PMAY-G महिला-प्रधान परिवार: आवास+ सर्वे में पंजीकरण कैसे करें (2026 गाइड)

अक्टूबर 20, 2026
Written By Ali Akbar

पीएमएवाई-ग्रामीण क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है। पहले इसकी जगह इंदिरा आवास योजना (IAY) चलती थी। इस योजना का मक़सद है कि गाँव के बिना पक्के घर वाले ग़रीब परिवारों को पक्का घर मिले।

मदद की रक़म इस तरह है:

  • मैदानी इलाक़े में ₹1.20 लाख
  • पहाड़ी और मुश्किल इलाक़े में ₹1.30 लाख
  • शौचालय के लिए स्वच्छ भारत मिशन से अलग मदद
  • मनरेगा (MGNREGA) के तहत 90 से 95 दिन की मज़दूरी

सरकार ने 2024 से 2029 के लिए 2 करोड़ नए घर बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी के लिए आवास+ 2024 सर्वे के ज़रिए उन परिवारों को ढूँढा जा रहा है जो पहले की सूची में छूट गए थे।

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महिला के नाम पर घर क्यों ज़रूरी है?

PMAY-G में घर आम तौर पर महिला के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर दिया जाता है। इसलिए महिला का सर्वे में सही तरीक़े से दर्ज होना बहुत ज़रूरी है।

पात्रता: कौन PMAY-G घर ले सकता है?

किन परिवारों को मदद मिलती है

  • जिन परिवारों के पास अपना घर नहीं है
  • जो कच्चे घर में रहते हैं (शून्य, एक या दो कमरे वाला कच्चा घर)
  • SC/ST, अल्पसंख्यक, विधवा और दिव्यांग परिवार
  • ऐसे परिवार जिनकी मुखिया महिला है और जिनमें कोई कमाने वाला वयस्क पुरुष नहीं है
  • जिन परिवारों का नाम आवास+ सर्वे में वेरिफ़ाई हो जाए

किन परिवारों को मदद नहीं मिलती

सरकारी मापदंड के अनुसार, इनमें से कोई भी स्थिति हो तो परिवार आम तौर पर पात्र नहीं माना जाता:

  • परिवार पक्के घर में रहता है
  • परिवार के पास मोटरचालित तिपहिया या चौपहिया वाहन है
  • किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹50,000 या उससे ज़्यादा है
  • परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है
  • परिवार में किसी सदस्य की महीने की कमाई ₹15,000 से ज़्यादा है
  • परिवार का कोई सदस्य इनकम टैक्स भरता है
  • परिवार के पास काफ़ी बड़ी सिंचित ज़मीन है

पात्रता के नियम समय के साथ बदलते रहते हैं। इसलिए अपनी ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफ़िस से ताज़ा नियम ज़रूर कन्फ़र्म कर लें।

ज़रूरी दस्तावेज़

सर्वे के समय और बाद में ये दस्तावेज़ काम आते हैं:

  • महिला मुखिया का आधार कार्ड
  • आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर (OTP के लिए)
  • आधार से लिंक्ड बैंक खाते की पासबुक
  • मनरेगा जॉब कार्ड (अगर बना हुआ हो)
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST परिवारों के लिए)
  • आय से जुड़े दस्तावेज़ (ज़रूरत पड़ने पर)
  • पुराने कच्चे घर की फ़ोटो (सर्वे के दौरान ऐप में ही ली जाती है)

आवास+ सर्वे में नाम कैसे दर्ज करें?

सर्वे के दो तरीक़े

  • असिस्टेड सर्वे: ग्राम पंचायत या सरकारी सर्वेयर आपके घर आकर विवरण भरता है।
  • सेल्फ़-सर्वे: आप ख़ुद अपने मोबाइल में आवास+ ऐप से सर्वे कर सकते हैं। अगर सर्वेयर नहीं आ रहा है या देर हो रही है, तो सेल्फ़-सर्वे एक अच्छा विकल्प है।

सेल्फ़-सर्वे के स्टेप्स

  1. गूगल प्ले स्टोर से आधिकारिक आवास+ ऐप डाउनलोड करें।
  2. ऐप खोलकर कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें।
  3. आधार नंबर डालकर आगे बढ़ें।
  4. कैमरे के सामने चेहरा दिखाकर e-KYC या फ़ेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
  5. राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
  6. लॉगिन होने के बाद “Add Survey” पर क्लिक करें।
  7. परिवार के मुखिया का विवरण भरें। अगर आप महिला मुखिया हैं, तो अपना सही विवरण डालें और जेंडर में Female चुनें।
  8. परिवार के सभी सदस्यों के नाम, आधार और रिश्ता जोड़ें।
  9. परिवार की सूची में से लाभार्थी चुनें। महिला को लाभार्थी चुनना बेहतर रहता है।
  10. पुराने घर की जियो-टैग्ड फ़ोटो लें।
  11. पात्रता से जुड़े सवालों के सही जवाब दें, जैसे घर की हालत, वाहन और आय।
  12. सभी विवरण जाँचकर सबमिट करें।

ध्यान रहे कि सिर्फ़ ऐप में सर्वे करने से नाम अंतिम सूची में नहीं आ जाता। उसके बाद ग्राम सभा वेरिफ़िकेशन होती है। लेकिन सर्वे के बिना नाम सूची में आने का कोई रास्ता नहीं है।

अगर फ़ेस ऑथेंटिकेशन फ़ेल हो रहा हो

  • फ़ोन की सेटिंग्स में जाकर आवास+ को कैमरा एक्सेस दें।
  • अच्छी रोशनी वाली जगह पर दोबारा कोशिश करें।
  • अगर आधार में फ़ोटो बहुत पुरानी है, तो उसे अपडेट करवाएँ।
  • फिर भी न हो, तो ग्राम पंचायत के सर्वेयर से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।

महिला मुखिया के लिए ज़रूरी बातें

  • सर्वे में अपना विवरण बिल्कुल सही और आधार के अनुसार भरें।
  • लाभार्थी के रूप में ख़ुद का नाम चुनें।
  • अगर घर संयुक्त नाम पर चाहिए, तो पति का विवरण भी सही भरें।
  • सर्वे की रसीद या रेफ़रेंस नंबर सँभालकर रखें।

सर्वे के बाद क्या होता है?

सर्वे के बाद प्रक्रिया कुछ इस तरह चलती है:

  1. ग्राम सभा वेरिफ़िकेशन: गाँव की सूची ग्राम सभा में पढ़ी जाती है और आपत्तियाँ सुनी जाती हैं।
  2. प्राथमिकता सूची: वेरिफ़िकेशन के बाद पात्र परिवारों की अंतिम सूची बनती है।
  3. स्वीकृति: नाम अंतिम होने पर आपको रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ घर मंज़ूर होता है।
  4. किस्तों में पैसा: घर के निर्माण के चरण के हिसाब से पैसा सीधे बैंक खाते में आता है।

हर चरण पर आवास+ ऐप से जियो-टैग्ड फ़ोटो अपलोड होती है। फ़ोटो अपलोड होने और बैंक खाता सही होने पर ही अगला भुगतान आता है। हर स्टेप में कितना समय लगेगा, यह राज्य और ज़िले पर निर्भर करता है।

अपना नाम सूची में कैसे चेक करें?

गाँव की सूची से चेक करना

  1. आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in खोलें।
  2. Awaassoft मेन्यू में Reports पर जाएँ।
  3. Social Audit Reports में “Beneficiary Details for Verification” चुनें।
  4. राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
  5. सही वित्तीय वर्ष और योजना PMAY-G चुनें।
  6. कैप्चा भरकर सबमिट करें।
  7. खुली हुई सूची में अपना नाम ढूँढें।

रजिस्ट्रेशन नंबर से चेक करना

  1. pmayg.dord.gov.in पर Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary विकल्प खोलें।
  2. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और सबमिट करें।
  3. आपको स्वीकृति और निर्माण की स्थिति दिख जाएगी।

सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in का ही उपयोग करें। जो वेबसाइट “आधार नंबर से तुरंत सूची चेक करें” जैसे बड़े दावे करे, उससे सावधान रहें।

फ़्रॉड से कैसे बचें?

PMAY-G के नाम पर ठगी के काफ़ी मामले होते हैं। इन बातों का ध्यान रखें:

  • कोई एजेंट पैसे लेकर नाम सूची में डालने का वादा करे, तो यह फ़्रॉड है।
  • “PMAY-G रजिस्ट्रेशन फ़ॉर्म” बेचने वाली प्राइवेट वेबसाइटों पर भरोसा न करें।
  • सिर्फ़ आधिकारिक आवास+ ऐप ही डाउनलोड करें।
  • सर्वे और सरकारी वेरिफ़िकेशन के लिए कोई पैसा देने की ज़रूरत नहीं है।
  • अपना OTP, आधार या बैंक विवरण किसी अनजान व्यक्ति को न बताएँ।

शिकायत कहाँ करें?

माध्यमजानकारी
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in
ईमेलsupport-pmayg@gov.in
ऑनलाइन शिकायत (CPGRAMS)pgportal.gov.in
RTIrtionline.gov.in

स्थानीय स्तर पर पहले ग्राम पंचायत, फिर ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफ़िस (BDO) और ज़रूरत पड़ने पर ज़िला स्तर पर DRDA में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

आम समस्याएँ और उनके समाधान

सर्वे हो गया लेकिन नाम सूची में नहीं आया

सर्वे होना और अंतिम सूची में नाम आना दो अलग बातें हैं। सर्वे के बाद ग्राम सभा वेरिफ़िकेशन होती है और उसके बाद ही नाम अंतिम होता है।

ऐसी स्थिति में यह करें:

  • ग्राम पंचायत से पूछें कि आपका नाम ग्राम सभा की सूची में था या नहीं।
  • अगर नाम कट गया है, तो BDO ऑफ़िस में जाकर लिखित में कारण माँगें।
  • संतोषजनक जवाब न मिले, तो pgportal.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

किस्त नहीं आई

किस्त आने के लिए निर्माण की फ़ोटो अपलोड होना और बैंक खाते का आधार से सही लिंक होना ज़रूरी है।

  • pmayg.dord.gov.in पर अपना FTO स्टेटस चेक करें।
  • बैंक से पूछें कि पेमेंट किसी कारण से रिटर्न तो नहीं हुआ।
  • अगर कारण “Aadhaar not seeded” या “account inactive” जैसा है, तो बैंक में जाकर उसे ठीक करवाएँ।
  • समस्या बनी रहे, तो BDO ऑफ़िस में लिखित शिकायत दें या ऑनलाइन ग्रीवांस दर्ज करें।

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही

  • BDO को लिखित में शिकायत दें।
  • जवाब न मिलने पर DRDA से संपर्क करें।
  • ऑनलाइन शिकायत के लिए pgportal.gov.in का उपयोग करें।

ऐप में एरर आ रहा है

  • ऐप बंद करके दोबारा खोलें और फ़ेस ऑथेंटिकेशन फिर से करें।
  • कैमरा और लोकेशन की अनुमति चेक करें।
  • फिर भी समस्या हो, तो ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या PMAY-ग्रामीण के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं?
PMAY-G में अलग से कोई “अप्लाई फ़ॉर्म” नहीं होता। नाम आवास+ सर्वे और उसके बाद होने वाली वेरिफ़िकेशन से जुड़ता है। आप ख़ुद ऐप से सर्वे कर सकते हैं या ग्राम पंचायत के सर्वेयर से करवा सकते हैं।

महिला के नाम पर घर कैसे सुनिश्चित करें?
सर्वे के समय महिला का विवरण सही भरें और लाभार्थी के रूप में महिला को चुनें। PMAY-G में घर महिला या संयुक्त नाम पर देने का नियम है।

आवास+ ऐप कहाँ से डाउनलोड करें?
गूगल प्ले स्टोर से आधिकारिक आवास+ ऐप डाउनलोड करें। किसी अनजान लिंक या APK फ़ाइल से ऐप डाउनलोड न करें।

क्या एजेंट पैसे लेकर नाम डाल सकता है?
नहीं। सर्वे या सूची में नाम डालने के लिए किसी को पैसे देने की ज़रूरत नहीं है। पैसे माँगने वाले से बचें और शिकायत दर्ज करें।

क्या विधवा को प्राथमिकता मिलती है?
हाँ, विधवा और महिला-प्रधान परिवार प्राथमिकता श्रेणियों में आते हैं।

क्या मनरेगा जॉब कार्ड ज़रूरी है?
जॉब कार्ड से सरकारी रिकॉर्ड में सुविधा होती है और मनरेगा की मज़दूरी का लाभ भी इसी से मिलता है। अगर आपके पास नहीं है, तो ग्राम पंचायत से इसके बारे में जानकारी लें।

सर्वे के बाद नाम कब तक आता है?
यह समय राज्य और ग्राम सभा की प्रक्रिया पर निर्भर करता है। सही जानकारी के लिए अपनी ग्राम पंचायत या BDO ऑफ़िस से संपर्क करें।

शिकायत कहाँ दर्ज करें?
पहले ग्राम पंचायत, फिर BDO और DRDA। ऑनलाइन शिकायत के लिए pgportal.gov.in या support-pmayg@gov.in का उपयोग करें।

निष्कर्ष

PMAY-ग्रामीण में सबसे पहला क़दम आवास+ सर्वे में सही तरीक़े से नाम दर्ज करवाना है। महिला मुखिया परिवार अपना विवरण सही भरें, ख़ुद को लाभार्थी के रूप में चुनें और अपने दस्तावेज़ तैयार रखें। उसके बाद ग्राम सभा वेरिफ़िकेशन, अंतिम सूची, स्वीकृति और किस्तों की प्रक्रिया चलती है। इसमें समय लगता है, लेकिन सही जानकारी और धैर्य के साथ आप अपना हक़ प्राप्त कर सकती हैं।

आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in

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