पीएमएवाई-ग्रामीण क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) 1 अप्रैल 2016 को शुरू हुई थी। इसने इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह ली। इस योजना का मकसद है कि ग्रामीण इलाकों के हर बेघर या कच्चे घर में रहने वाले परिवार को पक्का घर मिले।
यह योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है। घर बनाने की सहायता राशि सीधे आपके बैंक खाते में DBT के ज़रिए आती है।
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कितनी सहायता राशि मिलती है?
- मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख
- पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में ₹1.30 लाख
केरल में आम तौर पर ₹1.20 लाख की सहायता लागू होती है।
फेज 2 और नया टारगेट
2024 से 2029 के बीच सरकार ने 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य रखा है। इस फेज में नया नाम जुड़वाने का एकमात्र तरीका आवास प्लस 2024 सर्वे है।
क्विक फैक्ट्स
| चीज़ | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) |
| शुरुआत | 1 अप्रैल 2016 |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.nic.in |
| सहायता राशि (मैदानी) | ₹1,20,000 |
| सहायता राशि (पहाड़ी/दुर्गम) | ₹1,30,000 |
| केंद्र-राज्य अनुपात | 60:40 |
| पैसा कैसे आता है | DBT से सीधे बैंक खाते में |
पात्रता मानदंड
PMAY-G के लिए नाम आवास प्लस सर्वे के डेटा और ग्राम सभा के सत्यापन के बाद ही फाइनल होता है। सिर्फ़ गरीब होना काफ़ी नहीं है।
कौन पात्र है?
- जिनके पास घर नहीं है (बेघर)
- जो कच्ची दीवार या कच्ची छत वाले घर में रहते हैं
- SC/ST परिवार (इनके लिए कम से कम 60% आवंटन आरक्षित है)
- विधवा, दिव्यांग और निराश्रित परिवार, जिन्हें प्राथमिकता मिलती है
- जिनका नाम आवास प्लस सर्वे में आया है और ग्राम सभा ने सत्यापित किया है
कौन पात्र नहीं है?
- जिनके पास पहले से पक्का घर है
- जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है
- जो इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स देते हैं
- जिनकी मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है
- जिनके पास फोर-व्हीलर या मशीनी वाहन है
पात्रता के नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं, इसलिए अपनी ग्राम पंचायत से ताज़ा मानदंड ज़रूर कन्फर्म करें।
ज़रूरी दस्तावेज़
सर्वे से पहले ये दस्तावेज़ तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- मनरेगा जॉब कार्ड
- बैंक पासबुक (आधार से लिंक खाता)
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST के लिए)
- आय प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड या वोटर आईडी
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
आधार और बैंक खाते में नाम बिल्कुल एक जैसा होना चाहिए। नाम मेल न खाने पर किस्त अटक सकती है।
आवास प्लस सर्वे कैसे होता है?
PMAY-G के लिए कोई अलग ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं होता। जो वेबसाइट कहे कि “यहाँ आवेदन करो और घर पाओ”, वह भरोसेमंद नहीं है। नाम सिर्फ़ आवास प्लस सर्वे से आता है।
सर्वे की विंडो अभी खुली है या नहीं, यह अपनी ग्राम पंचायत से कन्फर्म करें।
आवास प्लस ऐप से सेल्फ-सर्वे
- प्ले स्टोर से आधिकारिक आवास प्लस 2024 ऐप डाउनलोड करें।
- कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें।
- आधार नंबर डालें और आगे बढ़ें।
- फेस ऑथेंटिकेशन करें।
- केरल, फिर अपना ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- सर्वे जोड़ने या एडिट करने का विकल्प चुनें।
- घर के मुखिया और परिवार के सदस्यों की जानकारी भरें।
- e-KYC पूरी करें।
- घर की जियो-टैग्ड फोटो लें।
- फॉर्म सबमिट करें।
फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए तो
रोशनी कम होने या कैमरे की दिक्कत से यह एरर आम है। धूप या अच्छी रोशनी में दोबारा कोशिश करें। फिर भी न हो तो ग्राम पंचायत जाकर असिस्टेड सर्वे करवाएँ। सर्वेयर अपने फोन से सर्वे करता है, बस आधार और जॉब कार्ड साथ ले जाएँ।
घर बनाने का पैसा कैसे मिलता है?
सर्वे के बाद ग्राम सभा आपका नाम सत्यापित करती है। सत्यापन के बाद स्वीकृति (सैंक्शन) मिलती है और सहायता राशि किस्तों में आती है।
- हर किस्त घर के निर्माण के चरण से जुड़ी होती है, जैसे नींव, दीवार और छत।
- हर चरण के बाद AwaasApp से जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करनी पड़ती है।
- बिना फोटो अपलोड किए अगली किस्त जारी नहीं होती।
अतिरिक्त फायदे
- मनरेगा के तहत घर बनाने के लिए 90 से 95 दिन की अकुशल मज़दूरी का प्रावधान है।
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय के लिए अलग सहायता मिलती है।
लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे चेक करें?
ग्राम पंचायत वार सूची
- pmayg.nic.in खोलें।
- AwaasSoft में Reports सेक्शन पर जाएँ।
- Social Audit Reports या लाभार्थी विवरण वाली रिपोर्ट चुनें।
- केरल, फिर ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- वित्त वर्ष 2026-27 चुनें और सूची देखें।
रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस
- pmayg.nic.in पर जाएँ।
- Beneficiary Search का विकल्प खोलें।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
- कैप्चा भरें और सर्च करें।
- सैंक्शन और किस्त का रिकॉर्ड दिख जाएगा।
नाम लिस्ट में न आए तो क्या करें?
जॉब कार्ड लिंक न होना
अगर आपका जॉब कार्ड AwaasSoft में सही से लिंक नहीं है, तो दिक्कत आ सकती है। ग्राम पंचायत से जॉब कार्ड नंबर अपडेट करवाएँ।
ग्राम सभा ने नाम रिजेक्ट कर दिया
ग्राम सभा की मिनट्स माँगें। उसमें रिजेक्शन की वजह लिखी होती है। वजह गलत हो तो लिखित में अपील करें।
आधार में समस्या
आधार डुप्लीकेट या मिसमैच हो तो ग्राम पंचायत से रिकॉर्ड ठीक करवाएँ।
किस्त न आ रही हो तो क्या करें?
सिर्फ़ सैंक्शन स्टेटस देखना काफ़ी नहीं है। FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) का स्टेटस भी चेक करें।
- अगर FTO बैंक या PFMS स्टेज पर अटका है, तो बैंक जाकर आधार सीडिंग और खाते की जानकारी वेरिफाई करवाएँ।
- नाम मिसमैच हो तो ग्राम पंचायत से रिकॉर्ड सुधरवाएँ।
- फिर भी हल न हो तो BDO ऑफिस में लिखित शिकायत दें।
- वहाँ भी सुनवाई न हो तो DRDA को लिखें।
ग्राम पंचायत या BDO सुनवाई न करें तो
RTI फाइल करके यह जानकारी माँग सकते हैं:
- आपका नाम लाभार्थी सूची में क्यों नहीं है
- आपके आवेदन की फाइल नोटिंग और रिजेक्शन नोट (अगर है)
- वेटिंग लिस्ट में आपकी स्थिति
RTI का जवाब आम तौर पर 30 दिन में मिलना चाहिए।
फ्रॉड से कैसे बचें?
- कोई एजेंट पैसे लेकर नाम लिस्ट में नहीं डाल सकता। ऐसे लोगों को पैसा न दें।
- सिर्फ़ आधिकारिक आवास प्लस 2024 ऐप ही इस्तेमाल करें। मिलते-जुलते नाम वाले फेक ऐप आपका डेटा चुरा सकते हैं।
- किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल और हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें।
आधिकारिक हेल्पलाइन और शिकायत
| चीज़ | विवरण |
|---|---|
| PMAY-G टोल-फ्री | 1800-11-6446 |
| शिकायत ईमेल | support-pmayg@gov.in |
| CPGRAMS पोर्टल | pgportal.gov.in |
| आधिकारिक पोर्टल | pmayg.nic.in |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
केरल PMAY-G की लिस्ट कब आती है?
लिस्ट ग्राम सभा के सत्यापन के बाद अपडेट होती रहती है। ताज़ा लिस्ट के लिए अपनी ग्राम पंचायत से पूछें या pmayg.nic.in पर चेक करें।
PMAY ग्रामीण ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?
अलग से कोई ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं होता। नाम आवास प्लस सर्वे से आता है, जो ग्राम पंचायत के ज़रिए या ऐप से होता है।
केरल में कितना पैसा मिलता है?
मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख। पहाड़ी इलाकों में ₹1.30 लाख।
क्या सिर्फ़ आधार नंबर से स्टेटस चेक हो सकता है?
आम तौर पर रजिस्ट्रेशन नंबर या आवास प्लस ID की ज़रूरत पड़ती है।
ग्राम सभा सत्यापन क्या होता है?
सर्वे के बाद गाँव की सभा में पात्र और अपात्र नाम अलग किए जाते हैं। आपका नाम वहाँ अप्रूव होना ज़रूरी है।
सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
लिस्ट में नाम होना सिर्फ़ पहला कदम है। पैसा तब आता है जब सैंक्शन ऑर्डर जारी हो और FTO जनरेट हो। सैंक्शन होने के बाद भी पैसा न आए तो FTO स्टेटस चेक करें। सैंक्शन ही न हुआ हो तो BDO से सैंक्शन ऑर्डर की कॉपी माँगें।
एजेंट को पैसा देना चाहिए?
बिल्कुल नहीं। यह फ्रॉड है।
आज ही क्या करना चाहिए?
- ग्राम पंचायत जाकर पूछें कि आपका आवास प्लस सर्वे हुआ है या नहीं।
- सर्वे हुआ है तो pmayg.nic.in पर अपना नाम चेक करें।
- नाम न हो तो BDO ऑफिस में लिखित शिकायत दें।
- किसी एजेंट को पैसा न दें।
- आधिकारिक पोर्टल: pmayg.nic.in
- शिकायत ईमेल: support-pmayg@gov.in
- टोल-फ्री: 1800-11-6446