PMAY-G में महिला के नाम पर घर: स्वामित्व का नियम और पूरा तरीका

अक्टूबर 18, 2026
Written By Ali Akbar

पीएमएवाई-ग्रामीण क्या है?

पीएमएवाई-जी (PMAY-G) गाँव के उन परिवारों के लिए है जिनके पास पक्का घर नहीं है। यह योजना 1 अप्रैल 2016 से चल रही है और इसने इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह ली। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है।

योजना का लक्ष्य मार्च 2029 तक कुल 4.95 करोड़ घर बनाने का है। घर का आकार कम से कम 25 वर्ग मीटर होना चाहिए, जिसमें खाना बनाने की अलग जगह हो।

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योजना एक नज़र में

विषयजानकारी
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
शुरुआत1 अप्रैल 2016
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in
सहायता राशि₹1.20 लाख (मैदानी क्षेत्र), ₹1.30 लाख (पहाड़ी/मुश्किल क्षेत्र)
अन्य लाभ90 दिन की मनरेगा मज़दूरी (पहाड़ी क्षेत्रों में 95 दिन), शौचालय के लिए ₹12,000
मालिकाना हक़महिला के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर

कुछ सरकारी शब्दों का मतलब

PWL (Permanent Wait List): उन परिवारों की सूची जिनका नाम मंज़ूर हो चुका है, लेकिन घर अभी स्वीकृत नहीं हुआ है।

FTO (Fund Transfer Order): पैसा भेजने का आदेश, जो ब्लॉक से बैंक तक जाता है।

DBT: डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, यानी पैसा सीधे बैंक खाते में।

जियो-टैग फोटो: GPS लोकेशन के साथ ली गई फोटो, जो घर के निर्माण का प्रमाण होती है।

महिला के नाम पर घर: क्या है नियम?

पीएमएवाई-जी में घर महिला के नाम पर या पति के साथ संयुक्त नाम पर स्वीकृत किया जाता है। संयुक्त नाम में भी महिला का नाम शामिल होना ज़रूरी है।

विधवा या अकेली महिला के मामले में घर सिर्फ़ उसके नाम पर बन सकता है।

अगर परिवार में कोई वयस्क महिला ही न हो, तो घर पुरुष के नाम पर हो सकता है।

महिला के नाम पर घर होने से सहायता राशि कम नहीं होती। मैदानी क्षेत्र में ₹1.20 लाख और पहाड़ी क्षेत्र में ₹1.30 लाख ही मिलते हैं।

अगर घर पहले से पुरुष के नाम पर स्वीकृत हो चुका है

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एडवाइज़री जारी की है कि पीएमएवाई-जी के घर में परिवार की महिला सदस्य का नाम शामिल होना चाहिए। जहाँ स्वीकृति पहले पुरुष के नाम पर हो चुकी है, वहाँ महिला को सेकेंडरी ओनर (द्वितीयक मालिक) के रूप में जोड़ने का रास्ता है।

इसके लिए ब्लॉक कार्यालय (BDO) में लिखित आवेदन दें और उसकी रसीद ज़रूर लें। साथ में ये दस्तावेज़ रखें:

  • महिला का आधार कार्ड
  • स्वीकृति पत्र (सैंक्शन लेटर) की कॉपी
  • रिश्ते का प्रमाण (जैसे विवाह प्रमाण या पंचायत से जारी पारिवारिक प्रमाणपत्र)

प्रक्रिया और ज़रूरी दस्तावेज़ राज्य के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं, इसलिए आवेदन देने से पहले ब्लॉक कार्यालय से पुष्टि कर लें।

कौन पात्र है और कौन नहीं?

पात्र परिवार

  • बिना घर वाले या कच्चे/जर्जर घर में रहने वाले परिवार।
  • जिनका नाम SECC 2011 डेटा में है या जो आवास+ सर्वे से सूची में आए हैं।
  • SC/ST, अल्पसंख्यक, विधवा और दिव्यांग परिवारों को प्राथमिकता मिलती है।

पात्र नहीं हैं

नीचे दी गई शर्तें आवास+ के अपवर्जन (exclusion) मापदंडों पर आधारित हैं। इनमें से कोई एक भी लागू हो तो परिवार पात्र नहीं होता।

  • परिवार के पास पहले से पक्का घर है।
  • परिवार में कोई नियमित सरकारी नौकरी में है।
  • परिवार आयकर देता है।
  • परिवार के पास दोपहिया वाहन के अलावा कोई मोटर वाहन या मशीनीकृत खेती का उपकरण है।
  • परिवार के किसी सदस्य की किसान क्रेडिट कार्ड सीमा ₹50,000 या उससे ज़्यादा है।
  • परिवार की मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है।

मापदंडों में बदलाव होते रहते हैं, इसलिए अंतिम जानकारी के लिए अपनी ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से पुष्टि करें।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक होना चाहिए)
  • बैंक पासबुक (आधार से लिंक)
  • मनरेगा जॉब कार्ड
  • जाति प्रमाणपत्र (SC/ST/OBC के लिए)
  • आय प्रमाणपत्र या BPL कार्ड
  • आवास+ पंजीकरण संख्या (अगर सर्वे हो चुका है)

आधार और बैंक खाते में नाम बिल्कुल एक जैसा होना चाहिए। स्पेलिंग में फ़र्क होगा तो भुगतान अटक सकता है।

आवास+ सर्वे से नाम कैसे जुड़वाएँ?

पीएमएवाई-जी में सीधे ऑनलाइन अप्लाई करने का फॉर्म नहीं है। नाम सूची में आने का रास्ता आवास+ सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन से होकर जाता है। यह सर्वे बिल्कुल मुफ़्त है।

ग्राम पंचायत के ज़रिए सर्वे

पंचायत सचिव या सर्वेयर घर आकर सर्वे करते हैं। वे परिवार की जानकारी लेते हैं और घर की फोटो खींचते हैं। इसके बाद नाम ड्राफ्ट परमानेंट वेटिंग लिस्ट (PWL) में आता है।

AwaasPlus 2024 ऐप से स्वयं सर्वे

अगर सर्वे में आपका नाम छूट गया है तो आप खुद भी सर्वे कर सकते हैं। शुरू करने से पहले मोबाइल का GPS ऑन रखें, आधार और बैंक पासबुक पास रखें, और पुराने घर की एक साफ़ फोटो दिन की रोशनी में खींच लें।

  1. गूगल प्ले स्टोर से “AwaasPlus 2024” ऐप डाउनलोड करें।
  2. ऐप खोलकर “New User” पर टैप करें, मोबाइल नंबर डालें और OTP वेरिफ़ाई करें।
  3. “Self Survey” विकल्प चुनें।
  4. आधार नंबर डालें और फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें। रोशनी में चेहरा फ्रेम के अंदर रखें।
  5. परिवार के सदस्यों की जानकारी भरें। लाभार्थी के रूप में महिला का नाम चुनें।
  6. हाउस डिटेल्स में पुराने घर की फोटो अपलोड करें।
  7. सबमिट करें और रजिस्ट्रेशन नंबर का स्क्रीनशॉट संभालकर रख लें।

फेस ऑथेंटिकेशन फ़ेल हो तो रीट्राई करें, और रोशनी ठीक करके 2–3 बार कोशिश करें। फिर भी न हो तो ग्राम पंचायत से सहायता प्राप्त सर्वे (assisted survey) के लिए सर्वेयर भेजने को कहें। ऐप में एरर आए तो कुछ देर बाद दोबारा कोशिश करें।

ग्राम सभा सत्यापन

सर्वे के बाद ग्राम सभा की बैठक में नाम पढ़े जाते हैं। कोई आपत्ति हो तो वहीं लिखित में दर्ज करवाएँ। ग्राम सभा की मंज़ूरी के बाद ही नाम अंतिम PWL में आता है।

पैसा कैसे मिलता है?

सहायता राशि एक साथ नहीं आती, यह तीन किस्तों में मिलती है।

  1. फाउंडेशन/प्लिंथ लेवल पर पहली किस्त।
  2. लिंटल लेवल पर दूसरी किस्त।
  3. छत या घर पूरा होने पर तीसरी किस्त।

हर चरण पर आवास ऐप से जियो-टैग फोटो अपलोड होती है। फोटो मंज़ूर होने के बाद ही अगली किस्त जारी होती है। पैसा DBT के ज़रिए सीधे बैंक खाते में आता है।

मैदानी और पहाड़ी क्षेत्र का फ़र्क

मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पूर्वोत्तर राज्यों तथा पहाड़ी राज्यों (J&K, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड) में ₹1.30 लाख मिलते हैं। केंद्र और राज्य का खर्च बँटने का अनुपात भी अलग है: पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में 90:10 और बाकी राज्यों में 60:40। आपको वही राशि मिलती है जो स्वीकृति पत्र में लिखी है।

और क्या मिलता है?

  • घर बनाने में 90 दिन की मनरेगा मज़दूरी (पहाड़ी क्षेत्रों में 95 दिन)।
  • स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय के लिए ₹12,000।

सूची में अपना नाम कैसे देखें?

  1. pmayg.dord.gov.in खोलें।
  2. “Stakeholders” सेक्शन में “IAY/PMAYG Beneficiary” पर क्लिक करें।
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर हो तो सीधे डालें। न हो तो Advanced Search चुनें।
  4. राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनें, फिर सूची में अपना नाम ढूँढें।

नाम नहीं मिला तो पहले यह देखें कि आप सिर्फ़ PWL (प्रतीक्षा सूची) में हैं या स्वीकृत (sanctioned) सूची में हैं। PWL में होना और स्वीकृति मिलना अलग बातें हैं। पैसा स्वीकृति के बाद ही आता है।

किस्त अटक जाए तो क्या करें?

FTO स्टेटस चेक करें

pmayg.dord.gov.in पर FTO स्टेटस देखें।

  • FTO जनरेट हुआ है: पैसा ब्लॉक से निकल चुका है, बैंक में चेक करें।
  • बैंक तक पहुँच गया पर क्रेडिट नहीं हुआ: बैंक में आधार सीडिंग (NPCI मैपिंग) एक्टिव करवाएँ।
  • FTO जनरेट ही नहीं हुआ: हो सकता है फ़ाइल ब्लॉक स्तर पर अटकी हो, या जियो-टैग फोटो अपलोड न हुई हो। BDO से जानकारी लें।

शिकायत कहाँ करें?

  1. पहले पंचायत सचिव को लिखित आवेदन दें और अपनी कॉपी रखें।
  2. जवाब न मिले तो BDO कार्यालय में लिखित शिकायत दें और रसीद लें।
  3. फिर भी हल न हो तो DRDA/प्रोजेक्ट डायरेक्टर को लिखित शिकायत भेजें।
  4. ऑनलाइन शिकायत के लिए pgportal.gov.in पर ग्रामीण विकास मंत्रालय चुनकर पीएमएवाई-जी की शिकायत दर्ज करें।
  5. हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111

शिकायत में रजिस्ट्रेशन नंबर, गाँव, ब्लॉक और ज़िला ज़रूर लिखें, ताकि शिकायत ट्रैक हो सके।

धोखाधड़ी से कैसे बचें?

  • आवास+ सर्वे बिल्कुल मुफ़्त है। एजेंट, दलाल या कोई भी पैसे माँगे तो साफ़ मना कर दें।
  • सिर्फ़ गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद आधिकारिक “AwaasPlus 2024” ऐप ही इस्तेमाल करें।
  • सिर्फ़ pmayg.dord.gov.in पर भरोसा करें। “ड्राफ्ट लिस्ट PDF” देने वाली प्राइवेट वेबसाइटें सरकारी नहीं होतीं।
  • “BDO से जान-पहचान है, पैसे दो” जैसी बातों में न आएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पीएमएवाई-जी में महिला के नाम पर घर कैसे बनवाएँ?
सर्वे के समय ही लाभार्थी के रूप में महिला का नाम भरवाएँ। घर पहले से पुरुष के नाम पर स्वीकृत हो चुका है तो ब्लॉक कार्यालय में लिखित आवेदन देकर महिला को सेकेंडरी ओनर के रूप में जोड़ने की request करें।

क्या सिर्फ़ महिला के नाम पर घर मिल सकता है?
हाँ, विधवा या अकेली महिला के नाम पर घर बन सकता है। दूसरे मामलों में संयुक्त नाम (पति-पत्नी) रखा जाता है।

पति के नाम पर घर है, पत्नी का नाम कैसे जोड़ें?
ब्लॉक कार्यालय (BDO) में लिखित आवेदन दें, साथ में आधार, रिश्ते का प्रमाण और स्वीकृति पत्र की कॉपी लगाएँ, और रसीद ज़रूर लें।

पीएमएवाई-जी में पैसा कितनी किस्तों में मिलता है?
तीन किस्तों में: फाउंडेशन, लिंटल और छत/पूर्णता। हर चरण पर जियो-टैग फोटो ज़रूरी है।

नाम सूची में नहीं है तो क्या करें?
पंचायत से आवास+ सर्वे की जानकारी लें, ड्राफ्ट PWL चेक करें, और आधार से नाम की स्पेलिंग मिलाएँ। सर्वे छूट गया हो तो AwaasPlus 2024 ऐप से स्वयं सर्वे करें।

सर्वे में नाम है पर पैसा नहीं आया, क्या करें?
देखें कि नाम सिर्फ़ PWL में है या स्वीकृत सूची में भी। स्वीकृति के बाद ही पैसा आता है। स्वीकृत होने के बाद भी पैसा न आए तो FTO स्टेटस चेक करें और BDO से संपर्क करें।

क्या सरकारी नौकरी वाले परिवार को घर मिल सकता है?
नहीं। परिवार में कोई नियमित सरकारी कर्मचारी हो तो परिवार पात्र नहीं होता।

महिला को कितना पैसा मिलता है?
उतना ही जितना किसी और लाभार्थी को: ₹1.20 लाख (मैदानी) या ₹1.30 लाख (पहाड़ी/मुश्किल क्षेत्र)।

निष्कर्ष

पीएमएवाई-जी का नियम साफ़ है कि घर महिला के नाम पर या संयुक्त नाम पर होना चाहिए। घर पहले से पुरुष के नाम पर स्वीकृत हो चुका हो, तब भी ब्लॉक कार्यालय में आवेदन देकर महिला का नाम जोड़ने का रास्ता खुला है।

आज ही pmayg.dord.gov.in पर अपना नाम चेक करें। नाम न हो तो पंचायत से आवास+ सर्वे के बारे में पूछें। कोई पैसे माँगे तो मना कर दें, और दिक्कत आए तो 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर या pgportal.gov.in पर शिकायत करें।

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