PMAY-G बिहार 2026: आवास योजना की पूरी जानकारी

अक्टूबर 3, 2026
Written By Ali Akbar

पीएमएवाई-ग्रामीण क्या है?

इस लेख में बिहार के ग्रामीण परिवारों के लिए PMAY-G की पूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है — पात्रता, ज़रूरी दस्तावेज़, सर्वे, लाभार्थी सूची, किस्त और शिकायत तक। प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है। यह 1 अप्रैल 2016 से इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह लागू हुई। इसका मकसद उन ग्रामीण परिवारों को पक्का घर दिलाना है जो कच्चे या जीर्ण-शीर्ण घर में रहते हैं या जिनके पास घर ही नहीं है।

योजना में सिर्फ घर ही नहीं, शौचालय के लिए भी मदद मिलती है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से ₹12,000 अलग से दिए जाते हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने योजना को वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक बढ़ा दिया है, जिसके तहत 2 करोड़ नए घर बनाने का लक्ष्य है। इसलिए अगर आप पात्र हैं तो अभी भी मौका है।

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PMAY-G 2026: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की पूरी जानकारी

एक नज़र में ज़रूरी जानकारी

विवरणजानकारी
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
शुरुआत1 अप्रैल 2016 (IAY की जगह)
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in
मदद (मैदानी क्षेत्र)₹1,20,000
मदद (पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र/IAP जिला)₹1,30,000
शौचालय के लिए₹12,000 (SBM-G से)
मनरेगा मज़दूरी90/95 दिन का काम (अलग से)
लक्ष्य (2024-29)2 करोड़ नए घर

PMAY-G के लिए कौन पात्र है?

आवास+ सर्वे में उन परिवारों को शामिल किया जाता है जिनके पास पक्का घर नहीं है। ये परिवार पात्र हो सकते हैं:

  • बिना घर वाले (गृहहीन) परिवार
  • कच्ची दीवार और कच्ची छत वाले घर में रहने वाले परिवार
  • SC/ST परिवार (कुल लक्ष्य का कम से कम 60% इनके लिए आरक्षित है)
  • भूमिहीन मज़दूर परिवार
  • विधवा, दिव्यांग और असहाय परिवार (विशेष प्राथमिकता)

नए नियम: क्या बदला है?

आवास+ 2024 में बहिष्करण (exclusion) मानदंडों में कुछ राहत दी गई है:

पहलेअब
मोटरसाइकिल/स्कूटर होने पर बाहरटू-व्हीलर होने पर भी पात्र
फ्रिज होने पर बाहरफ्रिज होने पर भी पात्र
मासिक आय सीमा ₹10,000मासिक आय सीमा ₹15,000
KCC सीमा ₹50,000+ पर बाहरयह नियम जारी है

कौन पात्र नहीं है?

इनमें से कोई भी शर्त लागू हो तो परिवार पात्र नहीं होगा:

  • परिवार के किसी सदस्य के नाम पक्का घर है
  • परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी है
  • कोई सदस्य इनकम टैक्स भरता है
  • महीने की कमाई ₹15,000 से ज़्यादा है
  • मोटरचालित तिपहिया या चार-पहिया गाड़ी या खेती के बड़े उपकरण हैं
  • ज़्यादा ज़मीन है (सिंचित और असिंचित ज़मीन की सीमा सर्वे के बहिष्करण मानदंडों के अनुसार)

घर कच्चा है तो सर्वे में नाम ज़रूर चेक करवाएँ।

बिहार में प्राथमिकता

बिहार में भी SC/ST परिवारों के लिए कम से कम 60% लक्ष्य आरक्षित है। मैदानी क्षेत्रों में योजना का खर्च केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में बाँटा जाता है।

पहाड़ी, दुर्गम और IAP (Integrated Action Plan) जिलों में ₹1.30 लाख मिलते हैं। आपके जिले पर कौन सा रेट लागू होगा, यह ब्लॉक ऑफिस या ग्राम पंचायत से कन्फर्म करें।

ज़रूरी दस्तावेज़

सर्वे के वक्त ये दस्तावेज़ साथ रखें:

दस्तावेज़क्यों चाहिए
आधार कार्डe-KYC और फेस ऑथेंटिकेशन के लिए
मनरेगा जॉब कार्डमज़दूरी जोड़ने के लिए
बैंक पासबुकDBT के लिए खाते की जानकारी
मोबाइल नंबरOTP और अपडेट के लिए
जाति प्रमाण पत्रSC/ST श्रेणी के लिए (अगर पूछा जाए)
आय/ज़मीन के दस्तावेज़ज़रूरत पड़ने पर

सभी दस्तावेज़ों में नाम और स्पेलिंग एक जैसी होनी चाहिए। आधार में “राम प्रसाद” और बैंक में “राम प्रसाद यादव” लिखा हो तो बाद में दिक्कत आ सकती है।

अगर कोई दस्तावेज़ नहीं है

  • आधार नहीं है: नज़दीकी आधार सेवा केंद्र पर एनरोलमेंट करवाएँ।
  • जॉब कार्ड नहीं है: ग्राम पंचायत से मनरेगा जॉब कार्ड बनवाएँ।
  • बैंक खाता नहीं है: जन धन योजना के तहत ज़ीरो बैलेंस खाता खोलें।
  • जाति या आय प्रमाण पत्र नहीं है: ब्लॉक या अंचल कार्यालय में आवेदन करें।

AwaasPlus सर्वे: नाम लिस्ट में कैसे आएगा?

PMAY-G के लिए कोई सीधा “अप्लाई ऑनलाइन” फॉर्म नहीं है। घर तब मिलता है जब आपका नाम सर्वे में आए और ग्राम सभा उसे वेरिफाई करे।

तरीका 1: ग्राम पंचायत के ज़रिए असिस्टेड सर्वे

  1. अपने ग्राम पंचायत या पंचायत सचिव से मिलें।
  2. सर्वेयर आपके घर आकर जियो-टैग्ड फोटो लेगा।
  3. आधार e-KYC और फेस ऑथेंटिकेशन होगा।
  4. सर्वे डेटा ग्राम सभा में वेरिफाई होगा।

तरीका 2: AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे

स्मार्टफोन है तो खुद सर्वे कर सकते हैं। दो ऐप चाहिए: AwaasPlus 2024 और AadhaarFaceRD।

  1. दोनों ऐप Google Play Store से डाउनलोड करें।
  2. AwaasPlus 2024 में कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें।
  3. आधार नंबर डालें और e-KYC/फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
  4. राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
  5. “Self-Survey” विकल्प चुनें।
  6. परिवार के मुखिया की जानकारी भरें और परिवार के सदस्य जोड़ें।
  7. मौजूदा घर और प्रस्तावित जगह की फोटो लें।
  8. सर्वे सबमिट करें।

सेल्फ-सर्वे के बाद भी ग्राम सभा वेरिफिकेशन ज़रूरी है। सिर्फ सर्वे अपलोड करने से घर स्वीकृत नहीं होता।

फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए तो

  • अच्छी रोशनी में फेस स्कैन करें।
  • चश्मा उतार दें।
  • मास्क या दुपट्टा हटाएँ ताकि चेहरा साफ दिखे।
  • AadhaarFaceRD ऐप इंस्टॉल और अपडेटेड रखें।
  • फिर भी फेल हो तो ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।

सर्वे के बाद क्या होता है?

  1. ग्राम पंचायत स्तर पर आपका सर्वे वेरिफाई होता है।
  2. ब्लॉक और जिला स्तर पर सैंपल वेरिफिकेशन होता है।
  3. ग्राम सभा की बैठक में लिस्ट फाइनल होती है।
  4. नाम परमानेंट वेट लिस्ट (PWL) में आता है।
  5. आवंटन (allocation) के हिसाब से स्वीकृति आदेश (sanction order) जारी होता है।

PWL में नाम आने के बाद भी स्वीकृति में समय लग सकता है, क्योंकि यह उस साल आपके क्षेत्र को मिले लक्ष्य पर निर्भर करता है।

पैसा कैसे मिलेगा?

स्वीकृति आदेश के बाद मदद किस्तों में सीधे आपके बैंक खाते (DBT) में आती है। हर किस्त घर के काम के चरण से जुड़ी होती है, जैसे नींव, लिंटल, छत और फिनिशिंग। हर चरण की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड होने के बाद ही अगली किस्त जारी होती है।

मनरेगा और शौचालय का फायदा

PMAY-G में घर बनाने के लिए 90/95 दिन की मनरेगा मज़दूरी अलग से मिलती है। इसकी रकम राज्य की दैनिक मज़दूरी दर पर निर्भर करती है।

शौचालय के लिए SBM-G से ₹12,000 अलग से मिलते हैं।

लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे चेक करें?

रजिस्ट्रेशन नंबर से

  1. pmayg.dord.gov.in पर जाएँ।
  2. “Stakeholders” में “IAY/PMAYG Beneficiary” चुनें।
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
  4. स्टेटस, स्वीकृति और किस्त की जानकारी देखें।

गाँव की पूरी लिस्ट देखने के लिए

  1. पोर्टल पर Awaassoft के Reports सेक्शन में जाएँ।
  2. लाभार्थी विवरण वाली रिपोर्ट चुनें।
  3. राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
  4. वित्त वर्ष चुनकर लिस्ट देखें या डाउनलोड करें।

फ्रॉड से कैसे बचें?

PMAY-G के नाम पर बहुत धोखाधड़ी होती है। इन तरीकों से सावधान रहें:

फ्रॉड का तरीकासच क्या है
एजेंट कहता है “₹5,000 दो, नाम लिस्ट में डाल देंगे”ग्राम सभा के बिना कोई नाम नहीं जोड़ सकता
डुप्लीकेट या फेक ऐप्ससिर्फ AwaasPlus 2024 और AwaasApp आधिकारिक हैं
फेक वेबसाइट (जैसे pmayg-apply.com)आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in है
दलाल कहते हैं “ऑफिस में सेटिंग करवा देंगे”सरकारी प्रक्रिया में कोई सेटिंग नहीं चलती

सर्वे के लिए किसी को पैसा न दें। कोई पैसा माँगे तो pgportal.gov.in (CPGRAMS) पर शिकायत करें।

आम समस्याएँ और उनके हल

नाम लिस्ट में नहीं आया

ग्राम पंचायत से मिलें और पूछें कि आवास+ सर्वे चल रही है या नहीं। सर्वे बंद हो गई हो तो ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) से लिखित में संपर्क करें।

किस्त नहीं आई

स्टेप 1: FTO स्टेटस चेक करें। pmayg.dord.gov.in पर अपना FTO नंबर या PFMS विवरण डालकर देखें कि भुगतान प्रोसेस हुआ या नहीं।

स्टेप 2: बैंक में चेक करें। खाते में आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग होनी चाहिए, नहीं तो DBT फेल हो जाता है।

स्टेप 3: ब्लॉक ऑफिस में लिखित शिकायत दें। BDO से मिलें और लाभार्थी आईडी, स्वीकृति पत्र और बैंक पासबुक साथ ले जाएँ। रसीद ज़रूर माँगें।

स्टेप 4: CPGRAMS पर शिकायत करें। अगर कुछ दिन में जवाब न मिले तो pgportal.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और लाभार्थी आईडी लिखें।

स्टेप 5: RTI फाइल करें। BDO या DRDA के PIO को RTI भेजें। RTI का शुल्क आम तौर पर ₹10 होता है (BPL परिवार को छूट मिलती है)। जवाब 30 दिन में देना ज़रूरी है।

RTI का नमूना:

सेवा में,
जन सूचना अधिकारी (PIO), [ब्लॉक/DRDA कार्यालय]

विषय: PMAY-ग्रामीण की लंबित किस्त — लाभार्थी आईडी [XXXXX]

महोदय/महोदया,

मैं [नाम], गाँव [X], ब्लॉक [Y], जिला [Z] का निवासी हूँ। मेरी PMAY-G लाभार्थी आईडी [XXXXX] है। मेरी [पहली/दूसरी/तीसरी] किस्त अभी तक नहीं आई है। कृपया बताएँ:

  1. मेरी किस्त की वर्तमान रिलीज़ स्थिति क्या है?
  2. जियो-टैग/निरीक्षण रिकॉर्ड कब अपलोड हुआ?
  3. भुगतान में देरी का क्या कारण है?

[हस्ताक्षर]

RTI से पैसा सीधे नहीं मिलता, लेकिन रिकॉर्ड बन जाता है और अधिकारी पर जवाबदेही आती है।

सर्वे नहीं हुई या ऐप में एरर आ रहा है

ऐप को अनइंस्टॉल करके दोबारा इंस्टॉल करें और अनुमतियाँ चेक करें। फिर भी दिक्कत हो तो ग्राम पंचायत को बताएँ कि सर्वेयर नहीं आया।

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही

BDO को लिखित शिकायत दें या RTI फाइल करें। जवाब न आए तो RTI की प्रथम अपील कर सकते हैं।

बैंक खाता लिंक नहीं है

बैंक जाकर आधार सीडिंग करवाएँ और NPCI मैपिंग के बारे में कन्फर्म करें।

पोर्टल नहीं खुल रहा

पोर्टल कभी-कभी स्लो हो सकता है। थोड़ी देर बाद दोबारा कोशिश करें, ब्राउज़र अपडेटेड रखें, और समस्या बनी रहे तो CPGRAMS पर शिकायत करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PMAY ग्रामीण लिस्ट 2026 कैसे देखें?
pmayg.dord.gov.in पर Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary चुनें और रजिस्ट्रेशन नंबर से सर्च करें।

PMAY-G में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?
सीधे ऑनलाइन अप्लाई नहीं होता। AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे करें या ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।

AwaasPlus सर्वे क्या है?
यह उन पात्र परिवारों को ढूँढने की सर्वे है जो पहले की लिस्ट में छूट गए थे, नए बहिष्करण मानदंडों के साथ।

PMAY-G में कितना पैसा मिलता है?
मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्रों में ₹1.30 लाख। इसके अलावा मनरेगा मज़दूरी और शौचालय के ₹12,000 अलग से मिलते हैं।

कौन पात्र है?
जो कच्चे घर में रहते हैं या गृहहीन हैं और बहिष्करण मानदंडों में नहीं आते। मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए।

लिस्ट में नाम नहीं है तो क्या करें?
ग्राम पंचायत और BDO से संपर्क करें और सर्वे के दौरान नाम जोड़ने को कहें।

किस्त कितने दिन में आती है?
कोई तय समय नहीं है। चरण पूरा होने और जियो-टैग्ड फोटो अपलोड होने के बाद प्रोसेस होती है।

ग्राम सभा वेरिफिकेशन क्या है?
ग्राम सभा की बैठक में सर्वे की लिस्ट वेरिफाई करके परमानेंट वेट लिस्ट फाइनल की जाती है।

हेल्पलाइन नंबर क्या है?
1800-11-6446 / 1800-11-8111 (टोल-फ्री)।

सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
नाम PWL में होना और स्वीकृति मिलना अलग बातें हैं। पैसा तभी आता है जब स्वीकृति आदेश जारी हो, जो आवंटन पर निर्भर करता है। अपने ब्लॉक ऑफिस से स्टेटस पूछें या RTI से जानकारी लें।

मुश्किल शब्दों का मतलब

शब्दआसान मतलब
SECC 20112011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना, जिसमें गाँव के परिवारों की जानकारी है
PWL (परमानेंट वेट लिस्ट)पात्र परिवारों की पक्की इंतज़ार सूची
FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर)पैसा भेजने का सरकारी ऑर्डर
NPCI मैपिंगबैंक खाते को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया, जिसके बिना DBT फेल हो सकता है
जियो-टैगिंगफोटो के साथ लोकेशन सेव करना, जो काम का सबूत होता है

अब क्या करें?

  • कच्चा घर है तो ग्राम पंचायत से सर्वे के बारे में पूछें।
  • स्मार्टफोन हो तो AwaasPlus 2024 से सेल्फ-सर्वे करें।
  • आधार, बैंक पासबुक और जॉब कार्ड तैयार रखें।
  • बैंक खाते में आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग चेक करवाएँ।
  • किसी को पैसा न दें।
  • pmayg.dord.gov.in पर स्टेटस चेक करते रहें।

हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111

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