षेत्र) | ₹1.20 लाख |
| शौचालय के लिए | ₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन) |
| मनरेगा मज़दूरी | ₹21,610 से ₹25,920 तक (90-95 दिन) |
| गुजरात में कुल सहायता | ₹2,03,610 से ₹2,07,920 तक |
PMAY-ग्रामीण क्या है?
PMAY-ग्रामीण एक सरकारी योजना है, जो गाँव के उन परिवारों के लिए है जिनके पास अपना पक्का घर नहीं है। 2016 में इसे इंदिरा आवास योजना की जगह लॉन्च किया गया था, ताकि गरीब परिवारों को सिर्फ़ छत ही नहीं, बल्कि शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ एक सम्मानजनक घर मिल सके।
गुजरात में PMAY-G का लक्ष्य और प्रगति
गुजरात में 2016 से 2026 तक 8.29 लाख से ज़्यादा घरों को मंज़ूरी मिल चुकी है और 6.99 लाख से ज़्यादा घर बन चुके हैं। लगभग 1.38 लाख घर अभी निर्माणाधीन हैं। गुजरात सरकार ने 2026-27 के बजट में PMAY-G के लिए ₹1,617.33 करोड़ का प्रावधान रखा है।
मई 2026 में केंद्र सरकार ने 12 राज्यों के लिए PMAY-G के तहत कुल ₹10,021 करोड़ की “मदर सैंक्शन” राशि जारी की, जिसमें गुजरात भी शामिल है।
पात्रता: PMAY-ग्रामीण घर कौन ले सकता है?
सिर्फ़ गरीब और ज़रूरतमंद परिवार ही इस योजना का फ़ायदा उठा सकते हैं।
कौन पात्र है
- बेघर परिवार, जिनके पास रहने के लिए अपना घर नहीं है
- कच्चे घर वाले परिवार, जिनके घर में 0, 1 या 2 कमरे हैं और दीवार-छत कच्ची है
- BPL परिवार, SC/ST, अल्पसंख्यक, विधवा और दिव्यांग परिवारों को प्राथमिकता मिलती है
- ऐसे परिवार जिनमें कोई वयस्क पुरुष कमाने वाला नहीं है
कौन पात्र नहीं है
- जिनके पास पहले से पक्का घर है
- जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है
- जो इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल करते हैं
- जिनके पास कार या किसान क्रेडिट कार्ड (₹50,000 से ज़्यादा लिमिट) है
- जिनके परिवार की मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है
- जिनके पास 2.5 एकड़ या ज़्यादा सिंचित ज़मीन, या 5 एकड़ या ज़्यादा असिंचित ज़मीन है
- जिनके पास मशीनी खेती के उपकरण (ट्रैक्टर, थ्रेशर) हैं
- जिनका कोई सरकार में पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम है
फ्रिज, लैंडलाइन फ़ोन या बाइक/स्कूटी होने से अब पात्रता खत्म नहीं होती।
ग्राम सभा की भूमिका
सर्वे में नाम आ जाने का मतलब यह नहीं कि घर पक्का हो गया। ग्राम सभा में आपके नाम का सत्यापन होता है, और अगर वहाँ कोई शिकायत या आपत्ति आए तो नाम सूची से हट सकता है।
ज़रूरी दस्तावेज़
सर्वे के लिए ये दस्तावेज़ तैयार रखें:
- आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक होना चाहिए, DBT के लिए)
- मनरेगा जॉब कार्ड
- आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक
- जाति प्रमाणपत्र (अगर आप SC/ST/OBC श्रेणी में आते हैं)
- आय प्रमाणपत्र
- निवास प्रमाण (राशन कार्ड या वोटर ID)
- परिवार की फ़ोटो (आवास+ सर्वे के लिए)
आवास+ सर्वे कैसे करवाएँ?
PMAY-ग्रामीण के लिए pmayg.nic.in पर जाकर खुद फ़ॉर्म भरने का कोई विकल्प नहीं है। आपका नाम सिर्फ़ आवास+ सर्वे के ज़रिए सूची में आ सकता है। सर्वे दो तरह से होता है।
ग्राम पंचायत के ज़रिए
आपके गाँव का पंचायत सचिव या आवास पर्यवेक्षक घर-घर आकर सर्वे करता है। अगर वे नहीं आते, तो पंचायत कार्यालय में उनसे मिलें।
AwaasApp से खुद सर्वे
- Google Play Store से AwaasApp डाउनलोड करें।
- “Awaas+ 2024” विकल्प चुनें।
- अपना आधार नंबर डालें और OTP वेरिफ़ाई करें।
- फ़ेस ऑथेंटिकेशन करें।
- अपनी लोकेशन और घर की जानकारी भरें (कच्चा या पक्का)।
- परिवार के सदस्यों की जानकारी और आय भरें।
- सबमिट करें और रेफ़रेंस नंबर सेव कर लें (स्क्रीनशॉट ले लें)।
AwaasApp में एरर आए तो
- फ़ेस स्कैन फ़ेल हो रहा है: अच्छी रोशनी में, बिना चश्मे के, मोबाइल को सीधा पकड़कर कोशिश करें। फिर भी न हो तो मोबाइल रीस्टार्ट करें।
- OTP नहीं आ रहा: 2 मिनट इंतज़ार करें, फिर “Resend OTP” दबाएँ और चेक करें कि नंबर सही है।
- “Already surveyed” दिख रहा है: इसका मतलब आपका नाम पहले से दर्ज है। पंचायत से रजिस्ट्रेशन नंबर माँग लें।
- ऐप क्रैश हो रहा है: मोबाइल की स्टोरेज खाली करें या पंचायत के एन्यूमरेटर से सर्वे करवाएँ।
सर्वे के बाद भी ग्राम सभा सत्यापन और अपीलीय समिति की मंज़ूरी ज़रूरी है। उसके बाद ही नाम फ़ाइनल प्राथमिकता सूची में आता है।
घर बनाने के लिए पैसा कैसे मिलता है?
नाम सूची में आने के बाद पैसा काम के चरणों के हिसाब से अलग-अलग किस्तों में सीधे बैंक खाते में आता है। हर चरण पर AwaasApp से जियो-टैग फ़ोटो अपलोड करनी होती है। बिना जियो-टैग फ़ोटो के अगली किस्त अटक सकती है।
गुजरात में कुल कितना मिलता है?
| मद | राशि |
|---|---|
| बेस सहायता | ₹1,20,000 |
| राज्य टॉप-अप | ₹50,000 |
| मनरेगा मज़दूरी (90-95 दिन) | ₹21,610 से ₹25,920 |
| शौचालय (स्वच्छ भारत मिशन) | ₹12,000 |
| कुल | ₹2,03,610 से ₹2,07,920 |
यह पैसा एक साथ नहीं, अलग-अलग किस्तों में आता है। मनरेगा की मज़दूरी के लिए जॉब कार्ड होना ज़रूरी है।
लाभार्थी सूची में नाम कैसे चेक करें?
रजिस्ट्रेशन नंबर से
- pmayg.nic.in खोलें।
- Stakeholders में “IAY/PMAYG Beneficiary” पर क्लिक करें।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
- स्टेटस देखें: सैंक्शन हुआ है या किस्त जारी हुई है।
गाँव की सूची से (बिना रजिस्ट्रेशन नंबर)
- pmayg.nic.in पर Awaassoft में Reports पर जाएँ।
- Social Audit Reports में “Beneficiary Details for Verification” चुनें।
- राज्य (गुजरात), फिर ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- पूरे गाँव की सूची खुल जाएगी। उसमें अपना नाम ढूँढें।
रजिस्ट्रेशन नंबर खो जाए तो पोर्टल के Advanced Search (नाम या आधार से) का इस्तेमाल करें या पंचायत से नंबर ले लें। गुजरात के लिए अलग पोर्टल नहीं है; राज्य-वार रिपोर्ट rhreporting.nic.in पर भी देखी जा सकती हैं।
आवास+ 2024 सर्वे की ताज़ा स्थिति
आवास+ 2024 सर्वे अंतिम चरण में है और ज़िला-वार ड्राफ़्ट प्राथमिकता सूची प्रकाशित हो रही है। अपने सर्वे की स्थिति की पुष्टि के लिए अपने ग्राम पंचायत कार्यालय से संपर्क करें।
आम समस्याएँ और उनके हल
सर्वे के बाद भी नाम सूची में नहीं आया
सबसे पहले चेक करें कि आपका नाम SECC 2011 सूची में है या नहीं। जिन परिवारों का नाम SECC 2011 में पहले से होता है, उनकी प्रक्रिया आम तौर पर तेज़ी से आगे बढ़ती है। सिर्फ़ आवास+ सर्वे से आए नामों को ग्राम सभा सत्यापन के लिए ज़्यादा इंतज़ार करना पड़ सकता है। ग्राम सभा की फ़ाइनल सूची में देखें कि कहीं आपका नाम “अपात्र” (ineligible) मार्क तो नहीं हुआ।
अगर नाम ग्राम सभा में कट गया: फ़ाइनल परमानेंट वेटिंग लिस्ट (PWL) पंचायत कार्यालय में लगाई जाती है और उस दौरान लिखित आपत्ति दी जा सकती है। आपत्ति के साथ आधार, जॉब कार्ड और सर्वे की कॉपी लगाएँ। समय निकल जाए तो BDO (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफ़िसर) को अपील करें।
अगर सर्वे ही नहीं हुआ: पंचायत सचिव से मिलकर AwaasApp से सेल्फ़-सर्वे करवाएँ। वे मना करें तो BDO को लिखित शिकायत दें।
किस्त नहीं आई (पैसा अटका है)
- जियो-टैग चेक करें: घर के चरण की फ़ोटो (नींव, लिंटल, छत) अपलोड हुई है या नहीं।
- बैंक चेक करें: आधार बैंक खाते से लिंक है या नहीं, और NPCI मैपर एक्टिव है या नहीं। बैंक जाकर आधार सीडिंग की जानकारी लें।
- BDO से FTO स्टेटस पूछें: FTO (Fund Transfer Order) का मतलब है कि सरकार ने पैसा भेजने का आदेश दिया। अगर FTO जनरेट नहीं हुआ तो निरीक्षण या फ़ोटो अपलोड पेंडिंग हो सकता है।
- CPGRAMS पर शिकायत करें: BDO से जवाब न मिले तो pgportal.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
- RTI (आख़िरी रास्ता): RTI में FTO स्टेटस, जियो-टैग रिकॉर्ड, निरीक्षण की तारीख़ और पेमेंट रिटर्न की वजह माँगें।
पंचायत सहयोग नहीं कर रही
हमेशा लिखित में आवेदन दें, क्योंकि ज़ुबानी शिकायत का कोई रिकॉर्ड नहीं होता। आवेदन में अपना नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर और समस्या लिखें, और रिसीविंग कॉपी ज़रूर लें। जवाब न मिले तो वही आवेदन BDO को दें, और फिर भी सुनवाई न हो तो CPGRAMS पर शिकायत करें।
कोई एजेंट पैसे माँग रहा है
यह फ़्रॉड है। PMAY-G में कोई पेड एजेंट नहीं होता। पैसा सीधे बैंक खाते में DBT से आता है। ऐसे व्यक्ति को मना करें और BDO को रिपोर्ट करें।
फ़्रॉड से सावधान रहें
- पैसे लेकर नाम सूची में डालने का वादा करने वाले किसी भी एजेंट पर भरोसा न करें।
- WhatsApp या SMS पर “आपका घर अप्रूव हो गया, बैंक डिटेल भेजें” जैसे लिंक पर क्लिक न करें। यह फ़िशिंग स्कैम हो सकता है।
- फ़ेक PMAY ऐप्स से बचें। सिर्फ़ AwaasApp ही आधिकारिक ऐप है।
- कोई भी जानकारी सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल या पंचायत कार्यालय से ही कन्फ़र्म करें।
हेल्पलाइन और शिकायत
- आधिकारिक पोर्टल: pmayg.nic.in
- ऑनलाइन शिकायत: pgportal.gov.in (CPGRAMS)
- ईमेल: support-pmayg@gov.in
- PMAY-G हेल्पलाइन: 1800-11-6446
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मैं PMAY-G के लिए सीधे ऑनलाइन अप्लाई कर सकता हूँ?
नहीं। PMAY-G में सीधे ऑनलाइन आवेदन का विकल्प नहीं है। नाम सिर्फ़ आवास+ सर्वे (AwaasApp या ग्राम पंचायत के ज़रिए) से सूची में आता है।
आवास+ सर्वे क्या है?
यह 2024 में शुरू हुआ सर्वे है, जिसके ज़रिए उन नए पात्र परिवारों को सूची में जोड़ा जाता है जो पुरानी SECC सूची में नहीं थे।
क्या सरकारी नौकरी वाले परिवार को घर मिल सकता है?
नहीं। अगर परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है तो परिवार पात्र नहीं है।
मेरा घर कच्चा है, पर कमरे कितने होने चाहिए?
0, 1 या 2 कमरे वाले कच्चे घर पात्र हैं। पहले से पक्का घर वाले परिवार पात्र नहीं हैं।
सर्वे में नाम है, लेकिन पैसा नहीं आया। क्या करें?
पहले चेक करें कि ग्राम सभा में नाम पास हुआ या नहीं, फिर pmayg.nic.in पर स्टेटस देखें। अगर स्टेटस “Sanctioned” है लेकिन पैसा नहीं आया, तो BDO से FTO स्टेटस और जियो-टैग फ़ोटो की जानकारी लें।
किस्त नहीं मिली, शिकायत कहाँ करें?
पहले BDO कार्यालय में रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ लिखित शिकायत दें। जवाब न मिले तो pgportal.gov.in (CPGRAMS) पर ऑनलाइन शिकायत करें।
अब आपको क्या करना चाहिए?
- pmayg.nic.in पर रजिस्ट्रेशन नंबर या गाँव की सूची से अपना स्टेटस चेक करें।
- सर्वे न हुआ हो तो AwaasApp से या पंचायत सचिव के ज़रिए सर्वे करवाएँ।
- नाम सूची में न हो या कट गया हो तो ग्राम सभा की फ़ाइनल सूची देखें और समय पर आपत्ति या BDO को अपील दें।
- कोई भी समस्या हो तो हेल्पलाइन या CPGRAMS का सहारा लें।
आधिकारिक और ताज़ा जानकारी के लिए हमेशा pmayg.nic.in देखें।