इस गाइड में बताया गया है कि PMAY-ग्रामीण की किस्त कम मिलने या रुकने पर क्या करें — जाँच के स्टेप, बैंक खाता ठीक करवाना और CPGRAMS, RTI जैसे कानूनी विकल्प आसान भाषा में।
PMAY-ग्रामीण क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है। यह इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह 1 अप्रैल 2016 से लागू हुई।
इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के बेघर और कच्चे घर वाले परिवारों को पक्का घर देना है।
PMAY-G के तहत बनने वाले घर में:
- कम से कम 25 वर्ग मीटर का क्षेत्रफल होता है
- खाना बनाने की अलग जगह होती है
- शौचालय बनता है (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के साथ)
योजना को वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक बढ़ाया गया है, और 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का नया लक्ष्य रखा गया है।
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मदद की राशि (सब्सिडी)
| विवरण | मैदानी क्षेत्र | पहाड़ी / पूर्वोत्तर / IAP क्षेत्र |
|---|---|---|
| यूनिट सहायता | ₹1.20 लाख | ₹1.30 लाख |
| मनरेगा मजदूरी | 90 दिन | 95 दिन |
| शौचालय (SBM-G) | ₹12,000 | ₹12,000 |
किस्त की सटीक राशि और चरण आपके राज्य के स्वीकृति आदेश (सैंक्शन ऑर्डर) के अनुसार होते हैं, इसलिए अपने ब्लॉक कार्यालय से पुष्टि कर लें।
कौन पात्र है?
पात्र परिवार
- जिनके पास कोई घर नहीं है (बेघर)
- जो कच्चे या जर्जर घर में रहते हैं (0, 1 या 2 कमरे, कच्ची दीवार और छत)
- जिनका नाम SECC 2011 या Awaas+ 2024 सर्वे में है
प्राथमिकता किसे मिलती है
सर्वे में परिवार की हालत के हिसाब से प्राथमिकता तय होती है, जैसे:
- परिवार में कोई दिव्यांग सदस्य हो
- घर में 16-59 साल का कोई कमाने वाला वयस्क पुरुष न हो
- घर में 25 साल से ऊपर का कोई पढ़ा-लिखा वयस्क न हो
- SC/ST परिवार हो
- भूमिहीन परिवार जो मजदूरी पर निर्भर हो
कौन पात्र नहीं है
- जिनके पास कहीं भी पक्का घर है
- परिवार में कोई सरकारी नौकरी वाला है
- आयकर देने वाले परिवार
- जिनकी मासिक आय ₹15,000 से ज्यादा है
- मोटर चालित 3 या 4 पहिया वाहन के मालिक
- मशीनीकृत खेती के उपकरणों के मालिक
- ₹50,000 या उससे ज्यादा लिमिट वाला किसान क्रेडिट कार्ड रखने वाले
दिसंबर 2024 में बहिष्करण मानदंड (exclusion criteria) में बदलाव हुआ: रेफ्रिजरेटर और लैंडलाइन फोन अब अयोग्यता का आधार नहीं हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़
| दस्तावेज़ | क्यों चाहिए |
|---|---|
| आधार कार्ड (परिवार के सभी सदस्यों के) | पहचान और DBT बैंक लिंकिंग |
| मनरेगा जॉब कार्ड | मजदूरी के दिनों के लिए |
| बैंक पासबुक (आधार-सीडेड) | किस्त DBT से इसी खाते में आती है |
| जाति प्रमाण पत्र (SC/ST, जहाँ लागू हो) | श्रेणी का सत्यापन |
| राशन कार्ड / BPL कार्ड | परिवार की स्थिति का प्रमाण |
बैंक खाते का आधार से सीडेड होना सबसे ज़रूरी है। नहीं तो मैपिंग फेल होने पर किस्त बैंक में अटक सकती है।
नाम कैसे आता है? (Awaas+ सर्वे)
PMAY-ग्रामीण में सीधे ऑनलाइन आवेदन करने का फॉर्म नहीं होता। लाभार्थी का नाम सर्वे और ग्राम सभा के सत्यापन के बाद सूची में आता है।
ग्राम पंचायत के ज़रिए
- ग्राम पंचायत या पंचायत सचिव से मिलकर सर्वे में अपना नाम दर्ज करवाएँ।
- आधार और ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करें।
- ग्राम सभा के सत्यापन का इंतज़ार करें।
Awaas+ 2024 ऐप से स्व-सर्वे
Awaas+ 2024 मोबाइल ऐप से आप खुद भी सर्वे कर सकते हैं:
- Google Play Store से ऐप डाउनलोड करें और कैमरा/लोकेशन की अनुमति दें।
- आधार नंबर डालकर फेस ऑथेंटिकेशन (e-KYC) पूरा करें।
- अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
- परिवार के मुखिया और परिवार के सदस्यों की जानकारी भरें।
- मौजूदा घर और प्रस्तावित जगह की जियो-टैग्ड फोटो लें।
- सर्वे सबमिट करें। इंटरनेट न हो तो डेटा ऑफलाइन सेव करके बाद में सिंक कर सकते हैं।
ऐप में आम एरर
- फेस ऑथेंटिकेशन फेल: अच्छी रोशनी में करें, चश्मा और मास्क हटा दें।
- लोकेशन नहीं मिल रही: GPS ऑन करें और खुली जगह पर खड़े हों।
- सर्वे पहले से मौजूद है: पंचायत से पुरानी एंट्री के बारे में बात करें।
- डेटा अपलोड पेंडिंग: इंटरनेट आने पर सिंक बटन दबाएँ।
पैसा कैसे मिलता है?
राशि कई किस्तों में, निर्माण के चरणों के हिसाब से, सीधे बैंक खाते में (DBT) आती है।
हर चरण पूरा होने पर AwaasApp से समय-अंकित (टाइम-स्टैम्प्ड), जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करनी होती है। जियो-टैग फोटो के बिना अगली किस्त जारी नहीं होती।
मजदूरी के 90/95 दिन मनरेगा के ज़रिए अलग से मिलते हैं।
लाभार्थी की स्थिति कैसे जाँचें?
रजिस्ट्रेशन नंबर से
- pmayg.dord.gov.in खोलें।
- Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary पर क्लिक करें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
- स्वीकृति की तारीख और किस्त का रिकॉर्ड देखें।
गाँव की पूरी सूची देखने के लिए
- pmayg.dord.gov.in पर AwaasSoft में Report सेक्शन खोलें।
- Social Audit Reports में जाकर “beneficiary details for verification” चुनें।
- राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
किस्त कम आए या रुक जाए तो क्या करें?
पहले यह जाँचें
- pmayg.dord.gov.in पर किस्त का रिकॉर्ड देखें और स्क्रीनशॉट ले लें।
- बैंक जाकर पता करें कि आपका आधार बैंक खाते से सीडेड और NPCI मैपर पर सक्रिय है या नहीं। आधार-बैंक मैपिंग की दिक्कत सबसे आम वजहों में से एक है।
- जाँचें कि पिछले चरण की जियो-टैग्ड फोटो सही तरह अपलोड हुई है या रिजेक्ट हो गई।
- पता करें कि ग्राम सभा का सत्यापन हो चुका है या नहीं।
बैंक खाता ठीक करवाने के स्टेप
- पासबुक लेकर बैंक जाएँ।
- बैंक से पूछें कि आपका आधार NPCI मैपर पर सीडेड है या नहीं।
- अगर नहीं, तो आधार सीडिंग फॉर्म भरें।
- कुछ दिन बाद दोबारा स्टेटस चेक करवाएँ, और सीडिंग हो जाए तो PMAY-G (ब्लॉक) कार्यालय को बताएँ।
जियो-टैग रिजेक्ट होने पर
आवास मित्र या पंचायत सचिव से दोबारा अपलोड करवाएँ। आम वजहें: धुंधली फोटो, गलत लोकेशन, या फोटो में ज़रूरी हिस्सा (जैसे शौचालय) न दिखना।
कानूनी विकल्प
विकल्प 1: शिकायत पोर्टल (CPGRAMS)
pgportal.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। लाभार्थी ID और स्क्रीनशॉट साथ में लगाएँ। शिकायत संबंधित अधिकारी को भेज दी जाती है।
विकल्प 2: ब्लॉक कार्यालय में लिखित शिकायत
BDO कार्यालय में लिखित आवेदन दें और प्राप्ति रसीद (रिसीविंग) ज़रूर लें।
विकल्प 3: RTI
ब्लॉक विकास कार्यालय के जन सूचना अधिकारी (PIO) को RTI भेजें। फीस ₹10 है (राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है), और BPL कार्ड धारकों के लिए मुफ्त है। आप यह पूछ सकते हैं:
- मेरी अगली किस्त कब जारी हुई?
- अगर जारी नहीं हुई, तो किस कारण से रोकी गई है?
- इस पर कौन अधिकारी ज़िम्मेदार है?
RTI अधिनियम की धारा 7(1) के तहत जवाब 30 दिन के अंदर मिलना चाहिए।
विकल्प 4: प्रथम अपील
अगर 30 दिन में जवाब न मिले या जवाब से संतुष्ट न हों, तो प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (First Appellate Authority) को अपील करें। यह आपका कानूनी अधिकार है।
विकल्प 5: ऊपर के अधिकारियों तक
अगर ग्राम पंचायत या ब्लॉक स्तर पर सुनवाई न हो, तो जिला कलेक्टर को लिखित पत्र दें।
धोखाधड़ी से सावधान
- कोई एजेंट या व्यक्ति पैसे लेकर नाम सूची में डालने का वादा करे, तो वह धोखाधड़ी है। घर के लिए कोई अग्रिम भुगतान (एडवांस पेमेंट) नहीं होता।
- WhatsApp पर आने वाली “PM Awas Yojana List APK” जैसी फाइलें डाउनलोड न करें, ये मैलवेयर हो सकती हैं।
- जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक स्रोतों (pmayg.dord.gov.in) पर भरोसा करें।
हेल्पलाइन और आधिकारिक लिंक
- राष्ट्रीय हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111 (टोल-फ्री)
- ईमेल: support-pmayg@gov.in
- आधिकारिक वेबसाइट: pmayg.dord.gov.in
- शिकायत पोर्टल: pgportal.gov.in
- पेमेंट ट्रैकिंग: pfms.nic.in
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या PMAY-ग्रामीण में सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। नाम Awaas+ सर्वे और ग्राम सभा के सत्यापन के ज़रिए आता है। पंचायत सचिव से संपर्क करें या Awaas+ 2024 ऐप से स्व-सर्वे करें।
क्या रेफ्रिजरेटर होने से PMAY-ग्रामीण नहीं मिलेगा?
नहीं, दिसंबर 2024 से रेफ्रिजरेटर और लैंडलाइन फोन बहिष्करण मानदंड से हटा दिए गए हैं।
क्या सरकारी नौकरी वाले परिवार को PMAY-ग्रामीण मिलता है?
नहीं, परिवार में सरकारी कर्मचारी होने पर परिवार पात्र नहीं होता।
RTI की फीस कितनी है?
आम तौर पर ₹10। BPL कार्ड धारकों के लिए RTI मुफ्त है।
सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
तीन चीज़ें जाँचें: ग्राम सभा का सत्यापन हुआ या नहीं, बैंक खाता आधार-सीडेड है या नहीं, और जियो-टैग्ड फोटो अपलोड हुई या नहीं। तीनों सही हों तो BDO कार्यालय या CPGRAMS पर शिकायत करें।
किस्त रुकी हो तो सबसे पहले कहाँ शिकायत करें?
पहले pmayg.dord.gov.in पर स्टेटस चेक करके स्क्रीनशॉट लें, फिर BDO कार्यालय में लिखित शिकायत दें और CPGRAMS पर भी दर्ज करें। जवाब न मिले तो RTI डालें।
निष्कर्ष
किस्त रुक जाए तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। पहले स्टेटस और बैंक सीडिंग जाँचें, फिर शिकायत दर्ज करें, और ज़रूरत पड़े तो RTI का इस्तेमाल करें।
यह आपका कानूनी अधिकार है।