PMAY-G आधार में नाम, पता और मोबाइल नंबर अपडेट कैसे करें

अक्टूबर 16, 2026
Written By Ali Akbar

PMAY-G में आधार अपडेट कैसे होता है?

PMAY-G पोर्टल पर आधार का नाम, पता या मोबाइल नंबर अपडेट करने का सीधा विकल्प नहीं है। दोनों काम अलग जगह होते हैं:

  • आधार में सुधार: UIDAI के through होता है।
  • PMAY रिकॉर्ड में सुधार: ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से होता है।

आधार अपडेट करने से PMAY रिकॉर्ड अपने आप नहीं बदलता। दोनों जगह अलग से करेक्शन करवाना ज़रूरी है।

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आधार में नाम अपडेट कैसे करें

नाम बदलवाने के लिए नज़दीकी आधार सेवा केंद्र जाएँ और सही दस्तावेज़ साथ ले जाएँ। अपडेट के बाद PMAY रिकॉर्ड सुधारने के लिए ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस में अपडेटेड आधार दिखाएँ।

आधार में पता अपडेट कैसे करें

पता आप UIDAI के myAadhaar पोर्टल (uidai.gov.in) पर ऑनलाइन बदल सकते हैं, या आधार सेवा केंद्र जाकर। इसके लिए एड्रेस प्रूफ चाहिए होता है।

आधार में मोबाइल नंबर अपडेट कैसे करें

मोबाइल नंबर बदलवाने के लिए आधार सेवा केंद्र जाना पड़ता है। PMAY-G में भी आधार से लिंक मोबाइल ही काम करता है, इसलिए OTP के लिए मोबाइल नंबर लिंक होना ज़रूरी है।

PMAY-G के लिए पात्रता

कौन ले सकता है

  • बिना घर वाले परिवार
  • कच्चे घर में रहने वाले परिवार (जिनकी दीवार या छत कच्ची है)
  • SECC 2011 में शामिल वंचित परिवार
  • आवास+ सर्वे से पहचाने गए छूटे हुए पात्र परिवार

किन्हें प्राथमिकता मिलती है

  • SC/ST परिवार (लक्ष्य का 60%)
  • दिव्यांग (लक्ष्य का 5%)
  • विधवा, बेसहारा और मैनुअल स्कैवेंजर परिवार

कौन नहीं ले सकता

नीचे दी गई श्रेणियों में आने वाले परिवार पात्र नहीं होते:

  • मोटराइज्ड तीन/चार पहिया वाहन या फिशिंग बोट वाले परिवार
  • मशीनीकृत खेती के उपकरण वाले परिवार (ट्रैक्टर, थ्रेशर)
  • ₹50,000 या उससे ज़्यादा लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड रखने वाले
  • कोई भी सरकारी नौकरी करने वाला सदस्य
  • सरकार में रजिस्टर्ड गैर-कृषि उद्यम वाले
  • ₹15,000 से ज़्यादा मासिक आय वाले
  • इनकम टैक्स भरने वाले
  • प्रोफेशनल टैक्स भरने वाले
  • 2.5 एकड़ या उससे ज़्यादा सिंचित ज़मीन वाले
  • 5 एकड़ या उससे ज़्यादा असिंचित ज़मीन वाले

SECC 2011 और आवास+ में फ़र्क

कई लोग कहते हैं कि उनका नाम SECC 2011 में था, फिर भी घर नहीं मिला। SECC 2011 के बाद आवास+ सर्वे हुआ। अगर नाम SECC में था लेकिन आवास+ में वेरिफाई नहीं हुआ, तो लिस्ट से हट सकता है। इसलिए आवास+ सर्वे ज़रूर करवाएँ।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड (आधार से लिंक मोबाइल नंबर के साथ)
  • आधार से लिंक बैंक या पोस्ट ऑफिस पासबुक
  • MGNREGA जॉब कार्ड
  • आवास+ रजिस्ट्रेशन का रेफरेंस नंबर (अगर मिला हो)
  • जाति या आय प्रमाण पत्र (जहाँ ज़रूरत हो)

आवास+ 2024 सर्वे कैसे करें

PMAY-G के लिए सीधे ऑनलाइन आवेदन करने का कोई फॉर्म नहीं है। नए लाभार्थी आवास+ 2024 सर्वे से पहचाने जाते हैं।

सेल्फ-सर्वे का तरीका

  1. गूगल प्ले स्टोर से आवास+ 2024 ऐप डाउनलोड करें।
  2. मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें और OTP वेरिफाई करें।
  3. सेल्फ-सर्वे का विकल्प चुनें।
  4. आधार eKYC और फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
  5. घर की जियो-टैग्ड फोटो लें।
  6. परिवार की जानकारी भरें।
  7. सबमिट करें और रेफरेंस नंबर संभालकर रखें।

फेस ऑथेंटिकेशन बार-बार फेल हो तो अच्छी रोशनी में कोशिश करें और चश्मा उतार दें। फिर भी न हो तो सर्वेयर से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।

असिस्टेड सर्वे का तरीका

स्मार्टफोन न हो या ऐप में दिक्कत आए तो ग्राम पंचायत के सर्वेयर से संपर्क करें। वह अपने डिवाइस से आपकी जानकारी भरेगा। असिस्टेड सर्वे में भी आधार eKYC ज़रूरी है।

सर्वे के बाद क्या होता है

  1. सर्वे डेटा AwaasSoft पोर्टल पर अपलोड होता है।
  2. ग्राम सभा में वेरिफिकेशन होती है।
  3. परमानेंट वेट लिस्ट (PWL) पब्लिश होती है।
  4. सैंक्शन लेटर जारी होता है।

ग्राम सभा वेरिफिकेशन

ग्राम सभा की मीटिंग में PWL पढ़कर सुनाई जाती है। अगर किसी का नाम गलत लगे तो वह लिखित में आपत्ति दे सकता है। नाम गलत हटाए जाने पर DRDA ऑफिस में लिखित शिकायत भी दी जा सकती है।

घर के पैसे कैसे मिलते हैं

पैसा निर्माण के स्टेज के हिसाब से किस्तों में आता है: सैंक्शन के बाद, फाउंडेशन/प्लिंथ के बाद, और लिंटल/रूफ लेवल पर। पूरी रकम DBT से सीधे बैंक खाते में आती है।

सब्सिडी कितनी मिलती है

क्षेत्रकेंद्र का हिस्साराज्य का हिस्साकुल
मैदानी क्षेत्र (UP, बिहार, MP, राजस्थान, ओडिशा)₹72,000₹48,000₹1,20,000
पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र (पूर्वोत्तर, HP, UK, J&K, लद्दाख)₹1,17,000₹13,000₹1,30,000

अतिरिक्त फायदे

  • MGNREGA से घर बनाने के लिए 90/95 दिन की मज़दूरी
  • शौचालय के लिए स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से ₹12,000
  • बिजली कनेक्शन
  • उज्ज्वला योजना से LPG कनेक्शन

FTO नंबर से पैसा ट्रैक करें

हर किस्त के लिए एक FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) नंबर बनता है। यह पासबुक या ब्लॉक ऑफिस से मिल जाता है। pmayg.dord.gov.in पर FTO ट्रैकिंग में नंबर डालने से पता चलता है कि पैसा बैंक तक पहुँचा या नहीं। “Rejected” दिखे तो वजह देखें, क्योंकि अक्सर आधार-बैंक मैपिंग की दिक्कत होती है।

आधार-बैंक लिंक क्यों ज़रूरी है

सबसे बड़ी दिक्कत यही होती है। अगर आधार आपके बैंक खाते से सीडेड नहीं है या NPCI मैपर से हट गया है, तो बैंक पेमेंट रिजेक्ट कर देता है और पैसा वापस चला जाता है।

इसका हल यह है: बैंक जाकर आधार सीडिंग करवाएँ और आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम (ABPS) एनेबल करवाएँ।

PMAY-G लाभार्थी सूची कैसे देखें

रजिस्ट्रेशन नंबर से

  1. pmayg.dord.gov.in खोलें।
  2. Stakeholders मेन्यू में IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और सबमिट करें।

इससे स्टेटस, किस्त की हिस्ट्री और निर्माण का स्टेज दिखेगा।

रजिस्ट्रेशन नंबर न हो तो

Advanced Search में राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर अपना नाम खोजें।

पूरे गाँव की लिस्ट

rhreporting.nic.in पर जाएँ, Social Audit Reports में Beneficiary Details चुनें, और राज्य, ज़िला, ब्लॉक, GP सेलेक्ट करके पूरी लिस्ट डाउनलोड करें।

आम दिक्कतें और उनके हल

नाम लिस्ट में नहीं आ रहा

ग्राम पंचायत से पूछें कि आपका आवास+ सर्वे हुआ या नहीं। नहीं हुआ तो सर्वे करवाएँ।

किस्त नहीं मिल रही

बैंक में आधार सीडिंग चेक करवाएँ और ABPS एनेबल करवाएँ। पासबुक से FTO नंबर नोट करें और ब्लॉक ऑफिस से संपर्क करें।

ऐप में एरर आ रहा है

ऐप अपडेट करें, या सर्वेयर से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही

इस क्रम में आगे बढ़ें:

  1. ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) से मिलें।
  2. DRDA में शिकायत करें।
  3. CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर ग्रीवेंस फाइल करें।
  4. RTI फाइल करें। फीस ₹10 है, BPL के लिए मुफ़्त।

आधार में नाम अलग है

पहले UIDAI सेंटर से आधार सही करवाएँ, फिर ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस में PMAY रिकॉर्ड करेक्ट करवाएँ।

दलालों से सावधान रहें

कुछ लोग कहते हैं कि पैसे दो तो नाम PMAY लिस्ट में डाल देंगे। यह फ्रॉड है। PMAY-G में कोई एजेंट या बिचौलिया काम नहीं करता, और नाम जुड़वाने के लिए पैसे देने की कोई प्रक्रिया नहीं है। नकली ऐप्स से भी बचें, क्योंकि वे आपका डेटा चुरा सकते हैं। सिर्फ pmayg.dord.gov.in पर भरोसा करें। कोई पैसे माँगे तो BDO को रिपोर्ट करें।

आधिकारिक पोर्टल और शिकायत

  • PMAY-G पोर्टल: pmayg.dord.gov.in
  • लाभार्थी रिपोर्ट: rhreporting.nic.in
  • शिकायत: pgportal.gov.in

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PMAY-G में आधार अपडेट कैसे करें?
PMAY-G पोर्टल पर आधार अपडेट का विकल्प नहीं है। आधार UIDAI से अपडेट करवाएँ, फिर PMAY रिकॉर्ड सुधारने के लिए ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस जाएँ।

क्या PMAY-G के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं?
नहीं। सीधा अप्लाई फॉर्म नहीं है। आवास+ 2024 सर्वे (सेल्फ या असिस्टेड) के ज़रिए ही लाभार्थी पहचाने जाते हैं।

आवास+ सर्वे क्या है?
यह सर्वे उन पात्र परिवारों की पहचान करता है जो SECC 2011 में छूट गए थे। इसे मोबाइल ऐप से खुद या सर्वेयर के ज़रिए किया जा सकता है।

PMAY-G में मोबाइल नंबर कैसे अपडेट करें?
PMAY-G में मोबाइल अपडेट का विकल्प नहीं है। आधार से लिंक मोबाइल ही काम करता है, इसलिए UIDAI सेंटर जाकर मोबाइल नंबर अपडेट करवाएँ।

नाम लिस्ट में नहीं है तो क्या करें?
पहले चेक करें कि सर्वे हुआ था या नहीं। नहीं हुआ तो आवास+ से सर्वे करवाएँ, और ग्राम पंचायत से पूछें कि नाम किस स्टेज पर है।

आधार बैंक अकाउंट से लिंक नहीं है तो?
बैंक जाकर आधार सीडिंग करवाएँ और ABPS एनेबल करवाएँ।

ग्राम सभा वेरिफिकेशन क्या है?
सर्वे के बाद लिस्ट ग्राम सभा में रखी जाती है, जहाँ सदस्य जाँचते हैं कि लाभार्थी पात्र है या नहीं। अपात्र नाम हटा दिए जाते हैं।

घर बनाने के लिए कितना पैसा मिलता है?
मैदानी क्षेत्र में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र में ₹1.30 लाख। इसके अलावा शौचालय के लिए ₹12,000 और MGNREGA की मज़दूरी अलग से मिलती है।

किस्त नहीं मिली तो कहाँ शिकायत करें?
पहले BDO को लिखित शिकायत दें। जवाब न आए तो CPGRAMS पर ऑनलाइन शिकायत करें। RTI से FTO नंबर और रिजेक्शन की वजह भी माँगी जा सकती है।

सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
सर्वे में नाम होने का मतलब सैंक्शन नहीं होता। पहले PWL में नाम चेक करें। PWL में हो तो FTO स्टेटस देखें। FTO “Rejected” हो तो आधार सीडिंग और ABPS एनेबल करवाएँ। FTO बना ही न हो तो BDO से पूछें।

अब आप क्या करें

  1. आवास+ 2024 सर्वे करवाएँ (अगर नहीं हुआ है)।
  2. आधार-बैंक लिंकिंग करवाएँ और ABPS एनेबल करवाएँ।
  3. ग्राम पंचायत से नियमित रूप से स्टेटस पूछते रहें।
  4. pmayg.dord.gov.in पर अपना स्टेटस चेक करते रहें।
  5. किसी एजेंट को पैसा न दें।

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