PMAY-G: ज़मीन नहीं तो घर कैसे मिलेगा?

सितम्बर 27, 2026
Written By Ali Akbar

अगर आपके पास ज़मीन नहीं है, तो क्या PMAY-Gramin का घर मिल सकता है? इसका सीधा जवाब है — हां, मिल सकता है, लेकिन इसमें थोड़ा प्रोसेस समझना ज़रूरी है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय की फ्लैगशिप रूरल हाउसिंग स्कीम है, जिसका मकसद हर गरीब ग्रामीण परिवार को बिजली, पानी और शौचालय वाला पक्का घर देना है। और सबसे ज़रूरी बात — लैंडलेस (भूमिहीन) लाभार्थियों को टॉप प्रायोरिटी दी गई है।

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PMAY-Gramin क्या है?

PMAY-Gramin 1 अप्रैल 2016 से शुरू हुई थी, जब इंदिरा आवास योजना (IAY) को रीस्ट्रक्चर किया गया। इसका मकसद है ग्रामीण इलाकों में कम से कम 25 वर्ग मीटर का पक्का घर बनाना, जिसमें कुकिंग एरिया और बेसिक अमेनिटीज़ (बिजली, पानी, शौचालय) शामिल हों।

मौजूदा स्थिति:

  • स्कीम 2029 तक बढ़ाई जा चुकी है
  • अगस्त 2024 में यूनियन कैबिनेट ने 2 करोड़ अतिरिक्त घरों का नया टारगेट अप्रूव किया (FY 2024-25 से 2028-29 के लिए)
  • मार्च 2026 तक कुल पूरे हो चुके घरों की संख्या लगभग 3 करोड़ के आसपास पहुंच चुकी है

लैंडलेस लाभार्थियों के लिए: ग्रामीण विकास मंत्रालय ने साफ कहा है कि भूमिहीन परिवारों को टॉप प्रायोरिटी दी जाती है, और उन्हें ज़मीन अलॉट करना राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है — सरकारी ज़मीन से, पंचायत ज़मीन से, या राज्य की अपनी स्कीमों के ज़रिए। कई राज्यों की अपनी ज़मीन-खरीद सहायता योजनाएं भी हैं (जैसे बिहार की मुख्यमंत्री आवास स्थल क्रय सहायता योजना), जिनके सटीक नियम अपने ज़िला राजस्व कार्यालय से कन्फर्म कर लें।

पात्रता मानदंड — कौन ले सकता है PMAY-Gramin घर

कौन एलिजिबल है?

  • हाउसलेस परिवार — जिनके पास कोई घर नहीं
  • कच्चा घर वाले — शून्य, एक या दो कमरे का कच्चा घर (SECC 2011 के अनुसार)
  • भूमिहीन लाभार्थी — इन्हें टॉप प्रायोरिटी मिलती है
  • प्रायोरिटी कैटेगरी: BPL परिवार, SC/ST परिवार, अल्पसंख्यक समुदाय, विधवाएं, दिव्यांगजन, भूमिहीन मज़दूर

नोट: OBC अलग कैटेगरी नहीं है — डिप्राइवेशन स्कोर के आधार पर सिलेक्शन होता है।

अनिवार्य रूप से शामिल होने वाले:

  • निराश्रित परिवार / भीख मांगने वाले
  • मैनुअल स्कैवेंजर्स
  • प्रिमिटिव ट्राइबल ग्रुप्स
  • कानूनी रूप से रिहा हुए बंधुआ मज़दूर

कौन एलिजिबल नहीं है?

  • जिनके पास पक्का घर है (पक्की दीवार या पक्की छत)
  • जिनके घर में 2 से ज़्यादा कमरे हैं
  • जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड है जिसकी लिमिट ₹50,000 या ज़्यादा है
  • सरकारी कर्मचारी (मल्टी-टास्किंग स्टाफ को छोड़कर)
  • जिनके पास मोटराइज़्ड 4-व्हीलर (कार/जीप) है
  • जिनकी मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है या जो इनकम टैक्स भरते हैं
  • जिनके पास 2.5 एकड़ से ज़्यादा सिंचित ज़मीन है

2024 के रिवीज़न में एक्सक्लूज़न क्राइटेरिया में राहत दी गई थी — इनकम लिमिट ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 की गई, और मोटराइज़्ड टू-व्हीलर, फ्रिज, लैंडलाइन फोन या मशीनी मछली पकड़ने वाली नाव जैसी चीज़ें अब ऑटोमैटिक एक्सक्लूज़न नहीं मानी जातीं।

SECC 2011 डिप्राइवेशन क्राइटेरिया

SECC 2011 में हर घर को 7 डिप्राइवेशन इंडिकेटर्स पर स्कोर दिया गया था:

  • सिर्फ कच्चा घर (दीवार या छत)
  • कोई एडल्ट मेंबर नहीं जो पढ़ा-लिखा हो
  • कोई एडल्ट मेंबर नहीं जो वर्किंग एज (15-59) में हो
  • घर में सिर्फ महिला सदस्य हों
  • कोई दिव्यांग सदस्य हो
  • SC/ST परिवार हो
  • घर में कोई सैलरीड जॉब वाला न हो

जितने ज़्यादा इंडिकेटर्स मैच होंगे, उतनी ज़्यादा प्रायोरिटी मिलेगी।

ज़रूरी दस्तावेज़

बेसिक डॉक्यूमेंट्स:

  • आधार कार्ड (अनिवार्य)
  • मनरेगा जॉब कार्ड / नया VB-G RAM G ग्रामीण रोज़गार गारंटी कार्ड (मज़दूरी के लिए)
  • बैंक/पोस्ट ऑफिस पासबुक (किस्त के लिए)
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए)
  • आय प्रमाण पत्र (आय सत्यापन के लिए)

भूमिहीन लाभार्थियों के लिए अतिरिक्त:

  • राजस्व विभाग से भूमि आवंटन पत्र (अगर राज्य सरकार ज़मीन दे रही है)
  • ग्राम पंचायत से वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट

टिप: दस्तावेज़ों की फोटोकॉपी और ओरिजिनल दोनों तैयार रखें, ग्राम पंचायत में 2 सेट जमा करें।

आवास प्लस सर्वे / रजिस्ट्रेशन प्रोसेस

सबसे ज़रूरी बात — PMAY-Gramin में डायरेक्ट ऑनलाइन अप्लाई फॉर्म नहीं है। कोई भी वेबसाइट जो “ऑनलाइन अप्लाई” का बटन दिखाए, वो फ्रॉड हो सकती है। लाभार्थी की पहचान SECC 2011 और आवास+ सर्वे के ज़रिए होती है।

तरीका 1: ग्राम पंचायत के ज़रिए

  1. अपने ग्राम पंचायत में जाएं
  2. आवास+ सर्वे के बारे में पूछें
  3. नाम, आधार, मोबाइल नंबर दें
  4. GP अधिकारी AwaasApp में डिटेल्स अपलोड करेगा
  5. ग्राम सभा वेरिफिकेशन का इंतज़ार करें
  6. वेरिफिकेशन के बाद नाम परमानेंट वेट लिस्ट (PWL) में आएगा

तरीका 2: AwaasPlus 2024 से सेल्फ-सर्वे (मोबाइल से)

  1. गूगल प्ले स्टोर से AwaasPlus 2024 डाउनलोड करें (डेवलपर नेम ग्रामीण विकास मंत्रालय होना चाहिए)
  2. मोबाइल नंबर से OTP लॉगिन करें
  3. “Survey” ऑप्शन सिलेक्ट करें
  4. नाम, आधार, पता, परिवार की डिटेल्स भरें
  5. eKYC पूरा करें (आधार OTP + फेस ऑथेंटिकेशन)
  6. कच्चा घर, राशन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो अपलोड करें
  7. सबमिट करें और रसीद सेव करें

ऐप में आम समस्याएं

  • OTP नहीं आ रहा: 60 सेकंड इंतज़ार करें, फिर “Resend OTP” दबाएं — मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए
  • फेस ऑथेंटिकेशन फेल: अच्छी रोशनी में ट्राई करें, चश्मा उतार दें, मोबाइल सीधा रखें
  • GPS लोकेशन नहीं मिल रही: लोकेशन “ऑन” करें, 2-3 मिनट खुले आसमान के नीचे खड़े रहें
  • ऐप क्रैश हो रही है: फोन रीस्टार्ट करें या ऐप दोबारा इंस्टॉल करें
  • सर्वे सबमिट नहीं हो रहा: WiFi/4G ट्राई करें — ऑफलाइन मोड में भी सर्वे सेव होती है, बाद में अपलोड कर सकते हैं

ज़रूरी: सर्वे के बाद ग्राम सभा वेरिफिकेशन होना ज़रूरी है — सिर्फ सर्वे सबमिशन से घर नहीं मिलेगा।

फंड डिस्बर्समेंट — पैसा कैसे मिलेगा

सर्वे के बाद नाम PWL में आता है, फिर सैंक्शन ऑर्डर इशू होता है (SMS के ज़रिए सूचित किया जाता है), उसके बाद किस्तें रिलीज़ होती हैं।

इंस्टॉलमेंट स्ट्रक्चर (लगभग):

किस्तस्टेज
पहलीफाउंडेशन/प्लिंथ
दूसरीलिंटेल लेवल
तीसरीरूफ लेवल
फाइनलकंप्लीशन + शौचालय

सैंक्शन ऑर्डर इशू होने के बाद कुछ हफ्तों में पहली किस्त आती है (सटीक टाइमलाइन राज्य/ज़िले के हिसाब से बदल सकती है)। घर को आमतौर पर 12 महीने के अंदर पूरा करना होता है।

रोज़गार कन्वर्जेंस: घर बनाने के लिए 90/95 दिन (मैदानी/पहाड़ी क्षेत्र) अकुशल मज़दूरी वाला बेनिफिट मिलता है। ध्यान रहे — MGNREGA का नाम अब बदल चुका है; दिसंबर 2025 में इसे VB-G RAM G (विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन, ग्रामीण) कर दिया गया, जो 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू है। पुराना जॉब कार्ड अभी वैलिड है, धीरे-धीरे नए ग्रामीण रोज़गार गारंटी कार्ड में ट्रांज़िशन हो रहा है — मज़दूरी सीधे बैंक अकाउंट में आती है।

शौचालय कन्वर्जेंस: ₹12,000 स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से मिलते हैं।

कुल बेनिफिट: यूनिट असिस्टेंस ₹1.20 लाख (मैदानी इलाके) या ₹1.30 लाख (पहाड़ी/नॉर्थ-ईस्ट/J&K) + ₹12,000 शौचालय + रोज़गार मज़दूरी — कुल असरदार बेनिफिट लगभग ₹1.80–2.00 लाख तक बन जाता है।

लाभार्थी सूची / स्टेटस चेक

रजिस्ट्रेशन नंबर से

  1. ऑफिशियल पोर्टल pmayg.dord.gov.in खोलें
  2. “Stakeholders” → “IAY/PMAYG Beneficiary” क्लिक करें
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा डालें
  4. सबमिट करें — स्टेटस, इंस्टॉलमेंट हिस्ट्री, सैंक्शन डेट दिख जाएगी

गांव-वार सूची (रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है)

  1. pmayg.dord.gov.in पर जाकर AwaasSoft → Report → Social Audit Reports सेक्शन में जाएं
  2. राज्य → ज़िला → ब्लॉक → ग्राम पंचायत सिलेक्ट करें
  3. फाइनेंशियल ईयर और स्कीम सिलेक्ट करें, कैप्चा भरें, सबमिट करें
  4. गांव की पूरी लाभार्थी सूची खुल जाएगी

रजिस्ट्रेशन नंबर के बिना सीधे स्टेटस चेक करने के लिए pmayg.dord.gov.in पर भी सर्च किया जा सकता है।

PWL और लाभार्थी सूची में फर्क

  • परमानेंट वेटिंग लिस्ट (PWL): सभी एलिजिबल परिवार जिनका सर्वे हो चुका है, प्रायोरिटी ऑर्डर में
  • लाभार्थी सूची: PWL से सिलेक्टेड परिवार जिनका सैंक्शन ऑर्डर इशू हो चुका है
  • अगर PWL में हों लेकिन लाभार्थी सूची में नहीं, तो मतलब नंबर अभी नहीं आया
  • अगर PWL में भी नहीं हों, तो मतलब सर्वे रह गई या एक्सक्लूज़न क्राइटेरिया में आ गए

आम समस्याएं और समाधान

  • नाम लिस्ट में नहीं आया: ग्राम पंचायत से लिखित में पूछें, SECC/आवास+ वेरिफिकेशन रिकॉर्ड मांगें। 30 दिन में जवाब न मिले तो ब्लॉक-लेवल कंप्लेंट करें।
  • किस्त नहीं मिली: AwaasApp पर जियो-टैग्ड कंस्ट्रक्शन फोटो अपलोड करें, GP से अगली किस्त अप्रूवल कन्फर्म करें, या हेल्पलाइन पर कॉल करें।
  • सर्वे नहीं हुई / ऐप एरर: GP ऑफिस जाएं या नज़दीकी CSC सेंटर से सर्वे करवाएं।
  • ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही: BDO को लिखित शिकायत दें, या DRDA (ज़िला ग्रामीण विकास एजेंसी) से संपर्क करें।
  • ज़मीन अलॉटमेंट नहीं हो रही (भूमिहीन): राजस्व विभाग या ज़िला कलेक्टर से संपर्क करें; GP से कम्युनिटी/पंचायत ज़मीन के बारे में पूछें।

शिकायत का सही तरीका:

  1. पहले ग्राम पंचायत से मौखिक रूप से बात करें
  2. जवाब न मिले तो लिखित एप्लीकेशन दें (रसीद ज़रूर लें)
  3. फिर BDO ऑफिस में लिखित शिकायत
  4. उसके बाद DRDA से संपर्क करें
  5. आखिरी विकल्प: RTI फाइल करें या CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें

फ्रॉड वार्निंग

PMAY-Gramin में कोई भी एजेंट पैसा मांगकर नाम लिस्ट में नहीं डाल सकता। ये सब फ्रॉड है:

  • “पैसा दो, नाम लिस्ट में डाल देंगे”
  • फेक “PMAY-G Registration” वेबसाइट्स
  • फेक मोबाइल ऐप्स जो PMAY-G के नाम पर हैं

सिर्फ ऑफिशियल AwaasPlus 2024 ही सर्वे के लिए इस्तेमाल करें — सर्वे फ्री है। आधार, OTP, या बैंक डिटेल्स किसी एजेंट को न दें।

हेल्पलाइन और शिकायत

सर्विसडिटेल्स
PMAY-G नेशनल हेल्पलाइन1800-11-6446 / 1800-11-8111 (टोल-फ्री)
शिकायत ईमेलsupport-pmayg@gov.in
ऑफिशियल पोर्टलpmayg.dord.gov.in
CPGRAMS (एस्केलेशन)pgportal.gov.in

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1 .ज़मीन नहीं है तो PMAY-Gramin का घर मिलेगा?

हां — भूमिहीन लाभार्थियों को टॉप प्रायोरिटी दी गई है। ज़मीन अलॉट करना राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है।

यह भी देखें: PMAY-G ज़मीन विवाद

2.PMAY-Gramin के लिए ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?

डायरेक्ट ऑनलाइन अप्लाई फॉर्म नहीं है। आवास+ सर्वे (AwaasPlus 2024 से) या ग्राम पंचायत के ज़रिए रजिस्ट्रेशन

3.PMAY-Gramin में कितना पैसा मिलता है?

₹1.20 लाख (मैदानी इलाके) या ₹1.30 लाख (पहाड़ी/नॉर्थ-ईस्ट/J&K), प्लस ₹12,000 शौचालय और रोज़गार मज़दूरी — कुल लगभग ₹1.80-2.00 लाख।

4.किस्त नहीं मिली, कहां शिकायत करें?

ग्राम पंचायत से लिखित में पूछें, फिर BDO ऑफिस में शिकायत, फिर हेल्पलाइन या ईमेल, आखिरी विकल्प RTI/CPGRAMS।

5.सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया — क्या करें?

सर्वे का मतलब सिर्फ PWL में नाम आना है, सैंक्शन ऑटोमैटिक नहीं होता। GP से प्रायोरिटी नंबर पूछें।

6.क्या पक्का घर वाले अप्लाई कर सकते हैं?

नहीं — पक्का घर ऑटोमैटिक एक्सक्लूज़न क्राइटेरिया है।

7.भूमिहीन लाभार्थियों को ज़मीन कौन देगा?

राज्य सरकार / राजस्व विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय की गाइडलाइंस के तहत।

8.AwaasPlus 2024 कहां से डाउनलोड करें?

गूगल प्ले स्टोर से, डेवलपर नेम ग्रामीण विकास मंत्रालय होना चाहिए।

9.PMAY-Gramin की डेडलाइन क्या है?

स्कीम 2029 तक बढ़ाई जा चुकी है, कुल टारगेट 4.95 करोड़ घर।

10.सर्वे के बाद घर कब मिलेगा?

सैंक्शन के बाद किस्तें रिलीज़ होती हैं, घर 12 महीने के अंदर पूरा करना होता है।

11.PMAY-Gramin का ऑफिशियल पोर्टल कौन सा है?

pmayg.dord.gov.in

12.फ्रॉड से कैसे बचें?

कोई एजेंट पैसा मांगकर लिस्ट में नाम नहीं डाल सकता। सिर्फ ऑफिशियल AwaasPlus 2024 इस्तेमाल करें, सर्वे फ्री है।

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