PMAY-Gramin में अक्सर ऐसी खबरें आती हैं कि किसी पात्र परिवार का नाम सूची से काट दिया गया, या सर्वे में गलत रिपोर्ट लगा दी गई। अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो घबराएँ नहीं – सरकार ने इसके लिए CPGRAMS नाम का आधिकारिक शिकायत सिस्टम बनाया है, जहाँ आप घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
इस गाइड में हम चरण-दर-चरण बताएँगे कि PMAY-G शिकायत कैसे करें, किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होगी, शिकायत कैसे लिखें, और उसके बाद स्थिति कैसे ट्रैक करें।
किन परिस्थितियों में शिकायत करना सही है?
हर छोटी परेशानी पर शिकायत करने से बेहतर है पहले वजह समझें। ये परिस्थितियाँ शिकायत के लायक हैं:
- सर्वे में आपके परिवार की गलत रिपोर्ट दर्ज की गई (जैसे पक्का घर दिखा दिया गया जबकि आप कच्चे घर में रहते हैं)
- पात्र होने के बावजूद आपका नाम लाभार्थी सूची से काट दिया गया — आप PMAY-G सूची 2026 में अपना नाम जाँच सकते हैं
- कोई अधिकारी या एजेंट रिश्वत या पैसे माँग रहा है — याद रखें, PMAY-G में आवेदन या सर्वे की कोई फीस नहीं है
- किस्त बिना वजह रोक दी गई है और पंचायत या BDO से जवाब नहीं मिल रहा
- आपके नाम पर कोई और पैसा निकाल रहा है — इस पर हमने धोखाधड़ी से बचने का विस्तृत गाइड भी लिखा है
शिकायत से पहले ये तैयारी कर लें
कमज़ोर शिकायत पर कार्रवाई ढीली होती है। शिकायत दर्ज करने से पहले ये चीज़ें तैयार रखें:
- पहचान: आधार कार्ड और परिवार के मुखिया का नाम
- पता: गाँव, ग्राम पंचायत, ब्लॉक, ज़िला और राज्य का सही नाम
- पंजीकरण संख्या: अगर PMAY-G में पंजीकरण हुआ है तो उसका नंबर
- सबूत: गलत रिपोर्ट या रिश्वत माँगने का कोई सबूत हो तो — फोटो, रसीद या गवाह का नाम
- पिछली कोशिश का रिकॉर्ड: अगर पहले पंचायत या BDO से बात की है तो उसका ज़िक्र और तारीख
PMAY-G शिकायत कैसे करें: CPGRAMS पर ऑनलाइन तरीका (चरण-दर-चरण)
CPGRAMS (Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System) केंद्र सरकार का आधिकारिक शिकायत पोर्टल है जो pgportal.gov.in पर चलता है।
- पोर्टल खोलें: ब्राउज़र में pgportal.gov.in खोलें और “Lodge Grievance” पर क्लिक करें। पहली बार है तो मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें।
- मंत्रालय चुनें: “Ministry of Rural Development” चुनें, क्योंकि PMAY-Gramin इसी मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
- श्रेणी चुनें: PMAY-Gramin से संबंधित श्रेणी चुनें।
- शिकायत लिखें: साफ़ शब्दों में लिखें — क्या हुआ, कब हुआ, कहाँ हुआ। अपना गाँव, पंचायत, ब्लॉक, ज़िला और पंजीकरण संख्या ज़रूर लिखें। सीमा 4000 अक्षरों की होती है, इसलिए संक्षेप में लिखें।
- दस्तावेज़ अपलोड करें: आधार और जो भी सबूत है, PDF या फोटो के रूप में संलग्न करें।
- जमा करें: जमा करने पर आपको एक पंजीकरण संख्या मिलेगा — इसे संभालकर रखें, इसी से स्थिति ट्रैक होगी।
शिकायत कैसे लिखें — एक नमूना प्रारूप
नीचे एक सरल प्रारूप दिया है, इसे अपने हिसाब से बदलकर इस्तेमाल करें:
“मेरा नाम [आपका नाम] है, मैं गाँव [गाँव का नाम], ग्राम पंचायत [पंचायत], ब्लॉक [ब्लॉक], ज़िला [ज़िला], राज्य [राज्य] का निवासी हूँ। मेरा PMAY-Gramin पंजीकरण संख्या [संख्या] है। [तारीख] को हुए सर्वे में मेरे परिवार की गलत रिपोर्ट दर्ज की गई — [गलती का विवरण, जैसे: पक्का घर दिखाया गया जबकि हम कच्चे घर में रहते हैं]। मैंने ग्राम पंचायत में सुधार के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कृपया मेरी शिकायत की जाँच करके उचित कार्रवाई करें।”
ऑफ़लाइन शिकायत का तरीका
अगर ऑनलाइन मुश्किल लगे तो ये रास्ते हैं:
- ग्राम पंचायत: सरपंच या ग्राम रोज़गार सहायक (GRS) को लिखित शिकायत दें और प्राप्ति ज़रूर लें
- ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO): पंचायत से हल न हो तो BDO कार्यालय में आवेदन दें
- ज़िला स्तर: ज़िला परिषद के PMAY-G सेल में शिकायत दर्ज करवाएँ
- शिकायत की एक प्रति हमेशा अपने पास रखें — तारीख और प्राप्ति मुहर के साथ
सुधार से संबंधित मामलों के लिए आप हमारा हेल्पलाइन और सुधार गाइड भी देख सकते हैं।
शिकायत की स्थिति कैसे ट्रैक करें?
- pgportal.gov.in पर “View Status” पर क्लिक करें
- अपना पंजीकरण संख्या और मोबाइल नंबर या ईमेल डालें
- आपको दिखेगा कि शिकायत किस अधिकारी के पास है और क्या कार्रवाई हुई
आमतौर पर 30 से 60 दिन में जवाब आता है। अगर इससे ज़्यादा समय हो जाए तो रिमाइंडर डाल सकते हैं या अपील कर सकते हैं।
आम गलतियाँ जो शिकायत कमज़ोर करती हैं
- अधूरी जानकारी देना — गाँव या पंचायत का नाम लिखना भूल जाना
- सिर्फ़ गुस्सा निकालना, तथ्य न देना — तारीखें और तथ्य लिखें
- एक ही शिकायत बार-बार दर्ज करना — इससे मामला कमज़ोर होता है, रिमाइंडर बेहतर है
- किसी एजेंट को पैसे देकर “शिकायत करवाना” — ये धोखाधड़ी हो सकती है, खुद करें, मुफ़्त है
शिकायत के बाद क्या होता है — पूरी प्रक्रिया
शिकायत दर्ज होते ही आपको एक पंजीकरण संख्या मिलता है। इसे संभालकर रखें, क्योंकि आगे का सारा काम — स्थिति देखना, रिमाइंडर देना, अपील करना — इसी संख्या से होगा। बिना पंजीकरण संख्या के आप अपनी शिकायत को ट्रैक नहीं कर सकेंगे।
CPGRAMS आपकी शिकायत संबंधित विभाग और अधिकारी को भेजता है। PMAY-G के मामलों में जाँच आमतौर पर ज़िला या ब्लॉक स्तर पर होती है। अधिकारी पहले काग़ज़ और रिकॉर्ड देखते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर आपसे और जानकारी या दस्तावेज़ माँग सकते हैं। इसलिए शिकायत दर्ज करने के बाद अपना मोबाइल नंबर और ईमेल सक्रिय रखें ताकि कोई पूछताछ छूट न जाए।
जाँच पूरी होने पर तीन में से एक फैसला होता है: समस्या का सुधार, अधिकारी की ओर से स्पष्टीकरण, या सबूत न मिलने पर शिकायत का प्रकरण बंद करना। हर कदम की स्थिति CPGRAMS पोर्टल पर अपडेट होती है, इसलिए बीच-बीच में स्थिति ज़रूर देखते रहें। कोई एक निश्चित समय-सीमा हर शिकायत पर लागू नहीं होती — जवाब कितने दिन में मिलेगा, ये विभाग और मामले की प्रकृति पर निर्भर करता है।
अगर जवाब न मिले या शिकायत बंद हो जाए तो क्या करें
सबसे पहले उसी पंजीकरण संख्या पर रिमाइंडर दें। नई शिकायत दर्ज करना गलती होगी — दोबारा दर्ज करने से मामला बिखर जाता है और अधिकारी को ये समझना मुश्किल होता है कि असली मामला कौनसा है। रिमाइंडर में अपना पंजीकरण संख्या, शिकायत की तारीख और अब तक की स्थिति साफ़-साफ़ लिखें।
अगर जवाब से संतुष्ट नहीं हैं तो CPGRAMS में अपील या एस्केलेशन का विकल्प इस्तेमाल करें। अपील में ये ज़रूर बताएँ कि पहले जवाब में क्या कमी थी और आप किस बात का सुधार चाहते हैं। खाली “मुझे जवाब पसंद नहीं” लिखने से अपील कमज़ोर होती है — तथ्य और सबूत के साथ बात रखें।
समानांतर तौर पर आप ग्राम पंचायत या ब्लॉक अधिकारी से लिखित में संपर्क भी कर सकते हैं, लेकिन वहाँ भी अपने CPGRAMS पंजीकरण संख्या का हवाला दें ताकि दोहरा काम न हो। अगर आपकी समस्या सूची में नाम न होने या गलत रिपोर्ट से जुड़ी है तो सूची में आपत्ति दर्ज करने का तरीका भी देख लें — कभी-कभी सही रास्ता शिकायत नहीं, आपत्ति होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या PMAY-G शिकायत के लिए कोई फीस है?
नहीं। CPGRAMS पर शिकायत बिल्कुल मुफ़्त है। जो भी इसके लिए पैसे माँगे, समझें कि वो धोखाधड़ी कर रहा है।
शिकायत के बाद मेरा नाम सूची में वापस आएगा?
शिकायत का मतलब तुरंत फैसला नहीं। अधिकारी जाँच करेंगे — अगर आप वाक़ई पात्र हैं तो सुधार होगा।
क्या मैं गुमनाम (बिना नाम बताए) शिकायत कर सकता हूँ?
CPGRAMS पर पंजीकरण ज़रूरी है, लेकिन आपकी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं होती। बेहतर है सही जानकारी दें ताकि जाँच हो सके।
रिश्वत माँगने वाले के खिलाफ़ क्या कार्रवाई होगी?
ऐसे मामलों में विभागीय जाँच होती है और दोषी पर कार्रवाई हो सकती है। सबूत के साथ शिकायत करें।
शिकायत दर्ज करने के बाद कितने दिन में जवाब मिलता है?
कोई एक निश्चित दिन नहीं है। जवाब का समय विभाग, जाँच की ज़रूरत और मामले की जटिलता पर निर्भर करता है। पोर्टल पर स्थिति नियमित रूप से देखते रहें। अगर लंबा समय बीत जाए और कोई अपडेट न आए तो रिमाइंडर दें, नई शिकायत नहीं।
शिकायत के लिए कौनसे सबूत सबसे मज़बूत होते हैं?
सर्वे का विवरण, सूची से संबंधित काग़ज़, बैंक खाते का विवरण, मकान की वर्तमान स्थिति की फोटो, और ग्राम पंचायत से मिला कोई लिखित काग़ज़ — ये सबूत जाँच को तेज़ करते हैं। सबूत जितने साफ़ और सीधे होंगे, अधिकारी को फैसला लेने में उतनी ही आसानी होगी। अंदाज़े या सुना-सुनाया लिखने से बचें, सिर्फ़ वो लिखें जिसे आप काग़ज़ या सबूत से साबित कर सकते हैं।
अस्वीकरण: ये जानकारी सिर्फ़ मार्गदर्शन के लिए है। नियम समय के साथ बदल सकते हैं — अपनी स्थिति की पुष्टि हमेशा आधिकारिक पोर्टल या अपनी ग्राम पंचायत से करें। PMAY-Gramin की बुनियादी जानकारी के लिए हमारा मुख्य गाइड देखें।