PMAY-G वर्षा जल संचयन: वर्षा के पानी को बचाकर घर की पानी की ज़रूरतों को कैसे पूरा करें।

अक्टूबर 12, 2026
Written By Ali Akbar

PMAY-G घर में रेनवाटर हार्वेस्टिंग: बारिश का पानी कैसे बचाएं

PMAY-G (प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण) एक सरकारी योजना है जो गांव के गरीब परिवारों को पक्का घर बनाने में मदद करती है। यह योजना 1 अप्रैल 2016 से शुरू हुई, जब पुरानी इंदिरा आवास योजना (IAY) की जगह इसे लॉन्च किया गया। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है।

लेकिन घर बनने के बाद एक बड़ी समस्या आती है: पानी। अगर पक्का घर हो लेकिन साफ पानी न हो, तो घर का पूरा फायदा नहीं मिलता। इसलिए इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि PMAY-G घर में रेनवाटर हार्वेस्टिंग यानी बारिश का पानी बचाने का सिस्टम कैसे लगाया जा सकता है।

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PMAY-ग्रामीण एक नज़र में

स्कीम की बेसिक जानकारी

  • स्कीम का नाम: प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
  • शुरुआत: 1 अप्रैल 2016 (IAY की जगह)
  • मंत्रालय: ग्रामीण विकास मंत्रालय
  • आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in
  • यूनिट सहायता: ₹1.20 लाख (मैदानी इलाके), ₹1.30 लाख (पहाड़ी, नॉर्थ-ईस्ट और मुश्किल इलाके)
  • लक्ष्य: 2024-25 से 2028-29 तक 2 करोड़ नए घर
  • टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111
  • ईमेल: support-pmayg@gov.in

रेनवाटर हार्वेस्टिंग के लिए अलग पैसा?

PMAY-G में रेनवाटर हार्वेस्टिंग के लिए अलग से कोई फंड नहीं मिलता। लेकिन लाभार्थी को MGNREGA के ज़रिए 90/95 व्यक्ति-दिवस की अकुशल मज़दूरी मिलती है, और MGNREGA के तहत जल संरक्षण structures (जैसे रिचार्ज पिट) बनाए जा सकते हैं। इस तरह मज़दूरी का खर्चा MGNREGA से कवर हो सकता है। सटीक नियम आप अपनी ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से कन्फर्म कर लें।

रेनवाटर हार्वेस्टिंग क्या है और क्यों ज़रूरी है

रेनवाटर हार्वेस्टिंग कैसे काम करती है

बारिश का पानी घर की छत पर गिरता है। इस पानी को पाइप के ज़रिए एक फिल्टर से गुज़ारकर रिचार्ज पिट या टंकी तक पहुंचाया जाता है। रिचार्ज पिट में पानी ज़मीन के अंदर जाता है और भूजल स्तर बढ़ाता है।

एक घर से कितना पानी बचता है

एक पायलट प्रोजेक्ट के मुताबिक, 25 वर्ग मीटर की छत और लगभग 1009 mm बारिश के हिसाब से एक घर में सालाना तकरीबन 20,000 लीटर पानी ज़मीन में रिचार्ज हो सकता है।

सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) का पायलट प्रोजेक्ट

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर ज़िले में 197 PMAY-G घरों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया। हर घर से सालाना लगभग 20,000 लीटर के हिसाब से, कुल मिलाकर तकरीबन 39.4 लाख लीटर पानी सालाना ज़मीन में रिचार्ज होता है।

रेनवाटर हार्वेस्टिंग के फायदे

  • सालाना लगभग 20,000 लीटर भूजल रिचार्ज
  • हैंडपंप और कुओं में पानी का स्तर बेहतर होता है
  • घर के आसपास पानी जमने की समस्या कम होती है
  • पोषण वाटिका (किचन गार्डन) के लिए पानी उपलब्ध होता है

पात्रता: कौन PMAY-ग्रामीण घर ले सकता है

PMAY-G सिर्फ़ उन परिवारों के लिए है जो सच में ज़रूरतमंद हैं।

कौन पात्र है

  • जिनके पास कोई घर नहीं है (बेघर परिवार)
  • जो कच्चे घर में रहते हैं (कच्ची दीवार और कच्ची छत)
  • जो Awaas+ सर्वे या SECC 2011 डेटा में शामिल हैं

प्राथमिकता किन्हें मिलती है

SC/ST परिवारों के लिए कम से कम 60% और दिव्यांग (Persons with Disabilities) के लिए 5% लक्ष्य आरक्षित है। इसके अलावा विधवा, BPL और बहुत गरीब परिवारों को भी प्राथमिकता दी जाती है।

कौन पात्र नहीं है

आम तौर पर ये लोग PMAY-G के लिए पात्र नहीं होते:

  • जिनके पास कहीं भी पक्का घर है
  • जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है
  • जो इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स भरते हैं
  • जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड है जिसकी लिमिट ₹50,000 से ज़्यादा है
  • जिनके परिवार की मासिक आय ₹15,000 से ज़्यादा है
  • जिनके पास मोटराइज़्ड चार-पहिया वाहन या मशीनी खेती का सामान है

बहिष्करण (exclusion) के नियम राज्य और सर्वे के हिसाब से अपडेट होते रहते हैं, इसलिए अंतिम पुष्टि ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से लें।

ज़रूरी दस्तावेज़

दस्तावेज़ों की सूची

  • आधार कार्ड: पहचान और eKYC के लिए
  • बैंक पासबुक: DBT भुगतान के लिए, आधार से लिंक होना ज़रूरी है
  • MGNREGA जॉब कार्ड: मज़दूरी के भुगतान के लिए
  • जाति प्रमाणपत्र: SC/ST श्रेणी सत्यापित करने के लिए
  • आय प्रमाणपत्र: ज़रूरत पड़ने पर पात्रता के सबूत के लिए

आधार सीडिंग ज़रूर करवाएं

अगर बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, तो पैसा खाते में नहीं आएगा। बैंक जाकर आधार सीडिंग करवा लें।

Awaas Plus सर्वे: रजिस्ट्रेशन कैसे करें

पहले यह समझ लें

PMAY-G में सीधे ऑनलाइन अप्लाई करने का फॉर्म नहीं होता। रजिस्ट्रेशन Awaas+ सर्वे के ज़रिए होती है। इसलिए किसी वेबसाइट पर “Apply Now” ढूंढने की ज़रूरत नहीं।

तरीका 1: खुद मोबाइल से सर्वे (Self-Survey)

  1. Google Play Store से आधिकारिक AwaasPlus 2024 ऐप डाउनलोड करें।
  2. भाषा चुनें और “Self Survey” विकल्प चुनें।
  3. आधार नंबर डालें और eKYC / फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
  4. राज्य, ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुनें।
  5. परिवार की जानकारी भरें: नाम, उम्र, काम, दिव्यांगता (अगर हो)।
  6. घर की स्थिति बताएं: कच्चा या पक्का, कितने कमरे।
  7. आधार-लिंक्ड बैंक खाते की जानकारी डालें।
  8. घर की फोटो अपलोड करें।
  9. सबमिट करें। आपको एक रेफरेंस नंबर मिलेगा, उसे संभालकर रखें।

तरीका 2: ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे

अगर आपको ऐप चलाना नहीं आता, तो ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस जाएं। सर्वेयर आपके घर आएगा, आधार eKYC और फेस ऑथेंटिकेशन करेगा, और सर्वे के बाद रेफरेंस नंबर देगा।

सर्वे के बाद वेरिफिकेशन

सेल्फ-सर्वे के बाद सर्वेयर घर आकर जानकारी की जांच करता है। इस समय घर पर रहना ज़रूरी है।

ऐप में आने वाली आम दिक्कतें

  • फेस ऑथेंटिकेशन फेल: चेक करें कि आधार मोबाइल नंबर से लिंक है। बायोमेट्रिक की समस्या हो तो आधार सेंटर पर अपडेट करवाएं।
  • लोकेशन नहीं मिल रही: GPS ऑन करें और खुली जगह पर खड़े हों।
  • परिवार का सदस्य पहले से रजिस्टर्ड: पुरानी एंट्री चेक करें, डबल एंट्री रिजेक्ट हो जाती है।
  • बैंक खाता वेरिफाई नहीं हो रहा: बैंक में आधार सीडिंग पेंडिंग हो सकती है।
  • ऐप क्रैश हो रहा है: ऐप अपडेट करें, फोन रीस्टार्ट करें या ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे करवाएं।

घर की निर्माण प्रक्रिया और पैसा कैसे मिलता है

किस्तों में भुगतान

PMAY-G का पैसा एक साथ नहीं मिलता। यह निर्माण के चरणों के हिसाब से कई किस्तों में आता है, जैसे नींव/प्लिंथ, लिंटल लेवल, छत और घर पूरा होने पर। किस्तों की सटीक संख्या और प्रतिशत राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है।

जियो-टैगिंग क्या है

हर चरण पर घर की फोटो GPS लोकेशन के साथ Awaas ऐप से अपलोड की जाती है। इसी को जियो-टैगिंग कहते हैं। इसके बिना अगली किस्त रिलीज़ नहीं होती।

केंद्र और राज्य का हिस्सा

  • मैदानी राज्य (जैसे UP, बिहार, MP, राजस्थान): केंद्र 60% (₹72,000) और राज्य 40% (₹48,000)
  • नॉर्थ-ईस्ट और हिमालयी राज्य: केंद्र 90% और राज्य 10%

पैसा DBT के ज़रिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में आता है।

MGNREGA और स्वच्छ भारत से अतिरिक्त मदद

PMAY-G लाभार्थी को घर बनाने के लिए MGNREGA से 90/95 व्यक्ति-दिवस की अकुशल मज़दूरी मिलती है। शौचालय बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से ₹12,000 तक की मदद मिलती है।

लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे देखें

रजिस्ट्रेशन नंबर से चेक करें

  1. pmayg.dord.gov.in खोलें।
  2. “Stakeholders” में जाकर IAY/PMAY-G Beneficiary Search चुनें।
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
  4. कैप्चा भरें और Search करें।
  5. आपका नाम, स्वीकृति वर्ष, निर्माण चरण और किस्त की जानकारी दिखेगी।

Awaas Plus ID से चेक करें

अगर आपने Awaas+ सर्वे करवाया है, तो राज्य चुनकर अपनी Awaas Plus ID डालें, कैप्चा भरें और सबमिट करें।

रजिस्ट्रेशन नंबर पता नहीं हो तो

ग्राम पंचायत सचिव से पूछें। उनके पास AwaasSoft का लॉगिन होता है और वे आपका रजिस्ट्रेशन नंबर बता सकते हैं। आप ग्राम पंचायत की लाभार्थी सूची भी मांग सकते हैं।

आम समस्याएं और उनके हल

नाम सूची में नहीं है

  • ग्राम पंचायत से पूछें कि Awaas+ सर्वे हुआ था या नहीं।
  • अगर सर्वे नहीं हुआ, तो AwaasPlus ऐप से सेल्फ-सर्वे करें।
  • अगर सर्वे हुआ लेकिन नाम नहीं आया, तो ग्राम पंचायत में लिखित शिकायत दें।
  • जवाब न मिले तो BDO (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) को RTI फाइल करें।

नाम परमानेंट वेट लिस्ट में है लेकिन स्वीकृति नहीं हुई

परमानेंट वेट लिस्ट (PWL) में नाम होना और स्वीकृति (sanction) होना अलग बातें हैं। किस्त स्वीकृति के बाद ही मिलती है। ग्राम पंचायत या BDO से पूछें कि स्वीकृति कब तक अपेक्षित है।

किस्त नहीं आई

यह सबसे आम समस्या है। सबसे पहले अपना FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) स्टेटस चेक करें। अगर पैसा बैंक से वापस आया है, तो आम वजहें ये होती हैं:

  • NPCI मैपर मिसमैच या आधार बैंक से लिंक नहीं: बैंक जाकर आधार सीडिंग करवाएं।
  • गलत खाता नंबर: ब्लॉक ऑफिस से सही खाता नंबर अपडेट करवाएं।

ग्राम पंचायत सहयोग नहीं कर रही

  • BDO को लिखित शिकायत दें।
  • उसकी कॉपी DRDA (डिस्ट्रिक्ट रूरल डेवलपमेंट एजेंसी) को भेजें।
  • CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
  • ज़रूरत पड़ने पर RTI फाइल करें।

घर की क्वालिटी खराब है या सामग्री नहीं मिली

ब्लॉक ऑफिस में लिखित शिकायत दें और फोटो सबूत संभालकर रखें। सुनवाई न होने पर CPGRAMS पर ऑनलाइन शिकायत करें।

पोर्टल या सर्वर डाउन है

सुबह जल्दी या रात को दोबारा कोशिश करें। फिर भी न चले तो BDO ऑफिस से जानकारी या प्रिंटआउट ले लें।

फ्रॉड से सावधान रहें

याद रखने वाली बातें

  • PMAY-G रजिस्ट्रेशन बिल्कुल फ्री है। कोई भी पैसा मांगे तो वह फ्रॉड है।
  • नाम लिस्ट में डालने का वादा करने वाले एजेंट या बिचौलिए से दूर रहें।
  • सिर्फ़ आधिकारिक AwaasPlus 2024 ऐप इस्तेमाल करें, नकली ऐप्स से बचें।
  • आधार और बैंक की जानकारी किसी गैर-सरकारी व्यक्ति को न दें।
  • फ्रॉड की शिकायत CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर करें।

हेल्पलाइन और शिकायत कहां करें

आधिकारिक संपर्क विवरण

  • आधिकारिक पोर्टल: pmayg.dord.gov.in
  • टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / 1800-11-8111
  • ईमेल: support-pmayg@gov.in
  • PFMS हेल्पडेस्क: helpdesk-pfms@gov.in
  • शिकायत पोर्टल: pgportal.gov.in (CPGRAMS)
  • RTI: ₹10 की फीस, जवाब 30 दिन के अंदर मिलना ज़रूरी है

शिकायत करने का तरीका

  1. पहले ग्राम पंचायत में लिखित शिकायत दें।
  2. 15 दिन तक जवाब न मिले तो ब्लॉक ऑफिस जाएं।
  3. फिर भी सुनवाई न हो तो CPGRAMS पर ऑनलाइन शिकायत करें।
  4. बहुत ज़्यादा देरी हो तो RTI फाइल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PMAY-G में रेनवाटर हार्वेस्टिंग के लिए अलग पैसा मिलता है?
नहीं, अलग फंड नहीं है। लेकिन MGNREGA के ज़रिए मज़दूरी और जल संरक्षण structures का काम किया जा सकता है।

PMAY-G का डायरेक्ट ऑनलाइन एप्लिकेशन फॉर्म कहां है?
डायरेक्ट फॉर्म नहीं है। रजिस्ट्रेशन Awaas+ सर्वे के ज़रिए होती है, ग्राम पंचायत की मदद से या AwaasPlus ऐप से।

पक्के घर वाले PMAY-G ले सकते हैं?
नहीं। जिन परिवारों के पास पक्का घर है, वे पात्र नहीं होते।

एक घर में कितना पानी रिचार्ज हो सकता है?
पायलट प्रोजेक्ट के अनुसार लगभग 20,000 लीटर सालाना (25 वर्ग मीटर छत और 1009 mm बारिश के हिसाब से)।

AwaasPlus ऐप में eKYC फेल हो रहा है, क्या करें?
चेक करें कि आधार आपके मोबाइल नंबर से लिंक है। बायोमेट्रिक की समस्या हो तो आधार सेंटर पर अपडेट करवाएं, या ग्राम पंचायत से असिस्टेड सर्वे करवाएं।

सर्वे में नाम है लेकिन पैसा नहीं आया, क्या करें?
सर्वे में नाम होना स्वीकृति होना नहीं है। ग्राम पंचायत से पूछें कि आपका नाम PWL में है या स्वीकृत सूची (sanctioned list) में। स्वीकृत होने पर भी पैसा न आए तो FTO स्टेटस और बैंक में आधार सीडिंग चेक करें।

किस्त नहीं मिली, कहां शिकायत करें?
पहले FTO स्टेटस देखें, फिर बैंक में आधार सीडिंग चेक करें। 15 दिन से ज़्यादा हो जाएं तो CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर शिकायत करें या RTI फाइल करें।

निष्कर्ष

PMAY-G सिर्फ़ पक्का घर ही नहीं देता, बल्कि घर को पानी के मामले में भी मज़बूत बनाने का मौका देता है। रेनवाटर हार्वेस्टिंग से आप सालाना हज़ारों लीटर पानी ज़मीन में बचा सकते हैं, MGNREGA के ज़रिए मज़दूरी का फायदा उठा सकते हैं और अपने गांव का भूजल स्तर बेहतर कर सकते हैं। अपनी ग्राम पंचायत या ब्लॉक ऑफिस से बात करके आज ही इस दिशा में पहला कदम उठाएं।

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