PMAY-ग्रामीण क्या है
प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण एक सरकारी योजना है, जो गाँव के गरीब परिवारों को पक्का घर दिलाने के लिए बनाई गई है। यह योजना 1 अप्रैल 2016 से इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह लागू हुई। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है।
योजना का मकसद सिर्फ़ घर बनाना नहीं है, बल्कि बिजली, पानी और शौचालय वाला पूरा घर देना है। घर का आकार कम से कम 25 वर्ग मीटर होना चाहिए, जिसमें खाना बनाने की अलग जगह हो।
2026 में योजना फेज़ II (2024-29) में चल रही है, जिसमें 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य है।
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PMAY-G राज्य-वार प्रगति 2026: कौन सा राज्य आगे है?
मुख्य बातें (Key Highlights)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| शुरुआत की तारीख | 1 अप्रैल 2016 (IAY की जगह) |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in |
| यूनिट सहायता (मैदानी क्षेत्र) | ₹1.20 लाख |
| यूनिट सहायता (पहाड़ी/पूर्वोत्तर) | ₹1.30 लाख |
| कुल लक्ष्य | 4.95 करोड़ घर (मार्च 2029 तक) |
| फेज़ II का लक्ष्य | 2 करोड़ अतिरिक्त घर (2024-29) |
| लाभार्थी का चयन | SECC 2011 + आवास प्लस सर्वे |
पात्रता मानदंड — PMAY-ग्रामीण घर कौन ले सकता है
PMAY-G उन परिवारों के लिए है जिनके पास घर नहीं है, जो कच्चे घर में रहते हैं या SECC 2011 के अभाव (deprivation) मानदंडों में आते हैं।
किन्हें प्राथमिकता मिलती है
SC/ST परिवारों के लिए कम से कम 60% लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा भूमिहीन परिवार, विधवा, दिव्यांग (विकलांग) और अल्पसंख्यक परिवारों को भी प्राथमिकता मिलती है।
स्वतः शामिल (Automatic Inclusion)
नीचे दिए गए परिवारों को स्वतः पात्रता मिलती है, और इन पर बहिष्करण (exclusion) मानदंड लागू नहीं होते:
- बिना घर वाले (बेघर) परिवार
- भिक्षा पर जीवन चलाने वाले (निराश्रित)
- कानूनी रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मज़दूर
- मैनुअल स्कैवेंजर (हाथ से मैला ढोने वाले)
- विशेष रूप से कमज़ोर आदिवासी समूह (PVTG)
कौन पात्र नहीं है
नीचे दी गई कोई भी शर्त लागू होने पर परिवार पात्र नहीं होता:
- मोटर चालित तिपहिया या चारपहिया वाहन वाले परिवार
- मशीनीकृत कृषि उपकरण वाले परिवार
- किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹50,000 या उससे ज़्यादा
- परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी
- पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम वाले परिवार
- परिवार का कोई सदस्य महीने में ₹15,000 से ज़्यादा कमाता हो
- आयकर देने वाले परिवार
- व्यावसायिक कर (प्रोफेशनल टैक्स) देने वाले परिवार
- ज़्यादा सिंचित ज़मीन वाले परिवार
- पक्के घर वाले परिवार
नोट: आय सीमा पहले ₹10,000 थी, जो अब बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है। दोपहिया वाहन और रेफ्रिजरेटर अब अयोग्यता का कारण नहीं हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़
| दस्तावेज़ | क्यों चाहिए |
|---|---|
| आधार कार्ड | eKYC और फेस ऑथेंटिकेशन के लिए |
| मनरेगा जॉब कार्ड | मज़दूरी और कन्वर्जेंस के लिए |
| बैंक पासबुक | आधार-लिंक्ड DBT भुगतान के लिए |
| जाति प्रमाण पत्र | SC/ST श्रेणी के लिए (जहाँ लागू हो) |
आधार और बैंक खाते में नाम एक जैसा होना चाहिए, वरना भुगतान फेल हो सकता है।
सब्सिडी की राशि — कितना पैसा मिलता है
| स्रोत | राशि |
|---|---|
| यूनिट सहायता (मैदानी क्षेत्र) | ₹1.20 लाख |
| यूनिट सहायता (पहाड़ी/पूर्वोत्तर क्षेत्र) | ₹1.30 लाख |
| मनरेगा | 90-95 दिन की अकुशल मज़दूरी |
| स्वच्छ भारत मिशन | ₹12,000 (शौचालय के लिए) |
आवास प्लस सर्वे — घर के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे होता है
PMAY-G में सीधे ऑनलाइन आवेदन नहीं होता। कोई “Apply Now” बटन नहीं है। लाभार्थी का चयन SECC 2011 और आवास प्लस सर्वे के आधार पर होता है।
आवास प्लस 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे
Google Play Store पर “AwaasPlus 2024” सर्च करें और सिर्फ़ आधिकारिक ऐप (ग्रामीण विकास मंत्रालय) डाउनलोड करें। नकली ऐप से बचें, क्योंकि इनसे आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती है।
स्टेप 1 — आधार वेरिफिकेशन: ऐप में 12 अंकों का आधार नंबर डालें और कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन करें। अच्छी रोशनी में करें, वरना चेहरा डिटेक्ट नहीं होगा।
स्टेप 2 — लोकेशन चुनें: राज्य, ज़िला, ब्लॉक और अपने गाँव की ग्राम पंचायत चुनें। गलत पंचायत चुनने पर सर्वे रिजेक्ट हो सकता है।
स्टेप 3 — परिवार का विवरण: परिवार के मुखिया का नाम (आधार के अनुसार), लिंग, श्रेणी और व्यवसाय भरें।
स्टेप 4 — परिवार के सदस्य जोड़ें: घर के सभी सदस्यों की जानकारी भरें और लाभार्थी चुनें।
स्टेप 5 — पुराने घर की फोटो: जियो-टैग्ड फोटो लें, जिसमें पूरा घर फ्रेम में आए।
स्टेप 6 — ज़मीन की जानकारी: घर बनाने की जगह की फोटो लें। ज़मीन नहीं है तो भूमिहीन श्रेणी चुनें।
स्टेप 7 — सबमिट करें: ऑनलाइन मोड में सीधे सबमिट करें। ऑफलाइन मोड में डेटा सेव करके इंटरनेट आने पर सबमिट करें।
अगर ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन एरर आए
- अच्छी रोशनी में बैठें
- Google Play Store से AadhaarFaceRD ऐप इंस्टॉल करें
- इंटरनेट कनेक्शन स्थिर रखें (4G या WiFi)
- ऐप का डेटा क्लियर करके दोबारा लॉगिन करें
- फिर भी समस्या हो तो ग्राम पंचायत सर्वेयर से असिस्टेड सर्वे करवाएँ
असिस्टेड सर्वे (स्मार्टफोन नहीं है तो)
ग्राम पंचायत के सर्वेयर आपके घर आकर सर्वे कर सकते हैं। ग्राम प्रधान से सर्वेयर का नंबर माँगें, उसे आधार, जॉब कार्ड और बैंक पासबुक दिखाएँ, और सर्वे पूरी होने पर रेफरेंस नंबर ज़रूर लें।
सर्वे के बाद क्या होता है
- ग्राम सभा वेरिफिकेशन होता है
- नाम रिजेक्ट होने पर अपील का विकल्प मिलता है
- पात्र लोगों की स्थायी प्रतीक्षा सूची (Permanent Wait List – PWL) बनती है
- लक्ष्य आवंटन के हिसाब से घर स्वीकृत (sanction) होता है
घर का निर्माण और पैसा कैसे मिलता है
पैसा निर्माण के चरण के हिसाब से किस्तों में आता है। हर चरण पर जियो-टैग्ड फोटो अपलोड होती है और वेरिफिकेशन के बाद भुगतान सीधे बैंक खाते में DBT से आता है।
मनरेगा से मज़दूरी और स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय का पैसा अलग से मिलता है।
स्टेटस देखने के लिए pmayg.dord.gov.in पर जाएँ, Stakeholders मेनू में IAY/PMAYG Beneficiary चुनें और रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे चेक करें
तरीका 1: रजिस्ट्रेशन नंबर से
- pmayg.dord.gov.in खोलें
- Stakeholders मेनू पर क्लिक करें
- IAY/PMAYG Beneficiary चुनें
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें
- कैप्चा भरकर सबमिट करें
यहाँ आपका नाम, स्वीकृति की तारीख, आ चुकी किस्तें और निर्माण का चरण दिखेगा।
तरीका 2: एडवांस्ड सर्च से
रजिस्ट्रेशन नंबर न हो तो pmayg.dord.gov.in पर Advanced Search का इस्तेमाल करें। राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनें, फिर आधार के जैसा नाम डालकर सर्च करें। स्पेलिंग ध्यान से लिखें, क्योंकि “राम कुमार” और “रामकुमार” अलग सर्च होंगे।
तरीका 3: गाँव की पूरी सूची डाउनलोड करें
- pmayg.dord.gov.in पर Awaassoft में Reports खोलें
- Social Audit Reports चुनें
- “Beneficiary details for verification” पर क्लिक करें
- राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें
- वर्ष चुनें (2025-26)
- सूची स्क्रीन पर आने के बाद स्क्रीनशॉट या PDF सेव कर लें
नाम न मिले तो क्या करें
- स्पेलिंग और पंचायत की जानकारी दोबारा जाँचें
- ग्राम पंचायत से PWL की कॉपी माँगें
- पात्र हैं पर सर्वे नहीं हुई तो आवास प्लस 2024 से सर्वे करवाएँ
- खंड विकास अधिकारी (BDO) को लिखित शिकायत दें
- RTI दाखिल करके चयन सूची, रिजेक्शन का कारण और प्रतीक्षा सूची में स्थिति माँगें
राज्यवार प्रगति — कौन सा राज्य आगे है
सबसे ज़्यादा घर पूरे करने वाले राज्य (वित्त वर्ष 2025-26)
| रैंक | राज्य | पूरे हुए घर |
|---|---|---|
| 1 | छत्तीसगढ़ | 5.93 लाख |
| 2 | मध्य प्रदेश | 4.90 लाख |
| 3 | महाराष्ट्र | 4.42 लाख |
| 4 | बिहार | 2.63 लाख |
| 5 | राजस्थान | 2.02 लाख |
सबसे ज़्यादा घर स्वीकृत करने वाले राज्य (वित्त वर्ष 2025-26)
| रैंक | राज्य | स्वीकृत घर |
|---|---|---|
| 1 | महाराष्ट्र | 9.41 लाख |
| 2 | मध्य प्रदेश | 5.59 लाख |
| 3 | बिहार | 4.74 लाख |
पूर्णता दर (Completion Rate)
| राज्य | पूर्णता दर |
|---|---|
| तमिलनाडु | 91.4% |
| ओडिशा | 90.7% |
| राष्ट्रीय औसत | 78.8% |
| आंध्र प्रदेश | 36.6% |
जहाँ योजना लागू नहीं है
PMAY-G दिल्ली, चंडीगढ़ और पुदुचेरी में लागू नहीं है। तेलंगाना में भी यह योजना लागू नहीं की गई है।
आम समस्याएँ और उनके समाधान
नाम सूची में नहीं है
इसके कारण स्पेलिंग में अंतर, गलत पंचायत का चयन, ग्राम सभा वेरिफिकेशन में नाम हटना या सर्वे का ही न होना हो सकते हैं। सबसे पहले आवास प्लस 2024 से सर्वे करें, फिर ग्राम पंचायत से PWL की कॉपी माँगें। नाम PWL में हो पर सूची में न हो तो BDO से शिकायत करें, और ज़रूरत पड़ने पर RTI दाखिल करें।
किस्त नहीं आई
इसके आम कारण:
- आधार का बैंक खाते से लिंक न होना (NPCI मैपर मिसमैच)
- जियो-टैग्ड फोटो अपलोड या वेरिफाई न होना
- AwaasSoft में बैंक खाते की जानकारी लंबित होना
- तकनीकी या सर्वर की समस्या
आप नीचे दिया गया शिकायत का प्रारूप BDO को दे सकते हैं:
सेवा में,
खंड विकास अधिकारी,
[ब्लॉक का नाम], [ज़िला]विषय: PMAY-ग्रामीण की लंबित किस्त के संबंध में — लाभार्थी ID [आपकी ID]
आदरणीय महोदय/महोदया,
मैं PMAY-ग्रामीण के अंतर्गत स्वीकृत लाभार्थी हूँ। मेरी लाभार्थी ID [आपकी ID] है, और मेरा घर [गाँव, पंचायत, ब्लॉक] में है।
मुझे [पहली/दूसरी] किस्त मिल चुकी है और मैंने [नींव/लिंटल/छत] स्तर तक निर्माण पूरा कर लिया है। मेरी अगली किस्त जारी नहीं हुई है।
मेरा अनुरोध है कि:
- मौजूदा चरण की जियो-टैग फोटो अपलोड की जाए
- फील्ड निरीक्षण दर्ज किया जाए
- बैंक खाते / आधार सीडिंग की जाँच की जाए
- किस्त जारी होने की लिखित तारीख दी जाए
मेरा घर आंशिक रूप से बना है और देरी से मुझे परेशानी हो रही है।
भवदीय,
[नाम], [मोबाइल], [गाँव]
संलग्न: स्वीकृति पत्र की कॉपी, बैंक पासबुक, आधार, चरण की फोटो
ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही
- ग्राम प्रधान से लिखित में पूछें कि नाम क्यों नहीं है
- BDO या ब्लॉक कार्यालय में शिकायत दें
- ज़िला कलेक्टर को लिखित प्रतिवेदन दें
- CPGRAMS पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें
- RTI से ग्राम सभा वेरिफिकेशन के कार्यवृत्त (minutes) की कॉपी माँगें
पोर्टल नहीं खुल रहा
सुबह के समय, जब लोड कम होता है, कोशिश करें। Chrome ब्राउज़र इस्तेमाल करें और इंटरनेट कनेक्शन जाँचें। रिपोर्ट के लिए नया लिंक report.pmayg.dord.gov.in भी आज़मा सकते हैं।
CPGRAMS पर शिकायत कैसे करें
- pgportal.gov.in खोलें
- “Lodge a Grievance” पर क्लिक करें
- ग्रामीण विकास मंत्रालय चुनें
- PMAY-G श्रेणी चुनें
- लाभार्थी ID और समस्या का विवरण लिखें
- सबमिट करके ट्रैकिंग नंबर संभालकर रखें
धोखाधड़ी से बचें
PMAY-G का रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ़्त है। कोई एजेंट या व्यक्ति पैसे माँगे तो वह फ्रॉड है। सिर्फ़ आधिकारिक आवास प्लस 2024 ऐप इस्तेमाल करें, आधार सिर्फ़ आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर डालें, और “नाम सूची में डालने” का वादा करने वाले बिचौलियों से दूर रहें।
हेल्पलाइन और संपर्क
| माध्यम | विवरण |
|---|---|
| PMAY-G टोल-फ्री हेल्पलाइन | 1800-11-6446 / 1800-11-8111 |
| ईमेल | support-pmayg@gov.in |
| शिकायत पोर्टल | pgportal.gov.in |
| ब्लॉक कार्यालय | अपने BDO से संपर्क करें |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
PMAY-ग्रामीण सूची 2026 कैसे देखें?
pmayg.dord.gov.in खोलें, Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary चुनें और रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। रजिस्ट्रेशन नंबर न हो तो Advanced Search से राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर नाम सर्च करें।
PMAY-G में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
सीधे ऑनलाइन आवेदन नहीं होता। चयन आवास प्लस 2024 सर्वे से होता है। ऐप से सेल्फ-सर्वे करें या ग्राम पंचायत सर्वेयर से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।
आवास प्लस सर्वे क्या है?
यह 2024 में शुरू हुआ सर्वे है, जिसमें ऐसे पात्र परिवारों को जोड़ा जाता है जो पहले सूची में नहीं थे। इसमें eKYC फेस ऑथेंटिकेशन और जियो-टैग्ड फोटो का इस्तेमाल होता है।
PMAY-G में कितनी सब्सिडी मिलती है?
मैदानी क्षेत्र में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹1.30 लाख। इसके साथ मनरेगा की 90-95 दिन की मज़दूरी और स्वच्छ भारत से शौचालय के लिए ₹12,000 मिलते हैं।
कौन सा राज्य PMAY-G में सबसे आगे है?
घर पूरे करने में छत्तीसगढ़ सबसे आगे है (5.93 लाख, वित्त वर्ष 2025-26)। पूर्णता दर में तमिलनाडु सबसे ऊपर है (91.4%)।
क्या पक्के घर वाले PMAY-G ले सकते हैं?
नहीं। पक्के घर वाले परिवार अपने आप बाहर हो जाते हैं। सिर्फ़ कच्चे घर या बिना घर वाले परिवार पात्र हैं।
नाम सूची में नहीं है तो क्या करें?
ग्राम पंचायत से PWL की कॉपी माँगें, आवास प्लस 2024 से सर्वे करवाएँ, BDO को लिखित शिकायत दें और ज़रूरत हो तो RTI दाखिल करें।
किस्त नहीं आई तो कहाँ शिकायत करें?
पहले BDO को लिखित शिकायत दें। जवाब न आए तो CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें। आख़िरी विकल्प RTI है, जिसका जवाब आम तौर पर 30 दिन के अंदर मिलता है।
सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
इसका कारण अक्सर NPCI मैपर मिसमैच या जियो-टैग्ड फोटो का लंबित होना होता है। बैंक में आधार सीडिंग जाँच करवाएँ और BDO कार्यालय से भुगतान दोबारा प्रोसेस करने को कहें।
निष्कर्ष
PMAY-G 2026 में सक्रिय है और फेज़ II में 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाए जा रहे हैं। घर पूरे करने में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र आगे हैं, जबकि तमिलनाडु और ओडिशा की पूर्णता दर सबसे ज़्यादा है।
सबसे पहले pmayg.dord.gov.in पर अपना स्टेटस चेक करें। नाम न हो तो आवास प्लस 2024 ऐप से सर्वे करें या ग्राम पंचायत से संपर्क करें। किसी को भी पैसे न दें, क्योंकि रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ़्त है।