इस लेख में आप जानेंगे पीएमएवाई-जी में दिव्यांग, विधवा, एससी/एसटी और भूतपूर्व सैनिकों के लिए क्या विशेष प्रावधान हैं। PMAY-G पीएमएवाई-ग्रामीण एक सरकारी योजना है जो गांव के उन परिवारों को पक्का घर देती है जिनके पास अपना घर नहीं है या कच्चा घर है। घर के साथ-साथ बिजली, पानी, शौचालय और एलपीजी कनेक्शन भी मिलता है — अलग-अलग सरकारी योजनाओं के माध्यम से।
यह योजना 1 अप्रैल 2016 को शुरू हुई थी, इंदिरा आवास योजना (आईएवाई) की जगह। ग्रामीण विकास मंत्रालय इस योजना को चलाता है। अब यह योजना मार्च 2029 तक चलेगी, और इस चरण में 2 करोड़ और घर बनाने का लक्ष्य है — कुल लक्ष्य 4.95 करोड़ तक पहुंच गया है।
अगर आप दिव्यांग, विधवा, एससी/एसटी या भूतपूर्व सैनिक हैं, तो आपके लिए घर मिलने के मौके ज़्यादा हैं — लेकिन शर्त यह है कि आपका नाम सही तरीके से आवास+ सर्वे में आ जाए। इस गाइड में हम आपको चरण-दर-चरण बताएंगे कि कैसे अपना नाम सूची में डालना है और पैसा कैसे निकलवाना है।
Read More Article:
PMAY-G 2026: चयन से गृह प्रवेश तक की यात्रा
PMAY-G के साथ मिलने वाले अतिरिक्त लाभ (मनरेगा, शौचालय, बिजली, ऋण)
PMAY-G: ज़मीन नहीं तो घर कैसे मिलेगा?
मुख्य बातें — एक नज़र में
| चीज़ | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) |
| शुरुआत का साल | 1 अप्रैल 2016 (आईएवाई की जगह) |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.dord.gov.in |
| सब्सिडी (मैदानी क्षेत्र) | ₹1.20 लाख |
| सब्सिडी (पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र) | ₹1.30 लाख |
| मनरेगा वेज डेज़ | 90–95 दिन (अलग से) |
| शौचालय सहायता | ₹12,000 (स्वच्छ भारत से) |
| विस्तारित लक्ष्य (2024–29) | 4.95 करोड़ घर |
| विशेष श्रेणियां | दिव्यांग, विधवा, एससी/एसटी, भूतपूर्व सैनिक, पीवीटीजी |
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अगस्त 2024 में पीएमएवाई-जी को 5 साल (वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक) बढ़ाने और 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने के लक्ष्य को मंज़ूरी दी थी।
पात्रता मानदंड — कौन ले सकता है पीएमएवाई-ग्रामीण घर?
पीएमएवाई-जी में घर पाने के लिए आपको एसईसीसी 2011 की सूची में होना चाहिए या आवास+ 2024 सर्वे में आपका नाम आना चाहिए। बुनियादी शर्त यह है:
- बेघर परिवार — जिनके पास कोई घर नहीं
- कच्चे घर वाले — जिनका घर कच्ची दीवार और कच्ची छत का है
- 0, 1 या 2 कमरे वाले — एसईसीसी के हिसाब से
एसईसीसी 2011 के अभाव मानदंड (डिप्रिवेशन क्राइटेरिया)
जितने ज़्यादा मानदंड मेल खाएंगे, उतनी ज़्यादा प्राथमिकता मिलेगी:
- कच्ची दीवार और कच्ची छत वाला घर
- घर में कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं (16–59 साल)
- कोई भी सदस्य पढ़ा-लिखा नहीं (10वीं पास भी नहीं)
- घर में दिव्यांग सदस्य है
- कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं
- घर में बिजली नहीं, या सिर्फ 1 कमरा है
- भूमिहीन या 2.5 एकड़ से कम सिंचित भूमि
प्राथमिकता श्रेणियां (विशेष फोकस)
- एससी/एसटी: हर राज्य को मिलने वाले लक्ष्य का कम से कम 60% एससी/एसटी के लिए आरक्षित है
- दिव्यांग: दिव्यांगता प्रमाणपत्र वाले लोग प्राथमिकता में आते हैं; लक्ष्य का एक हिस्सा खासतौर पर दिव्यांग लाभार्थियों के लिए आरक्षित है
- विधवा: महिला मुखिया वाले परिवारों को प्राथमिकता; अभी तक स्वीकृत हुए घरों में से लगभग 74% महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में हैं, और योजना का लक्ष्य इसे और बढ़ाना है
- भूतपूर्व सैनिक: रक्षा और अर्ध-सैनिक बलों के सेवानिवृत्त सदस्य, अगर उनके पास पक्का घर नहीं है
- पीवीटीजी: विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (Particularly Vulnerable Tribal Groups) पर अलग से ध्यान दिया जाता है
कौन पात्र नहीं है
अगर इनमें से कोई भी बात आप पर लागू होती है, तो आप पात्र नहीं हैं:
- पक्का घर वाले — जिनके पास भारत में कहीं भी पक्का घर है
- सरकारी नौकरी — परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी है
- आयकरदाता — परिवार आयकर भरता है
- मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा
- किसान क्रेडिट कार्ड — ₹50,000 या ज़्यादा सीमा वाला
- 2.5 एकड़ या ज़्यादा सिंचाई उपकरण वाली सिंचित भूमि
अगस्त 2024 में बहिष्करण मानदंड (एक्सक्लूज़न क्राइटेरिया) में ढील दी गई: मोटरसाइकिल/स्कूटर, फ्रिज और लैंडलाइन फोन अब अयोग्य नहीं ठहराते, और आय सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई।
ज़रूरी दस्तावेज़
| दस्तावेज़ | क्यों चाहिए |
|---|---|
| आधार कार्ड | ई-केवाईसी, फेस ऑथेंटिकेशन और बैंक लिंकिंग के लिए |
| मनरेगा जॉब कार्ड | 90–95 वेज डेज़ पाने के लिए |
| बैंक पासबुक | आधार-लिंक्ड खाता (एनपीसीआई मैपर सक्रिय होना चाहिए) |
| जाति प्रमाणपत्र | एससी/एसटी लाभार्थियों के लिए |
| आय प्रमाणपत्र | ₹15,000 मासिक सीमा सत्यापित करने के लिए |
| दिव्यांगता प्रमाणपत्र | दिव्यांग आवेदकों के लिए |
| भूतपूर्व सैनिक प्रमाणपत्र | डिफेंस डिस्चार्ज बुक या ईएसएम कार्ड |
| भूमि दस्तावेज़ | भूमिहीन लाभार्थियों के लिए ग्राम पंचायत से आवंटन |
ज़रूरी सुझाव: आधार और बैंक खाते का नाम बिल्कुल एक जैसा होना चाहिए। अगर स्पेलिंग अलग है, तो पेमेंट एफटीओ (FTO) चरण में रिजेक्ट हो जाएगा।
आवास+ सर्वे प्रक्रिया — चरण दर चरण
पीएमएवाई-ग्रामीण में सीधा ऑनलाइन “अप्लाई” फॉर्म नहीं है। आपको आवास+ 2024 सर्वे में शामिल होना पड़ता है। यह सर्वे आधार-आधारित ई-केवाईसी और फेस ऑथेंटिकेशन के साथ नए पात्र परिवारों की पहचान करने के लिए चलाया गया था, और इसकी अंतिम तारीख कई बार बढ़ाई जा चुकी है। अपने ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से मौजूदा स्थिति ज़रूर पता करें।
तरीका 1: AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे
- गूगल प्ले स्टोर से “AwaasPlus 2024” ऐप डाउनलोड करें
- ऐप खोलें, हिंदी या अपनी भाषा चुनें
- “Self Survey” विकल्प चुनें (Login as Citizen)
- आधार नंबर डालें और ओटीपी वेरिफाई करें
- फेस ऑथेंटिकेशन करें — फोन कैमरा ऑन करें, अच्छी रोशनी में
- परिवार का विवरण भरें — सदस्य, आय, घर की स्थिति
- लागू होने पर विशेष श्रेणी चुनें: एससी/एसटी/दिव्यांग/विधवा
- फोटो अपलोड करें — कच्चे घर की स्थिति, भूमि
- सबमिट करें, संदर्भ संख्या (reference number) सुरक्षित रखें
अगर ऐप में “Server Error” आ रहा है:
- पहले वाई-फाई या मोबाइल डेटा चेक करें
- ऐप को फोन से अनइंस्टॉल करके दोबारा इंस्टॉल करें
- फोन की स्टोरेज फुल हो तो खाली करें
- कम-ट्रैफिक समय में कोशिश करें
अगर ओटीपी नहीं आ रहा:
- आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर होना चाहिए
- 2 मिनट इंतज़ार करें, फिर “Resend OTP” दबाएं
- फोन रीस्टार्ट करें
- फिर भी न आए तो आधार केंद्र जाकर मोबाइल नंबर अपडेट करवाएं
तरीका 2: ग्राम पंचायत के माध्यम से
अगर आपको ऐप इस्तेमाल करना नहीं आता, तो ग्राम पंचायत के सर्वेयर आपके घर आएंगे और आधार-आधारित ई-केवाईसी करके विवरण दर्ज करेंगे। सेल्फ-सर्वे करने के बाद भी सर्वेयर द्वारा पुष्टि (corroboration) ज़रूरी है — यानी आपके सर्वे को सत्यापित किया जाएगा।
घर निर्माण और पैसा कैसे मिलेगा
सर्वे पूरा होने के बाद आपका नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची (Permanent Wait List/PWL) में आता है। ग्राम सभा सत्यापन के बाद ही आपका नंबर आता है।
3-चरण की किस्त संरचना
- पहली किस्त: फाउंडेशन (नींव) का स्तर पूरा होने पर
- दूसरी किस्त: लिंटल स्तर तक निर्माण होने पर
- तीसरी किस्त: छत/पूर्णता चरण पर
हर चरण पर जियो-टैग्ड फोटो सत्यापन होता है। फोटो स्वीकृत नहीं हुई तो भुगतान रुक जाएगा। पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के ज़रिए आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में आता है।
₹1.20 लाख में क्या-क्या कवर होता है (लगभग):
- सामग्री लागत (ईंट, सीमेंट, लकड़ी, छत) — ₹85,000
- मज़दूरी लागत (राजमिस्त्री, हेल्पर) — ₹25,000
- फिनिशिंग (प्लास्टर, पेंट, फिटिंग) — ₹10,000
पहाड़ी क्षेत्रों में सामग्री परिवहन महंगा पड़ता है — सड़क न होने पर खच्चर/घोड़े से सामान पहुंचाना पड़ता है, इसलिए ₹10,000 अतिरिक्त मिलता है।
मनरेगा और शौचालय का अतिरिक्त लाभ
- मनरेगा: 90–95 अकुशल श्रम वेज डेज़
- शौचालय: ₹12,000 स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से
लाभार्थी सूची और स्थिति जांच
पुराना पोर्टल rhreporting.nic.in अब काम नहीं कर रहा। सबसे मौजूदा जानकारी के लिए pmayg.dord.gov.in इस्तेमाल करें।
तरीका 1: गांव की लाभार्थी सूची जांचें
- pmayg.dord.gov.in पर जाएं
- AwaasSoft → Report → Social Audit Reports चुनें
- “Beneficiary details for verification” चुनें
- राज्य → ज़िला → ब्लॉक → ग्राम पंचायत फ़िल्टर लगाएं
- गांव की सूची डाउनलोड या प्रिंट करें
तरीका 2: अपनी स्थिति जांचें
- पोर्टल होमपेज पर “IAY/PMAYG Beneficiary” खोज विकल्प
- पंजीकरण संख्या डालें
- स्थिति देखें: Sanctioned / FTO Generated / Installment Released
एससी/एसटी आवंटन
हर राज्य में न्यूनतम 60% लक्ष्य एससी/एसटी परिवारों के लिए आरक्षित है, जो ग्राम पंचायत की स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) में उपलब्ध पात्र लाभार्थियों पर निर्भर करता है।
आम समस्याएं और समाधान
- नाम सूची में नहीं आ रहा: पहले जांचें कि आवास+ 2024 सर्वे में आपका नाम था या नहीं। अगर सर्वे हुई थी पर सूची में नहीं है, तो ग्राम पंचायत से एसईसीसी/आवास+ रिकॉर्ड मांगें।
- किस्त नहीं मिल रही: एफटीओ नंबर ट्रैक करें। सबसे आम कारण एनपीसीआई मैपर मिसमैच होता है — आधार बैंक खाते से लिंक नहीं होता। बैंक जाकर आधार सीडिंग करवाएं।
- सर्वे नहीं हुई: AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे करें, या ग्राम पंचायत सर्वेयर से संपर्क करें।
- ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही: लिखित शिकायत दें और रसीद लें। 30 दिन बाद ब्लॉक कार्यालय में शिकायत करें। फिर भी जवाब न मिले तो आरटीआई फ़ाइल करें।
- ग्राम सभा में नाम नहीं पढ़ा गया: ग्राम सभा की बैठक में सिर्फ वही नाम पढ़े जाते हैं जो सर्वे के बाद सत्यापन सूची में आते हैं। पंचायत सचिव से पूछें कि सत्यापन फ़ाइल कहां है; अगर लंबित है, तो बीडीओ कार्यालय में शिकायत करें।
धोखाधड़ी की चेतावनी
कोई भी एजेंट पैसा मांगकर नाम सूची में डालने की बात करे — वह धोखाधड़ी है।
- सर्वे मुफ़्त है
- किसी बिचौलिए को पैसा न दें
- फर्ज़ी पीएमएवाई ऐप्स से बचें — सिर्फ AwaasPlus 2024 ही आधिकारिक ऐप है
- सिर्फ .gov.in पोर्टलों पर भरोसा करें
आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर
| सेवा | संपर्क |
|---|---|
| पीएमएवाई-जी हेल्पलाइन | 1800-11-6446 / 1800-11-8111 (टोल-फ्री) |
| शिकायत ईमेल | support-pmayg@gov.in |
| आवास+ सर्वे सहायता | 8282082820 |
| ग्रामीण विकास मंत्रालय | 1800-11-8111 |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्र.1: पीएमएवाई-ग्रामीण में सीधा ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?
सीधा फॉर्म नहीं है। आवास+ 2024 सर्वे में शामिल होना ज़रूरी है — सेल्फ-सर्वे या ग्राम पंचायत के माध्यम से।
प्र.2: दिव्यांग को क्या अतिरिक्त लाभ मिलता है?
भूमिहीन दिव्यांग को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलती है। दिव्यांगता प्रमाणपत्र के साथ सर्वे में शामिल होने पर प्राथमिकता सूची में आगे आते हैं।
प्र.3: विधवा को पीएमएवाई-जी में क्या प्राथमिकता है?
महिला मुखिया वाले परिवार प्राथमिकता श्रेणी में हैं, और योजना में महिला स्वामित्व को बढ़ावा दिया जाता है।
प्र.4: एससी/एसटी के लिए अलग लक्ष्य है?
हां, हर राज्य में न्यूनतम 60% लक्ष्य एससी/एसटी के लिए आरक्षित है।
प्र.5: भूतपूर्व सैनिक पात्र हैं?
हां, अगर एसईसीसी अभाव मानदंड और आवास+ सर्वे में योग्य होते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी पात्रता बनी रहती है अगर पक्का घर नहीं है।
प्र.6: क्या पक्का घर वाले अप्लाई कर सकते हैं?
नहीं। भारत में कहीं भी पक्का घर होना स्वतः अपात्रता का कारण है।
प्र.7: आय सीमा क्या है?
₹15,000 मासिक (₹10,000 से संशोधित)।
प्र.8: मोटरसाइकिल है तो क्या अयोग्य हो जाएंगे?
नहीं। मोटरयुक्त दोपहिया वाहन अब बहिष्करण सूची से हटा दिया गया है।
प्र.9: पैसा कितनी किस्तों में मिलता है?
3 किस्तों में — फाउंडेशन, लिंटल, पूर्णता। हर चरण पर जियो-टैग सत्यापन ज़रूरी है।
प्र.10: पीएमएवाई-ग्रामीण की किस्त नहीं मिली, कहां शिकायत करें?
पहले अपना एफटीओ नंबर जांचें। बैंक जाकर पूछें कि भुगतान आया था या नहीं। अगर एफटीओ जनरेट हो गया था लेकिन पैसा नहीं आया, तो बीडीओ कार्यालय में लिखित शिकायत दें। फिर भी 30 दिन में जवाब न मिले तो support-pmayg@gov.in पर ईमेल करें या 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करें।
प्र.11: सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया — क्या करें?
यह जांचें: (1) आपका आधार बैंक खाते से लिंक है? (2) बैंक पासबुक में एनपीसीआई मैपर सक्रिय है? (3) नाम की स्पेलिंग आधार, बैंक और पीएमएवाई-जी रिकॉर्ड में एक जैसी है? अगर तीनों सही हैं और फिर भी पैसा नहीं आया, तो ग्राम पंचायत से जियो-टैग सत्यापन करवाएं।
प्र.12: rhreporting.nic.in क्यों नहीं खुल रहा?
यह पोर्टल बंद हो चुका है। नया आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in।
निष्कर्ष
अगर आप दिव्यांग, विधवा, एससी/एसटी या भूतपूर्व सैनिक हैं और आपको पीएमएवाई-ग्रामीण में घर चाहिए, तो:
- AwaasPlus 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे करें — अगर अभी तक नहीं किया
- ग्राम पंचायत से अपनी सर्वे की कॉपी मांगें
- pmayg.dord.gov.in पर अपना नाम जांचें
- अगर पैसा अटका है, तो एफटीओ नंबर लेकर बैंक और ब्लॉक कार्यालय में शिकायत करें
आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in
हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111
1 thought on “पीएमएवाई-जी विशेष श्रेणियाँ: दिव्यांग, विधवा, अनुसूचित जाति/जनजाति और भूतपूर्व सैनिक”