PMAY-G में राज्य बदलने पर आवास का लाभ कैसे मिलेगा?

अक्टूबर 22, 2026
Written By Ali Akbar

PMAY-ग्रामीण क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) 2016 में शुरू हुई थी। इससे पहले यह इंदिरा आवास योजना (IAY) के नाम से चलती थी। इस योजना का मक़सद गाँव के बेपक्के या कच्चे घर में रहने वाले परिवारों को पक्का घर देना है।

यह योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) चलाता है। आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in है। केंद्र सरकार ने 2024-25 से 2028-29 के लिए 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने को मंज़ूरी दी है।

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सहायता राशि कितनी मिलती है?

  • मैदानी इलाक़े में ₹1.20 लाख
  • पहाड़ी या मुश्किल इलाक़े में ₹1.30 लाख
  • शौचालय के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से ₹12,000 अलग
  • MGNREGA के 90-95 दिन की मज़दूरी अलग

यह सब पैसा एक साथ नहीं आता। हर हिस्से की अपनी प्रक्रिया होती है। MGNREGA मज़दूरी के लिए जॉब कार्ड चाहिए, और शौचालय के लिए SBM पोर्टल पर अलग रजिस्ट्रेशन होता है।

राज्य बदलने पर क्या होता है?

PMAY-G एक राज्य-वार योजना है। पैसा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देते हैं, और आपका नाम जिस राज्य की सूची में है, घर उसी राज्य में बनेगा। राज्य बदलने से आपका हक़ ख़त्म नहीं होता, लेकिन काम करवाना मुश्किल हो सकता है।

अगर आप दूसरे राज्य में काम करते हैं और गाँव में परिवार है

आपका हक़ सुरक्षित है। आपका नाम अपने मूल (native) राज्य की सूची में रहेगा और घर अपने मूल गाँव में बनेगा। आप यह करें:

  • गाँव में किसी भरोसेमंद परिवार के सदस्य को लिखित अधिकार-पत्र (authorization) दें।
  • उससे कहें कि निर्माण के चरणों पर जब भी अधिकारी आएँ, वह घर दिखाए और जियो-टैगिंग करवाए।
  • ग्राम पंचायत को पहले से बता दें कि आपके घर का काम कौन देखेगा।

अगर पूरा परिवार दूसरे राज्य में शिफ़्ट हो गया है

हक़ ख़त्म नहीं हुआ, लेकिन मुश्किल बढ़ जाती है, क्योंकि जियो-टैगिंग के लिए घर पर किसी का होना ज़रूरी है।

  • मूल ग्राम पंचायत के सचिव से फ़ोन पर घर के चरण और अगली किस्त के बारे में पूछते रहें।
  • अगर GP सहयोग न करे, तो BDO (खंड विकास अधिकारी) को रजिस्टर्ड पोस्ट से लिखित शिकायत भेजें और रसीद संभालकर रखें।

अगर आप नए राज्य में घर चाहते हैं

यह लगभग मुश्किल है। नए राज्य में घर तभी मिल सकता है जब आपका नाम वहाँ की SECC 2011 सूची या आवास+ सर्वे में हो। आपका बैंक खाता किसी भी राज्य में हो सकता है, लेकिन स्वीकृति (sanction) और फंड रिलीज़ उसी राज्य से होगा जहाँ आपका नाम सूची में है।

कौन पात्र है और कौन नहीं?

पात्र परिवार

  • जिनके पास पक्का घर नहीं है (कच्चा घर या बिल्कुल घर नहीं)
  • जिनका नाम SECC 2011 सूची या आवास+ सर्वे में है
  • SC/ST, विधवा, दिव्यांग और अन्य कमज़ोर परिवारों को प्राथमिकता मिलती है

कौन पात्र नहीं है

संशोधित मापदंडों के अनुसार नीचे की स्थितियों में परिवार आम तौर पर बाहर हो जाता है:

  • परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है
  • कोई सदस्य इनकम टैक्स या प्रोफ़ेशनल टैक्स भरता है
  • सिंचित ज़मीन 2.5 एकड़ या उससे ज़्यादा है (या असिंचित 5 एकड़ या ज़्यादा)
  • मोटरचालित 3 या 4 पहिया गाड़ी या मशीनीकृत खेती का उपकरण है
  • किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹50,000 या उससे ज़्यादा है
  • परिवार के सबसे ज़्यादा कमाने वाले सदस्य की मासिक आमदनी ₹15,000 से ज़्यादा है
  • कोई रजिस्टर्ड ग़ैर-कृषि उद्यम है

नियम समय के साथ बदलते रहते हैं, इसलिए अपनी स्थिति की पक्की जानकारी के लिए ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से पुष्टि करें।

प्राथमिकता कैसे तय होती है?

पात्र परिवारों में उन परिवारों को पहले मौक़ा मिलता है जिनके पास ज़्यादा अभाव (deprivation) होता है, जैसे:

  • घर में 16-59 साल का कोई वयस्क सदस्य नहीं है
  • महिला मुखिया वाला परिवार, जिसमें 16-59 साल का कोई वयस्क पुरुष नहीं है
  • घर में 25 साल से ऊपर का कोई पढ़ा-लिखा वयस्क नहीं है
  • दिव्यांग सदस्य है और कोई सक्षम वयस्क नहीं है

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • MGNREGA जॉब कार्ड
  • आधार से लिंक्ड बैंक पासबुक (NPCI मैपिंग ज़रूरी है)
  • गाँव में रहने वाले परिवार के सदस्य का मोबाइल नंबर
  • ज़मीन के काग़ज़ (अगर ज़मीन है) या भूमिहीन प्रमाणपत्र
  • जाति प्रमाणपत्र (SC/ST/OBC के लिए)

आधार, बैंक पासबुक और जॉब कार्ड, तीनों में नाम की स्पेलिंग एक जैसी होनी चाहिए। अगर अलग है, तो पहले उसे ठीक करवाएँ।

आवास प्लस सर्वे: नाम सूची में कैसे आता है

PMAY-G में सीधे ऑनलाइन फ़ॉर्म भरकर आवेदन नहीं होता। लाभार्थी का चयन सर्वे से होता है।

ग्राम पंचायत सर्वेयर के ज़रिए

  1. अपनी ग्राम पंचायत के सचिव या सर्वेयर से मिलें।
  2. सर्वेयर आवास+ ऐप में आपकी जानकारी भरेगा।
  3. आधार, जॉब कार्ड और बैंक विवरण दें।
  4. आधार से फ़ेस ऑथेंटिकेशन होगा।
  5. सर्वे पूरा होने के बाद GP उसे सत्यापित (verify) करेगी।

सेल्फ़-सर्वे (जब विंडो खुली हो)

  1. Play Store से आवास+ 2024 ऐप और UIDAI की AadhaarFaceRD ऐप डाउनलोड करें।
  2. आधार नंबर डालकर फ़ेस स्कैन करें।
  3. परिवार का विवरण, बैंक खाता और जॉब कार्ड नंबर भरें।
  4. सबमिट करें। GP के सत्यापित करने के बाद ही एंट्री अंतिम होती है।

सर्वे की विंडो राज्य के हिसाब से खुलती और बंद होती है, इसलिए अपनी GP से पूछते रहें कि आपके यहाँ सर्वे चल रहा है या नहीं।

सर्वे में आने वाली आम दिक़्क़तें

  • फ़ेस ऑथेंटिकेशन फ़ेल हो: AadhaarFaceRD ऐप अपडेट करें। फिर भी फ़ेल हो तो GP सर्वेयर से मैन्युअल सत्यापन करवाएँ।
  • जॉब कार्ड नंबर ग़लत हो: जॉब कार्ड देखकर नंबर जाँचें और GP से सुधार करवाएँ।
  • नाम की स्पेलिंग अलग हो: पहले आधार, बैंक और जॉब कार्ड में नाम एक जैसा करवाएँ।
  • “Already registered” दिखे: हो सकता है आपका नाम SECC 2011 में पहले से हो। GP से सूची जँचवाएँ। अगर नाम है तो नए सर्वे की ज़रूरत नहीं।

धोखाधड़ी से सावधान

अगर कोई एजेंट पैसे लेकर नाम सूची में डालने का वादा करे, तो उस पर भरोसा न करें। नाम सिर्फ़ सर्वे और सत्यापन के ज़रिए आता है। ऐसा कोई मिले तो BDO को लिखित शिकायत दें।

घर बनाने का पैसा कैसे मिलता है?

सर्वे और सत्यापन के बाद स्वीकृति मिलती है, और पैसा एक साथ नहीं बल्कि निर्माण के चरणों के हिसाब से किस्तों में आता है। आम तौर पर ये चरण स्वीकृति, नींव, लिंटल और छत/पूर्णता होते हैं। हर किस्त की राशि और शेड्यूल राज्य के नियम पर निर्भर करता है।

हर चरण पर घर की जियो-टैग्ड फ़ोटो लेनी होती है। जियो-टैगिंग यानी GPS लोकेशन के साथ घर की फ़ोटो लेना, ताकि पता चले कि काम हुआ है। जियो-टैगिंग के बाद ही अगली किस्त रिलीज़ होती है। प्रवासी परिवारों को यहीं सबसे ज़्यादा दिक़्क़त आती है, क्योंकि घर पर कोई न हो तो किस्त रुक सकती है।

किस्त रुकने के आम कारण

  • जियो-टैग फ़ोटो रिजेक्ट हो गई: फ़ोटो धुंधली थी, लोकेशन मैच नहीं हुई या काम साफ़ नहीं दिखा।
  • आधार-NPCI मैपिंग नहीं है: बैंक जाकर NPCI आधार मैपिंग करवाएँ।
  • सत्यापन लंबित है: GP या ब्लॉक कार्यालय से स्टेटस पूछें।
  • निर्माण चरण अप्रूव नहीं हुआ: ब्लॉक के अधिकारी ने विज़िट नहीं की। BDO को लिखित में बताएँ।
  • फंड रिलीज़ में देरी: राज्य से ज़िले तक पैसा नहीं पहुँचा। यह आपके हाथ में नहीं है, लेकिन RTI से पता चल सकता है।

अपना नाम सूची में कैसे चेक करें

गाँव की पूरी सूची देखने के लिए

  1. pmayg.dord.gov.in खोलें।
  2. Awaassoft मेनू पर क्लिक करें।
  3. Reports में जाकर Social Audit Reports चुनें, फिर Beneficiary Details for Verification पर जाएँ।
  4. राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
  5. पूरी सूची में अपना नाम ढूँढें।

रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस देखने के लिए

  1. Stakeholders मेनू में IAY/PMAYG Beneficiary पर जाएँ।
  2. रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
  3. स्वीकृति और किस्त का स्टेटस स्क्रीन पर दिखेगा।

आम समस्याएँ और उनके समाधान

“मैं दूसरे राज्य में हूँ, गाँव कैसे जाऊँ?”

आपको बार-बार जाने की ज़रूरत नहीं है। ज़रूरी चरणों पर आप ख़ुद या आपका भरोसेमंद परिवार का सदस्य मौजूद रहे, तो काम चल सकता है। GP को पहले से बता दें कि आपके घर का काम कौन देखेगा।

“GP फ़ोन नहीं उठा रही”

  • पहले BDO को रजिस्टर्ड या स्पीड पोस्ट से लिखित शिकायत भेजें और रसीद संभालें।
  • जवाब न आए तो DM कार्यालय को भी कॉपी भेजें।
  • फिर भी कुछ न हो तो RTI फ़ाइल करें। RTI का जवाब आम तौर पर 30 दिन में आना चाहिए, वरना प्रथम अपील (First Appeal) कर सकते हैं।

“सर्वे बंद हो गया है, अब क्या करें?”

  • अगर आपका नाम SECC 2011 में है, तो नए सर्वे की ज़रूरत नहीं।
  • अगर नाम नहीं है, तो GP और ब्लॉक कार्यालय से अगले सर्वे के बारे में पूछते रहें।
  • तब तक आधार, जॉब कार्ड और बैंक पासबुक तैयार रखें।

“नाम सूची में नहीं है”

हो सकता है आप SECC 2011 या आवास+ सर्वे में कैप्चर न हुए हों। GP से मिलकर कारण पूछें और अगले सर्वे राउंड का ध्यान रखें।

“पैसा नहीं आया”

पहले FTO (Fund Transfer Order) का स्टेटस चेक करें। FTO यानी पैसा भेजने का आदेश। अगर FTO फ़ेल है, तो बैंक जाकर आधार NPCI मैपिंग करवाएँ। अगर जियो-टैगिंग लंबित है, तो BDO से मिलें।

शिकायत कहाँ करें

  • ग्रीवेंस ईमेल: support-pmayg@gov.in
  • ग्रीवेंस पोर्टल: pgportal.gov.in
  • आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in

पहले GP और BDO को लिखित शिकायत दें। वहाँ सुनवाई न हो तो ऊपर के विकल्पों का इस्तेमाल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मैं दूसरे राज्य में रहकर अपने गाँव का PMAY-G घर बनवा सकता हूँ?

हाँ, अगर आपका नाम मूल राज्य की सूची में है। निर्माण के चरणों पर जियो-टैगिंग के लिए आपको या आपके परिवार के सदस्य को घर पर मौजूद रहना होगा।

क्या PMAY-G का पैसा एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफ़र हो सकता है?

नहीं। स्वीकृति और फंड रिलीज़ उसी राज्य से होता है जहाँ आपका नाम सूची में है। बैंक खाता किसी भी राज्य में हो सकता है।

क्या नया राज्य मुझे वहाँ घर दे सकता है?

बहुत मुश्किल है। इसके लिए आपका नाम उस राज्य की SECC 2011 या आवास+ सर्वे सूची में होना चाहिए।

क्या सरकारी नौकरी वाले परिवार को PMAY-G मिलता है?

नहीं। परिवार में सरकारी नौकरी होने पर परिवार आम तौर पर पात्र नहीं रहता।

क्या घर महिला के नाम पर मिलता है?

PMAY-G में घर आम तौर पर महिला के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर दिया जाता है।

राज्य बदलने पर जॉब कार्ड का क्या होता है?

जॉब कार्ड ग्राम पंचायत स्तर पर बना होता है। PMAY-G और MGNREGA मज़दूरी के लिए आपके मूल गाँव का जॉब कार्ड ही काम आता है।

किस्त रुक गई है, क्या करें?

FTO स्टेटस चेक करें, आधार NPCI मैपिंग करवाएँ, जियो-टैगिंग का स्टेटस पूछें, और ज़रूरत पड़ने पर BDO को लिखित शिकायत या RTI दें।

आख़िरी बात

PMAY-G में राज्य बदलना कोई अयोग्यता (disqualification) नहीं है। आपका हक़ ख़त्म नहीं होता, लेकिन जियो-टैगिंग और ग्राम पंचायत से तालमेल की वजह से काम में दिक़्क़त आ सकती है।

सबसे पहले pmayg.dord.gov.in पर अपना नाम चेक करें। नाम है तो गाँव में किसी भरोसेमंद को निर्माण के चरणों का ध्यान रखने को कहें। नाम नहीं है तो GP से अगले सर्वे के बारे में पूछते रहें। किसी एजेंट के चक्कर में न पड़ें।

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