PMAY-G के साथ मिलने वाले अतिरिक्त लाभ (मनरेगा, शौचालय, बिजली, ऋण)

सितम्बर 27, 2026
Written By Ali Akbar

PMAY-Gramin क्या है?

PMAY-Gramin यानी प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण। यह योजना अप्रैल 2016 में शुरू हुई थी, जब इंदिरा आवास योजना (IAY) को बदल दिया गया। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है।

सोचिए — आपके गांव में कितने लोग ऐसे हैं जिनके पास अपना पक्का घर नहीं है? जो कच्ची झोपड़ी में रहते हैं, बारिश में छत टपकती है? उनके लिए ही यह योजना बनी है।

लेकिन एक ज़रूरी बात समझ लें: PMAY-G सिर्फ घर बनाने का पैसा नहीं देता। इसके साथ मनरेगा की मज़दूरी, शौचालय के पैसे, मुफ्त बिजली, गैस कनेक्शन, और ज़रूरत पड़ने पर सस्ता लोन भी मिलता है। ज़्यादातर लोग सिर्फ ₹1.20 लाख के बारे में जानते हैं — लेकिन सारे अतिरिक्त लाभ मिलाकर कुल फायदा ₹1.5 लाख से भी ज़्यादा हो सकता है।

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मुख्य बिंदु

विषयविवरण
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
शुरुआत का वर्षअप्रैल 2016 (IAY की जगह)
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in
मकान सहायता राशि₹1,20,000 (मैदानी) / ₹1,30,000 (पहाड़ी/उत्तर-पूर्व/नक्सल प्रभावित क्षेत्र)
न्यूनतम मकान का आकार25 वर्ग मीटर, स्वच्छ रसोई क्षेत्र सहित
अतिरिक्त लाभमनरेगा मज़दूरी, ₹12,000 शौचालय, मुफ्त बिजली, उज्ज्वला गैस, ₹70,000 लोन
लक्ष्य (2024-25 से 2028-29)2 करोड़ अतिरिक्त मकान
हेल्पलाइन1800-11-6446 / 1800-11-8111

पात्रता — कौन ले सकता है?

पात्र:

  • गरीब परिवार जिनके पास अपना घर ही नहीं है
  • कच्चे घर वाले (शून्य, एक या दो कमरे का कच्चा घर)
  • SC/ST, अल्पसंख्यक, विधवा, दिव्यांग — प्राथमिकता श्रेणियां
  • निराश्रित, हाथ से मैला ढोने वाले, बंधुआ मज़दूर — स्वतः शामिल

अपात्र (अगर एक भी शर्त लागू हो):

  • पक्का घर (पक्की छत और दीवार) या 2 से ज़्यादा कमरे
  • मोटर चालित 3/4-पहिया वाहन या मशीनीकृत कृषि उपकरण
  • किसान क्रेडिट कार्ड जिसकी सीमा ₹50,000 या उससे ज़्यादा हो
  • परिवार में कोई सरकारी नौकरी वाला सदस्य
  • आयकर या पेशा कर देने वाले
  • 2.5 एकड़ या उससे ज़्यादा सिंचित भूमि, या 5 एकड़ से ज़्यादा असिंचित भूमि

2024 में क्या बदला?

सरकार ने अगस्त 2024 में स्वतः बहिष्करण मानदंडों में ढील दी — अब मोटर चालित दुपहिया वाहन, मोटर चालित मछली पकड़ने की नाव, फ्रिज, और लैंडलाइन फोन रखने वाले भी पात्र हो सकते हैं (पहले यह स्वतः अपात्रता का कारण थे)।

आय सीमा भी ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000/माह कर दी गई है। लेकिन ग्राम सभा सत्यापन फिर भी ज़रूरी है।

शब्दों का अर्थ

शब्दमतलब
SECC 20112011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना — घर की स्थिति के आधार पर प्राथमिकता
आवास+ 2024नया सर्वेक्षण — जो SECC में छूट गए उनके लिए
PWLस्थायी प्रतीक्षा सूची — ग्राम पंचायत की अंतिम प्राथमिकता सूची
FTOफंड ट्रांसफर ऑर्डर — सरकार का भुगतान आदेश, इसके बाद पैसा जारी होता है
जियो-टैगिंगGPS फोटो — निर्माण चरण के प्रमाण के लिए
DBTप्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण — पैसा सीधे बैंक खाते में

आवश्यक दस्तावेज़

  • आधार कार्ड (स्व-सत्यापित प्रति)
  • मनरेगा जॉब कार्ड
  • बैंक पासबुक (आधार से जुड़ा सक्रिय खाता)
  • स्वच्छ भारत मिशन (SBM) नंबर
  • शपथ पत्र — कि कोई और पक्का घर नहीं है
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए)
  • आय प्रमाण पत्र

आवास+ 2024 सर्वेक्षण — पंजीकरण कैसे करें?

PMAY-Gramin में सीधा ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है। नाम आने के लिए आवास+ 2024 सर्वेक्षण या ग्राम पंचायत के माध्यम से पंजीकरण ज़रूरी है।

तरीका 1 — ऐप से स्व-सर्वेक्षण:

  1. गूगल प्ले स्टोर से “AwaasPlus 2024” ऐप डाउनलोड करें
  2. मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें, OTP सत्यापित करें
  3. “Self-Survey” चुनें
  4. आधार नंबर डालें, फेस ऑथेंटिकेशन करें
  5. परिवार का विवरण और घर की स्थिति भरें
  6. घर की जियो-टैग की गई फोटो लें
  7. सबमिट करें, सर्वे रेफरेंस नंबर नोट करें

तरीका 2 — ग्राम पंचायत के माध्यम से:

  1. अपने ग्राम पंचायत कार्यालय जाएं
  2. सचिव से सर्वेक्षण की तारीख पूछें
  3. सर्वेयर से फॉर्म भरवाएं
  4. ग्राम सभा की मंज़ूरी का इंतज़ार करें
  5. नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) में आएगा

आवास+ ऐप ऑफलाइन मोड में भी काम करता है — नेटवर्क न हो तो ऐप पहले “Face Key” जनरेट करता है, बाद में इंटरनेट आने पर डेटा अपने आप अपलोड हो जाता है। ध्यान रहे: एक मोबाइल से सिर्फ एक ही सर्वे हो सकती है।

निर्माण और फंड वितरण

हर राज्य में किस्तों की संरचना थोड़ी अलग होती है (महाराष्ट्र पैटर्न):

किस्तराशिकब मिलती है
पहली (अग्रिम)₹15,000मंज़ूरी के बाद
दूसरी₹70,000नींव का स्तर पूरा होने पर
तीसरी₹30,000लिंटल/छत स्तर पर
चौथी₹5,000घर पूरा होने पर

यह महाराष्ट्र का पैटर्न है; आपके राज्य में राशि अलग हो सकती है — ग्राम पंचायत से पुष्टि करें।

अतिरिक्त लाभ — घर के पैसे के ऊपर से

  • मनरेगा मज़दूरी: 90 दिन (मैदानी) / 95 दिन (पहाड़ी), लगभग ₹18,000
  • शौचालय: ₹12,000 स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से
  • मुफ्त बिजली: सौभाग्य योजना से कनेक्शन
  • उज्ज्वला गैस: मुफ्त एलपीजी कनेक्शन
  • पाइप्ड पानी: जल जीवन मिशन से

घर बनाने के लिए मनरेगा में काम अपने आप नहीं आता — ग्राम पंचायत से काम की मांग करनी होती है, मस्टर रोल पर नाम लिखवाना होता है। मज़दूरी का पैसा NREGASoft के ज़रिए अलग खाते में आता है, घर की किस्त से अलग।

असली लाभार्थियों के उदाहरण

रमेश कुमार, रामपुर गांव (सीतापुर, उत्तर प्रदेश): अपने भाई के साथ कच्चे कमरे में रहते थे। SECC 2011 सूची में नाम पहले से था लेकिन मंज़ूरी नहीं हुई थी। आवास+ 2024 सर्वे में फेस ऑथेंटिकेशन के बाद नाम पक्का हुआ, 6 महीने में पहली किस्त ₹40,000 आ गई, घर लिंटल स्तर तक पहुंच चुका है, मनरेगा से 45 दिन की मज़दूरी भी मिली।

सुनीता देवी, भिखनपुरा (मुज़फ्फरपुर, बिहार): विधवा हैं, दो बच्चों के साथ रहती हैं। नाम आवास+ 2018 सूची में था, लेकिन 2019 से किस्त अटकी थी — आधार-बैंक लिंकिंग टूट गई थी। BDO कार्यालय में लिखित शिकायत देने के बाद बैंक से NPCI सीडिंग दोबारा करवाई गई, 2 महीने में बकाया किस्त आ गई।

कैलाश यादव, सिरमौर (रीवा, मध्य प्रदेश): 2024 सर्वे में नाम PWL में आया, 2025 में मंज़ूरी पत्र मिला। मनरेगा से 60 दिन का काम लिया, ₹12,000 शौचालय SBM-G से मिले, बिजली सौभाग्य योजना से मुफ्त मिली — कुल फायदा ₹1.5 लाख से ज़्यादा हुआ।

लाभार्थी सूची / स्थिति जांच

तरीका 1 — पंजीकरण नंबर से:

  1. pmayg.dord.gov.in खोलें
  2. Stakeholders → IAY/PMAYG Beneficiary पर क्लिक करें
  3. पंजीकरण नंबर या लाभार्थी आईडी डालें
  4. सबमिट करें — स्थिति और किस्त का इतिहास दिखेगा

तरीका 2 — गांव-वार सूची:

  1. pmayg.dord.gov.in खोलें
  2. AwaasSoft → Reports → Social Audit Reports / Physical Progress Report चुनें
  3. राज्य → ज़िला → ब्लॉक → ग्राम पंचायत चुनें
  4. सूची डाउनलोड करें, Ctrl+F से नाम खोजें

स्थिति का मतलब: Awaited (सर्वे पूरा, मंज़ूरी बाकी) → Sanctioned → Installment Released → Completed

धोखाधड़ी की चेतावनी — सावधान रहें!

  • फर्ज़ी पंजीकरण एजेंट: कोई पैसा मांगकर नाम सूची में डालने की बात करे — यह झूठ है, पंजीकरण पूरी तरह मुफ्त है।
  • फर्ज़ी ऐप: सिर्फ आधिकारिक “AwaasPlus 2024” ऐप डाउनलोड करें।
  • फर्ज़ी वेबसाइट: आधिकारिक पोर्टल सिर्फ pmayg.dord.gov.in है।

रिपोर्ट करने के लिए: हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111, ईमेल support-pmayg@gov.in, या पोर्टल के Public Grievances सेक्शन में।

हेल्पलाइन नंबर

माध्यमविवरण
PMAY-G टोल-फ्री1800-11-6446 / 1800-11-8111
PMAY-U टोल-फ्री1800-11-3377
शिकायत ईमेलsupport-pmayg@gov.in
CPGRAMS पोर्टलpgportal.gov.in
PMAY-G पोर्टलpmayg.dord.gov.in

आम समस्याएं और समाधान

  • नाम सूची में नहीं आ रहा: आवास+ सर्वे पूरा करें, ग्राम पंचायत में लिखित आवेदन दें, BDO से मिलें, ग्राम सभा की बैठक में शामिल हों।
  • किस्त नहीं मिल रही: बैंक में FTO तारीख की जांच करवाएं, आधार-बैंक लिंकिंग सत्यापित करें, फिर RTI दायर करें या शिकायत दर्ज करें।
  • ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही: BDO से मिलें, DRDA में शिकायत दें, या पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
  • सर्वे नहीं हुई / ऐप में गड़बड़ी: ऐप अपडेट करें, ऑफलाइन मोड आज़माएं, या ग्राम पंचायत से सहायता प्राप्त सर्वे करवाएं।

FTO नंबर से पैसा ट्रैक करें

FTO यानी फंड ट्रांसफर ऑर्डर — पैसा जारी होने से पहले यह जनरेट होता है। ब्लॉक कार्यालय से अपना FTO नंबर मांगें, फिर pmayg.dord.gov.in के Awaassoft/Reports सेक्शन में स्थिति देखें: Generated → Signed → PFMS → Bank → Credit Confirmation।

अगर 15 दिन से ज़्यादा “PFMS” पर अटका है, तो बैंक या NPCI सीडिंग में समस्या है।

नवीनतम अपडेट — 2026

ग्रामीण विकास मंत्रालय के राज्य सभा जवाब (फरवरी 2026) के मुताबिक अब तक 3.87 करोड़ से ज़्यादा मकान मंज़ूर हो चुके हैं, जिनमें से 2.95 करोड़ से ज़्यादा पूरे हो चुके हैं।

योजना का कुल लक्ष्य 4.95 करोड़ मकान (मार्च 2029 तक) है, जिसमें 2024-29 चरण के 2 करोड़ अतिरिक्त मकान शामिल हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्र1: कुल कितना पैसा मिलता है?
₹1,20,000/₹1,30,000 + ₹12,000 शौचालय + लगभग ₹18,000 मनरेगा मज़दूरी = ₹1.5 लाख+ का कुल फायदा।

प्र2: क्या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं?
नहीं, आवास+ सर्वेक्षण या ग्राम पंचायत के माध्यम से पंजीकरण होती है।

प्र3: आधिकारिक पोर्टल क्या है?
pmayg.dord.gov.in।

प्र4: मनरेगा में कितने दिन की मज़दूरी मिलती है?
90/95 दिन, घर के पैसे के ऊपर से।

प्र5: शौचालय के लिए अलग से पैसा मिलता है?
हां, ₹12,000।

प्र6: बिजली कनेक्शन मुफ्त मिलता है?
हां, सौभाग्य योजना से।

प्र7: लोन मिल सकता है? हां, ₹70,000 तक का संस्थागत ऋण लिया जा सकता है, लेकिन ब्याज दर बैंक के नियमों के अनुसार होगी — सरकार की तरफ से कोई ब्याज सब्सिडी नहीं है।

प्र8: नाम सूची में नहीं है तो क्या करें?
ग्राम सभा में शामिल हों, लिखित आवेदन दें, BDO से मिलें।

प्र9: किस्त नहीं मिली, कहां शिकायत करें?
पहले ग्राम पंचायत, फिर BDO, फिर CPGRAMS या हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111।

प्र10: नाम है लेकिन पैसा नहीं आया?
FTO स्थिति जांचें, आधार-बैंक सीडिंग सत्यापित करवाएं, 60 दिन से ज़्यादा हो तो RTI दायर करें।

निष्कर्ष

PMAY-Gramin के साथ मनरेगा मज़दूरी, शौचालय सब्सिडी, बिजली, गैस, पानी और लोन मिलाकर कुल फायदा ₹1.5 लाख+ हो सकता है — लेकिन सब कुछ ग्राम पंचायत, आवास+ सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन पर निर्भर करता है।

आधिकारिक लिंक: pmayg.dord.gov.in | हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111

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