PMAY-G ग्रामीण घर बीमा: आग, बाढ़ और नुकसान के लिए मुआवज़े का दावा कैसे करें

अक्टूबर 13, 2026
Written By Ali Akbar

PMAY-ग्रामीण क्या है

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 1 अप्रैल 2016 से शुरू हुई। इसने इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह ली। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है और आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in है।

इस योजना का मकसद गाँव के बेघर या कच्चे घर में रहने वाले परिवारों को पक्का घर दिलाना है। मदद की राशि यह है:

  • मैदानी इलाकों में ₹1,20,000
  • पहाड़ी और मुश्किल इलाकों में ₹1,30,000
  • शौचालय के लिए स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से ₹12,000
  • मनरेगा (MGNREGS) के ज़रिए 90/95 दिन की अकुशल मज़दूरी

सरकार का लक्ष्य मार्च 2029 तक 4.95 करोड़ घर पूरे करने का है।

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क्या PMAY-G में घर का बीमा मिलता है

नहीं। PMAY-G में न कोई प्रीमियम भरना पड़ता है, न कोई बीमा पॉलिसी मिलती है। अगर घर आग या बाढ़ में तबाह हो जाए, तो सामान्य योजना से दोबारा पैसा नहीं मिलता।

लेकिन दो रास्ते हैं जिनसे मदद मिल सकती है:

  • PMAY-G के 5% स्पेशल प्रोजेक्ट प्रावधान के ज़रिए पुनर्वास सहायता
  • राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) के ज़रिए घर के नुकसान का मुआवज़ा

आग, बाढ़ या भूकंप में मुआवज़ा कैसे मिलेगा

5% स्पेशल प्रोजेक्ट प्रावधान क्या है

PMAY-G के दिशानिर्देशों में एक हिस्सा स्पेशल प्रोजेक्ट के लिए रखा गया है, जिससे प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया जा सकता है। यह मुआवज़ा अपने आप नहीं मिलता। राज्य सरकार प्रस्ताव बनाकर ग्रामीण विकास मंत्रालय को भेजती है, और मंजूरी मिलने पर ही सहायता दी जाती है।

मुआवज़े के लिए क्या करें

स्टेप 1: ग्राम पंचायत को तुरंत बताएँ। नुकसान की डैमेज असेसमेंट रिपोर्ट बनवाएँ और घर की फोटो खींचें, जियो-टैग्ड हो तो बेहतर है।

स्टेप 2: ज़रूरी कागज़ तैयार करें। आग के मामले में FIR की कॉपी लें। बाढ़ या भूकंप के मामले में तहसील या ज़िला प्रशासन से डैमेज सर्टिफिकेट लें।

स्टेप 3: BDO ऑफिस में लिखित आवेदन दें। आवेदन में घर का विवरण, नुकसान की तारीख और कारण लिखें, और मुआवज़े की माँग करें। आवेदन की रसीद ज़रूर लें।

स्टेप 4: राज्य ग्रामीण विकास विभाग तक बात पहुँचाएँ। BDO आपका आवेदन राज्य को भेजता है। चाहें तो आप खुद भी राज्य विभाग को पत्र लिख सकते हैं।

स्टेप 5: फॉलो-अप करते रहें। राज्य सरकार प्रस्ताव भेजती है, और मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही पुनर्वास सहायता मिलती है।

SDRF से मुआवज़ा कैसे लें

घर के नुकसान के लिए राज्य आपदा राहत कोष से भी सहायता मिलती है। इसके लिए तहसीलदार या ज़िला प्रशासन के पास नुकसान का सर्वे करवाकर आवेदन दें। राशि नुकसान के स्तर और राज्य के नियमों पर निर्भर करती है।

जवाब न आए तो क्या करें

अगर 30 दिन में कोई जवाब न मिले, तो BDO ऑफिस के पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर को RTI लिखें और पूछें:

  • मेरे आवेदन का क्या स्टेटस है?
  • उस पर क्या कार्रवाई हुई?
  • मेरे ज़िले से कितने स्पेशल प्रोजेक्ट प्रस्ताव भेजे गए?

RTI का जवाब 30 दिन में आना चाहिए। BPL परिवारों के लिए RTI फीस नहीं लगती। जवाब न आए तो फर्स्ट अपील दायर करें। इसके अलावा pgportal.gov.in पर CPGRAMS के ज़रिए ऑनलाइन शिकायत भी कर सकते हैं।

कौन PMAY-ग्रामीण घर ले सकता है

पात्र परिवार

  • जिनके पास घर नहीं है
  • जो कच्चे घर या मिट्टी की दीवार और कच्ची छत वाले घर में रहते हैं
  • SECC 2011 के डेप्रिवेशन क्राइटेरिया में आने वाले परिवार
  • Awaas+ 2024 सर्वे में वेरिफाई हुए छूटे हुए परिवार

डेप्रिवेशन क्राइटेरिया आसान भाषा में

  • एक ही कमरे का कच्चा घर
  • घर में 16 से 59 साल का कोई वयस्क सदस्य नहीं
  • ऐसा परिवार जिसकी मुखिया महिला है और कोई वयस्क पुरुष नहीं
  • दिव्यांग सदस्य है और कोई सक्षम वयस्क नहीं
  • SC/ST परिवार
  • 25 साल से ऊपर का कोई पढ़ा-लिखा वयस्क नहीं
  • भूमिहीन परिवार जो कैज़ुअल मैनुअल लेबर से कमाता है

प्राथमिकता किन्हें मिलती है

SC/ST, अल्पसंख्यक, विधवा, दिव्यांग और पूर्व सैनिक परिवारों को प्राथमिकता मिलती है।

कौन पात्र नहीं है

  • जिनके पास पहले से पक्का घर है
  • जिनके घर में कोई सरकारी नौकरी वाला है
  • जो इनकम टैक्स देते हैं
  • जिनके पास मोटराइज़्ड चौपहिया वाहन या मशीनीकृत खेती का उपकरण है
  • जिनके पास ₹50,000 या उससे ज़्यादा लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड है

ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स

  • आधार कार्ड
  • मनरेगा जॉब कार्ड
  • बैंक पासबुक (खाता आधार से लिंक हो)
  • स्वच्छ भारत मिशन का नंबर, अगर शौचालय भी चाहिए
  • हलफ़नामा कि आपके पास कहीं पक्का घर नहीं है
  • जाति प्रमाणपत्र, अगर लागू हो

मुआवज़े के लिए अतिरिक्त डॉक्यूमेंट्स:

  • FIR की कॉपी (आग के मामले में)
  • डैमेज असेसमेंट रिपोर्ट
  • नुकसान की फोटो
  • तहसील या ज़िला प्रशासन का डैमेज सर्टिफिकेट (बाढ़ या भूकंप में)

Awaas+ 2024 सर्वे से रजिस्ट्रेशन कैसे करें

PMAY-ग्रामीण में कोई सीधा ऑनलाइन अप्लाई फॉर्म नहीं है। यह डिमांड-ड्रिवन योजना है और नए लाभार्थी Awaas+ 2024 सर्वे के ज़रिए चुने जाते हैं।

मोबाइल से सेल्फ-सर्वे

  1. Google Play Store से Awaas+ 2024 ऐप इंस्टॉल करें।
  2. अपना आधार नंबर डालें और आगे बढ़ें।
  3. फेस ऑथेंटिकेशन के निर्देश फॉलो करें।
  4. राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
  5. परिवार की जानकारी, घर की हालत और दिव्यांगता की डिटेल भरें।
  6. खाली ज़मीन और मौजूदा घर की फोटो लें।
  7. फॉर्म सबमिट करें और रेफरेंस नंबर सुरक्षित रख लें।

सर्वे में आने वाली दिक्कतें

फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो तो Aadhaar FaceRD ऐप इंस्टॉल करके दोबारा कोशिश करें। e-KYC एरर आए तो इंटरनेट कनेक्शन चेक करें और देखें कि आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है। अगर ऐप में बार-बार दिक्कत आए, तो ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस जाकर असिस्टेड सर्वे करवाएँ।

पैसा कैसे मिलता है

पैसा एक साथ नहीं मिलता। यह घर के काम की प्रगति के हिसाब से कम से कम 3 किश्तों में DBT के ज़रिए सीधे बैंक खाते में आता है। हर स्टेज पर, जैसे नींव, लिंटल और छत, जियो-टैग्ड फोटो अपलोड होना ज़रूरी है। फोटो अपलोड पंचायत या ब्लॉक के अधिकृत स्टाफ करते हैं।

एक्स्ट्रा लोन का विकल्प

अगर ₹1.20 लाख में घर पूरा नहीं बन रहा, तो PMAY-G लाभार्थी ₹70,000 तक का संस्थागत लोन ले सकते हैं। ब्याज दर और शर्तें बैंक के हिसाब से अलग हो सकती हैं, इसलिए बैंक से जानकारी लें।

बेनिफिशियरी लिस्ट में अपना नाम कैसे देखें

आधार से सर्च

  1. pmayg.dord.gov.in खोलें।
  2. Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary पर क्लिक करें।
  3. Advanced Search चुनें।
  4. अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें।
  5. कैप्चा भरकर सर्च करें।
  6. आपका नाम, सैंक्शन की तारीख, किश्तें और जियो-टैग फोटो दिख जाएँगी।

गाँव की पूरी लिस्ट

pmayg.dord.gov.in पर Awaassoft में Reports सेक्शन खोलें, Social Audit Reports में जाएँ, अपना राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें, और साल चुनकर लिस्ट डाउनलोड करें।

पंचायत नोटिस बोर्ड

लिस्ट ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर भी लगी होती है। पंचायत सचिव से भी पूछ सकते हैं।

लिस्ट देखना बिल्कुल मुफ़्त है। इस काम के लिए जो भी पैसा माँगे, वह धोखेबाज़ है।

नाम लिस्ट में है लेकिन पैसा नहीं आया तो क्या करें

इसके तीन आम कारण होते हैं।

आधार-बैंक लिंक नहीं है

बैंक ब्रांच जाकर अपना खाता आधार (NPCI) से लिंक करवाएँ।

जियो-टैगिंग पेंडिंग है

अगर किसी स्टेज की फोटो अपलोड नहीं हुई, तो किश्त रुक जाती है। पंचायत से पूछें कि जियो-टैगिंग कब होगी।

FTO पेंडिंग है

फंड ट्रांसफर ऑर्डर रेज़ नहीं हुआ हो तो पैसा नहीं आता। ब्लॉक या DRDA ऑफिस से FTO नंबर लें और pmayg.dord.gov.in पर FTO ट्रैकिंग से स्टेटस देखें।

तीनों ठीक हों और फिर भी पैसा न आए, तो BDO ऑफिस में लिखित शिकायत दें और रसीद लें। 15 दिन में जवाब न मिले तो pgportal.gov.in पर CPGRAMS में शिकायत करें, और अंत में RTI फाइल करें।

और भी आम समस्याएँ

सर्वे छूट गया या नाम लिस्ट में नहीं है

ग्राम पंचायत से संपर्क करके Awaas+ 2024 सर्वे में नाम जोड़ने की request करें। बात न बने तो पब्लिक ग्रीवेंसेज़ सेक्शन में शिकायत दर्ज करें।

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही

BDO को लिखित शिकायत दें। फिर भी समाधान न मिले तो ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) तक बात ले जाएँ और pmayg.dord.gov.in के पब्लिक ग्रीवेंसेज़ पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें।

फ्रॉड से बचें

  • PMAY-ग्रामीण में कोई एजेंट या बिचौलिया नहीं होता।
  • पैसा लेकर नाम लिस्ट में डालने का दावा करने वाला धोखेबाज़ है।
  • सिर्फ Awaas+ 2024 ही आधिकारिक ऐप है, फर्जी ऐप्स से बचें।
  • किसी को भी पैसा देने से पहले ग्राम पंचायत या BDO ऑफिस से कन्फर्म करें।
  • अगर कोई पैसा माँगे तो तुरंत BDO ऑफिस में शिकायत करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या PMAY-G में घर का इंश्योरेंस मिलता है?
नहीं। PMAY-G हाउसिंग स्कीम है, इंश्योरेंस नहीं। प्राकृतिक आपदा में नुकसान के लिए 5% स्पेशल प्रोजेक्ट प्रावधान और SDRF से मुआवज़ा मिल सकता है।

अगर PMAY-G का घर जल जाए तो क्या दोबारा पैसा मिलेगा?
सामान्य PMAY-G में पुनर्निर्माण के लिए अलग से पैसा नहीं मिलता। राज्य सरकार स्पेशल प्रोजेक्ट प्रस्ताव भेज सकती है, और SDRF से भी सहायता मिल सकती है।

PMAY-ग्रामीण में ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?
सीधा अप्लाई फॉर्म नहीं है। Awaas+ 2024 ऐप से सेल्फ-सर्वे करें या ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे करवाएँ।

FTO नंबर कहाँ से मिलेगा?
FTO नंबर ब्लॉक या DRDA ऑफिस की बेनिफिशियरी फाइल में होता है। AwaasSoft की FTO रिपोर्ट में भी देख सकते हैं।

क्या पक्के घर वाले PMAY-ग्रामीण ले सकते हैं?
नहीं। पक्के घर वाले, इनकम टैक्स देने वाले और सरकारी नौकरी वाले परिवार पात्र नहीं हैं।

कितनी किश्तें मिलती हैं?
कम से कम 3 किश्तें मिलती हैं, जो नींव, लिंटल और छत जैसे स्टेज के हिसाब से आती हैं।

मनरेगा की मज़दूरी अलग से मिलती है?
हाँ। 90/95 दिन की अकुशल मज़दूरी मनरेगा से मिलती है, जो PMAY-G की यूनिट असिस्टेंस के ऊपर होती है।

PMAY-G हेल्पलाइन नंबर क्या है?
टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 है। शिकायत के लिए ईमेल support-pmayg@gov.in पर भेज सकते हैं।

निष्कर्ष

PMAY-ग्रामीण आपको पक्का घर बनाने में मदद देता है, लेकिन आग, बाढ़ या भूकंप के नुकसान के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है। नुकसान होने पर ग्राम पंचायत को तुरंत बताएँ, FIR या डैमेज सर्टिफिकेट बनवाएँ, लिखित आवेदन दें और उसकी रसीद संभाल कर रखें। अपना स्टेटस pmayg.dord.gov.in पर चेक करते रहें, और किसी भी दिक्कत में हेल्पलाइन 1800-11-6446 / 1800-11-8111 पर संपर्क करें।

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