PMAY-G जाति प्रमाण-पत्र (SC/ST/OBC) ऑनलाइन कैसे प्राप्त करें: ज़रूरी दस्तावेज़ और प्रक्रिया

अक्टूबर 17, 2026
Written By Ali Akbar

PMAY-ग्रामीण क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजना है। यह 1 अप्रैल 2016 से लागू हुई, और इससे पहले इंदिरा आवास योजना (IAY) चलती थी। इसका मकसद कच्चे या जर्जर घर में रहने वाले और बिना घर वाले ग्रामीण परिवारों को पक्का घर देना है।

योजना को मार्च 2029 तक बढ़ाया गया है, और 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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योजना की मुख्य बातें

विषयविवरण
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
शुरुआत1 अप्रैल 2016 (IAY की जगह)
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmayg.dord.gov.in
सहायता राशि₹1.20 लाख (मैदानी क्षेत्र), ₹1.30 लाख (पहाड़ी/कठिन क्षेत्र और उत्तर-पूर्व)
SC/ST लक्ष्यकुल लक्ष्य का कम से कम 60%
अल्पसंख्यक लक्ष्यकुल लक्ष्य का 15%
टोल-फ्री हेल्पलाइन1800-11-6446 / 1800-11-8111

PMAY-G में कितना पैसा मिलता है?

  • मैदानी क्षेत्र: ₹1.20 लाख
  • पहाड़ी/कठिन क्षेत्र और उत्तर-पूर्व: ₹1.30 लाख
  • MGNREGA से मजदूरी: घर बनाने के लिए 90 से 95 दिन की अकुशल श्रम मजदूरी अलग से
  • शौचालय: स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत ₹12,000 तक की मदद अलग से

यह पैसा DBT के जरिए सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में आता है।

PMAY-ग्रामीण पात्रता: कौन ले सकता है?

किन परिवारों को मिलता है

  • जो परिवार बिना घर के हैं
  • जो कच्चे घर में रहते हैं (कच्ची दीवार और छत, 0, 1 या 2 कमरे)
  • SC/ST परिवार (इनके लिए कम से कम 60% लक्ष्य आरक्षित है)
  • अल्पसंख्यक परिवार (15% लक्ष्य)
  • विधवा, दिव्यांग और भूमिहीन मजदूर परिवार
  • मैनुअल स्कैवेंजर, बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए परिवार और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG)

किन परिवारों को नहीं मिलता

  • जो पहले से पक्के घर में रहते हैं
  • जिन परिवारों में कोई सरकारी नौकरी में है
  • इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स देने वाले परिवार
  • मोटराइज्ड फोर-व्हीलर रखने वाले परिवार

ध्यान दें, 2024 के बदलाव के बाद दोपहिया वाहन रखने से परिवार अब बाहर नहीं होता, और परिवार के सबसे ज्यादा कमाने वाले सदस्य की मासिक आय की सीमा ₹15,000 रखी गई है। नए नियम के लिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल या ग्राम पंचायत से पुष्टि कर लें।

यह भी याद रखें कि PMAY-G में सीधे ऑनलाइन आवेदन नहीं होता। लाभार्थी का चयन SECC 2011 डेटा और आवास+ सर्वे के आधार पर होता है।

PMAY-G में जाति प्रमाण पत्र की भूमिका

PMAY-G के कुल लक्ष्य का कम से कम 60% SC/ST परिवारों के लिए है। इसी वजह से SC/ST परिवारों के लिए जाति प्रमाण पत्र एक जरूरी और काम का दस्तावेज है। सर्वे या सत्यापन के समय श्रेणी की पुष्टि के लिए आपसे यह मांगा जा सकता है, इसलिए इसे तैयार रखना समझदारी है।

एक बात साफ रखें: 60% का आरक्षण SC/ST के लिए है। OBC के लिए अलग से कोई आरक्षण PMAY-G में नहीं है, लेकिन OBC परिवार भी अगर पात्र हैं तो सर्वे के जरिए सूची में आ सकते हैं।

जरूरी दस्तावेज

दस्तावेजक्यों चाहिए
आधार कार्डपहचान और DBT के लिए
बैंक पासबुकआधार-सीडेड खाता, पैसा सीधे आने के लिए
MGNREGA जॉब कार्डमजदूरी के लिए
जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC)श्रेणी की पुष्टि के लिए
स्व-घोषणाकि परिवार के पास पक्का घर नहीं है

जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे बनवाएं?

जाति प्रमाण पत्र बनवाना PMAY-G की प्रक्रिया से अलग है। यह आपके राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से बनता है। याद रखें, सिर्फ तहसीलदार, SDM या सक्षम अधिकारी का जारी किया हुआ प्रमाण पत्र ही मान्य होता है। MLA या MP का दिया हुआ पत्र मान्य नहीं होता।

कुछ राज्यों के पोर्टल

  • उत्तर प्रदेश: edistrict.up.gov.in
  • बिहार: serviceonline.bihar.gov.in
  • राजस्थान: e-Mitra पोर्टल

बाकी राज्यों के लिए अपने राज्य का ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल या नजदीकी CSC/तहसील ऑफिस देखें।

ऑनलाइन प्रक्रिया

  1. अपने राज्य का ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल खोलें।
  2. मोबाइल नंबर और OTP से रजिस्टर करें और लॉगिन करें।
  3. कास्ट सर्टिफिकेट (जाति प्रमाण पत्र) का फॉर्म चुनें।
  4. परिवार की जानकारी, आधार नंबर और जरूरी विवरण भरें।
  5. जरूरी दस्तावेज अपलोड करें, जैसे आधार, राशन कार्ड, फोटो और पिता या परिवार का पुराना जाति प्रमाण पत्र या प्रमाण (राज्य के नियम के हिसाब से)।
  6. आवेदन सबमिट करें और आवेदन संख्या संभालकर रखें।
  7. आवेदन तहसील ऑफिस में सत्यापन के लिए जाता है।
  8. सत्यापन के बाद प्रमाण पत्र पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं। समय राज्य के हिसाब से अलग होता है, आम तौर पर कुछ दिन से दो हफ्ते।

अगर जाति प्रमाण पत्र अभी नहीं है

आप तहसील ऑफिस या CSC (जन सेवा केंद्र) से भी ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। फीस राज्य के हिसाब से अलग होती है। जब तक प्रमाण पत्र नहीं बनता, तब तक सर्वे के लिए ग्राम पंचायत से सलाह लें।

आवास प्लस सर्वे से नाम कैसे जुड़वाएं?

PMAY-G में कोई सीधा “Apply” बटन नहीं है। अगर आपका नाम सूची में नहीं है, तो आवास+ सर्वे के जरिए नाम जुड़वाया जा सकता है।

ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस के जरिए

  1. अपनी ग्राम पंचायत या BDO ऑफिस जाएं और पंचायत सचिव या सर्वे करने वाले अधिकारी से मिलें।
  2. आधार, बैंक विवरण और जाति प्रमाण पत्र (अगर है) दिखाएं।
  3. सर्वेयर आवास+ ऐप में आपकी जानकारी भरेगा और घर की फोटो लेगा।
  4. सर्वे के बाद पावती पर्ची (acknowledgement slip) जरूर लें।

आवास+ ऐप से सेल्फ-सर्वे

  1. गूगल प्ले स्टोर से आधिकारिक आवास+ ऐप डाउनलोड करें।
  2. आधार और OTP या फेस ऑथेंटिकेशन से सत्यापन करें।
  3. सेल्फ सर्वे का विकल्प चुनें।
  4. जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत की जानकारी भरें।
  5. परिवार का विवरण और श्रेणी (SC/ST/अन्य) भरें।
  6. बैंक खाते का विवरण भरें, जो आधार से लिंक्ड हो।
  7. घर की फोटो अपलोड करें।
  8. सब कुछ ध्यान से जांचकर सबमिट करें, क्योंकि सबमिट करने के बाद बदलाव आसान नहीं होता।

सर्वे की समय-सीमा बदलती रहती है, इसलिए शुरू करने से पहले ग्राम पंचायत या आधिकारिक पोर्टल से पता कर लें कि सर्वे चल रहा है या नहीं।

सर्वे हो गया लेकिन नाम नहीं आया, तो क्या करें?

  • RTI दाखिल करें: BDO ऑफिस के लोक सूचना अधिकारी (PIO) को RTI डालें और अपना सर्वे नंबर लिखकर पूछें कि नाम सूची में है या नहीं, और अगर नहीं है तो कारण क्या है। RTI का जवाब आम तौर पर 30 दिन के अंदर मिलना चाहिए।
  • अपील करें: BDO ऑफिस से पता करें कि आपके जिले में अपील की क्या व्यवस्था है, और लिखित अपील दें।
  • CPGRAMS पर शिकायत: pgportal.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें और ग्रामीण विकास मंत्रालय चुनें।
  • हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करके शिकायत नंबर लें।

घर बनाने और पैसा मिलने की प्रक्रिया

सूची में नाम आने और स्वीकृति आदेश (sanction order) मिलने के बाद पैसा किस्तों में DBT से बैंक खाते में आता है। हर किस्त घर के निर्माण के चरण के हिसाब से जारी होती है, और निर्माण की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करना जरूरी होता है। किस्तों की सही राशि और चरण के लिए ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से पुष्टि करें।

शौचालय के लिए स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से और MGNREGA के जरिए 90 से 95 दिन की मजदूरी अलग से मिलती है।

PMAY-G लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे देखें?

  1. आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in खोलें।
  2. Stakeholders मेन्यू में जाकर IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
  3. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
  4. रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है तो Advanced Search से राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर नाम खोजें।
  5. स्टेटस स्वीकृत (sanctioned), फंड जारी (fund released), निर्माणाधीन (under construction) या पूर्ण (completed) के रूप में दिखता है।

आम समस्याएं और उनके हल

किस्त नहीं आई

सबसे आम वजह बैंक खाते का आधार से सही तरह लिंक न होना (NPCI मैपर की दिक्कत) होती है।

  • बैंक जाकर आधार सीडिंग अपडेट करवाएं।
  • ग्राम पंचायत से भुगतान की जानकारी लें।
  • PFMS हेल्पलाइन 1800-11-8111 पर संपर्क करें।
  • समाधान न मिले तो CPGRAMS पर शिकायत दर्ज करें।

नाम सर्वे में है पर पैसा नहीं आया

सूची में नाम आना और पैसा मिलना अलग चरण हैं। पहले स्वीकृति आदेश होता है, फिर किस्त जारी होती है। ग्राम पंचायत से स्वीकृति की स्थिति पूछें, और स्वीकृति होने के बाद भी पैसा न आए तो 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर कॉल करके शिकायत नंबर लें।

पंचायत या कोई एजेंट पैसा मांग रहा है

यह धोखा है। PMAY-G में नाम जुड़वाने या सूची में डालने के लिए कोई पैसा नहीं लगता। पैसा न दें, BDO को लिखित शिकायत करें, support-pmayg@gov.in पर ईमेल करें या जिला कलेक्टर को आवेदन दें।

आवास+ ऐप नहीं चल रहा

  • ऐप को प्ले स्टोर से अपडेट करें।
  • अच्छे इंटरनेट और अच्छी रोशनी में फेस ऑथेंटिकेशन करें।
  • फिर भी दिक्कत हो तो BDO ऑफिस से असिस्टेड सर्वे करवाएं।

हेल्पलाइन और संपर्क

सेवासंपर्क
PMAY-G टोल-फ्री1800-11-6446 / 1800-11-8111
PFMS (भुगतान)1800-11-8111
PMAY-G ईमेलsupport-pmayg@gov.in
शिकायत पोर्टलpgportal.gov.in

धोखाधड़ी से सावधान रहें

  • PMAY-G की प्रक्रिया बिल्कुल मुफ्त है।
  • सिर्फ आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in और प्ले स्टोर के आधिकारिक आवास+ ऐप का इस्तेमाल करें।
  • OTP, आधार नंबर और बैंक की जानकारी किसी को न बताएं।
  • नाम जुड़वाने के नाम पर पैसा मांगने वाले किसी भी व्यक्ति से दूर रहें और शिकायत करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PMAY-G में जाति प्रमाण पत्र क्यों काम आता है?
SC/ST परिवारों के लिए कम से कम 60% लक्ष्य आरक्षित है, और श्रेणी की पुष्टि के लिए जाति प्रमाण पत्र काम आता है।

क्या जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन बन सकता है?
हां, राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से। सत्यापन तहसीलदार या SDM करते हैं, और यह PMAY-G की प्रक्रिया से अलग है।

PMAY-G में सीधे आवेदन कैसे करें?
सीधे आवेदन नहीं होता। आवास+ सर्वे के जरिए, ग्राम पंचायत या BDO ऑफिस की मदद से नाम जुड़वाना पड़ता है।

PMAY-G की लाभार्थी सूची कैसे देखें?
pmayg.dord.gov.in पर Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary चुनकर रजिस्ट्रेशन नंबर से, या Advanced Search से।

क्या दोपहिया वाहन वाले PMAY-G ले सकते हैं?
हां, 2024 के बदलाव के बाद दोपहिया वाहन होने से परिवार अब बाहर नहीं होता। मोटराइज्ड फोर-व्हीलर वाले परिवार पात्र नहीं हैं।

क्या BPL कार्ड जरूरी है?
नहीं, चयन SECC 2011 डेटा और आवास+ सर्वे पर आधारित है।

किस्त नहीं आई तो कहां शिकायत करें?
PFMS हेल्पलाइन 1800-11-8111, PMAY-G हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 या pgportal.gov.in पर।

आवास प्लस सर्वे क्या है?
यह वह सर्वे है जिससे SECC 2011 में छूटे हुए पात्र परिवारों को सूची में जोड़ा जाता है।

निष्कर्ष

PMAY-G एक सर्वे पर आधारित योजना है, जिसमें सीधे आवेदन नहीं होता। SC/ST परिवारों के लिए जाति प्रमाण पत्र तैयार रखना फायदे का है, और इसे राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल या तहसील ऑफिस से बनवाया जा सकता है। उसके बाद ग्राम पंचायत या आवास+ ऐप से सर्वे करवाएं और pmayg.dord.gov.in पर अपना स्टेटस चेक करते रहें।

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