PMAY-ग्रामीण क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है। इससे पहले इंदिरा आवास योजना (IAY) चलती थी, जिसे 2016 में PMAY-G में बदल दिया गया। इस योजना का मकसद उन ग्रामीण परिवारों को पक्का घर देना है जो कच्चे घर में रहते हैं या जिनके पास घर नहीं है।
केंद्रीय कैबिनेट ने 2024-25 से 2028-29 तक 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने को मंज़ूरी दी है।
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कितनी सहायता मिलती है?
- मैदानी इलाकों में घर बनाने के लिए ₹1.20 लाख
- पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में ₹1.30 लाख
- मनरेगा (MGNREGA) के तहत 90 से 95 दिन की मज़दूरी
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय के लिए ₹12,000
- ज़रूरत हो तो ₹70,000 तक का सब्सिडी वाला होम लोन
यह सब अलग-अलग योजनाओं से मिलता है, एक ही खाते में एक साथ नहीं आता।
अकेली महिला के लिए पात्रता
बुनियादी पात्रता
- आप बेघर हैं या कच्चे घर में रहती हैं।
- आपका नाम SECC 2011 डेटा या आवास+ सर्वे की सूची में होना चाहिए।
- आपके नाम पर या आपके परिवार के पास कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए।
अकेली महिला को प्राथमिकता क्यों मिलती है?
PMAY-G के अभाव मानदंड (deprivation criteria) में ऐसे परिवार शामिल हैं जिनकी मुखिया महिला हो और जिसमें 16 से 59 साल का कोई वयस्क पुरुष न हो। इसलिए विधवा, अविवाहित, अलग रह रही या तलाकशुदा महिलाएँ प्राथमिकता में आती हैं। लेकिन सिर्फ प्राथमिकता काफ़ी नहीं है, नाम सर्वे के बाद बनी सूची में आना ज़रूरी है।
घर किसके नाम पर बनता है?
सामान्य परिवार में घर महिला के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर दिया जाता है। अकेली महिला के मामले में घर सीधे आपके नाम पर स्वीकृत होता है।
कौन पात्र नहीं है?
नीचे दी गई शर्तों में से कोई एक भी लागू हो तो परिवार अपात्र हो सकता है:
- परिवार में कोई स्थायी सरकारी नौकरी में है।
- परिवार इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स देता है।
- परिवार के पास पक्का घर है।
- परिवार के पास तीन या चार पहिया मोटर वाहन, मोटर वाली मछली पकड़ने की नाव या मशीनी खेती के उपकरण हैं।
- परिवार के पास बहुत ज़्यादा सिंचित ज़मीन है।
- परिवार की मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है।
दो पहिया वाहन या फ्रिज होने से अब आप अपात्र नहीं होते।
पिता या ससुराल के पक्के घर का सवाल
अगर आप अपने पिता या भाई के पक्के घर में रहती हैं लेकिन आपके नाम पर कोई संपत्ति नहीं है, तो आप अलग परिवार (household) के रूप में अपनी स्थिति ग्राम सभा या सर्वेयर को समझा सकती हैं। इसी तरह, अगर विधवा का ससुराल के घर पर कोई हक़ नहीं है और वह अलग रहती हैं, तो उन्हें अलग परिवार माना जा सकता है। अंतिम फ़ैसला सत्यापन के बाद होता है, इसलिए अपनी स्थिति लिखित में देना बेहतर है।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड, जो बैंक खाते से लिंक हो
- बैंक पासबुक
- मनरेगा जॉब कार्ड, अगर बना हो
- जाति प्रमाण पत्र, अगर SC/ST श्रेणी में आते हैं
अकेली महिला के लिए अतिरिक्त दस्तावेज़
- विधवा के लिए पति का मृत्यु प्रमाण पत्र
- अविवाहित या अलग रह रही महिला के लिए एकल स्थिति (single status) का शपथ पत्र, जो ज़रूरत पड़ने पर नोटरी या ग्राम पंचायत से बनवाया जा सकता है
- अलग परिवार साबित करने के लिए ग्राम पंचायत का लिखित प्रमाण पत्र या शपथ पत्र
सर्वे कैसे होता है?
PMAY-G में सीधे ऑनलाइन फॉर्म भरकर आवेदन नहीं किया जाता। लाभार्थी का चयन सर्वे के माध्यम से होता है। आवास+ 2024 सर्वे में सर्वेयर या खुद लाभार्थी मोबाइल ऐप से जानकारी भरता है। सर्वे के चरण अलग-अलग राज्यों में अलग चलते हैं, इसलिए अभी सर्वे चल रहा है या नहीं, यह अपनी ग्राम पंचायत या BDO ऑफिस से ज़रूर पूछें।
ग्राम पंचायत में सर्वे के स्टेप्स
- पंचायत सचिव या सर्वेयर से मिलकर बताइए कि आप अकेली महिला हैं और आपके पास पक्का घर नहीं है।
- आधार कार्ड और बैंक पासबुक दिखाइए। विधवा हैं तो मृत्यु प्रमाण पत्र भी साथ रखिए।
- सर्वेयर आपके घर की फोटो खींचेगा।
- ऐप में आपका आधार eKYC और फेस ऑथेंटिकेशन होगा। अच्छी रोशनी में खड़ी हों।
- सर्वे पूरा होने पर मिलने वाला रेफरेंस नंबर संभालकर रखिए।
- ड्राफ्ट सूची ग्राम सभा में सत्यापित होती है। कोई आपत्ति न हो तो आपका नाम अंतिम सूची (Permanent Waiting List, PWL) में आता है।
अगर पंचायत सर्वे करने से मना करे
- BDO ऑफिस में लिखित आवेदन दीजिए।
- ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) को भी लिख सकती हैं।
- हेल्पलाइन 1800-11-6446 पर कॉल कीजिए।
- लिखित आवेदन की एक कॉपी अपने पास रखिए, यह बाद में सबूत का काम करती है।
घर बनाने के लिए पैसा कैसे मिलता है?
पैसा एक साथ नहीं आता। यह निर्माण के चरण के हिसाब से किस्तों में सीधे आपके बैंक खाते में DBT से आता है। हर चरण की जियो-टैग फोटो अपलोड होना ज़रूरी है।
| किस्त | कब मिलती है |
|---|---|
| पहली किस्त | स्वीकृति के बाद शुरुआत में |
| दूसरी किस्त | नींव या प्लिंथ लेवल बनने के बाद |
| तीसरी किस्त | लिंटल लेवल के बाद |
| आखिरी किस्त | छत और घर पूरा होने के बाद |
किस्तों का सटीक बंटवारा और समय राज्य के हिसाब से थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए BDO ऑफिस से कन्फर्म कर लें।
किस्त अटक जाए तो
- पहले चेक कीजिए कि आपका आधार बैंक खाते से लिंक है या नहीं। बैंक में जाकर आधार सीडिंग करवाएँ।
- चेक कीजिए कि उस चरण की जियो-टैग फोटो अपलोड हुई है या नहीं।
- FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) जनरेट हो चुका है लेकिन पैसा नहीं आया, तो BDO ऑफिस से FTO नंबर लेकर बैंक शाखा में दिखाएँ।
- फिर भी हल न हो तो pgportal.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
अपना नाम कैसे चेक करें?
रजिस्ट्रेशन नंबर से
- pmayg.dord.gov.in खोलिए।
- Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary पर क्लिक कीजिए।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालिए।
- कैप्चा भरकर सर्च कीजिए।
- यहाँ आपका नाम, स्वीकृति की जानकारी और किस्तों का विवरण दिखेगा।
रजिस्ट्रेशन नंबर न हो तो
- pmayg.dord.gov.in पर जाइए।
- Awaassoft में Reports के अंदर Social Audit Reports चुनिए।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनिए।
- Beneficiary Details for Verification पर क्लिक करके अपना नाम ढूँढिए।
नाम सूची में न आए तो क्या करें?
अगर आपको लगता है कि आपको गलत तरीके से हटाया गया
ग्राम सभा की बैठक में लिखित आपत्ति दीजिए और साथ में अपनी स्थिति का शपथ पत्र या दस्तावेज़ ले जाइए। ग्राम सभा और BDO सत्यापन के बाद सूची में नाम जोड़ सकते हैं।
अगर आप PWL में हैं लेकिन स्वीकृति नहीं हुई
इसका मतलब आप सूची में हैं, लेकिन अभी बजट या लक्ष्य के हिसाब से आपका नंबर नहीं आया। BDO ऑफिस से अपना PWL स्टेटस कन्फर्म कर लीजिए।
अगर आप PWL में हैं ही नहीं
ग्राम पंचायत में लिखित आवेदन दीजिए और पंचायत सचिव से कहिए कि आपका नाम अगले सर्वे या सत्यापन में शामिल किया जाए।
शिकायत कहाँ करें?
- ग्राम पंचायत सहयोग न करे तो BDO को लिखित शिकायत दीजिए।
- BDO से हल न मिले तो ज़िला स्तर पर DRDA या ज़िला परिषद के CEO को लिखिए।
- ऑनलाइन शिकायत के लिए pgportal.gov.in (CPGRAMS) का इस्तेमाल कीजिए।
- हेल्पलाइन: 1800-11-6446
- ईमेल: support-pmayg@gov.in
फ्रॉड से सावधान रहें
PMAY-G पूरी तरह मुफ़्त है। कोई भी एजेंट, बिचौलिया या “कंप्यूटर वाला” जो पैसे माँगकर नाम सूची में डालने का वादा करे, वह फ्रॉड है। आवास+ ऐप सिर्फ़ आधिकारिक प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए और पैसे माँगने वालों की शिकायत BDO या पुलिस से कीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अकेली लड़की PMAY-G के लिए आवेदन कर सकती है?
हाँ, 18 साल से ज़्यादा उम्र की अविवाहित महिला अपने अलग परिवार के रूप में पात्र हो सकती है, अगर उसके नाम पर और उसके परिवार के पास पक्का घर न हो। इसके लिए सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन ज़रूरी है।
विधवा को कितना पैसा मिलता है?
विधवा को भी वही सहायता मिलती है जो बाकी लाभार्थियों को मिलती है: मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या पूर्वोत्तर राज्यों में ₹1.30 लाख। इसके अलावा मनरेगा की मज़दूरी और शौचालय के लिए ₹12,000 अलग से मिलते हैं।
क्या PMAY-G का ऑनलाइन फॉर्म उपलब्ध है?
नहीं, सीधे ऑनलाइन फॉर्म नहीं होता। लाभार्थी का चयन सर्वे से होता है, इसलिए ग्राम पंचायत या BDO ऑफिस से सर्वे की स्थिति पूछनी चाहिए।
क्या सरकारी नौकरी वाले परिवार को PMAY-G मिलता है?
नहीं, जिस परिवार में कोई स्थायी सरकारी नौकरी में हो, वह पात्र नहीं होता।
घर मिलने में कितना समय लगता है?
यह राज्य, ज़िला और ब्लॉक के बजट और लक्ष्य पर निर्भर करता है। सर्वे, ग्राम सभा सत्यापन, PWL और स्वीकृति में अलग-अलग समय लगता है, इसलिए कोई तय समय नहीं बताया जा सकता। PWL में नाम होने का मतलब है कि आप सूची में हैं।
क्या पंचायत या एजेंट को पैसे देने पड़ते हैं?
बिल्कुल नहीं। PMAY-G में किसी को भी पैसे देने की ज़रूरत नहीं है। कोई पैसे माँगे तो BDO को रिपोर्ट कीजिए।
आवास ऐप में फोटो नहीं खिंच रही, क्या करें?
कैमरा परमिशन चेक कीजिए, अच्छी रोशनी में खड़ी हों और चश्मा उतार दीजिए। फिर भी समस्या हो तो पंचायत से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।
हेल्पलाइन नंबर क्या है?
PMAY-G का टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6446 है और ईमेल support-pmayg@gov.in है।
आपके लिए 3 ज़रूरी काम
- आज ही pmayg.dord.gov.in पर अपना नाम चेक कीजिए।
- नाम न हो तो ग्राम पंचायत में लिखित आवेदन दीजिए।
- कोई भी पैसे माँगे तो BDO को रिपोर्ट कीजिए।
अकेली महिला होना PMAY-G में कमज़ोरी नहीं, प्राथमिकता है। सही दस्तावेज़, सही सर्वे और सही जगह शिकायत करके आप अपना हक़ ले सकती हैं।