तेलंगाना को PMAY-ग्रामीण के तहत 2 लाख नए घर मिले हैं। सवाल यह है कि क्या आपका नाम इस लिस्ट में है, और अगर नहीं है तो क्या करना है। इस आर्टिकल में लिस्ट देखने, सर्वे करवाने, इंस्टॉलमेंट ट्रैक करने और नाम कट होने पर अपील करने का पूरा तरीका दिया गया है।
तेलंगाना में पहले PMAY-G पूरी तरह लागू नहीं था, इसलिए यहाँ के ग्रामीण परिवारों को लंबे समय तक इसका फायदा नहीं मिला। आवास+ 2024 सर्वे के बाद अब यह रास्ता खुल गया है।
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PMAY-G तेलंगाना 2026-27: एक नज़र में
- योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
- शुरुआत: 2016 (इंदिरा आवास योजना की जगह)
- मंत्रालय: ग्रामीण विकास मंत्रालय
- ऑफिशियल पोर्टल: pmayg.dord.gov.in
- तेलंगाना का टारगेट 2026-27: 2,00,000 घर (पहला फेज)
- एलिजिबल परिवार (डिमांड): 11,56,915, जिनमें से लगभग 9.56 लाख घर अभी पेंडिंग
- केंद्रीय सब्सिडी: समतल इलाके में ₹1.20 लाख, पहाड़ी और मुश्किल इलाकों में ₹1.30 लाख
- सर्वे ऐप: AwaasApp (आवास+ 2024)
कौन PMAY-ग्रामीण का घर ले सकता है?
एलिजिबल परिवार
- जिनके पास अपना घर नहीं है (बेघर)
- जिनका घर कच्चा है, यानी दीवार और छत कच्चे मटेरियल की है
- जिनका नाम SECC 2011 (2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना) या आवास+ 2024 सर्वे में आया है
प्राथमिकता डिप्रिवेशन क्राइटेरिया के हिसाब से मिलती है। जैसे SC/ST परिवार, विधवा, दिव्यांग सदस्य वाले घर, या जिस घर में कोई वयस्क सदस्य न हो।
कौन एलिजिबल नहीं है?
- जिसके पास पक्का घर है
- जिसके पास मोटराइज्ड 3 या 4 पहिया वाहन (कार, ऑटो) है
- जिसके पास ₹50,000 या उससे ज़्यादा लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड है
- जिस परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है
- जिस परिवार में कोई सदस्य इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स देता है
- जिस परिवार में किसी सदस्य की मासिक कमाई ₹15,000 से ज़्यादा है
नए नियमों में टू-व्हीलर और रेफ्रिजरेटर अब डिसक्वालिफिकेशन नहीं हैं। सिर्फ बाइक या फ्रिज होने से आप इनएलिजिबल नहीं होंगे।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड (बैंक अकाउंट से लिंक, NPCI मैपिंग के साथ)
- मनरेगा जॉब कार्ड
- आधार सीडेड बैंक पासबुक
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST के लिए)
- वोटर ID या निवास प्रमाण
अगर जॉब कार्ड नहीं है तो ग्राम पंचायत से बनवा लें। घर बनाने के दौरान मनरेगा की मजदूरी इसी से मिलती है।
आवास+ सर्वे कैसे करवाएं?
PMAY-ग्रामीण का कोई सीधा ऑनलाइन अप्लाई फॉर्म नहीं है। नाम सिर्फ सर्वे के ज़रिए आता है, और उसके बाद ग्राम सभा की मंज़ूरी के बाद ही फाइनल लिस्ट बनती है।
AwaasApp से सेल्फ-सर्वे
- गूगल प्ले स्टोर से ऑफिशियल AwaasApp डाउनलोड करें।
- आधार से लॉगिन करें। फेस ऑथेंटिकेशन होता है, इसलिए अच्छी रोशनी में करें।
- सेल्फ-सर्वे ऑप्शन चुनें।
- अपने कच्चे घर की जियो-टैग्ड फोटो लें।
- घर की कंडीशन (दीवार, छत, कमरे) की डिटेल भरें।
- सबमिट करें। आपकी डिटेल्स पंचायत के पास चली जाएंगी।
ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे
अगर स्मार्टफोन नहीं है या पुराने फोन पर ऐप नहीं चलता, तो ग्राम रोज़गार सेवक या पंचायत सचिव से मिलें और आवास+ सर्वे करवाने को कहें। ऑफिशियल एन्यूमरेटर आपका सर्वे करेंगे।
ग्राम सभा में ज़रूर जाएं
सर्वे के बाद पंचायत नाम पढ़ती है और ग्राम सभा में फाइनल लिस्ट बनती है। अगर किसी ने आपके नाम पर ऑब्जेक्शन उठाया और आप वहाँ मौजूद नहीं थे, तो नाम कट सकता है। ग्राम सभा की तारीख पंचायत ऑफिस के नोटिस बोर्ड पर लगती है।
तेलंगाना में सर्वे हो चुका है और अभी वेरिफिकेशन चल रही है। अगर आपका सर्वे रह गया है, तो जल्दी ग्राम पंचायत से संपर्क करें।
घर बनने पर पैसा कैसे मिलता है?
पैसा एक साथ नहीं आता। यह कंस्ट्रक्शन के स्टेज के हिसाब से किश्तों में आता है। हर किश्त से पहले जियो-टैग्ड फोटो से वेरिफिकेशन होती है, और फोटो सही न हो तो पेमेंट रुक सकती है।
केंद्रीय सब्सिडी के अलावा:
- घर बनाने के लिए मनरेगा के तहत 90-95 दिन की मजदूरी मिलती है।
- टॉयलेट के लिए स्वच्छ भारत मिशन से अलग पैसा मिलता है।
तेलंगाना में राज्य का हिस्सा भी जुड़ता है, इसलिए फाइनल अमाउंट अलग हो सकता है। सही जानकारी के लिए BDO ऑफिस या पंचायत से पूछें।
FTO नंबर क्या है?
FTO का मतलब फंड ट्रांसफर ऑर्डर है। यह वह नंबर है जो बैंक को पैसा भेजने के लिए बनता है। किश्त अटक जाए तो यह नंबर नोट कर लें, क्योंकि बैंक और BDO ऑफिस इसी से पेमेंट ट्रेस करते हैं।
बेनिफिशियरी लिस्ट में अपना नाम कैसे देखें?
रजिस्ट्रेशन नंबर से या एडवांस्ड सर्च से
- pmayg.dord.gov.in खोलें।
- Stakeholders पर क्लिक करें।
- IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर हो तो डालें।
- नहीं है तो एडवांस्ड सर्च में राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर नाम ढूंढें।
ग्राम पंचायत की पूरी लिस्ट
- pmayg.dord.gov.in पर AwaasSoft में Reports खोलें।
- “Beneficiary details for verification” चुनें।
- तेलंगाना, अपना ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- साल (2025-26 या 2026-27) चुनें।
- लिस्ट स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसे PDF में डाउनलोड कर सकते हैं।
नाम नहीं आया या पैसा अटक गया? क्या करें
नाम लिस्ट में नहीं है
पहले चेक करें कि आवास+ सर्वे हुआ था या नहीं। सर्वे नहीं हुआ तो पंचायत से करवाएं। सर्वे हुआ था लेकिन नाम नहीं है तो पंचायत से ग्राम सभा रेज़ोल्यूशन की कॉपी मांगें और देखें कि नाम क्यों नहीं आया। कारण गलत हो तो अपीलेट कमेटी में अपील करें।
नाम कट गया
ग्राम सभा मिनट्स की कॉपी लेकर कारण पता करें। गलत तरीके से कटा हो तो अपने दस्तावेज़ों और लिखित एप्लिकेशन के साथ अपील करें। जितनी जल्दी पता चले, उतनी जल्दी अपील करें।
इंस्टॉलमेंट नहीं आई
- बैंक जाकर चेक करें कि आधार NPCI मैपिंग हुई है या नहीं, और अकाउंट एक्टिव है या नहीं।
- AwaasSoft में FTO स्टेटस देखें। FTO “Processed” हो लेकिन पैसा न आया हो तो बैंक मैनेजर को लिखित शिकायत दें।
- FTO ही जनरेट नहीं हुआ तो पंचायत से पूछें कि जियो-टैग्ड फोटो अपलोड हुई है या नहीं।
- फिर भी हल न हो तो BDO ऑफिस में लिखित शिकायत दें।
ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही
BDO ऑफिस में लिखित शिकायत दें और पोर्टल पर ग्रीवांस फाइल करें। शिकायत नंबर नोट करें। आखिरी रास्ता RTI है।
फ्रॉड से बचें
- कोई भी एजेंट नाम लिस्ट में डालने के लिए पैसा मांगे तो न दें। PMAY-G में कोई एप्लिकेशन फीस नहीं है।
- सिर्फ ऑफिशियल AwaasApp इस्तेमाल करें। “PMAY लिस्ट चेक” के नाम पर आने वाले बाकी ऐप्स सरकारी नहीं हैं।
- फ्रॉड की शिकायत BDO, ग्राम पंचायत (लिखित) या पोर्टल के ग्रीवांस सेक्शन में करें।
हेल्पलाइन और शिकायत
- PMAY-G हेल्पलाइन: 1800-11-6446
- ईमेल: support-pmayg@gov.in
- पोर्टल: pmayg.dord.gov.in
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या PMAY-G के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं?
नहीं। कोई सीधा अप्लाई फॉर्म नहीं है। नाम सिर्फ आवास+ सर्वे से आता है।
क्या पक्के घर वाले PMAY-G ले सकते हैं?
नहीं। पक्का घर होने पर आप एलिजिबल नहीं हैं।
क्या सरकारी नौकरी वाले PMAY-G ले सकते हैं?
नहीं। परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी हो तो ऑटोमैटिक एक्सक्लूज़न होता है।
मनरेगा जॉब कार्ड ज़रूरी है क्या?
हाँ। घर बनाने की मजदूरी जॉब कार्ड से मिलती है, इसलिए इसे पहले से बनवा लें।
इंस्टॉलमेंट कितने दिन में आती है?
कोई फिक्स्ड समय नहीं है। जियो-टैग्ड फोटो वेरिफाई होने और आधार-बैंक लिंक सही होने पर जल्दी आती है।
सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, तो?
प्रोसेस यह है: ग्राम सभा वेरिफिकेशन, फिर प्रायोरिटी लिस्ट, फिर सैंक्शन ऑर्डर, फिर FTO। पंचायत से पूछें कि प्रायोरिटी लिस्ट में आपका नंबर क्या है। नंबर आगे हो और फिर भी सैंक्शन न हुआ हो तो BDO से लिखित जवाब मांगें।
AwaasApp कहाँ से डाउनलोड करें?
गूगल प्ले स्टोर से। नाम AwaasApp है, और कोई दूसरा ऐप ऑफिशियल नहीं है।
आपको क्या करना है
- pmayg.dord.gov.in पर अपना नाम चेक करें।
- नाम नहीं है तो ग्राम पंचायत से आवास+ सर्वे के बारे में पूछें।
- आधार, जॉब कार्ड और बैंक पासबुक तैयार रखें।