PMAY-ग्रामीण क्या है?
PMAY-ग्रामीण (प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण) ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है। यह 1 अप्रैल 2016 से शुरू हुई, जब इंदिरा आवास योजना (IAY) का नाम बदलकर यह नाम दिया गया। इसका मकसद उन ग्रामीण परिवारों को पक्का घर देना है जो बेघर हैं या कच्चे घर में रहते हैं।
योजना का फेज 2 वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक चल रहा है, जिसमें 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य है। नए लाभार्थियों की पहचान Awaas+ 2024 सर्वे के ज़रिए हो रही है।
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खसरा-खतौनी और PMAY-G का कनेक्शन
PMAY-G पोर्टल पर खसरा-खतौनी डालकर सीधा सर्च नहीं होता। ज़मीन के कागज़ ग्राम सभा सत्यापन या Awaas+ सर्वे के समय पात्रता जाँचने के काम आते हैं। ज़मीन का रिकॉर्ड निकालने के लिए आपको अपने राज्य का भूलेख पोर्टल इस्तेमाल करना होता है।
खसरा, खतौनी और भूलेख क्या हैं?
खसरा
खसरा गाँव की ज़मीन के हर प्लॉट का नंबर और ब्योरे वाला रिकॉर्ड है। इसमें प्लॉट का क्षेत्रफल, ज़मीन की किस्म और फसल की जानकारी होती है।
खतौनी
खतौनी में यह लिखा होता है कि एक खाते में किस-किसके नाम ज़मीन है और कितनी है। इसे ज़मीन के मालिक का सबूत माना जाता है।
भूलेख
भूलेख राज्य सरकारों का ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड पोर्टल है। यहाँ से आप खसरा, खतौनी, जमाबंदी या ROR (Record of Rights) की कॉपी देख और डाउनलोड कर सकते हैं।
भूलेख से ज़मीन का रिकॉर्ड कैसे निकालें?
हर राज्य का पोर्टल थोड़ा अलग है, लेकिन तरीका लगभग एक जैसा है।
- अपने राज्य का आधिकारिक भूलेख पोर्टल खोलें।
- ज़िला, तहसील और गाँव चुनें।
- खसरा नंबर, खाता नंबर या मालिक के नाम से सर्च करें।
- कैप्चा भरें और रिकॉर्ड देखें।
- ज़रूरत हो तो कॉपी डाउनलोड या प्रिंट कर लें।
राज्य-वार भूलेख पोर्टल
| राज्य | पोर्टल |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | upbhulekh.gov.in |
| मध्य प्रदेश | mpbhulekh.gov.in |
| बिहार | biharbhumi.bihar.gov.in |
| राजस्थान | apnakhata.rajasthan.gov.in |
| ओडिशा | bhulekh.ori.nic.in |
| उत्तराखंड | bhulekh.uk.gov.in |
पोर्टल के पते कभी-कभी बदल जाते हैं, इसलिए राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट से एक बार पुष्टि ज़रूर कर लें।
ऑनलाइन रिकॉर्ड न मिले तो
अगर ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं मिलता या गलत दिखता है, तो अपने हल्का पटवारी या तहसील कार्यालय से संपर्क करें। वहाँ से आपको ज़मीन की नकल मिल जाएगी।
PMAY-G में ज़मीन के कागज़ कब काम आते हैं?
- ग्राम सभा सत्यापन के समय
- Awaas+ सर्वे में, अगर सर्वेयर माँगे
- ज़मीन के विवाद को सुलझाने के लिए
अगर आपके पास खसरा-खतौनी नहीं है, तब भी आप पात्र हो सकते हैं, लेकिन सत्यापन में पटवारी से लैंड रिकॉर्ड निकलवाना पड़ सकता है। जिन परिवारों के पास ज़मीन ही नहीं है, उन्हें योजना में प्राथमिकता दी जाती है, और ज़मीन दिलाने की मदद राज्य सरकार की योजनाओं से मिलती है। इसके बारे में अपनी ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से पूछें।
यह भी देखें: PMAY-G ज़मीन विवाद
ज़मीन दूसरे के नाम पर हो तो
अगर ज़मीन आपके चाचा, पिता या किसी और के नाम पर है (संयुक्त परिवार की ज़मीन), तो ग्राम सभा स्वीकृति रोक सकती है। ऐसे में पहले म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) करवाकर ज़मीन अपने या पति/पत्नी के नाम करवा लें। इसमें तहसील कार्यालय में कई महीने लग सकते हैं, इसलिए घर के लिए आवेदन करने से पहले यह काम निपटा लें।
PMAY-G पात्रता — कौन घर ले सकता है?
पात्र परिवार
- बेघर परिवार
- कच्चे घर में रहने वाले परिवार (कच्ची दीवार और कच्ची छत, 0, 1 या 2 कमरे)
- SECC 2011 डेटा में शामिल परिवार
- Awaas+ 2024 सर्वे में रजिस्टर हुए परिवार
प्राथमिकता किन्हें मिलती है
- SC/ST परिवार (राष्ट्रीय स्तर पर कम से कम 60% लक्ष्य)
- भूमिहीन परिवार
- विधवा, दिव्यांग और अल्पसंख्यक
- दिव्यांग व्यक्तियों के लिए 5% लक्ष्य
कौन पात्र नहीं है
Awaas+ 2024 के बहिष्करण मानदंड (exclusion criteria) के हिसाब से ये परिवार पात्र नहीं हैं:
- जिनके पास पक्का घर (पक्की दीवार और छत) है या 2 से ज़्यादा कमरों वाला घर है
- जिनके पास 3 या 4 पहिया मोटराइज़्ड वाहन या यंत्रीकृत खेती का उपकरण है
- जिनके पास ₹50,000 या उससे ज़्यादा लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड है
- जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है
- जो इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स देते हैं
- जिनके परिवार की मासिक कमाई ₹15,000 से ज़्यादा है
- जिनके पास 2.5 एकड़ से ज़्यादा सिंचित या 5 एकड़ से ज़्यादा असिंचित ज़मीन है
Awaas+ 2024 में पुराने नियम कुछ बदले गए हैं। दोपहिया वाहन और रेफ्रिजरेटर अब बहिष्करण में नहीं हैं, और आय सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 प्रति माह की गई है।
किसान क्रेडिट कार्ड का नियम
₹50,000 या उससे ज़्यादा लिमिट वाले KCC धारक बाहर (excluded) हैं। अगर आपकी लिमिट ₹50,000 से कम है, तो आप पात्र हो सकते हैं। ऐसे में बैंक से लिमिट की पुष्टि का पत्र ले लें, जो ग्राम सभा सत्यापन में काम आएगा।
ज़रूरी दस्तावेज़
अनिवार्य दस्तावेज़
- आधार कार्ड (पहचान के लिए, और DBT के लिए ज़रूरी)
- बैंक पासबुक (आधार से लिंक खाता, IFSC दिखना चाहिए)
- ज़मीन के कागज़ (खसरा, खतौनी या पट्टा)
- मनरेगा जॉब कार्ड (अगर है, तो 90-95 दिन की मज़दूरी के लिए)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
शर्तों पर आधारित दस्तावेज़
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC प्राथमिकता के लिए)
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र (अगर परिवार में दिव्यांग सदस्य है)
जो दस्तावेज़ नहीं चाहिए
- आय प्रमाण पत्र (PMAY-G में SECC/Awaas+ डेटा से चयन होता है)
- ITR या PAN
- BPL कार्ड
आधार और बैंक लिंकिंग क्यों ज़रूरी है
PMAY-G का पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से सीधे आपके बैंक खाते में आता है। अगर आधार बैंक खाते से लिंक (NPCI मैप्ड) नहीं है, तो किस्त जारी नहीं होती या “Payment Failed” दिखता है। बैंक शाखा जाकर पूछें कि आपका आधार NPCI से लिंक है या नहीं, और नहीं है तो फॉर्म भरें।
Awaas+ 2024 सर्वे से रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?
PMAY-G में सीधा ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है। रजिस्ट्रेशन का मतलब Awaas+ 2024 सर्वे में शामिल होना है।
ग्राम पंचायत के सर्वेयर से सर्वे
- ग्राम पंचायत में सर्वेयर से मिलने का समय लें।
- सर्वेयर Awaas+ 2024 ऐप से आपके घर पर सर्वे करेगा।
- आधार-आधारित e-KYC और फेस ऑथेंटिकेशन होगा।
- परिवार के सदस्यों की जानकारी जोड़ी जाएगी।
- मौजूदा घर और प्रस्तावित निर्माण स्थल की जियो-टैग्ड फोटो ली जाएगी।
- सर्वे पूरा होने पर रसीद मिलेगी।
Awaas+ 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे
- Google Play Store से “Awaas+ 2024” ऐप डाउनलोड करें।
- कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें।
- 12 अंक का आधार नंबर डालें।
- आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- परिवार और घर की जानकारी भरें।
- पुराने घर और खाली जगह की जियो-टैग्ड फोटो लें।
- सर्वे सबमिट करें।
सेल्फ-सर्वे के मामलों का ग्राम पंचायत स्तर पर सत्यापन होता है।
सर्वे के बाद क्या होता है?
सर्वे सबमिट करने का मतलब स्वीकृति (sanction) मिलना नहीं है। इसके बाद ब्लॉक और ज़िला स्तर पर सत्यापन होता है, फिर ड्राफ्ट परमानेंट वेट लिस्ट (PWL) बनती है, फिर ग्राम सभा में सत्यापन होता है, और आखिर में राज्य सरकार स्वीकृति देती है। इस पूरी प्रक्रिया में काफ़ी समय लग सकता है, इसलिए सर्वे के बाद फॉलो-अप करते रहें।
घर बनाने पर पैसा कैसे मिलता है?
यूनिट सहायता
- मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख
- पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में ₹1.30 लाख
- घर का न्यूनतम आकार 25 वर्ग मीटर (रसोई की जगह समेत)
किस्तों में भुगतान
पैसा एक साथ नहीं मिलता, बल्कि घर के निर्माण के चरण के हिसाब से किस्तों में आता है। स्वीकृति के बाद पहली किस्त आती है, फिर प्लिंथ और लिंटल/छत जैसे चरण पूरे होने पर अगली किस्तें आती हैं। किस्तों की संख्या और राशि राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है, इसलिए अपना स्वीकृति आदेश देख लें।
इसके अलावा क्या मिलता है
- शौचालय के लिए ₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण)
- 90-95 दिन की मनरेगा मज़दूरी
- जल जीवन मिशन से पाइप का पानी, बिजली कनेक्शन और उज्ज्वला से LPG कनेक्शन (अभिसरण के तहत)
पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें
AwaasSoft पर FTO (Fund Transfer Order) स्टेटस देखें। FTO तब बनता है जब घर का काम किसी चरण तक पहुँचता है और पंचायत या ब्लॉक कार्यालय भुगतान का आदेश जनरेट करता है। फिर यह आदेश साइन होता है, PFMS के ज़रिए जाता है और आपके बैंक खाते में क्रेडिट होता है।
FTO नंबर न पता हो तो AwaasSoft पर “FTO Instalment-Wise Report” में राज्य, ज़िला, ब्लॉक, पंचायत और वित्त वर्ष चुनकर गाँव के सारे FTO देख सकते हैं। ब्लॉक या DRDA कार्यालय से लाभार्थी फाइल माँगने पर उसमें भी FTO नंबर मिलता है।
किस्त अटक जाए तो
- AwaasSoft पर FTO स्टेटस चेक करें।
- बैंक पासबुक में देखें कि पैसा क्रेडिट हुआ या नहीं।
- FTO साइन हो चुका है लेकिन पैसा नहीं आया तो बैंक में NPCI मैपिंग चेक करवाएँ।
- FTO ही जनरेट नहीं हुआ तो पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से पूछें। हो सकता है जियो-टैग्ड फोटो या चरण सत्यापन लंबित हो।
लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे चेक करें?
आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in है, और रिपोर्ट के लिए report.pmayg.dord.gov.in इस्तेमाल होता है।
गाँव की लाभार्थी सूची (रजिस्ट्रेशन नंबर के बिना)
- report.pmayg.dord.gov.in खोलें।
- Rural Housing Report सेक्शन में जाएँ।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत, वित्त वर्ष और स्कीम चुनें।
- सबमिट करें और सूची Excel या PDF में डाउनलोड करें।
रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस
- pmayg.dord.gov.in पर जाएँ।
- “IAY/PMAYG Beneficiary” पर क्लिक करें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और कैप्चा भरें।
- नाम, स्वीकृति वर्ष और किस्त का स्टेटस दिख जाएगा।
रजिस्ट्रेशन नंबर खो गया हो तो
“IAY/PMAYG Beneficiary” में Advanced Search इस्तेमाल करें। राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर अपना या पिता का नाम डालें। फिर भी न मिले तो ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस या ग्राम पंचायत से स्वीकृति फाइल निकलवाएँ, उसमें रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा होता है।
फ्रॉड से बचें
- पैसा माँगकर नाम सूची में डालने का दावा करने वाला एजेंट फ्रॉड है।
- सिर्फ़ आधिकारिक Awaas+ 2024 ऐप डाउनलोड करें, नकली ऐप्स से बचें।
- PMAY-G में “इंस्टेंट अप्रूवल” देने वाली वेबसाइट नकली है।
- आधिकारिक रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ़्त है, कोई फीस नहीं लगती।
- नाम सूची में आना ग्राम सभा सत्यापन और SECC/Awaas+ डेटा पर तय होता है, किसी को पैसा देने से नहीं।
आम समस्याएँ और समाधान
नाम सूची में नहीं है
पहले चेक करें कि आपका सर्वे हुआ है या नहीं। PWL (परमानेंट वेट लिस्ट) और स्वीकृत सूची (Sanctioned List) अलग होती हैं, इसलिए नाम PWL में हो सकता है लेकिन अभी स्वीकृति नहीं हुई। बाहर होने की वजह जानने के लिए BDO को RTI फाइल कर सकते हैं।
किस्त नहीं मिली
AwaasSoft पर FTO स्टेटस देखें, आधार-बैंक लिंकिंग और NPCI मैपिंग चेक करें। समस्या न सुलझे तो pgportal.gov.in (CPGRAMS) पर शिकायत दर्ज करें।
सर्वे नहीं हुआ या ऐप में एरर आ रहा है
सहायता प्राप्त सर्वे (assisted survey) के लिए ग्राम पंचायत से संपर्क करें, ऐप अपडेट करें, और e-KYC फेल हो रहा हो तो देखें कि आधार से मोबाइल नंबर लिंक है या नहीं।
ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही
ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) या ज़िला स्तर के शिकायत अधिकारी को लिखित शिकायत दें, और CPGRAMS पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PMAY-ग्रामीण में ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?
सीधा ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है। Awaas+ 2024 सर्वे के ज़रिए रजिस्ट्रेशन होती है, ग्राम पंचायत सर्वेयर से या सेल्फ-सर्वे ऐप से।
क्या खसरा-खतौनी से PMAY-G सूची चेक हो सकती है?
नहीं, पोर्टल पर खसरा-खतौनी से सीधा सर्च नहीं होता। सूची चेक करने के लिए report.pmayg.dord.gov.in इस्तेमाल करें।
क्या रजिस्ट्रेशन नंबर के बिना स्टेटस चेक हो सकता है?
हाँ, report.pmayg.dord.gov.in पर राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर गाँव की सूची डाउनलोड कर सकते हैं।
PMAY-ग्रामीण में कितना पैसा मिलता है?
मैदानी इलाके में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/पूर्वोत्तर राज्यों में ₹1.30 लाख, साथ में शौचालय के लिए ₹12,000 और 90-95 दिन की मनरेगा मज़दूरी।
क्या सरकारी नौकरी वाले परिवार PMAY-ग्रामीण ले सकते हैं?
नहीं, जिस परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी है वह पात्र नहीं है।
PMAY-ग्रामीण का हेल्पलाइन नंबर क्या है?
टोल-फ्री नंबर 1800-11-6446 / 1800-11-8111 है।
किस्त नहीं मिली तो कहाँ शिकायत करें?
पहले AwaasSoft पर FTO स्टेटस देखें और बैंक में NPCI मैपिंग चेक करवाएँ। फिर भी समस्या रहे तो CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर शिकायत करें, और ग्राम पंचायत सहयोग न करे तो BDO से लिखित शिकायत करें।
सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
सर्वे में नाम होने का मतलब सिर्फ़ सिस्टम में एंट्री है। पैसा आने के लिए स्वीकृति और FTO ज़रूरी हैं। देखें कि नाम स्वीकृत सूची (Sanctioned List) में है या नहीं, आधार बैंक से लिंक है या नहीं, और जियो-टैग्ड फोटो अपलोड हुई है या नहीं।
निष्कर्ष
ज़मीन का रिकॉर्ड निकालने के लिए अपने राज्य का भूलेख पोर्टल या पटवारी/तहसील कार्यालय इस्तेमाल करें, और PMAY-G के लिए Awaas+ 2024 सर्वे में नाम दर्ज करवाएँ। ज़मीन के कागज़ साफ़ और अपने या पति/पत्नी के नाम पर हों, आधार बैंक से लिंक हो, और सर्वे के बाद लगातार फॉलो-अप करें, तो प्रक्रिया काफ़ी आसान हो जाती है।
ज़रूरी जानकारी:
- आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in
- हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111
- शिकायत: pgportal.gov.in