PMAY-ग्रामीण क्या है?
इस लेख में PMAY-G के तहत ₹70,000 तक के वैकल्पिक ऋण के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट, CIBIL स्कोर और आय प्रमाण की सच्चाई सरल भाषा में समझाई गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है। यह इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह आई, जो सिर्फ BPL परिवारों के लिए थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के बेघर और कच्चे घर वाले परिवारों को पक्का घर देना है।
PMAY-G के घर में कम से कम 25 वर्ग मीटर का क्षेत्रफल, अलग स्वच्छ रसोई और शौचालय होता है। योजना FY 2024-25 से 2028-29 तक बढ़ाई गई है, और 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का नया लक्ष्य रखा गया है।
PMAY-ग्रामीण में सीधे ऑनलाइन आवेदन करने का फॉर्म नहीं होता। नाम SECC 2011 और आवास+ सर्वे के बाद ग्राम सभा सत्यापन से सूची में आता है।
जो लोग पैसे लेकर फॉर्म भरने या घर दिलाने का वादा करें, उनसे दूर रहें।
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मदद की रकम एक नज़र में
| विवरण | सादा क्षेत्र | पहाड़ी / उत्तर-पूर्व / IAP क्षेत्र |
|---|---|---|
| यूनिट सहायता | ₹1,20,000 | ₹1,30,000 |
| मनरेगा मज़दूरी | 90 दिन | 95 दिन |
| शौचालय (SBM-G) | ₹12,000 | ₹12,000 |
| वैकल्पिक ऋण | ₹70,000 तक | ₹70,000 तक |
उत्तर-पूर्वी राज्यों, पहाड़ी राज्यों, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और IAP जिलों में यूनिट सहायता ज़्यादा होती है। इसके अलावा योजना का फायदा दूसरी योजनाओं (जैसे जल जीवन मिशन और उज्ज्वला) से जोड़कर भी मिल सकता है।
कौन पात्र है?
पात्र परिवार
- जिनके पास अपना घर नहीं है (बेघर)
- जो कच्ची दीवार और कच्ची छत वाले शून्य, एक या दो कमरे के घर में रहते हैं
- जिनका नाम SECC 2011 या आवास+ सर्वे में आया है
SC/ST परिवारों, विधवाओं, दिव्यांग और निराश्रित परिवारों को प्राथमिकता मिलती है।
कौन पात्र नहीं है
- पक्की छत या पक्की दीवार वाला घर रखने वाले
- मोटरचालित 3 या 4 पहिया वाहन के मालिक
- ₹50,000 या उससे ज़्यादा सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड रखने वाले
- परिवार में सरकारी नौकरी वाला सदस्य
- इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स देने वाले
- ₹15,000 से ज़्यादा मासिक आय वाले परिवार
आवास+ 2024 में बहिष्करण मानदंडों (exclusion criteria) में बदलाव हुआ है। अपनी स्थिति के लिए ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से पुष्टि कर लें।
सब्सिडी के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
| दस्तावेज़ | क्यों चाहिए |
|---|---|
| आधार कार्ड (मोबाइल-लिंक्ड) | पहचान, OTP और DBT के लिए |
| बैंक पासबुक (आधार-सीडेड) | किस्त सीधे इसी खाते में आती है |
| ज़मीन के कागज़ (पट्टा/खसरा) | घर बनाने की जगह का प्रमाण |
| मनरेगा जॉब कार्ड | मज़दूरी के दिनों के लिए |
| पासपोर्ट साइज़ फोटो | रिकॉर्ड के लिए |
जहाँ लागू हो, वहाँ जाति प्रमाण पत्र (SC/ST), विकलांगता प्रमाण पत्र या विधवा प्रमाण पत्र भी लगता है।
सब्सिडी के लिए CIBIL रिपोर्ट, ITR या PAN जैसे कागज़ नहीं माँगे जाते, क्योंकि चयन SECC/आवास+ और ग्राम सभा सत्यापन पर होता है।
CIBIL स्कोर और आय प्रमाण: असली सच
गाँव में अक्सर कहा जाता है कि CIBIL खराब होने पर PMAY-ग्रामीण का घर नहीं मिलेगा। यह गलतफहमी है।
सब्सिडी के लिए
सब्सिडी के लिए CIBIL स्कोर नहीं देखा जाता। घर मिलना या न मिलना आपके CIBIL से जुड़ा नहीं है।
₹70,000 के वैकल्पिक ऋण के लिए
PMAY-G में सब्सिडी के ऊपर ₹70,000 तक का वैकल्पिक ऋण लिया जा सकता है। यह ऋण लेने पर बैंक अपनी नीति के हिसाब से CIBIL स्कोर और आय प्रमाण माँग सकती है। कोई तय न्यूनतम CIBIL स्कोर नहीं है, बैंक खुद फैसला करती है।
मतलब, अगर सिर्फ सब्सिडी चाहिए तो CIBIL या आय प्रमाण की ज़रूरत नहीं। ऋण भी चाहिए तो बैंक से पहले पूछ लें कि कौन-से कागज़ माँगे जाएँगे।
नाम कैसे आता है? (आवास+ सर्वे)
ग्राम पंचायत के ज़रिए
- SECC 2011 की सूची ग्राम पंचायत के पास होती है।
- ग्राम सभा में सूची का सत्यापन होता है।
- सत्यापन के बाद प्राथमिकता सूची (PWL) फाइनल होती है।
- आवास+ सर्वे से छूटे हुए परिवार जोड़े जाते हैं।
आवास+ 2024 ऐप से स्व-सर्वेक्षण (Self-Survey)
- Google Play Store से ऐप डाउनलोड करें और कैमरा व लोकेशन की अनुमति दें।
- आधार नंबर डालकर फेस ऑथेंटिकेशन (e-KYC) पूरा करें।
- राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
- परिवार के मुखिया और परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी भरें।
- लाभार्थी चुनकर e-KYC पूरा करें।
- खाली जगह (vacant site) की फोटो लें और सर्वे सबमिट करें।
ऐप ऑफलाइन भी काम करता है। इंटरनेट न हो तो सर्वे सेव करके बाद में अपलोड कर सकते हैं।
ऐप में दिक्कत आए तो
फेस ऑथेंटिकेशन कई बार फेल हो जाता है, खासकर जब आधार की फोटो पुरानी हो या मोबाइल नंबर लिंक न हो। ऐसे में:
- आधार केंद्र जाकर मोबाइल नंबर लिंक करवाएँ।
- ग्राम पंचायत की मदद से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।
- ऑफलाइन सर्वे सेव करके बाद में अपलोड करें।
एक मोबाइल डिवाइस से आम तौर पर सिर्फ एक सर्वे होता है, इसलिए पंचायत से पूछें कि सर्वे कैंप कब लग रहा है।
पैसा कैसे मिलता है?
ग्राम सभा सत्यापन के बाद नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) में आता है, फिर स्वीकृति आदेश (sanction order) मिलता है। राशि कई किस्तों में, निर्माण के चरण (नींव, लिंटल, छत) के हिसाब से DBT के ज़रिए सीधे बैंक खाते में आती है। हर चरण की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करनी होती है।
किस्त की सटीक रकम और बँटवारा आपके राज्य के स्वीकृति आदेश में लिखा होता है, इसलिए ब्लॉक ऑफिस से पुष्टि कर लें। शौचालय के ₹12,000 और मनरेगा के 90/95 दिन अलग से मिलते हैं।
लाभार्थी स्थिति (Status) कैसे चेक करें?
- आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in खोलें और Awaassoft के Reports सेक्शन में जाएँ।
- H.1 Rural Housing Report चुनें।
- राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- वित्तीय वर्ष और योजना चुनकर सबमिट करें, फिर सूची Excel या PDF में डाउनलोड करें।
पैसा न आने पर FTO (Fund Transfer Order) ट्रैकिंग में रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर स्थिति देखें। ग्राम सभा सत्यापन की स्थिति Section E (SECC Reports) में मिलती है।
रजिस्ट्रेशन नंबर खो गया हो तो
- Awaassoft में आधार नंबर या नाम और ग्राम पंचायत से खोजें।
- ग्राम पंचायत से PWL की कॉपी माँगें, उसमें रजिस्ट्रेशन नंबर होता है।
- ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस में लिखित आवेदन दें।
किस्त न आए तो क्या करें?
तीन आम कारण होते हैं:
- बैंक खाते की दिक्कत: आधार सीडिंग न होना या खाता डॉर्मेंट होना। बैंक से आधार-NPCI मैपिंग चेक करवाएँ।
- जियो-टैगिंग पेंडिंग या रिजेक्ट: हर चरण की फोटो सही तरह अपलोड होनी चाहिए। ब्लॉक ऑफिस से पूछें कि जियो-टैग की क्या स्थिति है।
- FTO अटका होना: Awaassoft पर FTO की स्थिति देखें।
शिकायत कहाँ करें
- पहले ग्राम पंचायत में लिखित शिकायत दें।
- जवाब न मिले तो ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस (BDO) में लिखित आवेदन दें और रसीद (receiving) लें।
- फिर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) से संपर्क करें।
- pgportal.gov.in पर CPGRAMS में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
- ज़रूरत हो तो RTI के ज़रिए ब्लॉक ऑफिस से रिकॉर्ड माँगें।
धोखाधड़ी से सावधान
- पैसे लेकर नाम सूची में डालने का वादा करने वाले फ्रॉड हैं।
- नकली PMAY ऐप या APK डाउनलोड न करें।
- किसी बिचौलिये को पैसा न दें। आधिकारिक सर्वे मुफ्त है।
- सिर्फ आधिकारिक पोर्टल पर भरोसा करें।
हेल्पलाइन और आधिकारिक लिंक
- टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111
- ईमेल: support-pmayg@gov.in
- आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in
- शिकायत पोर्टल: pgportal.gov.in
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या PMAY-ग्रामीण में आय प्रमाण चाहिए?
सब्सिडी के लिए आय प्रमाण पत्र नहीं माँगा जाता। लेकिन ₹70,000 का ऋण लेने पर बैंक आय प्रमाण माँग सकती है।
2. ऋण के लिए CIBIL स्कोर कितना चाहिए?
कोई तय आधिकारिक न्यूनतम सीमा नहीं है। बैंक अपनी नीति से फैसला करती है। सब्सिडी के लिए CIBIL चेक नहीं होता।
3. सीधे ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
सीधा आवेदन फॉर्म नहीं है। नाम सर्वे और ग्राम सभा सत्यापन से आता है। ग्राम पंचायत से संपर्क करें या आवास+ ऐप से स्व-सर्वेक्षण करें।
4. क्या पक्के घर वाले परिवार पात्र हैं?
नहीं, पक्की छत या पक्की दीवार वाले घर पर परिवार पात्र नहीं होता।
5. क्या मनरेगा जॉब कार्ड ज़रूरी है?
मज़दूरी के 90/95 दिनों के लिए जॉब कार्ड काम आता है। जॉब कार्ड ग्राम पंचायत से बनता है।
6. क्या आधार मोबाइल-लिंक्ड होना ज़रूरी है?
हाँ। मोबाइल लिंक न होने पर OTP नहीं आता और सर्वे तथा DBT में दिक्कत आती है।
7. नाम सूची में नहीं है तो क्या करें?
पहले नाम की स्पेलिंग चेक करें, ग्राम पंचायत से PWL सत्यापित करवाएँ, और सर्वे न हुआ हो तो आवास+ ऐप से स्व-सर्वेक्षण करें।
8. सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
चेक करें कि ग्राम सभा सत्यापन हुआ या नहीं, PWL फाइनल हुई या नहीं, स्वीकृति आदेश मिला या नहीं, बैंक खाता आधार-सीडेड है या नहीं, और FTO जेनरेट हुआ या नहीं। Awaassoft पर FTO स्थिति देखें, और ज़रूरत हो तो ब्लॉक ऑफिस से पूछें।
निष्कर्ष
PMAY-ग्रामीण की सब्सिडी के लिए CIBIL स्कोर और आय प्रमाण की ज़रूरत नहीं होती। यह सिर्फ ₹70,000 के वैकल्पिक ऋण में बैंक माँग सकती है। इसलिए आधार को मोबाइल से लिंक करें, बैंक खाता आधार-सीडेड रखें, सर्वे करवाएँ और pmayg.dord.gov.in पर अपना स्टेटस चेक करते रहें।