विधवाओं/तलाकशुदा महिलाओं के लिए PMAY-G: फॉर्म में ‘पति का नाम’ वाले कॉलम में क्या भरना चाहिए?

अक्टूबर 21, 2026
Written By Ali Akbar

अगर आप विधवा या तलाकशुदा हैं और PMAY-ग्रामीण में घर के लिए सर्वे करवा रही हैं, तो सबसे बड़ी उलझन होती है कि पति के नाम की जगह क्या लिखें। इस गाइड में सीधी जानकारी दी गई है कि फॉर्म में क्या भरना है, कौन से दस्तावेज़ लगेंगे, सर्वे कैसे होगा और पैसा कैसे मिलेगा।

PMAY-ग्रामीण एक नज़र में

विवरणजानकारी
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
शुरुआत1 अप्रैल 2016 (इंदिरा आवास योजना की जगह)
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in
सहायता राशि₹1.20 लाख (मैदानी इलाके), ₹1.30 लाख (पहाड़ी, पूर्वोत्तर और IAP जिले)
घर का साइज़कम से कम 25 वर्ग मीटर (रसोई के साथ)

यह योजना क्या है

PMAY-ग्रामीण का मकसद उन ग्रामीण परिवारों को पक्का घर देना है जो कच्चे या जर्जर घर में रहते हैं या जिनके पास घर ही नहीं है। घर के साथ शौचालय (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से) और मनरेगा की मजदूरी भी मिलती है।

यह योजना अब 2024-25 से 2028-29 तक चलेगी, जिसमें 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य है।

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विधवा और तलाकशुदा महिला: पति के नाम की जगह क्या लिखें

विधवा महिला के लिए

PMAY MIS के आधिकारिक यूज़र मैनुअल के मुताबिक, विधवा को ड्रॉपडाउन मेनू से “स्व. पति” (स्वर्गीय पति) चुनना होता है। उसके बाद मृतक पति का नाम लिखें। पति का मृत्यु प्रमाण पत्र साथ रखना ज़रूरी है।

तलाकशुदा महिला के लिए

आधिकारिक मैनुअल में तलाकशुदा के लिए अलग से कोई विकल्प नहीं दिया गया है। ऐसे में अपना तलाक का डिक्री (कोर्ट का आदेश) या रजिस्टर्ड तलाकनामा साथ रखें और सर्वे के समय पंचायत सचिव या आवास सहायक को अपनी स्थिति साफ़ बताएं। वही आपको बता देंगे कि आपके फॉर्म में यह फील्ड कैसे भरना है।

अगर आप कानूनी रूप से तलाकशुदा नहीं हैं और सिर्फ़ पति से अलग रह रही हैं, तो ग्राम पंचायत आपसे शपथ पत्र (एफिडेविट) या ग्राम सभा का लिखित प्रमाण मांग सकती है। इसलिए सर्वे से पहले पंचायत से पूछ लें कि उन्हें कौन से कागज़ चाहिए।

घर किसके नाम पर होगा

PMAY-G के दिशानिर्देशों के मुताबिक घर आम तौर पर पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर स्वीकृत होता है, लेकिन विधवा, अलग रह रही और अविवाहित महिला के मामले में यह नियम लागू नहीं होता। ऐसे मामलों में घर सिर्फ़ महिला के नाम पर स्वीकृत होता है।

कौन पात्र है

PMAY-G के लिए इन परिवारों को मौका मिलता है:

  • जो कच्चे या जर्जर घर में रहते हैं
  • जिनके पास अपना घर नहीं है
  • SC/ST परिवार
  • महिला-प्रधान परिवार, जिनमें कोई कमाने वाला वयस्क पुरुष नहीं है
  • ऐसे परिवार जिनमें दिव्यांग सदस्य हैं

कौन पात्र नहीं है

  • जिनके पास कहीं भी पक्का घर है
  • जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है
  • जो इनकम टैक्स भरते हैं
  • जिनके पास कार, जीप या कोई मोटर चालित 4-पहिया वाहन है
  • जिनकी मासिक आमदनी ₹15,000 से ज़्यादा है

Awaas+ 2024 में नियम बदले हैं। अब सिर्फ़ 2-व्हीलर या फ्रिज होने से परिवार अपात्र नहीं होता।

ज़रूरी दस्तावेज़

दस्तावेज़विधवातलाकशुदा
आधार कार्डज़रूरीज़रूरी
मृत्यु प्रमाण पत्र (पति का)ज़रूरीनहीं
तलाक डिक्री / तलाकनामानहींज़रूरी
आधार-लिंक्ड बैंक पासबुकज़रूरीज़रूरी
मनरेगा जॉब कार्डअगर हैअगर है
जाति प्रमाण पत्रSC/ST/OBC के लिएSC/ST/OBC के लिए
BPL कार्ड / आय प्रमाण पत्रअगर हैअगर है

Awaas Plus सर्वे कैसे होता है

PMAY-G में सीधा “ऑनलाइन आवेदन” का विकल्प नहीं है। आपका नाम Awaas+ सर्वे के ज़रिए आता है, और उसके बाद ग्राम सभा उसे सत्यापित करती है। सर्वे के दो तरीके हैं।

तरीका 1: ग्राम पंचायत से सर्वे करवाएं

अगर आप मोबाइल ऐप नहीं चला सकतीं, तो यह सबसे आसान तरीका है।

  1. अपनी ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव या आवास सहायक से मिलें।
  2. उन्हें बताएं कि आप विधवा या तलाकशुदा हैं और PMAY-G सर्वे करवाना चाहती हैं।
  3. वे AwaasPlus 2024 ऐप से आपका सर्वे करेंगे, जिसमें आधार eKYC और फेस ऑथेंटिकेशन होगा।
  4. आपके घर की फोटो ली जाएगी।
  5. सर्वे के बाद मिलने वाला रेफरेंस नंबर संभालकर रखें।

तरीका 2: खुद मोबाइल से सेल्फ-सर्वे

  1. Google Play Store से AwaasPlus 2024 और AadhaarFaceRD ऐप डाउनलोड करें।
  2. ऐप में आधार नंबर डालकर फेस ऑथेंटिकेशन करें।
  3. राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
  4. परिवार की जानकारी भरें। विधवा होने पर पति के फील्ड में “स्व. पति” चुनें।
  5. घर की फोटो लें और सवालों के जवाब दें।
  6. सबमिट करके रेफरेंस नंबर नोट कर लें।

फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो तो

फोन को अच्छी रोशनी में रखें, चश्मा हटा लें और चेहरे के सामने से दुपट्टा या मास्क हटा दें। फिर भी न हो तो ग्राम पंचायत जाकर असिस्टेड सर्वे के लिए कहें।

सर्वे सबमिट करना काफ़ी नहीं है। ग्राम सभा का सत्यापन भी ज़रूरी होता है।

पैसा कैसे मिलेगा

स्वीकृति के बाद पैसा सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT के ज़रिए आता है। यह एक साथ नहीं आता, बल्कि घर के निर्माण के अलग-अलग चरणों पर किस्तों में मिलता है।

सब्सिडी के अलावा इन चीज़ों का फायदा भी मिलता है:

  • मनरेगा: घर बनाने के लिए 90/95 दिन की मजदूरी
  • स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण: शौचालय के लिए ₹12,000

अपना नाम लिस्ट में कैसे देखें

रजिस्ट्रेशन नंबर के बिना

  1. pmayg.dord.gov.in खोलें।
  2. Awaassoft में Reports सेक्शन पर जाएं।
  3. राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर गांव की लिस्ट में अपना नाम ढूंढें।

रजिस्ट्रेशन नंबर से

pmayg.dord.gov.in पर Stakeholders में जाकर IAY/PMAYG Beneficiary विकल्प चुनें। रजिस्ट्रेशन नंबर डालने पर आपका स्वीकृति स्टेटस, किस्त और निर्माण की प्रगति दिखेगी।

आम समस्याएं और उनके हल

नाम लिस्ट में नहीं आ रहा

  1. पहले pmayg.dord.gov.in पर अपने गांव की लिस्ट चेक करें।
  2. पंचायत सचिव से पूछें कि आपका सर्वे अपलोड हुआ या नहीं।
  3. अपलोड नहीं हुआ हो तो ब्लॉक ऑफिस में लिखित शिकायत दें और उसकी रसीद लें।
  4. वहां भी सुनवाई न हो तो pgportal.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
  5. ज़रूरत पड़ने पर BDO को RTI फाइल करके अपने सर्वे की स्थिति पूछ सकती हैं।

किस्त नहीं आ रही

सबसे आम वजह आधार का बैंक खाते से लिंक न होना है।

  1. बैंक पासबुक में देखें कि पैसा आया है या नहीं।
  2. pmayg.dord.gov.in पर रजिस्ट्रेशन नंबर से FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) का स्टेटस चेक करें।
  3. FTO “Processed” हो लेकिन पैसा न आया हो तो बैंक में आधार सीडिंग करवाएं।
  4. बैंक से लिखित प्रमाण लेकर ब्लॉक ऑफिस में FTO दोबारा भेजने को कहें।

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही

  1. पंचायत सचिव को लिखित आवेदन दें और उसकी कॉपी अपने पास रखें।
  2. जवाब न मिले तो BDO को आवेदन दें।
  3. फिर भी हल न हो तो जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) में शिकायत करें।
  4. pgportal.gov.in पर भी शिकायत फाइल कर सकती हैं।

धोखाधड़ी से बचें

  • PMAY-G में कोई एजेंट या बिचौलिया अधिकृत नहीं है।
  • “पैसे दो, नाम लिस्ट में डाल देंगे” जैसी बात धोखा है। PMAY-G सर्वे बिल्कुल मुफ़्त है।
  • सिर्फ़ AwaasPlus 2024 और AadhaarFaceRD ही आधिकारिक ऐप हैं। कोई और ऐप डाउनलोड न करें।
  • “घर स्वीकृत हो गया, प्रोसेसिंग फीस भेजो” जैसे SMS या कॉल पर भरोसा न करें। PMAY-G में कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं होती।

आधिकारिक हेल्पलाइन

माध्यमविवरण
राष्ट्रीय हेल्पलाइन1800-11-6446
शिकायत पोर्टलpgportal.gov.in
ईमेलsupport-pmayg@gov.in
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

विधवा हूं, फॉर्म में पति का नाम कैसे भरूं?
ड्रॉपडाउन से “स्व. पति” चुनें और मृतक पति का नाम लिखें। मृत्यु प्रमाण पत्र साथ रखें।

तलाकशुदा हूं, क्या करूं?
तलाक डिक्री या तलाकनामा साथ रखें और पंचायत सचिव को अपनी स्थिति साफ़ बताएं। आधिकारिक मैनुअल में तलाकशुदा के लिए अलग विकल्प नहीं है, इसलिए पंचायत से फॉर्म की एंट्री के बारे में पूछ लें।

क्या घर सिर्फ़ मेरे नाम पर होगा?
विधवा, अलग रह रही और अविवाहित महिला के मामले में हां, घर सिर्फ़ आपके नाम पर स्वीकृत होता है।

PMAY-G में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
सीधा आवेदन फॉर्म नहीं है। Awaas+ सर्वे ग्राम पंचायत से या खुद AwaasPlus 2024 ऐप से करवाना पड़ता है।

कितना पैसा मिलता है?
मैदानी इलाके में ₹1.20 लाख और पहाड़ी, पूर्वोत्तर और IAP जिलों में ₹1.30 लाख। इसके साथ मनरेगा की मजदूरी और शौचालय के ₹12,000 अलग से मिलते हैं।

आधार बैंक से लिंक नहीं है तो?
पैसा नहीं आएगा। बैंक में आधार सीडिंग करवाएं और फिर ब्लॉक ऑफिस से FTO दोबारा भेजने को कहें।

नाम लिस्ट से कट गया तो?
पहले ग्राम सभा में आपत्ति दें। वहां सुनवाई न हो तो ब्लॉक स्तर की अपीलीय अथॉरिटी में अपील करें, और फिर भी हल न हो तो pgportal.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
सर्वे में नाम होने का मतलब स्वीकृति नहीं होता। पहले चेक करें कि आपका नाम स्वीकृत (Sanctioned) लिस्ट में है या सिर्फ़ प्रतीक्षा सूची में। स्वीकृत होने के बाद भी पैसा न आए तो FTO और बैंक में आधार सीडिंग चेक करें।

आखिरी बात

विधवा या तलाकशुदा होने का मतलब यह नहीं कि आपको घर नहीं मिलेगा। महिला-प्रधान परिवारों को योजना में अहमियत दी जाती है। बस ये तीन चीज़ें याद रखें:

  1. विधवा हैं तो “स्व. पति” चुनें और मृत्यु प्रमाण पत्र साथ रखें।
  2. तलाकशुदा हैं तो तलाक डिक्री साथ रखें और पंचायत से फॉर्म की एंट्री कन्फर्म करें।
  3. सर्वे ज़रूर करवाएं, ग्राम पंचायत से या खुद AwaasPlus ऐप से।

यह जानकारी अपने गांव की किसी ज़रूरतमंद महिला को ज़रूर भेजें।

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