अगर आपके गाँव में किसी को PMAY-G का घर मिला है, तो आपके मन में भी यह सवाल आता होगा: “मेरा नाम लिस्ट में है या नहीं? पैसा कब आएगा?” इस गाइड में बताया गया है कि नाम कैसे चेक करें, सैंक्शन का स्टेटस कैसे देखें, और किस्त अटक जाए तो क्या करें।
सबसे पहले यह समझ लें कि PMAY-G में सीधे ऑनलाइन अप्लाई नहीं होता। नाम Awaas+ सर्वे और ग्राम सभा के वेरिफिकेशन से लिस्ट में आता है, और पैसा 3 किस्तों में मिलता है।
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PMAY-G एक नज़र में
| आइटम | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| शुरुआत | 1 अप्रैल 2016 (इंदिरा आवास योजना की जगह) |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.nic.in / pmayg.dord.gov.in |
| सहायता राशि (मैदानी इलाका) | ₹1.20 लाख |
| सहायता राशि (पहाड़ी/मुश्किल इलाका) | ₹1.30 लाख |
| नया टारगेट (2024-25 से 2028-29) | 2 करोड़ अतिरिक्त घर |
पात्रता: कौन PMAY-G घर ले सकता है
PMAY-G में नाम आने के लिए SECC 2011 (सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना) या Awaas+ सर्वे में होना ज़रूरी है। इसके साथ कुछ शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।
कौन पात्र है
- बेघर परिवार, यानी जिनके पास कोई घर नहीं है
- कच्चे घर वाले, जो 0, 1 या 2 कमरों के कच्चे घर में रहते हैं
- SC/ST परिवार, जिनके लिए कम से कम 60% टारगेट तय है
- विधवाएँ और महिला-प्रधान परिवार, जिन्हें प्राथमिकता मिलती है
- दिव्यांग (विकलांग) सदस्य वाले परिवार
कौन पात्र नहीं है
- जिनके पास पक्की छत और पक्की दीवारों वाला घर है
- जिनके पास मोटराइज़्ड तिपहिया या चारपहिया वाहन है
- जिनके पास ₹50,000 या उससे ज़्यादा लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड है
- जिनके घर का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है
- जिनके परिवार की मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है
- जो इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स देते हैं
2024 के बाद कुछ एक्सक्लूज़न नियमों में छूट दी गई है, जैसे फ्रिज और लैंडलाइन फोन। लेकिन नियम बदलते रहते हैं, इसलिए अपनी ग्राम पंचायत या BDO ऑफिस से ताज़ा मापदंड ज़रूर कन्फर्म करें।
प्राथमिकता कैसे तय होती है
सिर्फ़ पात्र होना काफ़ी नहीं होता। Awaas+ सिस्टम में डिप्रिवेशन स्कोर के हिसाब से रैंकिंग होती है, यानी आपके घर की हालत कितनी खराब है। जो परिवार ज़्यादा वंचित है, जैसे बेघर, दिव्यांग सदस्य वाला या महिला-प्रधान परिवार, उसका नाम लिस्ट में ऊपर आता है। इसी वजह से कभी-कभी बाद में सर्वे करवाने वाले का नाम पहले आ जाता है। यह सिस्टम का हिस्सा है, गलती नहीं।
ज़रूरी दस्तावेज़
दस्तावेज़ों की गलती पेमेंट में देरी की सबसे बड़ी वजह है। ये तैयार रखें:
| दस्तावेज़ | क्यों ज़रूरी है |
|---|---|
| आधार कार्ड | eKYC (आधार से पहचान वेरिफाई करना) और बैंक सीडिंग के लिए ज़रूरी |
| बैंक पासबुक | आधार से लिंक्ड खाता, क्योंकि बिना सीडिंग के पैसा नहीं आएगा |
| मनरेगा जॉब कार्ड | मज़दूरी के दिन (90-95 दिन) का लाभ लेने के लिए |
| जाति प्रमाण पत्र | SC/ST के लिए |
| ज़मीन के दस्तावेज़ | अगर अपनी ज़मीन है तो पट्टा या खसरा |
बैंक जाकर कन्फर्म करें कि आपका आधार खाते से सीडेड है। सिर्फ़ पासबुक में नाम होना काफ़ी नहीं है। बैकएंड में सीडिंग न हो तो FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर, यानी पैसा भेजने का रेफरेंस नंबर) फेल हो सकता है।
Awaas+ सर्वे और रजिस्ट्रेशन कैसे होता है
PMAY-G में कोई सीधा “Apply Online” बटन नहीं है। नाम Awaas+ सर्वे के ज़रिए आता है, और इसके दो तरीके हैं।
ग्राम पंचायत के ज़रिए सर्वे
- अपनी ग्राम पंचायत या आवास सहायक से मिलें और कहें कि आपको PMAY-G का सर्वे करवाना है।
- वे Awaas+ ऐप में आपके घर की जियो-टैग्ड फोटो (लोकेशन के साथ फोटो), परिवार का विवरण और आधार eKYC भरेंगे।
- सर्वे के बाद सेक्टर ऑफिसर घर आकर वेरिफाई करेगा कि आपके पास पहले से पक्का घर तो नहीं है।
- ग्राम सभा में लिस्ट पढ़ी जाती है और नाम सही होने पर अप्रूव होती है।
- फाइनल लिस्ट के बाद सैंक्शन ऑर्डर आता है।
Awaas+ ऐप से सेल्फ-सर्वे
जब सरकार सर्वे विंडो खोलती है, तो आप खुद भी मोबाइल से सर्वे कर सकते हैं।
- Google Play Store से आधिकारिक ऐप “AwaasPlus 2024” डाउनलोड करें।
- ऐप खोलकर कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें।
- आधार नंबर डालें और eKYC या फेस ऑथेंटिकेशन करें। अच्छी रोशनी में करें, और फेल हो तो 2-3 बार कोशिश करें।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
- “Add Survey” पर क्लिक करें और परिवार की जानकारी भरें।
- जो सदस्य घर का मालिक बनेगा, उसका आधार eKYC करें।
- कच्चे घर की फोटो और खाली जगह (वैकेंट साइट) की फोटो लें।
- सबमिट करें।
सर्वे हमेशा खुला नहीं रहता। सरकार समय-समय पर विंडो खोलती है, और विंडो बंद हो तो सर्वे स्वीकार नहीं होता। ग्राम पंचायत से पूछते रहें कि सर्वे विंडो कब खुलेगी।
अगर ऐप काम न करे
- इंटरनेट स्लो हो: WiFi या 4G आज़माएँ, और सुबह जल्दी कोशिश करें जब सर्वर पर लोड कम होता है।
- eKYC फेल हो: चेक करें कि आधार आपके मोबाइल नंबर से लिंक्ड है या नहीं।
- फोटो अपलोड न हो: फोटो का साइज़ 1MB से कम करें।
- फिर भी समस्या हो: नज़दीकी CSC सेंटर पर असिस्टेड सर्वे करवाएँ। वहाँ थोड़ी सर्विस फीस लग सकती है।
सर्वे के बाद ऐप में “Submitted” दिखेगा, लेकिन वेरिफिकेशन में 2-4 हफ़्ते लग सकते हैं। इस बीच दोबारा सर्वे न करें, क्योंकि एक ही सर्वे वैलिड होता है।
घर का निर्माण और पैसा कैसे मिलता है
सैंक्शन के बाद पैसा 3 किस्तों में आता है, और हर किस्त निर्माण के एक स्टेज के बाद रिलीज़ होती है।
| किस्त | कब मिलती है |
|---|---|
| पहली | सैंक्शन के बाद, नींव शुरू करने के लिए |
| दूसरी | प्लिंथ/लिंटल लेवल पूरा होने पर |
| तीसरी | छत (रूफ) पूरी होने पर |
मैदानी इलाकों में कुल सहायता ₹1.20 लाख है, और पहाड़ी या मुश्किल इलाकों में ₹1.30 लाख। कुछ राज्य अपनी तरफ़ से और राशि जोड़ते हैं। हर किस्त की सही राशि राज्य के हिसाब से अलग होती है। जैसे हरियाणा में ₹45,000, ₹60,000 और ₹33,000 की 3 किस्तें हैं (राज्य के हिस्से के साथ, कुल ₹1.38 लाख), जबकि अंडमान में ₹60,000, ₹40,000 और ₹20,000। अपने राज्य की सही राशि pmayg.nic.in पर अपने लाभार्थी रिकॉर्ड में देखें।
पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से, FTO जनरेट होने के बाद, सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में आता है।
FTO नंबर क्या है
FTO सरकार का जनरेट किया हुआ रेफरेंस नंबर है जो पैसा भेजते समय बनता है। पैसा न आए तो सबसे पहले यह नंबर नोट करें, क्योंकि बैंक और BDO दोनों यही नंबर माँगते हैं।
किस्त के अलावा और फ़ायदे
- मनरेगा मज़दूरी: 90-95 दिन की अनस्किल्ड लेबर मज़दूरी मिलती है। इसके लिए जॉब कार्ड नंबर AwaasSoft में सीडेड होना चाहिए।
- शौचालय का पैसा: स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से ₹12,000 अलग से मिलते हैं।
लाभार्थी लिस्ट में अपना नाम कैसे देखें
रजिस्ट्रेशन नंबर न हो तो भी आप अपना नाम देख सकते हैं। पहले गाँव की पूरी लिस्ट देखें, उसमें नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर दोनों मिल जाएँगे।
गाँव की पूरी लिस्ट (बिना रजिस्ट्रेशन नंबर)
- pmayg.nic.in खोलें।
- Awaassoft मेन्यू पर क्लिक करें।
- Reports में जाएँ।
- Social Audit Reports में “Beneficiary details for verification” पर क्लिक करें।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- लेटेस्ट फाइनेंशियल ईयर और स्कीम (PMAY-G) चुनें।
- कैप्चा भरकर सबमिट करें।
आपके गाँव की पूरी लिस्ट खुल जाएगी, जिसमें नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, सैंक्शन डेट और किस्त की जानकारी होगी। PDF डाउनलोड करके प्रिंटआउट रख लें, यह BDO ऑफिस में काम आएगा।
रजिस्ट्रेशन नंबर से सीधा स्टेटस
- pmayg.nic.in पर Stakeholders मेन्यू में IAY/PMAYG Beneficiary पर जाएँ।
- रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
- कैप्चा भरकर सबमिट करें।
आपको सैंक्शन अमाउंट, FTO की तारीखें और कितनी किस्तें रिलीज़ हुईं, सब दिख जाएगा।
पोर्टल पर दिखने वाले 7 स्टेज
- House Sanction: घर अप्रूव हुआ
- Foundation: नींव
- Plinth: नींव के ऊपर का प्लेटफॉर्म
- Windowsill: खिड़की की ऊँचाई तक दीवार
- Lintel: दरवाज़े के ऊपर तक दीवार
- Roof Cast: छत डाली गई
- Completed: घर तैयार
अगर रिकॉर्ड 3 महीने से ज़्यादा एक स्टेज पर अटका है, तो BDO से पूछें। अक्सर जियो-टैग्ड फोटो अपलोड न होने की वजह से अगली किस्त रुकती है।
पुराने पोर्टल awaassoft.nic.in और rhreporting.nic.in अब काम नहीं करते। सिर्फ़ pmayg.nic.in या pmayg.dord.gov.in का इस्तेमाल करें।
फ्रॉड से कैसे बचें
कोई भी एजेंट पैसे लेकर आपका नाम PMAY-G लिस्ट में नहीं डाल सकता। सर्वे ग्राम पंचायत करती है और वेरिफिकेशन ग्राम सभा करती है, और पूरी प्रक्रिया मुफ़्त है। अगर कोई कहे “₹5,000 दो, नाम लिस्ट में डाल दूँगा”, तो वह फ्रॉड है।
Play Store पर कई फेक “PMAY” ऐप मौजूद हैं। सिर्फ़ AwaasPlus 2024 आधिकारिक ऐप है, और किसी भी ऐप में पैसे न दें।
आम समस्याएँ और उनके हल
नाम लिस्ट में नहीं है
पहले चेक करें कि Awaas+ सर्वे में आपका नाम था या नहीं। सर्वे न हुआ हो तो ग्राम पंचायत से करवाएँ, जब विंडो खुली हो। सर्वे हुआ था लेकिन नाम कट गया, तो ग्राम सभा में अपील करें और BDO ऑफिस में लिखित शिकायत दें। शिकायत में रिजेक्शन का कारण और फाइल नोटिंग माँगें।
किस्त नहीं आई
- पोर्टल पर अपना रिकॉर्ड खोलकर FTO नंबर नोट करें।
- बैंक जाकर पूछें कि पैसा आया था या वापस तो नहीं चला गया। वापस गया हो तो रिटर्न रीज़न का प्रिंटआउट माँगें।
- बैंक कहे कि मसला सरकारी तरफ़ का है, तो FTO नंबर और बैंक प्रिंटआउट के साथ BDO ऑफिस में लिखित शिकायत दें।
ज़्यादातर मामलों में वजह आधार सीडिंग या नाम का मिसमैच होती है।
ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही
- BDO को लिखित शिकायत दें।
- 15 दिन में जवाब न मिले तो CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत करें।
- फिर भी हल न हो तो RTI फाइल करें।
RTI में यह पूछें: अपनी फाइल पर तारीख-वार एक्शन टेकन रिपोर्ट, सर्वे वेरिफिकेशन स्टेटस, ग्राम सभा प्रस्ताव की कॉपी और ज़िम्मेदार अधिकारी का नाम। “घर क्यों नहीं मिला” जैसा सवाल न पूछें, बल्कि यह पूछें कि फाइल में क्या लिखा है और किस तारीख को क्या हुआ।
ऐप एरर या सर्वे नहीं हुआ
eKYC फेल हो तो देखें कि आधार मोबाइल से लिंक्ड है या नहीं, और फेस ऑथेंटिकेशन अच्छी रोशनी में करें। ऐप फिर भी न चले तो CSC सेंटर या ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।
पोर्टल डाउन या सर्वर एरर
पोर्टल पर कभी-कभी लोड बढ़ जाता है। सुबह जल्दी या रात को देर से कोशिश करें, और Chrome ब्राउज़र इस्तेमाल करें। पोर्टल न खुले तो इसका मतलब यह नहीं कि आपका नाम कट गया है। कुछ देर बाद दोबारा कोशिश करें या CSC सेंटर जाएँ।
आधिकारिक हेल्पलाइन और शिकायत चैनल
| चैनल | विवरण | कब इस्तेमाल करें |
|---|---|---|
| PMAY-G हेल्पलाइन | 1800-11-6446 | स्टेटस, किस्त और सर्वे के बेसिक सवाल |
| शिकायत ईमेल | support-pmayg@gov.in | दस्तावेज़ों के साथ लिखित शिकायत |
| CPGRAMS | pgportal.gov.in | BDO से जवाब न मिलने पर |
| BDO (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) | आपका ब्लॉक ऑफिस | हर समस्या का पहला कदम |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.nic.in | स्टेटस और लिस्ट देखने के लिए |
किसी एजेंट या प्राइवेट “हेल्पलाइन” नंबर पर भरोसा न करें, वह फेक हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PMAY-G के लिए ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?
सीधे ऑनलाइन अप्लाई नहीं होता। नाम Awaas+ सर्वे और ग्राम सभा वेरिफिकेशन से आता है। ग्राम पंचायत से संपर्क करें, या विंडो खुलने पर AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे करें।
क्या आधार नंबर से स्टेटस चेक हो सकता है?
सीधा आधार सर्च उपलब्ध नहीं है। रजिस्ट्रेशन नंबर या गाँव की लिस्ट से pmayg.nic.in पर स्टेटस देखें।
FTO नंबर कहाँ मिलेगा?
आपके लाभार्थी रिकॉर्ड के इंस्टॉलमेंट कॉलम में, pmayg.nic.in पर।
क्या SC/ST को ज़्यादा पैसा मिलता है?
नहीं, सहायता राशि सबके लिए समान है। SC/ST परिवारों को लिस्ट में प्राथमिकता मिलती है, लेकिन राशि अलग नहीं होती।
नाम लिस्ट से कट गया तो क्या करें?
ग्राम सभा में अपील करें, BDO को लिखित शिकायत दें, और ज़रूरत पड़े तो RTI फाइल करें।
क्या सरकारी नौकरी वाले को PMAY-G घर मिल सकता है?
नहीं। जिस परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है, वह पात्र नहीं है।
भूमिहीन हूँ, क्या घर मिल सकता है?
हाँ, पात्र हैं, लेकिन पहले राज्य को ज़मीन आवंटित करनी होगी। कुछ राज्यों में इस वजह से इंतज़ार लंबा हो सकता है।
शौचालय के पैसे अलग से मिलते हैं?
हाँ, ₹12,000 स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से अलग मिलते हैं।
सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया?
दो चीज़ें चेक करें: आधार बैंक खाते से सीडेड है या नहीं, और नींव की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड हुई या नहीं। दोनों ठीक हों फिर भी पैसा न आए, तो FTO नंबर के साथ BDO ऑफिस में शिकायत दें।
निष्कर्ष
PMAY-G लाखों ग्रामीण परिवारों को पक्का घर देने वाली योजना है, लेकिन सही जानकारी के बिना पैसा अटक सकता है। याद रखें कि कोई ऑनलाइन अप्लाई फॉर्म नहीं है, अपना स्टेटस pmayg.nic.in पर चेक करते रहें, FTO नंबर नोट करें, और किसी एजेंट को पैसे न दें।
आधिकारिक पोर्टल: pmayg.nic.in
हेल्पलाइन: 1800-11-6446
शिकायत: pgportal.gov.in