PMAY-G क्या है?
PMAY-G का उद्देश्य है कि गाँव के हर बेघर और कच्चे घर में रहने वाले परिवार को बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्का घर मिले। सरकार का लक्ष्य मार्च 2029 तक कुल 4.95 करोड़ घर बनाने का है। इसमें 2 करोड़ अतिरिक्त घर दूसरे चरण (Phase II) के तहत शामिल हैं, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 के लिए मंज़ूरी दी है।
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योजना की मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| शुरुआत | 1 अप्रैल 2016 |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in |
| सहायता (मैदानी क्षेत्र) | ₹1.20 लाख |
| सहायता (पहाड़ी/पूर्वोत्तर/कठिन क्षेत्र) | ₹1.30 लाख |
| मनरेगा मज़दूरी | 90/95 व्यक्ति-दिवस |
| शौचालय के लिए सहायता | ₹12,000 (SBM-G) |
| कुल लक्ष्य (मार्च 2029 तक) | 4.95 करोड़ घर |
अब तक की प्रगति (3 अगस्त 2026 तक)
- राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आवंटित लक्ष्य: 4.18 करोड़ घर
- स्वीकृत (Sanctioned): 3.91 करोड़ घर
- पूर्ण (Completed): 3.12 करोड़ घर
- निर्माणाधीन: 79 लाख घर
सब्सिडी की राशि: कितना पैसा मिलता है?
सहायता राशि क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होती है।
| क्षेत्र | सहायता |
|---|---|
| मैदानी क्षेत्र | ₹1.20 लाख |
| पूर्वोत्तर राज्य, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड | ₹1.30 लाख |
| जम्मू-कश्मीर और लद्दाख | ₹1.30 लाख |
मैदानी क्षेत्रों में केंद्र और राज्य का हिस्सा 60:40 होता है। पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में यह 90:10 होता है।
इसके अलावा मिलने वाली सहायता
- मनरेगा: घर बनाने के लिए 90/95 व्यक्ति-दिवस की मज़दूरी मिलती है।
- स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण: शौचालय बनाने के लिए ₹12,000 मिलते हैं।
- कन्वर्जेंस: जल जीवन मिशन से पानी, बिजली कनेक्शन और उज्ज्वला योजना से LPG कनेक्शन भी जोड़े जाते हैं।
पात्रता: कौन ले सकता है PMAY-G का घर?
PMAY-G में सीधे आवेदन नहीं होता। नाम सर्वे और सूची के ज़रिए आता है।
किन परिवारों को सहायता मिलती है
- जिन परिवारों के पास अपना घर नहीं है
- जो कच्चे घर में रहते हैं
- जिनका नाम SECC 2011 या Awaas+ सर्वे में आया है
- भूमिहीन परिवार, SC/ST, अल्पसंख्यक, विधवा और दिव्यांग परिवारों को प्राथमिकता मिलती है
कौन पात्र नहीं है
- जिनके पास पहले से पक्का घर है
- जिनके पास मोटर चालित तिपहिया या चारपहिया वाहन है
- जिनके पास मशीनीकृत कृषि उपकरण हैं
- जिनकी किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹50,000 या उससे अधिक है
- जिस परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है
- जो आयकर या व्यावसायिक कर (professional tax) देते हैं
- जिस परिवार में सबसे अधिक कमाने वाले की मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है
नए नियमों में क्या बदला
पहले मशीनीकृत दोपहिया वाहन, लैंडलाइन फ़ोन और फ्रिज होने पर परिवार बाहर हो जाता था। अब ये बहिष्करण के मापदंड नहीं हैं। आय सीमा भी ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 मासिक कर दी गई है।
ज़रूरी दस्तावेज़
| दस्तावेज़ | ज़रूरत |
|---|---|
| आधार कार्ड | परिवार के सभी सदस्यों का |
| बैंक पासबुक | आधार से लिंक होना ज़रूरी है |
| जॉब कार्ड | मनरेगा कन्वर्जेंस के लिए |
| राशन कार्ड | परिवार की पहचान के लिए |
| जाति प्रमाण पत्र | SC/ST के लिए |
| पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो | हाल की फ़ोटो |
Awaas+ सर्वे कैसे करें
PMAY-G में “Apply” बटन नहीं होता। पात्र परिवारों की पहचान सर्वे से होती है। सर्वे दो तरह से हो सकता है: खुद मोबाइल ऐप से, या ग्राम पंचायत के सर्वेयर की मदद से।
Awaas+ 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे
- Play Store से Awaas+ 2024 ऐप डाउनलोड करें।
- कैमरा और लोकेशन की अनुमति “Allow” करें।
- आधार नंबर डालें। नाम वही लिखें जो आधार में है।
- फ़ेस ऑथेंटिकेशन करें। स्क्रीन पर अपना चेहरा दिखाएँ और आँख झपकाएँ।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत सही चुनें। गलत पंचायत चुनने पर नाम गलत जगह चला जाता है।
- “Add/Edit Survey” पर जाकर परिवार की जानकारी भरें।
- पुराने घर की जियो-टैग्ड फ़ोटो लें। लोकेशन ऑन होनी चाहिए, वरना फ़ोटो रिजेक्ट हो सकती है।
- जहाँ नया घर बनाना है, उस जगह की फ़ोटो लें।
- सबमिट करें और कन्फ़र्मेशन स्क्रीन का स्क्रीनशॉट संभालकर रखें। उसमें सर्वे ID होती है।
फ़ेस ऑथेंटिकेशन फ़ेल हो जाए तो
- अच्छी रोशनी में खड़े हों
- चश्मा, टोपी या मास्क हटा दें
- फ़ोन सीधा पकड़ें और हिलाएँ नहीं
- एक बार फ़ेल होने पर कुछ मिनट रुककर दोबारा कोशिश करें
- फिर भी न हो तो ग्राम पंचायत के सर्वेयर से असिस्टेड सर्वे करवाएँ
सर्वेयर घर आए तो
सर्वेयर का ID कार्ड ज़रूर देखें। वह आपका आधार OTP नहीं माँगेगा, सिर्फ़ फ़ेस ऑथेंटिकेशन करेगा।
सर्वे के बाद क्या होता है
- ग्राम सभा में आपके नाम का सत्यापन होता है।
- पात्र परिवारों की प्राथमिकता सूची बनती है।
- मंज़ूरी के बाद स्वीकृति आदेश (sanction order) जारी होता है।
सर्वे का मतलब मंज़ूरी नहीं होता। यह सिर्फ़ पात्रता की प्रक्रिया की शुरुआत है।
घर बनाने के लिए पैसा कैसे मिलता है
स्वीकृति के बाद पैसा सीधे आधार से लिंक बैंक खाते में DBT के ज़रिए आता है। पैसा निर्माण के चरणों के अनुसार किस्तों में मिलता है। हर चरण पर जियो-टैग्ड फ़ोटो अपलोड करना ज़रूरी है।
इसलिए बैंक खाते का आधार से लिंक और चालू होना बहुत ज़रूरी है। खाता लिंक न होने पर पैसा अटक सकता है।
लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे चेक करें
आधिकारिक पोर्टल से
- pmayg.dord.gov.in खोलें।
- “Stakeholders” मेनू में जाएँ।
- “IAY/PMAYG Beneficiary” चुनें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और Submit करें।
रजिस्ट्रेशन नंबर न हो तो Advanced Search से नाम के ज़रिए भी देखा जा सकता है।
AwaasSoft रिपोर्ट्स से
- AwaasSoft के Reports सेक्शन में जाएँ।
- Rural Housing रिपोर्ट चुनें।
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- वित्त वर्ष चुनकर Submit करें।
- रिपोर्ट Excel या PDF में डाउनलोड करें।
आप AwaasSAKHI ऐप से भी अपना स्टेटस देख सकते हैं।
आम समस्याएँ और उनके समाधान
नाम सूची में नहीं आया
पहले जाँचें कि आपका नाम SECC 2011 या Awaas+ सर्वे में है या नहीं, और ग्राम सभा सत्यापन हुआ या नहीं। फिर इस क्रम में शिकायत करें:
- ग्राम पंचायत सचिव को लिखित आवेदन दें और रसीद लें।
- आवेदन नंबर के साथ BDO कार्यालय जाएँ।
- DRDA (ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण) में शिकायत करें।
- टोल-फ़्री हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें।
- CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत करें।
आप RTI से भी पूछ सकते हैं कि आपका नाम क्यों बाहर हुआ।
किस्त नहीं आई
- जाँचें कि बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं। नहीं है तो बैंक जाकर आधार सीडिंग करवाएँ।
- देखें कि खाता फ़्रीज़ तो नहीं है। फ़्रीज़ खाते में DBT नहीं आ सकता।
- BDO से पुष्टि करें कि उस चरण की जियो-टैग्ड फ़ोटो अपलोड हुई या नहीं।
- देखें कि AwaasSoft पर भुगतान आदेश (FTO) जनरेट हुआ या नहीं।
ज़मीन नहीं है (भूमिहीन परिवार)
भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता मिलती है और ज़मीन राज्य सरकार देती है। ज़मीन आवंटन में देरी हो सकती है। इसलिए BDO और ग्राम पंचायत से लिखित रूप में फ़ॉलो-अप करते रहें।
सर्वे ऐप में एरर
ऐप अपडेट करें, फ़ोन रीस्टार्ट करें और लोकेशन ऑन रखें। फिर भी समस्या रहे तो असिस्टेड सर्वे के लिए ग्राम पंचायत से संपर्क करें।
धोखाधड़ी से कैसे बचें
- PMAY-G में नाम डालने या सर्वे करने की कोई फ़ीस नहीं होती।
- जो भी पैसा माँगे, उसकी शिकायत BDO, DRDA या हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर करें।
- सिर्फ़ pmayg.dord.gov.in और आधिकारिक ऐप (Awaas+ 2024, AwaasSAKHI) इस्तेमाल करें।
- किसी को अपना आधार OTP या बैंक डिटेल्स न दें।
हेल्पलाइन और शिकायत
- टोल-फ़्री: 1800-11-6446 / 1800-11-8111
- ईमेल: support-pmayg@gov.in
- पोर्टल: pmayg.dord.gov.in
- ऑनलाइन शिकायत: pgportal.gov.in (CPGRAMS), ग्रामीण विकास मंत्रालय चुनें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PMAY-ग्रामीण में आवेदन कैसे करें?
सीधा ऑनलाइन आवेदन फ़ॉर्म नहीं होता। Awaas+ 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे करें या ग्राम पंचायत के सर्वेयर से असिस्टेड सर्वे करवाएँ। उसके बाद ग्राम सभा सत्यापन होता है और नाम सूची में आता है।
Awaas Plus सर्वे क्या है?
यह वह सर्वे है जिससे उन परिवारों की पहचान होती है जो SECC 2011 में छूट गए थे या जिनका घर अब कच्चा है।
क्या पैसा सीधे बैंक खाते में आता है?
हाँ, पैसा DBT के ज़रिए आधार से लिंक बैंक खाते में आता है।
क्या दोपहिया वाहन होने पर PMAY-G नहीं मिलेगा?
नए नियमों में मशीनीकृत दोपहिया वाहन बहिष्करण के मापदंड से हटा दिया गया है। मोटर चालित तिपहिया या चारपहिया वाहन होने पर परिवार पात्र नहीं होता।
आय सीमा कितनी है?
परिवार में सबसे अधिक कमाने वाले की मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए।
क्या भूमिहीन परिवारों को घर मिलेगा?
हाँ, भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता मिलती है। राज्य सरकार उन्हें ज़मीन आवंटित करती है।
किस्त नहीं मिली तो कहाँ शिकायत करें?
पहले BDO कार्यालय में लिखित शिकायत दें। जवाब न मिले तो DRDA में शिकायत करें या pgportal.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करें। हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर भी कॉल कर सकते हैं।
सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
AwaasSoft पर FTO रिपोर्ट देखें। FTO जनरेट न हुआ हो तो BDO से फ़ोटो अपलोड और फ़ील्ड निरीक्षण के बारे में पूछें। FTO जनरेट हो गया हो लेकिन पैसा न आया हो तो बैंक में आधार सीडिंग और खाते की स्थिति जाँच करवाएँ।
निष्कर्ष
PMAY-G 2026 में दूसरे चरण के साथ चल रही है और 2029 तक 4.95 करोड़ घरों का लक्ष्य है। नए नियमों से बहुत से परिवार अब पात्र हो गए हैं। अपना स्टेटस pmayg.dord.gov.in पर जाँचें, Awaas+ 2024 ऐप से सर्वे पूरा करें, और ज़रूरत पड़ने पर ग्राम पंचायत या BDO से संपर्क करें। दस्तावेज़ तैयार रखें और किसी भी एजेंट को पैसा न दें।