PMAY-ग्रामीण क्या है?
PMAY-ग्रामीण को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 1 अप्रैल 2016 से शुरू किया। इसने पुरानी इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह ली। इसका उद्देश्य है कि गांव के बेघर और कच्चे या जर्जर घर में रहने वाले परिवारों को पक्का घर मिले।
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योजना की मुख्य बातें
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| शुरुआत | 1 अप्रैल 2016 |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in |
| सहायता राशि (मैदानी इलाका) | ₹1.20 लाख |
| सहायता राशि (पहाड़ी/मुश्किल इलाका) | ₹1.30 लाख |
| घर का न्यूनतम आकार | 25 वर्ग मीटर (रसोई के साथ) |
| शौचालय | स्वच्छ भारत मिशन से ₹12,000 अलग |
| मज़दूरी | MGNREGA से 90 दिन (अकुशल श्रम) |
महिला के नाम घर क्यों ज़रूरी है?
योजना का नियम है कि घर महिला के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर आवंटित किया जाए। विधवा, अलग रह रही और अकेली महिलाओं के लिए यह खास तौर पर ज़रूरी है। घर आपके नाम होने से आपको कानूनी सुरक्षा मिलती है और परिवार में आपका हक मज़बूत होता है।
पात्रता: कौन ले सकता है PMAY-ग्रामीण घर?
बुनियादी शर्त
परिवार के पास पक्का घर नहीं होना चाहिए। जो परिवार कच्चे या जर्जर घर में रहते हैं या बेघर हैं, वे पात्र हो सकते हैं।
किन्हें प्राथमिकता मिलती है
- ऐसे परिवार जिनमें 16 से 59 साल का कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है (महिला-प्रधान परिवार)
- दिव्यांग सदस्य वाले परिवार, जिनमें कोई सक्षम वयस्क नहीं है
- भूमिहीन परिवार जो मज़दूरी पर निर्भर हैं
- SC/ST परिवार
- विधवा और बेसहारा महिलाएं
कौन पात्र नहीं होता?
- जिनके पास पहले से पक्का घर है
- जो परिवार इनकम टैक्स देते हैं
- जिसमें कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है
- जिनके पास मोटरयुक्त 3-व्हीलर/4-व्हीलर या मोटरयुक्त मछली पकड़ने की नाव है
- जिनके पास ₹50,000 या उससे ज़्यादा लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड है
- जिनके पास बहुत ज़्यादा ज़मीन है (लगभग 2.5 एकड़ सिंचित या 5 एकड़ असिंचित)
कुछ पात्रता शर्तें (जैसे परिवार की मासिक आय सीमा और कुछ घरेलू सामान वाली शर्तें) हाल के सालों में बदली गई हैं। आपके केस में क्या लागू होता है, यह pmayg.dord.gov.in या ब्लॉक ऑफिस (BDO) से कन्फर्म करें।
ज़रूरी दस्तावेज़
सर्वे के समय ये चीज़ें तैयार रखें:
- आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक होना ज़रूरी है)
- बैंक पासबुक (आधार-सीडेड खाता)
- MGNREGA जॉब कार्ड (अगर है)
- वोटर ID या राशन कार्ड
- जाति प्रमाणपत्र (SC/ST के लिए)
- विधवा हैं तो पति का मृत्यु प्रमाणपत्र
- घोषणा कि आपके पास पक्का घर नहीं है
घर कैसे मिलेगा? आवास प्लस सर्वे की पूरी प्रक्रिया
PMAY-G में सीधे ऑनलाइन “अप्लाई” करने का कोई फॉर्म नहीं है। नाम सिर्फ सर्वे के ज़रिए लिस्ट में आता है। जो भी वेबसाइट या एजेंट “ऑनलाइन अप्लाई” का दावा करे, उससे दूर रहें।
तरीका 1: ग्राम पंचायत से सर्वे करवाएं
ग्राम पंचायत के सर्वेयर घर-घर जाकर सर्वे करते हैं। आपको सही जानकारी और दस्तावेज़ देने हैं। अगर सर्वे नहीं हो रहा, तो ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) को लिखित शिकायत दें।
तरीका 2: AwaasPlus ऐप से सेल्फ-सर्वे
- Google Play Store से AwaasPlus 2024 ऐप डाउनलोड करें।
- कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें।
- आधार नंबर डालें और आगे बढ़ें।
- फेस ऑथेंटिकेशन करें (अच्छी रोशनी में, चश्मा और टोपी हटाकर)।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
- सर्वे जोड़ने का विकल्प चुनें।
- परिवार के मुखिया और सदस्यों की जानकारी भरें।
- लाभार्थी के रूप में महिला का नाम चुनें।
- घर या खाली जगह की जियो-टैग्ड फोटो लें।
- सवाल पूरे करके सबमिट करें।
- रेफरेंस नंबर ज़रूर नोट कर लें।
रेफरेंस नंबर को मोबाइल में सेव करें, डायरी में लिखें और एक कॉपी ग्राम पंचायत को दें। आगे स्टेटस चेक और शिकायत में यह काम आता है। नंबर खो जाए तो ग्राम पंचायत से प्रिंटआउट निकलवा सकते हैं।
सर्वे के बाद क्या होता है?
सर्वे करने के बाद नाम सीधे स्वीकृत नहीं होता। आम तौर पर यह क्रम चलता है:
सर्वे → सत्यापन → ग्राम सभा की मंज़ूरी → प्राथमिकता सूची → स्वीकृति → किस्त
सत्यापन: सर्वेयर या अधिकारी जांचते हैं कि घर कच्चा है, आप वहां रहती हैं और दस्तावेज़ सही हैं।
प्राथमिकता सूची: सत्यापन के बाद नाम परमानेंट वेट लिस्ट (PWL) में आता है। इसमें नाम होने का मतलब है कि आप पात्र हैं, लेकिन घर अभी स्वीकृत नहीं हुआ।
स्वीकृति: फंड और टारगेट के हिसाब से आपकी बारी आती है तो स्वीकृति पत्र मिलता है।
किसी स्टेप पर अटक जाएं तो ग्राम पंचायत या BDO से पूछें कि आपकी फाइल अभी किस स्टेज पर है।
पैसा कैसे मिलता है?
सहायता राशि DBT के ज़रिए सीधे आपके आधार-सीडेड बैंक खाते में आती है। पैसा घर के निर्माण की स्टेज के हिसाब से किस्तों में मिलता है। किस्तों की संख्या और हर किस्त की राशि राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है, इसलिए अपने स्वीकृति पत्र में देखें।
हर स्टेज पर घर की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड होती है, और फोटो के बिना अगली किस्त नहीं आती। इसलिए निर्माण की हर स्टेज पर ग्राम पंचायत से फोटो अपलोड करवाना न भूलें।
घर बनाने के दौरान MGNREGA के तहत 90 दिन की मज़दूरी भी मिलती है (पहाड़ी इलाकों में ज़्यादा)। शौचालय के लिए स्वच्छ भारत मिशन से ₹12,000 अलग मिलते हैं।
किस्त की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें: PMAY ग्रामीण सब्सिडी राशि और किस्त शेड्यूल: पूरी गाइड
अपना नाम लिस्ट में कैसे देखें?
रजिस्ट्रेशन नंबर से
pmayg.dord.gov.in खोलें, Stakeholders में जाकर बेनिफिशियरी डिटेल्स का विकल्प चुनें और रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
रजिस्ट्रेशन नंबर के बिना
Advanced Search में आधार, नाम या पिता का नाम डालकर खोज सकते हैं।
गांव की पूरी लिस्ट
पोर्टल के Reports सेक्शन में Social Audit Reports में राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर अपने गांव की लिस्ट देख सकते हैं।
महिला का नाम चेक करते समय देखें कि घर किसके नाम पर है। नाम लिस्ट में है लेकिन आगे कुछ नहीं हुआ, तो आप शायद PWL में हैं। ग्राम पंचायत से पूछें कि PWL में आपका क्या नंबर है।
घर पति के नाम पर है, महिला का नाम कैसे जोड़ें?
अगर घर सिर्फ पति के नाम पर स्वीकृत हुआ है, तो ग्राम पंचायत या BDO को लिखित आवेदन दें। आवेदन में स्वीकृति के विवरण में बदलाव या संयुक्त स्वामित्व की मांग करें। इस प्रक्रिया के नियम राज्य के हिसाब से अलग हो सकते हैं, इसलिए पहले BDO ऑफिस से प्रक्रिया समझ लें। आवेदन की रिसीविंग कॉपी संभालकर रखें।
फ्रॉड से कैसे बचें?
- नाम लिस्ट में डालने के नाम पर जो भी पैसे मांगे, वह फ्रॉड है।
- AwaasPlus सर्वे बिल्कुल मुफ़्त है।
- किसी को अपने बैंक खाते की जानकारी, OTP या PIN न दें।
- सिर्फ pmayg.dord.gov.in और AwaasPlus 2024 ऐप पर भरोसा करें।
- शक हो तो BDO या DRDA ऑफिस जाकर कन्फर्म करें।
किस्त अटक जाए तो क्या करें?
स्टेप 1: प्रगति चेक करें
AwaasSoft या pmayg.dord.gov.in पर अपने घर की प्रगति और पेमेंट स्टेटस देखें।
स्टेप 2: फोटो अपलोड चेक करें
देखें कि आपकी स्टेज की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड हुई है या नहीं। नहीं हुई तो ग्राम पंचायत से अपलोड करवाएं।
स्टेप 3: बैंक में आधार सीडिंग चेक करें
बैंक जाकर कन्फर्म करें कि खाता आधार से लिंक है और DBT के लिए सक्रिय है। किस्त अटकने का यह सबसे आम कारण है।
स्टेप 4: BDO को लिखित शिकायत दें
सब कुछ ठीक होने के बाद भी पैसा न आए तो BDO को लिखित शिकायत दें और रिसीविंग लें।
स्टेप 5: RTI का इस्तेमाल करें
जवाब न मिले तो RTI फाइल करें। RTI आवेदन की फीस ₹10 है, और BPL परिवारों के लिए यह मुफ़्त है। आम तौर पर 30 दिन में जवाब देना ज़रूरी होता है। पूछें कि किस्त कब रिलीज़ हुई, पेमेंट का विवरण क्या है, और अगर नहीं हुई तो कारण क्या है।
ग्राम पंचायत सहयोग न करे तो?
पहले BDO को लिखित शिकायत दें, फिर ज़िला स्तर पर DRDA ऑफिस में जाएं। इसके बाद हेल्पलाइन या ईमेल पर शिकायत कर सकती हैं। ऑनलाइन शिकायत के लिए pgportal.gov.in भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
हेल्पलाइन और संपर्क
| माध्यम | विवरण |
|---|---|
| राष्ट्रीय हेल्पलाइन | 1800-11-6446 / 1800-11-8111 |
| ईमेल | support-pmayg@gov.in |
| शिकायत पोर्टल | pgportal.gov.in |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मैं खुद ऑनलाइन अप्लाई कर सकती हूं?
नहीं। PMAY-G में सीधे ऑनलाइन अप्लाई का फॉर्म नहीं है। नाम सिर्फ सर्वे के ज़रिए आता है, जो ग्राम पंचायत के सर्वेयर से या AwaasPlus ऐप से सेल्फ-सर्वे के रूप में होता है।
सर्वे हो गया लेकिन लिस्ट में नाम नहीं आया, क्या करें?
ग्राम पंचायत से पूछें कि आपके सर्वे का सत्यापन हुआ या नहीं। सत्यापन न हुआ हो तो उसे पूरा करवाएं। फिर भी नाम न आए तो BDO को लिखित शिकायत दें।
रजिस्ट्रेशन नंबर खो गया, लिस्ट कैसे देखें?
pmayg.dord.gov.in पर Advanced Search में आधार या नाम से खोज सकती हैं। गांव की पूरी लिस्ट भी Reports सेक्शन से देख सकती हैं।
किस्त कई महीने से नहीं आई, कहां शिकायत करें?
पहले प्रगति और फोटो अपलोड चेक करें, फिर बैंक में आधार सीडिंग। उसके बाद BDO को लिखित शिकायत दें, फिर support-pmayg@gov.in पर ईमेल करें या pgportal.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। आखिरी उपाय के तौर पर RTI फाइल करें।
सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्यों?
सर्वे में नाम होने का मतलब स्वीकृति होना नहीं है। हो सकता है आप अभी PWL में हों। स्वीकृति के बाद भी फोटो अपलोड या बैंक सीडिंग की वजह से पैसा रुक सकता है।
विधवा हूं, क्या अलग आवेदन करना पड़ेगा?
नहीं। सर्वे में अपने परिवार को महिला-प्रधान परिवार के रूप में दर्ज करवाएं। पति का मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार रखें।
ग्राम पंचायत पैसे मांग रही है, क्या करें?
यह फ्रॉड है। पैसे न दें और BDO या DRDA को लिखित शिकायत करें। आप हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर भी शिकायत कर सकती हैं।
फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो रहा है, क्या करें?
अच्छी रोशनी में करें, चश्मा, टोपी और मास्क हटा दें, और फोन को आंखों के लेवल पर रखें। फिर भी फेल हो तो ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे करवाएं।
आखिरी बात
महिला के नाम पर घर आपका हक है। सर्वे में महिला का नाम ज़रूर चुनें, अपने दस्तावेज़ तैयार रखें, और रेफरेंस नंबर संभालकर रखें। किसी स्टेप पर रुकावट आए तो चुप न रहें। लिखित शिकायत, हेल्पलाइन या RTI का सहारा लें।
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